How can a licensee operate a shop doing job at distance 300 KM away from the venue of the control rate shop

Grievance Status for registration number : GOVUP/E/2020/39470

Grievance Concerns To
Name Of Complainant
Yogi M P Singh
Date of Receipt
13/12/2020
Received By Ministry/Department
Uttar Pradesh
Grievance Description
महोदय प्रकरण सिर्फ आबिदा बेगम से सम्बंधित नहीं है क्योकि शिकायत में दो दो राशन कार्ड डिटेल है और एक राशन कार्ड का डिटेल पी डी ऍफ़ दस्तावेज में नहीं है अर्थात कुछ तो गड़बड़ है अब भ्रष्टाचार के मूल प्रकरण पर आते है कुछ स्थलीय सत्यापन भी होता है श्री मान जी प्रार्थी द्वारा यह प्रश्न नहीं किया गया है की दूकान किसके नाम आबंटित है और कौन सहायक है भ्र्ष्टाचार यह है की पांचू पासी निजी वित्तीय कंपनी में कार्यरत है और आज से नहीं कई वर्षो से श्री मान जी ३०० किलो मीटर दूर बैठ कर जो की बिहार में है अपने बड़े भाई को विजय बहादुर और उनके लड़के को सहायक बना कर सस्ते दुकान गल्ले की दूकान का लाइसेंस कहा तक बैध है पूर्ति निरीक्षक की आख्या खुद ही संदिग्ध है महोदय यह एक साधारण प्रकरण है बड़े आसानी  से हल होगा क्या सहायक विजय बहादुर पांचू पासी के नाम से गल्ले का  आहरण और वितरण  नहीं करता है जो की पूर्ण रूप से अबैध है वर्तमान पूर्ति निरीक्षक भी १५ वर्ष पूर्व की इंटरनेट फीडिंग का सहारा ले रहे है जब की आख्या प्रस्तुत करने से पहले इनको बारीकी से छानबीन करनी चाहिए थी और स्पस्ट करते की ऐसा नियम है की ३०० किलो मीटर दूरी पर बैठा व्यक्ति लाइसेंन्स धारक हो सकता है वशर्ते उनके पास विजय बहादुर जैसा बड़ा भाई हो या विजय बहादुर के नाम ही लाइसेंस स्थानान्तरित कर देते  नियमानुसार जवाबदेही भी कुछ होता है ठीक है हम आराजकता से संचालित हो रहे लेकिन उसकी भी एक सीमा है मै कहता हु सरकार इतनी मोटी रकम तनख्वाह के रूप में क्यों देती है आप को इसलिए आप शिकायतों को बिना पढ़े बिना जांच किये मनमानी आख्या लगा कर बंद कर दे प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत शिकायतों को संकलित करके उनपर यदि विचार किया जाए तो जो शिकायतों का अम्बार लगा है उसका कारण खुद बखुद स्पस्ट हो जाएगा महोदय विजय बहादुर अपने नाम लाइसेंस के लिए तैयार है किन्तु आप तो जानते है क्यों नहीं हो रहा है यदि इतना बड़ा अबैध काम आप कर सकते है की पांचू पासी के नाम से सस्ते गल्ले की दूकान उनके बड़े भाई विजय बहादुर चला सकते है तो विजय बहादुर खुद अपने नाम से उस दूकान को क्यों नहीं चला रहे है क्यों की कल कोई अनियमितता सिद्ध होती है तो आप तो पांचू पासी को याद करेंगे तो वह व्यक्ति पिसेगा जिसका कोई दोष नहीं है सहायक लाइसेंसी का स्थान नहीं ले सकता है इसलिए या तो विजय बहादुर को लाइसेंसी बना दीजिये अन्यथा पांचू पासी से कहा जाय वे नौकरी छोड़ कर आये दूकान देखे श्री मान जी आप तो जान सूचना के तहत भी आप दर्जनों आवेदनों को निगल गए कोई सूचना नहीं दी परेशानी वास्तविक कारण खुद आप और आप की कार्यशैली है महोदय उम्मीद है की आप समझेंगे अन्यथा मै अगली बार हिंदी का सहारा नहीं लूगा और आंग्ल भाषा से आप कितना चिढ़ते है आप खुद ही जानते है आप के जवाब का इन्तजार
Grievance Status for registration number: PMOPG/E/2020/0874903 Grievance Concerns To
Name Of Complainant Yogi M P Singh Date of Receipt 27/09/2020 Received By Ministry/Department Prime Ministers Office
Grievance Status for registration number : GOVUP/E/2020/33748
Grievance Concerns To Name Of Complainant-Yogi M P Singh
Date of Receipt 21/10/2020
Grievance Document
Current Status
Grievance received
Date of Action
13/12/2020
Officer Concerns To
Forwarded to
Uttar Pradesh
Officer Name
Shri Arun Kumar Dube
Officer Designation
Joint Secretary
Contact Address
Chief Minister Secretariat U.P. Secretariat, Lucknow
Email Address
sushil7769@gmail.com
Contact Number
0522 2226349

