Grievance has been disposed but where is gone Rs.88.62 crore still a question before public.

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40017517001942
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi
M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
Since more than one years files are moving on
various tables but public aid still not reached to aggrieved farmers
सर्व प्रथम यह बताया गया की शीघ्रता से सूची बना कर सुखा राहत का चेक बाटा गया
जो छूटे थे उनको पूरक सूची बना कर राहत प्रदान की जायेगी किन्तु अभी
तक शासन ने धन अवमुक्त नही किया | उपजिलाधिकारी फूलपुर का कहना था कि शासन स्‍तर से धन उपलब्‍ध होने पर धनराशि का भुगतान कर दिया जायेगा| श्री मान जी २९ नवम्बर २०१६ उत्तर प्रदेश शासन ,राजस्व अनुभाग १० के पत्र का अवलोकन करे जो की प्रार्थी को संबोधित है ८८६२ करोंड़ की धनराशि दिनांक १०१०२०१६ को स्वीकृत की गयी
अतः शिकायत कर्ता के परिवारों को भी धनराशि प्राप्त हो जाएगी | किन्तु बड़े खेद
का साथ
सूचित करना पड़ रहा
है की अभी तक पीड़ित परिवारों को अधेला भी नसीब नही हुआ
जोकि एक कठोर सत्य है जिसको उच्च पदस्थ नौकरशाह एवं
संबैधानिक पदों पर बैठे महानुभाव स्वीकार करे | With great respect to revered Sir , your
applicant invites the kind attention of the Hon’ble Sir to the following
submissions as follows 1-It is submitted before the Hon’ble Sir that
दो दर्जन से भी अधिक ग्रिवान्सो को मनमाना नोट लिख
के निस्तारित करा दिए
|क्या यह ब्यवस्था का मजाक नही है जिसमे कुछ भी लिख कर प्रस्तुत शिकायत का निस्तारण करा दिया जाता है जिन चीजो का ब्यथा दूर करने में कोई
मतलब नही
है |2-It is submitted before the Hon’ble Sir that श्री मान जी पीडितो को फूटी चवन्नी नही
मिली और शिकायत का निस्तारण होगया प्रमुख सचिवसचिव (राजस्व एवं आपदा विभाग ) द्वारा मामले का निस्तारण स्वीकार किया गया |3-It is submitted before the Hon’ble Sir that श्री मान जी पीडितो को फूटी चवन्नी नही
मिली और शिकायत का निस्तारण हो गया
| मंडलायुक्त मण्डल इलाहाबाद,
द्वारा मामले की आख्या पर गहन
चिंतन किया जा रहा
है जिससे प्रार्थी गण अपनी उम्मीद को जिन्दा रख रहे
है | अभी भी गामा लेखपाल जो कि अब कानूनगो है अगला ट्रिक सोच
रहे होंगे जिससे की किसानो को दो चार महीने और टरकाया जाय और उसमे उनको महारथ भी हासिल है यही
कारण है प्रतिकूल प्रविष्टि के बावजूद लेखपाल से कानूनगो हो गये
|-It is submitted before the Hon’ble Sir that नियत तिथि 29 – Apr – 2017 और श्री मान जी आज दो मई है और सन २०१७ और भाजपा शासन काल
में भी इन लोगो को नियत तिथि का उल्लंघन करते भय नही लगा | सुशासन इसी को कहते है की तय समय में
जनता की समस्याओं का कोई
समाधान हो |-It is submitted before the Hon’ble Sir that श्री मान जी पीडितो को फूटी चवन्नी नही
मिली और शिकायत का निस्तारण होगया प्रमुख सचिवसचिव (राजस्व एवं आपदा विभाग ) द्वारा मामले का निस्तारण स्वीकार किया गया | कभी गामा प्रसाद कहते है भूल
से लोगो का नाम
छूट गया
और ग्रीवांस निस्तारित ,फिर क्या शासन कहेगा तो पूरक सूची बनेगा ग्रीवांस निस्तारित फिर उपजिलाधिकारी फूलपुर लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई और शीघ्र सभी लोगो को सहायता राशि वितरित कर दी जायेगी ग्रीवांस निस्तारित फिर पूरक सूची बन गई लोगो से उनके अकाउंट डिटेल मागे गये
ग्रीवांस निस्तारित और अब लेखपाल और कानूनगो गामा प्रसाद जिन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि के बावजूद कानूनगो बनाया गया कहते है विवरण तैयार करके भुगतान हेतु प्रेषित ग्रीवांस निस्तारित और लगभग दो महीने बीत गये
अरे भैया कैसा भुगतान हो रहा
है कभी
पीडितो के खाते में भी भुगतान पहुचेगा | मानना पड़ेगा गामा प्रसाद कानूनगो मेरे गुरु है क्यों की मैंने उनसे जाना कि कैसे बहाने बना
कर लोगो को बार
बार फ्रस्ट्रेट किया जाता है यही
तो उनकी खूबी है जो उन्हें लेखपाल से कानूनगो बना दी सामान्य ब्यक्ति इतने बहाने सोच
ही नही
सकता और खूब फिट बैठते है सिस्टम में | सर मिर्ज़ापुर में भी बहुत समस्याए है वहा की समस्या हल करे
जिससे अपने डिस्ट्रिक्ट के बारे में कंसन्ट्रेट हो |This is humble request of your applicant to you
Honble Sir that It can never be justified to overlook the rights of citizenry
by delivering services in arbitrary manner by floating all set up norms This
is sheer mismanagement which is encouraging wrongdoers to reap benefit of
loopholes in system and depriving poor citizens from right to justice
Therefore it is need of hour to take concrete steps in order to curb grown
anarchy in the system For this your applicant shall ever pray you Honble Sir
Yours sincerely Yogi M P Singh Mobile number-7379105911 Mohalla-Surekapuram,
Jabalpur Road District-Mirzapur , Uttar Pradesh ,India
नियत तिथि:
18
– May – 2017
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
नियत
दिनांक
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
03
– May – 2017
जिलाधिकारीइलाहाबाद,
26
– May – 2017
आख्या
प्रेषित
निस्तारित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
04
– May – 2017
उप जिलाधि‍कारी फूलपुर,जनपदइलाहाबाद,राजस्व एवं आपदा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें आख्या प्रेषित
26
– May – 2017
प्रार्थाना
पत्र निस्‍तारित अवलाोकनाार्थ हेतु आख्‍या प्रेषित
निस्तारित

