If D.M. inviting the comments of S.D.M. Phoolpur ,then why S.D.M. running away is surprising?

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40017516004170
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi
M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
Please take a glance of letter of government of
Uttar Pradesh dated 29-Nov-2016 addressed to your applicant ,in which it was
categorically expressed that Rs88 crore and something grant was sanctioned by
government on 10-10-2016 for the district Allahabad so please take a glance
of annexure and disburse the sanctioned amount among the needy in transparent
and accountable manner without any further delay procrastination Honble DM
Allahabad
शिकायत संख्या 40017516003934was
to be redressed today but concerned are still procrastinating and reason of
this procrastination is well known to you Honble Sir Honble DM Sir please
take a glance of attached documents with this representation which are
government orders Two instalments were sanctioned by central government for
the farmers of drought hit area of Uttar Pradesh but still fifty percent
farmers are deprived FROM the government aid because of lackadaisical
approach of concerned public staffs Whether such dereliction of public
servants can be overlooked which caused several farmers deprived from public
aids Undoubtedly errors can be corrected but when every thing was done in
planned way ,then how subordinates can be frightened with the senior rank
public servants With due respect your applicant wants to draw the kind
attention of the Honble Sir to the following submissions as follows1-It is
submitted before the Honble Sir that when the fund on the demand of distract
administration has been sanctioned by the government of state, then what is
the cause of procrastination Whether in the name of human error entire
Purebhawa village can be deprived from the public aid provided by government
of Uttar Pradesh Please take a glance of attached letters of SDM Phoolpur
dated -July 2016 ,04-07-2016 ,12-08-2016 who mentioned the name of single
beneficiary missing from the list but there are many names in the group
complaint who were deprived from public aid Supporting documents were also
submitted with the earlier submitted grievances 23 October 2016 2148 With due
respect your applicant wants to draw the kind attention of the Honble Sir to
the following submissions as follows 1-It is submitted before the Honble Sir
that According to order of government of Uttar Pradesh district-Allahabad
number-8491-10-2016-33(34)2016TC-2 dated-29-July-2016 , Rs80 Lakhs was
sanctioned for district Allahabad alone for those affected from natural
calamity But now they are awaiting the permission for making supplementary
list Total amount taken from from government is 1 crore 10 lac rupees 2-It is
submitted before the Honble Sir
नियत तिथि:
29
– Dec – 2016
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
प्राप्त अनुस्मारक
क्र..
अनुस्मारक
प्राप्त दिनांक
1
Brief description of submitted grievances
-What a honesty, Lekhpal awarded with adverse entries is made Kanungo
Grievance redressal without providing government aid is procrastination not
disposal
उपजिलाधिकारी फूलपुर का कहना है की शासनस्तिर से धन उपलब्धर होने पर धनराशि का भुगतान कर दिया जायेगा| श्रीमान जी २९ नवम्बर २०१६ उत्तर प्रदेश शासन ,राजस्व अनुभाग १० के पत्रका अवलोकन करे जो की प्रार्थी को संबोधित है ८८६२ करोंड़ की धनराशि दिनांक १०१०२०१६ को स्वीकृत की गयी अतः शिकायत कर्ता के परिवारोंको भी धनराशि प्राप्त हो जानी चाहिए थी| किन्तु बड़े खेद का साथ सूचित करना पड़ रहा है की अभी तक पीड़ित परिवारों को अधेला भी नसीब नही हुआ जोकि एक कठोर सत्य है जिसको उच्च पदस्थ नौकरशाह एवं संबैधानिक पदों पर बैठे महानुभाव स्वीकार करे| Whether it is justified
that SDM Phoolpur through its aforementioned letter note instead of
providing relief cheques may assure that when the grant will be
re-sanctioned ,then shares of needy farmers will reach to them Where is
gone
८८६२ करोंड़ Why Lekhpal was promoted to Kanungo if adverse entry was made by
competent Why the enquiry report of Tahsildar was not made available to
complainant your applicant How your applicant can be deprived from report
of Tahsildar when enquiry carried out on the complaints of your applicant
According to section 4 (1) d of Right to Information Act 2005 –It shall be
obligation of every public authority to provide reasons of its decision to
parties concerned On numerous occasions, Hon’ble Apex court of India
proclaimed that Right to reason is indispensable part of sound judicial
system and for sound administration, it must be promoted to administrative
