If the allegation was made against S.D.M. ,how matter can be enquired by his subordinate?

Here focus was whether administrative order can be passed in sub judice matters as being done by S.D.M. Sadar Mirzapur and why action is not being taken against him?

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019917002995
आवेदक कर्ता का नाम:
ओम प्रकाश दुबे
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
8756443362,8756443362
विषय:
विषय क्या उपजिलाधिकारी सदर न्यायालय में विबादित और विचाराधीन मुक़दमे में जिला विकास अधिकारी मनोज कुमार राय आदेश पास कर सकते है और जिलाधिकारी महोदय यह बताये की खुद उपजिलाधिकारी महोदय जब इस प्रकार का आदेश पास करना बंद कर दिए तो अब उनका स्थान मनोज कुमार राय ने ले लिया है| क्या यह आराजकता नही है | श्री मान जी प्रार्थी का घर थाना प्रभारी विन्ध्याचल जिला मिर्ज़ापुर द्वारा समस्त नियम वआदेशो को दरकिनार कर निर्माण कार्य रुकवाया जा रहा है | With great respect to revered Sir,
your applicant invites the kind attention of the Hon’ble Sir to the following
submissions as follows 1-It is submitted before the Hon’ble Sir that
वाद संख्या D-२०१४१६५३००१७३२ सन २०१४ न्यायलय उपजिलाधिकारी सदर मिर्ज़ापुर , सूर्य नारायण दुबे बनाम उमाशंकर दुबे वगैरहदिनांक १३०४२०१७ सुनवाई प्रश्नोत्तरी का अवलोकन करे | प्रश्न कृपया बताया जाय कि मुकदमा उपरोक्त में बिबादित आन २५००६३० , ४१ ००१३० , ४४ग़ ०००६० , १०२१३००० ,१०४०१७७० ,१०५०११४० है मौजा नीबीगहरवार तप्पाछानबे परगना कंतित तहसील सदर जिला मिर्ज़ापुर के सम्बन्ध में बटवारा का मुक़दमा दाखिल है | उत्तर श्री मान जी जी हाँ | प्रश्न कृपया बताया जाय कि मुकदमा उपरोक्त में बिबादित आराजी मात्र में प्रतिवादी नंबर आदित्य नारायण दुबे कोनिर्माण कार्य करने के सम्बन्ध में कोई स्थगन आदेश पारित किया गया है उत्तरजी नही | श्री मानजी कृपया संलग्नक पेज का अवलोकन करे | -It is submitted before the Hon’ble
Sir that
आज प्रार्थी खुद जिला विकास अधिकारी से उनके ऑफिस में मिला उनको उनके द्वारा कराइ जा रही आराजकता के बारे में तपसील से बयान किया उन्होंने ने कहा जा कर विन्ध्याचल पुलिस से मिलो हमारे सामने रोज हजारो फाइल आती है मुझे तो यह भी नही मालुम की तुम कह क्या रहे हो जाके अपनी सरकार से कहो जो तहसील में बैठा कर उन मामलो में आदेश कराती है जो हमारे कार्यक्षेत्र में ही नही आता | सरकार ने नियम बना दिया है की जितने मामले तहसील में आये सभी पे कार्यवाही करो इस लिए हम संवंधित को अग्रसारित कर देते है प्रार्थना पत्र को यह बात पुलिस और उपजिलाधिकारी न्यायालय को सोचना चाहिए की कैसे न्यायालय की शुचिता बनी रहे | -It is
submitted before the Hon’ble Sir that
