Grievance is again revived by the Chief Minister Office, what would be outcome? Theft of a Truck

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019918002032
आवेदक कर्ता का नाम:
Surendra
Kumar Maurya
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
9651353662,9651353662
विषय:
श्री मान जी तो मिर्ज़ापुर पुलिस खुद ट्रक खोजने का प्रयास कर रही है और ही प्रार्थी को फुटेज ही उपलब्ध करा रही है क्या यही सुशासन है आश्चर्य इस बात की है गृह विभाग खुद मुख्यमंत्री महोदय के अधीनस्थ कार्य करता है | हमे तो ट्रक के सम्बन्ध में सम्बंधित पुलिस अधिकारी से कभी कोई ऐसा तथ्य सामने ही नही आया जिससे प्रतीत हो की पुलिस मामले में तहकीकात कर रही है | इस समय कुछ ऐसी बाते सामने रही है जिससे प्रतीत हो रहा है पुलिस अपनी असफलता का रिपोर्ट लगाने जा रही है | इस लिए उस विडियो फुटेज की गोपनीयता का कोई अर्थ नही है इसलिए उसकी प्रति प्रार्थी को उपलब्ध कराई जाय जिसका खर्च प्रार्थी बहन करने को तैयार है | प्रार्थी को पूर्ण विश्वास है की यदि फुटेज मैनिपुलेट नही किया गया होगा तो तथ्य चौकाने वाला होगा | बहुत आश्चर्य की बात है प्राइवेट CC फुटेज प्रार्थी को मानवता के नाते प्राप्त हो गये किन्तु लेकिन सार्वजानिक फुटेज जो पुलिस के कब्जे में है और प्रथम सूचना रिपोर्ट की तिथि से ही माग हो रही है अभी तक अप्राप्त है कप्तान महोदय तो उसी दिन कह दिए थे की प्रार्थी को फुटेज उपलब्ध करा दिया जाय किन्तु लोगो को भय है की कही प्रार्थी ही उन लोगो तक पहुच जाय जो पुलिस को चकमा देने में सफल रहे | सर फुटेज उपलब्ध करा के एक प्रयास प्रार्थी को भी करने दे | फीडबैक दिनांक 21012018को फीडबैकश्री मान जी प्रतीत होता है की आप विषय वस्तु आंग्लभाषा में होने के कारण आप समझ नही पा रहे है किन्तु आप की सुबिधा के लिए प्रार्थी आप का ध्यान इस बिंदु पर आक्रिस्ट करता है प्रार्थी पूर्व में भी विडियो फुटेज की मांग की है और इस समय भी और प्रस्तुत रिपोर्ट प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत निजी बीडियो फुटेज पर आधारित है जिनकी क्षमता बहुत कम है किन्तु पुलिस के पास जो विडियो है उसकी resolution पॉवर प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत वीडियो से कई गुना है और यदि वह फुटेज मिल जाय तो किसी ठोस निष्कर्ष पर पंहुचा जा सकता है क्यों की जो चेहरे अस्पस्ट है धुधला होने के कारण शीतला मंदिर पर पर्याप्त प्रकाश होने के कारण पुलिस वाले सरकारी फुटेज में स्पस्ट होंगे | और यह भी निश्चित हो जाएगा की ट्रक रीवा रोड पर आगे बढ़ा या पथरहिया रोड पर | अभी तक पुलिस की प्रोग्रेस रिपोर्ट प्रार्थी द्वारा किये गये प्रयास तक सीमित है और जिन फुटेज की बात की जा रही है वे निजी बीडियो मालिको से जिनके यहां क्लोज्ड सर्किट कैमरा इन्सटाल्ड है उनसे अनुनय विनय कर प्राप्त किया गया है |शायद आप समझ गये होंगे की प्रार्थी शीतला मंदिर के पास यादव स्वीट हाउस पर इन्सटाल्ड चार कैमरे वाले CCTV फुटेज की मांग कर रहा है जिसका रख रखाव मिर्ज़ापुर पुलिस करती है प्रार्थी यही चाहता है की उपरोक्त फुटेज प्रार्थी को प्रदान किये जाय क्योकि पुलिस जांच इस स्टेज पर किसी भी प्रकार प्रभावित नहीं हो सकती वल्कि सहायता ही हो सकती है | प्रार्थी नही चाहता की उसने अपना ट्रक खोजने के लिए कोई प्रयास नही किया पुलिस तो वैसे भी बहुत ब्यस्त रहती है वैसे भी दूसरे का काम कोई गंभीरता पूर्वक नही लेता लगभग दो महीने बीतने को है प्रगति रिपोर्ट जस का तश है क्या किसी की जिम्मेदारी तय हुई हम खोज रहे है यह समस्या का हल नही है | फीडबैक की स्थिति फीडबैक प्राप्त
नियत तिथि:
19
– Feb – 2018
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 03/03/2018को फीडबैक:- श्री मान जी प्रार्थी जानना चाहता है पुलिस की किस रिपोर्ट के आधार पर शिकायत को निस्तारित किया जा रहा है जो भी रिपोर्ट लगे है चार फ़रवरी २०१८ के पूर्व के है क्या मिर्ज़ापुर पुलिस जानती थी की प्रार्थी चार फ़रवरी को शिकायत दाखिल करेगा और वह १२०१२०१८ को ही रिपोर्ट तैयार करके रख ली थी |श्री मान जी प्रार्थी विडियो फुटेज की माग कर रहा है किन्तु मिर्ज़ापुर पुलिस गोल मटोल जवाब दे कर ध्यान को भटकाने का प्रयास कर रही है जो की किसी प्रकार न्याय सांगत नही है | जो जिम्मेदार अधिकारी केस को निस्तारित मान रहे है वही बताये की केस किस प्रकार