Grievance Status for registration number : GOVUP/E/2020/33748

Grievance Concerns To
Name Of Complainant
Yogi M P Singh
Date of Receipt
21/10/2020
Received By Ministry/Department
Uttar Pradesh
Grievance Description
According to the attached document of the following grievance which is also attached to this representation, aggrieved Mahboob Ali is seeking Ration, not ration card, so the report of District Supply Officer Mirzapur is cryptic and misleading. He disposed of the grievance but still not elaborated time extent to provide ration to the family of aggrieved handicapped Mahboob Ali. He threw the ball in the court of government and cunningly disposed of the grievance and taking recourse of this corrupt cryptic report, he will exploit the rights of a poor family. The government may order proper enquiry to look into matter concerned with the deep-rooted corruption by an honest public staff.
Grievance Status for registration number: PMOPG/E/2020/0874903 Grievance Concerns To
Name Of Complainant Yogi M P Singh Date of Receipt 27/09/2020 Received By Ministry/Department Prime Minister Office
Grievance Description An application on behalf of Mahboob Ali under Article 51 A as public functionaries in the state of Uttar Pradesh not only crushed the fundamental rights but also human rights.
Entire procrastination of the district supply officer Mirzapur is before the Government of Uttar Pradesh. He is not only overlooking Right to Information Act 2005 but also closing the grievances of the citizenry the state by submitting the arbitrary inconsistent reply on the public grievance portal of the government of India through the office of chief minister in the government of Uttar Pradesh. In June they told the applicant Ration card is ready and after a digital sign, it would display on the website. Four months passed but aggrieved family is still waiting for control rate ration. When more than two dozen representations have been submitted by the applicant itself and these representations could not provide ration to the family of the aggrieved handicapped Mahboob Ali, then you Honourable Sir can easily guess the anarchy in the Government of Uttar Pradesh. Only to say in the print and electronic media that my government is good governance, whether this anarchy will convert into good governance.
Grievance Document
Current Status
Case closed
Date of Action
03/12/2020
Remarks
अधीनस्थ अधिकारी के स्तर पर निस्तारित अधीनस्थ अधिकारी के स्तर पर निस्तारित उक्त प्रकरण की जांच पूर्ति निरीक्षक द्वारा करायी गयी पूर्ति निरीक्षक की जांच आख्या अनुसार शिकायतकर्ता द्वारा राशनकार्ड पर खाद्यान्न न मिलने के संबंध में शिकायत की है उक्त के संबंध में अवगत कराना है कि श्रीमती आबिदा बेगम के राशनकार्ड क्रमांक 219940845052 की विभागीय वेबसाइट पर जांच किया गया तो इनके द्वारा माह अक्टूबर तथा नवम्बर का राशन लिया गया है जिसकी एम आइ एस रिपोर्ट संलग्न है आख्या सेवा में सादर प्रेषित
Reply Document
Rating
Poor
Rating Remarks
महोदय प्रकरण सिर्फ आबिदा बेगम से सम्बंधित नहीं है क्योकि शिकायत में दो दो राशन कार्ड डिटेल है और एक राशन कार्ड का डिटेल पी डी ऍफ़ दस्तावेज में नहीं है अर्थात कुछ तो गड़बड़ है अब भ्रष्टाचार के मूल प्रकरण पर आते है कुछ स्थलीय सत्यापन भी होता है श्री मान जी प्रार्थी द्वारा यह प्रश्न नहीं किया गया है की दूकान किसके नाम आबंटित है और कौन सहायक है भ्र्ष्टाचार यह है की पांचू पासी निजी वित्तीय कंपनी में कार्यरत है और आज से नहीं कई वर्षो से श्री मान जी ३०० किलो मीटर दूर बैठ कर जो की बिहार में है अपने बड़े भाई को विजय बहादुर और उनके लड़के को सहायक बना कर सस्ते दुकान गल्ले की दूकान का लाइसेंस कहा तक बैध है पूर्ति निरीक्षक की आख्या खुद ही संदिग्ध है महोदय यह एक साधारण प्रकरण है बड़े आसानी  से हल होगा क्या सहायक विजय बहादुर पांचू पासी के नाम से गल्ले का  आहरण और वितरण  नहीं करता है जो की पूर्ण रूप से अबैध है वर्तमान पूर्ति निरीक्षक भी १५ वर्ष पूर्व की इंटरनेट फीडिंग का सहारा ले रहे है जब की आख्या प्रस्तुत करने से पहले इनको बारीकी से छानबीन करनी चाहिए थी और स्पस्ट करते की ऐसा नियम है की ३०० किल
Officer Concerns To
Officer Name
Shri Arun Kumar Dube
Officer Designation
Joint Secretary
Contact Address
Chief Minister Secretariat U.P. Secretariat, Lucknow
Email Address
sushil7769@gmail.com
Contact Number
0522 2226349
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Pratima Parihar
Pratima Parihar
1 month ago