श्री मान जी उपनिरीक्षक राजेश कुमार यादव कहते है पंडित जी अगर आपने एक भी ईट रखा तो हड्डी पसली तोड़ कर भूसा भर दूगा और कहते है शाम तक आदेश जाएगा आज नही तो कल शाम तक आजायेगा सोचिये जब अगली तिथि एक हप्ते बाद लगा है तो कैसे उपनिरीक्षक राजेश कुमार यादव बीच में ही प्रशासनिक अधिकारिओं के आदेश प्राप्त कर लेते है| क्या यह न्यायालय का मजाक नही है |श्री मान जी क्या हमारे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी न्यायालय ब्यवस्था को भी तार तार कर देंगे | श्री मान जी कैसी ब्यवस्था है की किसी भी शिकायत को कुछ भी लिख कर जो की शिकायत विन्दुओं से सम्बंधित नही होता और पूर्ण रूपेणअसंगत होता है शिकायत का निस्तारण करा लिया जाता है | यहां नतो किसी की जिम्मेदारी तय होती है और नही किसी दोषी के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही होती है इसलिए प्रार्थी जैसी निरीह जनता इस आराजकता की चक्की में पिस रही है | श्री मान बटवारे के २५ वर्ष बाद प्रार्थी को अपने ही जमीन में घर बनवाने से रोका जा रहा है | क्या यहां न्याय पुलिस ने अपने हाथ में ले रखा है | कृपया न्याय करे | अर्ध न्यायिक कार्यो में बाहरी हस्तक्षेपरोका जाय | प्रार्थी ओम प्रकाश दुबे पुत्र आदित्यनारायण दुबे ग्राम पोस्ट नीबी गहरवार पुलिश थाना विन्ध्याचल डिस्ट्रिक्ट मिर्ज़ापुर उत्तरप्रदेश मोबाइल नंबर ८७५६४४३३६२
नियत तिथि:
19 – Aug – 2017
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
नियत दिनांक
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
04 – Aug – 2017
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
19 – Aug – 2017
सहमत
निस्तारित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
04 – Aug – 2017
उप जिलाधि‍कारी सदर,जनपदमिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें सहमत
19 – Aug – 2017
तहसीलदार सदर की आख्‍यानुसार प्रश्‍नगत प्रकरण में न्‍यायालय उप जिलाधिकारी सदर के यहां वाद सं0-डी-20141653001732
सन 2014 वाद विचाराधीन है। प्रार्थी द्वारा अपने ही जमीन पर मकान बनाये जाने से रोका जा रहा है। वाद न्‍यायालय में विचाराधीन होने के कारण कोई कार्यवाही किया जाना उचित नहीं है। वाद निस्‍तारण के बाद ही कोई कार्यवाही किया जाना सम्‍भव है।
निस्तारित
3
आख्या
उप
जिलाधि‍कारी (राजस्व एवं आपदा विभाग )
05 – Aug – 2017
तहसीलदार सदर,जनपदमिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें तहसीलदार सदर की आख्‍यानुसार प्रश्‍नगत प्रकरण में न्‍यायालय उप जिलाधिकारी सदर के यहां वाद सं0-डी-20141653001732 सन 2014 वाद विचाराधीन है। प्रार्थी द्वारा अपने ही जमीन पर मकान बनाये जाने से रोका जा रहा है। वाद न्‍यायालय में विचाराधीन होने के कारण कोई कार्यवाही किया जाना उचित नहीं है। वाद निस्‍तारण के बाद ही कोई कार्यवाही किया जाना सम्‍भव है।
18 – Aug – 2017
प्रश्‍नगत प्रकरण में न्‍यायालय उप
जिलाधिकारी सदर के यहां वाद सं0-डी-20141653001732 सन 2014 वाद विचाराधीन है। प्रार्थी द्वारा अपने ही
जमीन पर
मकान बनाये जाने से
रोका जा
रहा है। वाद न्‍यायालय में विचाराधीन होने के
कारण कोई कार्यवाही किया जाना उचित नहीं है। वाद निस्‍तारण के बाद ही कोई कार्यवाही किया जाना सम्‍भव है।
निस्तारित

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019917000824
आवेदक कर्ता का
नाम:
Om Prakash Dubey
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
9956931983,9956931983
विषय:
विषय श्री मान जी
प्रार्थी का
घर थाना प्रभारी विन्ध्याचल जिला मिर्ज़ापुर द्वारा समस्त नियम आदेशो को दरकिनार कर निर्माण कार्य रुकवाया जा रहा है | With great respect to revered Sir, your
applicant invites the kind attention of the Hon’ble Sir to the following