decision Here it most unfortunate that here report SDM Phoolpur is only a
fictitious story made without taking the perusal of submitted grievance and
attached documents
विषय श्री मान जी आप का सुझाव है सभी आवेदक जनसुनवाई पोर्टल पर आवेदन करे तो आवेदन का निस्तारण ज्यादा प्रभावी तरीके से होगा |उपजिलाधिकारी फूलपुर ने अपने मोबाइल नंबर ९४५४४१७८१६ से प्रार्थी के मोबाइल पर लगभग चार मिनट बात किया था आवश्यक फीडबैक लेने के बाद कार्यवाही का आश्वासन दिए थे किन्तु ऐसा प्रतीत होता है वह आश्वासन भी कोरा था |जब उन्हें कुछ करना नही था तो आश्वासन क्यों दिए एक उम्मीद जगा के कुछ करना धोखा देने जैसा है | Be
informed that I know well that Jansunwai portal is the august portal of
government of Uttar Pradesh but it is unfortunate that when your applicant
submits grievance on this portal, then message is displayed on the screen
as-Server is not responding Undoubtedly your suggestion is admissible but
when you suggest honestly I made efforts 500 times in order to submit
grievance but your dilapidated website instead of accepting the
submissions, displays message on the screen that server is not responding
Whether it is justified If you are really not interested in entertaining
the grievances of the citizenry of state, then you may spam my e-mails But
under Article 51 A of constitution of India, these grievances cum enquiries
are the fundamental duties of your applicant Your suggestions are most
welcome if these are simple and straight not cryptic Most revered Sir –Your
applicant invites the kind attention of Hon’ble Sir with due respect to
following submissions as follows 1-It is submitted before the Hon’ble Sir
that
आज फिर मैंने प्रयास किया की जनसुनवाई पोर्टल पर जनसुनवाई पोर्टल पर ब्यथा निवारण के लिए व्यथा प्रस्तुत कीया जाय किन्तु आज भी वही मैसेज स्क्रीन पर आया की सर्वर इज नॉट रेसपोंडिंग प्लीज ट्राई अगेन| कृपया संलग्नको का परिशीलन करे| -It is submitted before the Hon’ble Sir that श्री मान जी ये और बात है की आप किसी ब्यथा को हल नही कर रहे है लेकिन हम प्रयास जारी रखेगे पांच वर्सो तक और पिछले २० वर्षो से हम लोग संघर्ष कर रहे है |भ्रस्टाचार के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा | -It is submitted before the Hon’ble Sir that श्री मान जी क्या यह भ्रस्टाचार नही है की उत्तर प्रदेश शासन ने किसानो को बाटने के लिए इलाहाबाद जिला प्रशासन को ग्रांट सैंक्सन किया और इलाहबाद जिला प्रशासन अब कह रहा है ग्रांट सैंक्शन होने पर ही किसानो को सूखा राहत चेक प्रदान किया जाएगा | प्रश्न यह है की पूर्व में जारी८८६२ करोड़ रूपये जो शासन द्वारा जिला प्रशासन को किसानो को बाटने के लिए दिया गया उसे कौन निगल गया | This is humble request of
your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold
public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos in
an arbitrary manner by making the mockery of law of land There is need of
the hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win the
confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy
and prosperous democracy For this, your applicant shall ever pray you,
Hon’ble Sir Yours sincerely Yogi M P Singh, Mobile number- 7379105911,
Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District- Mirzapur, Uttar Pradesh Pin
code-231001
12 Jun 2017
2
यह जनशिकायत समय सीमा के अंतर्गत निस्तारित होने के कारण आपके स्तर पर डिफाल्टर होकर लंबित है| जनशिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने की स्थिति संतोषजनक नहीं है| कृपया प्रकरण का तत्काल नियमानुसार निस्तारण किया जाना अपेक्षित है | – मुख्यमंत्री कार्यालय
08 Mar 2017
3
यह जनशिकायत समयसीमा के अंतर्गत निस्तारित होने के कारण आपके स्तर पर डिफाल्टर होकर लंबित है| जनशिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने की स्थिति संतोषजनक नहीं है| कृपया प्रकरण का तत्काल नियमानुसार निस्तारण किया जाना अपेक्षित है | —मुख्यमंत्री कार्यालय
30 Jan 2017
फीडबैक :
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
नियत
दिनांक
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
14
– Dec – 2016
मंडलायुक्त मण्डल इलाहाबाद,
अधीनस्थ
को प्रेषित
2
आख्या
मंडलायुक्त ( )
10
– Feb – 2017
जिलाधिकारीइलाहाबाद,
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें जिलाधिकारी, इलाहाबाद, क़पया उपजिलाधिकारी फुलपुर के द्वारा मन्‍तव्‍य अंकित करने के शिकायत लम्बित है शीघ्र मनतव्‍य अंकित कर रिपोर्ट पेेषित करे जिससे शिकायत का निस्‍तारण हो सके
18
– Apr – 2017
जाँच
आख्या अलोक्नार्थ सादर प्रेषित है
अस्वीकृत
3
आख्या
जिलाधिकारी ( )
10
– Feb – 2017
उप जिलाधि‍कारी फूलपुर,जनपदइलाहाबाद,राजस्व एवं आपदा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें जाँच आख्या अलोक्नार्थ सादर प्रेषित है
17
– Apr – 2017
प्रार्थना
पत्र निस्‍तारित अनुमोदन हेतु आख्‍या प्रेषित
अस्वीकृत

3 comments on If D.M. inviting the comments of S.D.M. Phoolpur ,then why S.D.M. running away is surprising?