जब आवेदक द्वारा स्वयं दो दर्जन से अधिक अभ्यावेदन प्रस्तुत किए गए हैं और ये अभ्यावेदन पीड़ित विकलांग महबूब अली के परिवार को राशन नहीं दे सके, तब आप माननीय महोदय उत्तर प्रदेश सरकार में अराजकता का अनुमान आसानी से लगा सकते हैं

Preeti Singh
1 month ago

भ्र्ष्टाचार यह है की पांचू पासी निजी वित्तीय कंपनी में कार्यरत है और आज से नहीं कई वर्षो से श्री मान जी ३०० किलो मीटर दूर बैठ कर जो की बिहार में है अपने बड़े भाईविजय बहादुर को और उनके लड़के को सहायक बना कर सस्ते दुकान गल्ले की दूकान का लाइसेंस कहा तक बैध है पूर्ति निरीक्षक की आख्या खुद ही संदिग्ध है महोदय यह एक साधारण प्रकरण है बड़े आसानी से हल होगा क्या सहायक विजय बहादुर पांचू पासी के नाम से गल्ले का आहरण और वितरण  नहीं करता है जो की पूर्ण रूप से अबैध है

Bhoomika Singh
Bhoomika Singh
1 month ago

Undoubtedly it is the reflection of rampant corruption and repeated complaints are being submitted before the accountable public functionaries but unfortunately they are not taking any action in the matter concerned and overlooking this deep-rooted corruption going on in the government machinery such corrupt practices must be curbed by the accountable public functionaries to curb the growing lawlessness and anarchy in the government machinery.

God Man
God Man
1 month ago

It is Generally Accepted fact that wrongdoer will escape from the public platform because he knows that he is wrong. Undoubtedly concerned public authority is taking recourse of the 15 years old feed when the control rates shops of were allotted to the beneficiaries. Whether concerned staff of the public authority never got the time to visit the venue of the control rates shop and check the actual position of the shop.

Tantric kp singh
Tantric kp singh
28 days ago

Yes