से निस्तारित है| क्या ट्रक मिल गयी या विडियो फुटेज प्रार्थी को उपलब्ध करा दिया गया | और कोतवाल महोदय जिन फुटेज का जिक्र कर वे प्रार्थी द्वारा कलेक्ट किये गये की वेवेचना अधिकारी द्वारा | सब से आश्चर्य चकित करने वाली बात है की मिर्ज़ापुर पुलिस तो विडियो फुटेज दे रही जो उसके संरक्षण में है और ट्रक खोज रही है | उधर इन्शुरन्स कंपनी भी इस आधार कुछ नही कर रही पुलिस अपना रिपोर्ट ही नही फाइनल कर रही है | तीन महीने से ज्यादा हो रहे है पुलिस पूर्ण रूप से असफल रही है और क्या उन लोगो के मन में चल रहा है वही जाने और यह भी सच है की सरकार किसी की जिम्मेदारी तो तय करेगी नही ऐसे में अगर किसी का कोई छति है तो वह प्रार्थी का है और अन्य फायदे में है | तीन महीने से ज्यादा देरी हुई है सिर्फ ताल मटोल में इसलिए विवेचना अधिकारी सर्वोच्च न्यायालय के निम्न दिशा निर्देशों के क्रम में स्पस्टीकरण प्रस्तुत करे | (e) Cases where there is
abnormal delay/laches in initiating criminal prosecution, for example, over 3
months delay in reporting the matter without satisfactorily explaining the
reasons for delay. The aforesaid are only illustrations and not exhaustive of
all conditions which may warrant 90 preliminary inquiry. (vii) While ensuring
and protecting the rights of the accused and the complainant, a preliminary
inquiry should be made time bound and in any case it should not exceed 7
days. The fact of such delay and the causes of it must be reflected in the
General Diary entry. (viii) Since the General Diary/Station Diary/Daily Diary
is the record of all information received in a police station, we direct that
all information relating to cognizable offences, whether resulting in
registration of FIR or leading to an inquiry, must be mandatorily and
meticulously reflected in the said Diary and the decision to conduct a
preliminary inquiry must also be reflected, as mentioned above. 91(112) With
the above directions, we dispose of the reference made to us. List all the
matters before the appropriate Bench for disposal on merits. ………………………………CJI.
(P. SATHASIVAM) And companion judges.(DR. B.S. CHAUHAN) (RANJANA PRAKASH
DESAI)(RANJAN GOGOI) (S.A. BOBDE) NEW DELHI;NOVEMBER 12, 2013
फीडबैक की स्थिति:
सन्दर्भ पुनर्जीवित
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
04 – Feb – 2018
पुलिस महा निरीक्षक/अतिरिक्त महानिदेशक जोनबनारस
11/02/2018
आख्या संलग्न है
आख्या उच्च स्तर पर प्रेषित
2
अंतरित
पुलिस महा निरीक्षक/अतिरिक्त महानिदेशक (पुलिस )
05 – Feb – 2018
पुलिस उप महानिरीक्षक/पुलिस महा निरीक्षक मण्डलमिर्ज़ापुर,पुलिस
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें
11/02/2018
आख्या संलग्न है
आख्या उच्च स्तर पर प्रेषित
3
अंतरित
पुलिस उप महानिरीक्षक/पुलिस महा निरीक्षक (पुलिस )
05 – Feb – 2018
वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षकमिर्ज़ापुर,पुलिस
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें
11/02/2018
आख्या संलग्न है
C-श्रेणीकरण
4
आख्या
वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षक (पुलिस )
07 – Feb – 2018
क्षेत्राधिकारी
,
नगरसदर,जनपदमिर्ज़ापुर,पुलिस
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें आख्या संलग्न है
10/02/2018
जांच आख्या प्रेषित
आख्या उच्च स्तर पर प्रेषित
5
आख्या
क्षेत्राधिकारी
,
नगर (पुलिस )
07 – Feb – 2018
थानाध्‍यक्ष/प्रभारी नि‍रीक्षककोतवाली
कटरा,जनपदमिर्ज़ापुर,पुलिस
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें जांच आख्या प्रेषित
08/02/2018
महोदय वादी के प्रार्थना पत्र के आधार पर मु00सं0 512/17 धारा 379 भादवि थाना स्थानीय पर पंजीकृत
होकर विवेचना
प्रचलित है
आख्या उच्च स्तर पर प्रेषित
6
आख्या
पुलिस उप महानिरीक्षक/पुलिस महा निरीक्षक (पुलिस )
19 – Mar – 2018
वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षकमिर्ज़ापुर,पुलिस
कृपया प्रकरण का गंभीरता
से पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा
की गई है
21/03/2018
अभियोग पंजीकृत कर विवेवचना प्रचलित है
आख्या प्राप्त/प्रेषित/अनुमोदन
लंबित