submissions as follows 1-It is submitted before the Hon’ble Sir that
वाद संख्या D-२०१४१६५३००१७३२ सन
२०१४ न्यायलय उपजिलाधिकारी सदर मिर्ज़ापुर , सूर्य नारायण दुबे बनाम उमाशंकर दुबे वगैरह दिनांक १३०४२०१७ सुनवाई प्रश्नोत्तरी का
अवलोकन करे | प्रश्न कृपया बताया जाय कि मुकदमा उपरोक्त में बिबादित आन
२५००६३० , ४१ ००१३० , ४४ग़ ०००६० , १०२१३००० ,१०४०१७७० ,१०५०११४० है मौजा नीबीगहरवार
तप्पाछानबे परगना कंतित तहसील सदर जिला मिर्ज़ापुर के सम्बन्ध में बटवारा का
मुक़दमा दाखिल है | उत्तर श्री मान जी
जी हाँ | प्रश्न कृपया बताया जाय कि
मुकदमा उपरोक्त में बिबादित आराजी मात्र में प्रतिवादी नंबर आदित्य नारायण दुबे को निर्माण कार्य करने के सम्बन्ध में कोई स्थगन आदेश पारित किया गया है
उत्तरजी नही | श्री मान जी कृपया संलग्नक पेज का
अवलोकन करे | 2-It
is submitted before the Hon’ble Sir that
श्री मान जी
प्रार्थी को
यह बताया जाय की
शिकायत संख्या-40019917000500 आवेदक कर्ता का नाम Jayprakash
Dubey
में श्री मान जी को
ज्ञात हो
की श्री मान जी
दैनिकजागरण के
२८सितम्बर २०१६ का
अंक देखे जो वाराणसी से प्रकाशित है प्रार्थी का मकान पानी से
गिर गया है पेपरकटिंग संलग्न है
क्रपया अवलोकन करे यदि कोई अन्यथा घटना होगी तो उसके लिए पुलिश जिम्मेदार होगी | श्रीमान जी
को ज्ञात हो की
श्री मान जी प्रार्थी को आप
की पुलिश चार बार उठाई और
हर बार एक एक
हजार ले
कर छोड़ीजब की एक
बार भी
प्रार्थी को
तो
स्टे का
कागजात दिखाया गया और
नही कोई नोटीस तामील कराई गई
यदिकोई अन्यथा आदेश हो
तो प्रार्थी पूरी निष्ठा से उसका पालन करेगा लेकिन अभी सिर्फ दबंगई देखने को
मिल रही है |श्री मान जी से
सविनय अनुरोध है की
प्रार्थी को
आधार बना कर विन्ध्याचल पुलिस दो
भाइयों को
लड़ाने का
कामकर रही है जो
सर्वथा अनुचित है | प्रार्थी तारीख २२०३२०१७ जयप्रकाश दुबे पुत्र आदित्य नारायण दुबे चल भाष९५५९४२६२५५ ग्राम पोस्ट नीबी गहरवार पुलिश थाना विन्ध्याचल डिस्ट्रिक्ट मिर्ज़ापुर उत्तर प्रदेश 3-It is submitted before the Hon’ble Sir that श्री मान जी
को ज्ञात हो की
उपरोक्त मुक़दमा दिनांक २९०३२०१६ को उपजिलाधिकारी महोदय द्वारा ख़ारिज की
जा चुका है | संलग्नक पेज का अवलोकन करे | -It is
submitted before the Hon’ble Sir that
जैसा की थाना प्रभारी विन्ध्याचल के
रिपोर्ट से
स्पस्ट है
की उपजिलाधिकारी महोदय के
कोर्ट में अगली सुनवाई ०१०५२०१७ को
है और
बीच में कोई सुनवाई नही हुई फिर उनके पास ऐसा कौन सा
आदेश है
जिसके आधार पर प्रार्थी का घर
पुनः रोका गया लेकिन इस बार उठाया नही गया इस
लिए प्रार्थी का रूपया १००० ००
बच गया लेकीन मटेरियल सब ख़राब हो गये | 5-It
is submitted before the Hon’ble Sir
आप की विन्ध्याचल पुलिस कभी कहती है की
मड़हा मेरे भाई जय
प्रकाश ने
हटवाया और
कभी कहती है खुद मुझसे पूछ कर हटाया गया जब
प्रार्थी द्वारा दर्जनों एप्लीकेशन प्रथम सूचना रिपोर्ट लिखने के लिए दी गयी और विन्ध्याचल पुलिस अभी भी टाल मटोल कर
रही है
| तो आसानी से
गेस कर
सकते मड़हा किससे सह
से हटाया गया | 6-It is submitted before the Hon’ble Sir आप की विन्ध्याचल पुलिस कभी कहती है
आराजी संख्या ५७ विपक्षी द्वारा खरीदा गया गया और
इस बार कह रही है ५७