  1. उपजिलाधिकारी फूलपुर का कहना है की शासनस्तिर से धन उपलब्धर होने पर धनराशि का भुगतान कर दिया जायेगा| श्रीमान जी २९ -नवम्बर -२०१६ उत्तर प्रदेश शासन ,राजस्व अनुभाग १० के पत्रका अवलोकन करे जो की प्रार्थी को संबोधित है ८८६२ करोंड़ की धनराशि दिनांक १०-१०-२०१६ को स्वीकृत की गयी अतः शिकायत कर्ता के परिवारोंको भी धनराशि प्राप्त हो जानी चाहिए थी| किन्तु बड़े खेद का साथ सूचित करना पड़ रहा है की अभी तक पीड़ित परिवारों को अधेला भी नसीब नही हुआ जोकि एक कठोर सत्य है जिसको उच्च पदस्थ नौकरशाह एवं संबैधानिक पदों पर बैठे महानुभाव स्वीकार करे|

  2. 2 यह जनशिकायत समय सीमा के अंतर्गत निस्तारित न होने के कारण आपके स्तर पर डिफाल्टर होकर लंबित है| जनशिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने की स्थिति संतोषजनक नहीं है| कृपया प्रकरण का तत्काल नियमानुसार निस्तारण किया जाना अपेक्षित है | – मुख्यमंत्री कार्यालय 08 Mar 2017
    3 यह जनशिकायत समयसीमा के अंतर्गत निस्तारित न होने के कारण आपके स्तर पर डिफाल्टर होकर लंबित है| जनशिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने की स्थिति संतोषजनक नहीं है| कृपया प्रकरण का तत्काल नियमानुसार निस्तारण किया जाना अपेक्षित है | –मुख्यमंत्री कार्यालय 30 Jan 2017
    फीडबैक :
    आवेदन का संलग्नक
    संलग्नक देखें
    अग्रसारित विवरण-
    क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या नियत दिनांक स्थिति आख्या रिपोर्ट
    1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 14 – Dec – 2016 मंडलायुक्त मण्डल -इलाहाबाद, — अधीनस्थ को प्रेषित
    2 आख्या मंडलायुक्त ( ) 10 – Feb – 2017 जिलाधिकारी-इलाहाबाद, नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें जिलाधिकारी, इलाहाबाद, क़पया उपजिलाधिकारी फुलपुर के द्वारा मन्‍तव्‍य अंकित न करने के शिकायत लम्बित है शीघ्र मनतव्‍य अंकित कर रिपोर्ट पेेषित करे जिससे शिकायत का निस्‍तारण हो सके 18 – Apr – 2017 जाँच आख्या अलोक्नार्थ सादर प्रेषित है अस्वीकृत
    3 आख्या जिलाधिकारी ( ) 10 – Feb – 2017 उप जिलाधि‍कारी -फूलपुर,जनपद-इलाहाबाद,राजस्व एवं आपदा विभाग नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें जाँच आख्या अलोक्नार्थ सादर प्रेषित है 17 – Apr – 2017 प्रार्थना पत्र निस्‍तारित अनुमोदन हेतु आख्‍या प्रेषित अस्वीकृत

  3. आवेदन का संलग्नक
    संलग्नक देखें
    अग्रसारित विवरण-
    क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या नियत दिनांक स्थिति आख्या रिपोर्ट
    1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 14 – Dec – 2016 मंडलायुक्त मण्डल -इलाहाबाद, — अधीनस्थ को प्रेषित
    2 आख्या मंडलायुक्त ( ) 10 – Feb – 2017 जिलाधिकारी-इलाहाबाद, नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें जिलाधिकारी, इलाहाबाद, क़पया उपजिलाधिकारी फुलपुर के द्वारा मन्‍तव्‍य अंकित न करने के शिकायत लम्बित है शीघ्र मनतव्‍य अंकित कर रिपोर्ट पेेषित करे जिससे शिकायत का निस्‍तारण हो सके 18 – Apr – 2017 जाँच आख्या अलोक्नार्थ सादर प्रेषित है अस्वीकृत
    3 आख्या जिलाधिकारी ( ) 10 – Feb – 2017 उप जिलाधि‍कारी -फूलपुर,जनपद-इलाहाबाद,राजस्व एवं आपदा विभाग नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें जाँच आख्या अलोक्नार्थ सादर प्रेषित है 17 – Apr – 2017 प्रार्थना पत्र निस्‍तारित अनुमोदन हेतु आख्‍या प्रेषित अस्वीकृत

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