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

सब से आश्चर्य चकित करने वाली बात है की मिर्ज़ापुर पुलिस न तो विडियो फुटेज दे रही जो उसके संरक्षण में है और न ट्रक खोज रही है | उधर इन्शुरन्स कंपनी भी इस आधार कुछ नही कर रही पुलिस अपना रिपोर्ट ही नही फाइनल कर रही है | तीन महीने से ज्यादा हो रहे है पुलिस पूर्ण रूप से असफल रही है और क्या उन लोगो के मन में चल रहा है वही जाने और यह भी सच है की सरकार किसी की जिम्मेदारी तो तय करेगी नही ऐसे में अगर किसी का कोई छति है तो वह प्रार्थी का है और अन्य फायदे में है | तीन महीने से ज्यादा देरी हुई है सिर्फ ताल मटोल में इसलिए विवेचना अधिकारी सर्वोच्च न्यायालय के निम्न दिशा निर्देशों के क्रम में स्पस्टीकरण प्रस्तुत करे

Arun Pratap Singh
2 years ago

| (e) Cases where there is abnormal delay/laches in initiating criminal prosecution, for example, over 3 months delay in reporting the matter without satisfactorily explaining the reasons for delay. The aforesaid are only illustrations and not exhaustive of all conditions which may warrant 90 preliminary inquiry. (vii) While ensuring and protecting the rights of the accused and the complainant, a preliminary inquiry should be made time bound and in any case it should not exceed 7 days. The fact of such delay and the causes of it must be reflected in the General Diary entry. (viii) Since the General Diary/Station Diary/Daily Diary is the record of all information received in a police station, we direct that all information relating to cognizable offences, whether resulting in registration of FIR or leading to an inquiry, must be mandatorily and meticulously reflected in the said Diary and the decision to conduct a preliminary inquiry must also be reflected, as mentioned above. 91(112) With the above directions, we dispose of the reference made to us. List all the matters before the appropriate Bench for disposal on merits. ………………………………CJI. (P. SATHASIVAM) And companion judges.(DR. B.S. CHAUHAN) (RANJANA PRAKASH DESAI)(RANJAN GOGOI) (S.A. BOBDE) NEW DELHI;NOVEMBER 12, 2013
फीडबैक की स्थिति: फीडबैक निस्तारित

Arun Pratap Singh
2 years ago

आख्या पुलिस उप महानिरीक्षक/पुलिस महा निरीक्षक (पुलिस ) 19 – Mar – 2018 वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षक-मिर्ज़ापुर,पुलिस कृपया प्रकरण का गंभीरता से पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई है महोदय आख्या संलग्न है अनुमोदन हेतु प्रेषित है । 21/03/2018 अभियोग पंजीकृत कर विवेवचना प्रचलित है