() विपक्षी द्वारा खरीदी गयी है क्या श्री मान अब बंजर जमीन भी
खरीदी और
बेचीं जाती है | संलग्नको का अवलोकन करे जिसके अनुसार आराजी संख्या ५७ राधे श्याम घनश्याम कमलाशंकर के
नाम है
|पुलिस जब चाहती है ५७
को ५७१ कर देती है | श्री मान बटवारे के
२५ वर्ष बाद प्रार्थी को अपने ही जमीन में घर
बनवाने से
रोका जा
रहा है
| क्या यह न्याय पुलिस ने
अपने हाथ में ले
रखा है
| कृपया न्याय करे | अर्ध न्यायिक कार्यो में बाहरी हस्तक्षेप रोका जाय | दिनांक२६०४२०१७ प्रार्थी मोबाइल नंबर ९९५६९३१९८३
ओम प्रकाश दुबे पुत्र आदित्य नारायण दुबे ग्राम पोस्ट नीबी गहरवार पुलिश थाना विन्ध्याचल डिस्ट्रिक्ट मिर्ज़ापुर उत्तर प्रदेश
नियत तिथि:
11 – May – 2017
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
प्राप्त अनुस्मारक
क्र..
अनुस्मारक
प्राप्त दिनांक
1
दिनांक १५०७२०१७ को थाना समाधान दिवस में थानाध्यक्ष महोदय द्वारा पूरा प्रकरण विस्तार से समझने के उपरांत दोनों पक्षों के समक्ष यह फैसला लिया गया की यदि मुक़दमा दाखिल करने के उपरांत यथास्थित बनाये रखना जरूरी है तो सभी पक्षों को इसका सम्मान करना होगा इसलिए कोई भी बिबादित भूखंड उपयोग नही करेगा कोई घर बनाएगा और ही कोई जोते गा या बोएगा और जो इसका पालन नही करेगा उसके ऊपर मुक़दमे की कार्यवाही की जायेगी | अवगत कराना है की आज सूर्य नारायण दुबे पुत्र श्यामा चरण दुबे जिन्होंने खुद २५ वर्ष हुए बटवारे से संतुस्ट हो कर बटवारे के लिए वाद उपजिलाधिकारी न्यायलय में दाखिल किया है अपने हिस्से की भूखंड में जुताई बुवाई कराया जो की माननीय थाना अध्यक्ष महोदय के निदेशो का खुला उल्लंघन है और अपराध की कोटि में आता है इसलिए उपरोक्त के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही लाजमी है जिससे लोगो का विश्वास पुलिस
प्रशासन में दृढ हो
| आख्या वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (पुलिस ) 28 – Jun – 2017 क्षेत्राधिकारी , नगर सदर,जनपदमिर्ज़ापुर,पुलिस आवश्यक कार्यवाही करने
का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें जाँच रिपोर्ट सेवा में प्रेषित है।
10 – Jul – 2017 जाँच आख्या संलग्न प्रेषित आख्या उच्च स्तर पर प्रेषित श्री मान जी उपरोक्त
प्रकरण में माननीय न्यायलय उपजिलाधिकारी सदर द्वारा कोई आदेश निर्गत अभी तक
नही हुआ किन्तु प्रार्थी का घर विन्ध्याचल पुलिस द्वारा रोका जा रहा है
न्यायालय प्रश्नोत्तरी का मखौल उड़ाया जा रहा है जो न्यायालय का अनादर है
| श्री मान जी क्या उपजिलाधिकारी महोदय न्यायालय
में लंबित ट्रायल में प्रशासनिक आदेश बार बार पास कर सकते है क्या यह न्यायालय की स्वतनत्रता में हस्तक्षेप नही है | अगर उन्हें कोई आदेश पास करना है तो लंबित प्रकरण में आदेश पारित करे जिसका दोनों पक्ष समादर करे | प्रार्थी को विन्ध्याचल पुलिस तीन बार १०७१६ १५१ में दो बार निरुद्ध कर चुकी है तीसरी बार एक दिन विन्ध्याचल पुलिस स्टेशन में बंद करने के उपरांत दुसरे दिन माननीय थानाध्यक्ष महोदय के हस्तक्षेप के उपरांत छोड़ा गया | श्री मान जी कृपया न्याय करे | आपका आज्ञा कारी ओमप्रकाश
दुबे पुत्र आदित्य नारायण दुबे
18 Jul 2017
फीडबैक :
दिनांक 06/06/2017को फीडबैक:- विषयश्री मान जी थाना विन्ध्याचल आप
को मिसलीड कर रहा क्योकि मेरे भाई ने
