How much corruption in system that after submission of enquiry report no action was taken against wrongdoers

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
60000180131864
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
Grievance Status for registration number : PMOPG/E/2018/0492787 शिकायत मंरेगा और PD विभाग द्वारा जाच किया जा चूका है जिससे शिकायत मंरेगा और PD से सम्बंधित है क्या इसी तरह से शिकायत का निस्तारण होता है क्या उपरोक्त टिपण्णी शिकायत के बिन्दुओ से मेल खाती है श्री मान उपरोक्त अधिकारिओं की आख्या पर कार्यवाही से सम्बंधित जिसको अमल में लाने का काम जिलाधिकारी , मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी करते है किन्तु विभाग में इतना ज्यादा भ्रस्टाचार है की उपरोक्त जांच पर लीपा पोती कर दी है चू की ये लोग शिर्सस्थ अधिकारी है और विभाग में पूरी आराजकता है इसलिए इन लोगो के खिलाफ कोई कार्यवाही नही हो रही उपरोक्त तीनो अधिकारीओ ने देश की कानून व्यवस्था का बलात्कार कर डाला है प्रदेश सरकार इन्ही लोगो के सहारे चलती है तो इनके खिलाफ कार्यवाही कौन करेगा श्री मान जी क्या खंड विकास अधिकारी इन लोगो के खिलाफ कार्य्वाही करेगा मुख्य मंत्री कार्यालय आख मूद कर इनके आधारहीन गैर क़ानूनी बातों को स्वीकार कर लेता है Whether D. M. Mirzapur can tell the mechanism to cancel the report
made under the Panchayat Raj Act. Whether the mechanism followed by him if
not, why not he be subjected to penal proceedings under the law of land as no
one can take the law of land under teeth as done by him. Grievance Status for
registration number: GOVUP/E/2018/05077 Grievance Concerns To Name Of
Complainant Yogi M. P. Singh Date of Receipt 29/05/2018 Received By
Ministry/Department Uttar Pradesh D.P.R.O. Mirzapur submitted forged
documents before the senior rank officers so he must be subjected to scrutiny
under sections 465,466,467,468,469 and 471 of I.P.C. Whether it is not a
mockery of law of land that the enquiry under challenge was made ground to
dispose of the grievance. The bogus enquiry made by the wrongdoers in order
to shield themselves upheld by the D.M. Mirzapur itself which is a mockery of
law of land and creating insecurity in the mind of the citizenry and
credibility of institutions have reached the nadir in the eye of common
citizenry. It is submitted before the Honourable Sir that deputy commissioner
work and employment had also been granted the charge of B.D.O. Chhanbey
arbitrarily carried out enquiry through its subordinates in order to shield
its corrupt coterie. In order to shield its skin this deputy commissioner and
working B.D.O. Chhanbey Sushil Tripathi made the mockery of the panchayat Raj
ACT and ordered enquiry and superseded enquiry made by the joint team of
senior rank officers Deputy Commissioner MGNREGA and 2-Project Director
Mirzapur carried out under panchayat raj act. Please take a glance of
attached documents with this representation.
नियत तिथि:
03 – Feb – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायत अनुभाग – 1(मुख्यमंत्री कार्यालय )
04 – Jan – 2019
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव पंचायती राज विभाग
कृपया
शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।
अधीनस्थ
से वापस

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

Grievance Status for registration number : PMOPG/E/2018/0492787 शिकायत मंरेगा और PD विभाग द्वारा जाच किया जा चूका है जिससे शिकायत मंरेगा और PD से सम्बंधित है क्या इसी तरह से शिकायत का निस्तारण होता है क्या उपरोक्त टिपण्णी शिकायत के बिन्दुओ से मेल खाती है श्री मान उपरोक्त अधिकारिओं की आख्या पर कार्यवाही से सम्बंधित जिसको अमल में लाने का काम जिलाधिकारी , मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी करते है किन्तु विभाग में इतना ज्यादा भ्रस्टाचार है की उपरोक्त जांच पर लीपा पोती कर दी है चू की ये लोग शिर्सस्थ अधिकारी है और विभाग में पूरी आराजकता है इसलिए इन लोगो के खिलाफ कोई कार्यवाही नही हो रही उपरोक्त तीनो अधिकारीओ ने देश की कानून व्यवस्था का बलात्कार कर डाला है प्र

Arun Pratap Singh
1 year ago

Why did the subordinate principal secretary returned back the forwarded grievance? Most surprising is that now concerned are silent on the issue concerned with the syphoning of the public fund. Whether it is justified and the reflection of the good governance.
आवेदन का संलग्नक संलग्नक देखें अग्रसारित विवरण-
क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या स्थिति आख्या रिपोर्ट
1 अंतरित लोक शिकायत अनुभाग – 1(मुख्यमंत्री कार्यालय ) 04 – Jan – 2019 अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव -पंचायती राज विभाग कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है। अधीनस्थ से वापस

Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

Whether the subordinate has not taken the direction of Chief Minister office under teeth quite obvious from the working style of the concerned public functionaries.The quantum corruption can be easily guessed from the working style of the district magistrate Mirzapur who has not taken any action on the submitted grievances concerned with the recovery of impose penalties by the enquiry officers nominated by the DM itself which is the mockery of law of land and it cannot be tolerated by the common citizens in this largest democracy in the world.