क्षेत्राधिकारी महोदय के यही लिखित दिया है उनसे चार हजार रुपये घुस लिया गया किन्तु कितना कष्ट दाई है की
थानाध्यक्ष और
क्षेत्राधिकारी दोनों कह रहे है प्रार्थी आवेश में लिख रहा है | श्री मान जी कहा है यथा स्थिति बनाने के आदेश जो रिपोर्ट लगी है
एक महिना पुराना है
| जब की रिपोर्ट के अनुसार मामले का
निस्तारण हो
जाना चाहिए किन्तु अभी तक कुछ नही हुआ है | श्री मान जी यदि यथा स्थिति का आदेश हुआ है
तो वह
आदेश कहा है क्या विन्ध्याचल पुलिस उसे जानती और S.D.M. court उसे नही जनता है | श्री प्रार्थी द्वारा न्यायालय की प्रश्नोत्तरी लगाई गई
जिसमे स्पष्ट है की
उपजिलाधिकारी ने
कोई स्थगन आदेश नही पास किया है |मेरे बार बार माग किये जाने के बावजूद कोई स्थगन आदेश की
कॉपी पुलिस द्वारा नही लगाईं गयी | श्री मान जी
प्रार्थी के
बिन्दुओ को
ध्यान में रखा ही
नही जाता बार बार विन्ध्याचल पुलिस और क्षेत्राधिकारी एक ही
बात को
लिख कर
लगा देते है और
केस का
निस्तारण हो
जाता है
जब हम
दोनों भाई मड़हा हटाने के लिए नही कहे तो अभी सूर्य नारायण दुबे विवेक दुबे पर
प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करना विन्ध्याचल पुलिस की
तटस्थता पर
प्रश्न चिन्ह लगाता है
|
फीडबैक की स्थिति:
सन्दर्भ
पुनर्जीवित
आवेदन
का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
नियत
दिनांक
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
26 – Apr – 2017
पुलिस महा निरीक्षक/अतिरिक्त महानिदेशक जोन बनारस
03 – Jun – 2017
महोदय. जांच आख्या सादर सेवा मे प्रेषित है।
अस्वीकृत
2
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
26 – Apr – 2017
पुलिस महा निरीक्षक/अतिरिक्त महानिदेशक जोन बनारस
03 – Jun – 2017
महोदय. जांच आख्या सादर सेवा मे प्रेषित है।
आख्या
उच्च स्तर पर प्रेषित
3
अंतरित
पुलिस महा निरीक्षक (पुलिस )
28 – Apr – 2017
पुलिस महा निरीक्षक/पुलिस उप
महानिरीक्षक मण्डल मिर्ज़ापुर,पुलिस
कृपया प्रकरण में शीध्र यथोचित कार्यवाही करने का कष्ट करें 
03 – Jun – 2017
महोदय. जांच आख्या सादर सेवा मे प्रेषित है।
अस्वीकृत
4
अंतरित
पुलिस महा निरीक्षक (पुलिस )
28 – Apr – 2017
पुलिस महा निरीक्षक/पुलिस उप
महानिरीक्षक मण्डल मिर्ज़ापुर,पुलिस
कृपया प्रकरण में शीध्र यथोचित कार्यवाही करने का कष्ट करें 
03 – Jun – 2017
महोदय. जांच आख्या सादर सेवा मे प्रेषित है।
C-श्रेणीकरण
5
आख्या
पुलिस उप महानिरीक्षक (पुलिस )
01 – May – 2017
वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षकमिर्ज़ापुर,पुलिस
कृपया प्रकरण में शीध्र यथोचित कार्यवाही करने का कष्ट करें महोदय. जांच आख्या सादर सेवा मे प्रेषित है। , महोदय. जांच आख्या सादर सेवा मे प्रेषित है।
26 – May – 2017
अनुमोदित
आख्या
उच्च स्तर पर प्रेषित
6
आख्या
वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षक (पुलिस )
03 – May – 2017
क्षेत्राधिकारी , नगर सदर,जनपदमिर्ज़ापुर,पुलिस
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें अनुमोदित
22 – May – 2017
जाच
अाख्या संलग्न है।
आख्या
उच्च स्तर पर प्रेषित
7
आख्या
पुलिस महा निरीक्षक (पुलिस )
22 – Jun – 2017
पुलिस महा निरीक्षक/पुलिस उप
महानिरीक्षक मण्डल मिर्ज़ापुर,पुलिस
कृपया प्रकरण का
गंभीरता से
पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई
है
15 – Jul – 2017
महोदय, जांच आख्या संलग्न है
निस्तारण
हेतु लंबित
8
आख्या
पुलिस महा निरीक्षक/पुलिस उप
महानिरीक्षक (पुलिस )
23 – Jun – 2017
वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षकमिर्ज़ापुर,पुलिस
कृपया जांचोपरांत यथोचित कार्यवाही किये जाने एवं कृत कार्यवाही से अवगत कराने का कष्ट करेंमहोदय, जांच आख्या संलग्न है
11 – Jul – 2017
जाँच
रिपोर्ट सेवा में प्रेषित है।
आख्या
उच्च स्तर पर प्रेषित
9
आख्या
वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षक (पुलिस )
28 – Jun – 2017
क्षेत्राधिकारी , नगर सदर,जनपदमिर्ज़ापुर,पुलिस
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें जाँच रिपोर्ट सेवा में प्रेषित है।
10 – Jul – 2017
जाँच
आख्या संलग्न प्रेषित
आख्या
उच्च स्तर पर प्रेषित

2 comments on If the allegation was made against S.D.M. ,how matter can be enquired by his subordinate?

  1. Here focus was whether administrative order can be passed in sub judice matters as being done by S.D.M. Sadar Mirzapur and why action is not being taken against him?
    माननीय न्यायलय उपजिलाधिकारी सदर द्वारा कोई आदेश निर्गत अभी तक नही हुआ किन्तु प्रार्थी का घर विन्ध्याचल पुलिस द्वारा रोका जा रहा है न्यायालय प्रश्नोत्तरी का मखौल उड़ाया जा रहा है जो न्यायालय का अनादर है | श्री मान जी क्या उपजिलाधिकारी महोदय न्यायालय में लंबित ट्रायल में प्रशासनिक आदेश बार बार पास कर सकते है क्या यह न्यायालय की स्वतनत्रता में हस्तक्षेप नही है | अगर उन्हें कोई आदेश पास करना है तो लंबित प्रकरण में आदेश पारित करे जिसका दोनों पक्ष समादर करे |

    तहसीलदार सदर की आख्‍यानुसार प्रश्‍नगत प्रकरण में न्‍यायालय उप जिलाधिकारी सदर के यहां वाद सं0-डी-20141653001732 सन 2014 वाद विचाराधीन है। प्रार्थी द्वारा अपने ही जमीन पर मकान बनाये जाने से रोका जा रहा है। वाद न्‍यायालय में विचाराधीन होने के कारण कोई कार्यवाही किया जाना उचित नहीं है। वाद निस्‍तारण के बाद ही कोई कार्यवाही किया जाना सम्‍भव है।

  2. फीडबैक : दिनांक 21/08/2017को फीडबैक:- Here focus was whether administrative order can be passed in sub judice matters as being done by S.D.M. Sadar Mirzapur and why action is not being taken against him? Whether construction would be curbed by passing administrative order in quasi judicial matter? If S.D.M. is too much partial with the party, then he must pass a reasoned order in the open court instead of passing administrative orders which is tantamount to contempt of court. Here S.D.M. is committing contempt of his own court. If the one of the parties can’t be allowed to use his share of land merely on the ground that matter is sub judice, then how litigant can cultivate the disputed land. Whether S.D.M. can order his subordinate Tahsildar to enquire allegations made against him by your applicant? Whether such enquiry is not against the principles of natural justice?
    फीडबैक की स्थिति: फीडबैक विचाराधीन

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