2 comments on Grievance has been disposed but where is gone Rs.88.62 crore still a question before public.

  1. सर्व प्रथम यह बताया गया की शीघ्रता से सूची बना कर सुखा राहत का चेक बाटा गया जो छूटे थे उनको पूरक सूची बना कर राहत प्रदान की जायेगी किन्तु अभी तक शासन ने धन अवमुक्त नही किया | उपजिलाधिकारी फूलपुर का कहना था कि शासन स्‍तर से धन उपलब्‍ध होने पर धनराशि का भुगतान कर दिया जायेगा| श्री मान जी २९ -नवम्बर -२०१६ उत्तर प्रदेश शासन ,राजस्व अनुभाग १० के पत्र का अवलोकन करे जो की प्रार्थी को संबोधित है ८८६२ करोंड़ की धनराशि दिनांक १०-१०-२०१६ को स्वीकृत की गयी अतः शिकायत कर्ता के परिवारों को भी धनराशि प्राप्त हो जाएगी | किन्तु बड़े खेद का साथ सूचित करना पड़ रहा है की अभी तक पीड़ित परिवारों को अधेला भी नसीब नही हुआ जोकि एक कठोर सत्य है जिसको उच्च पदस्थ नौकरशाह एवं संबैधानिक पदों पर बैठे महानुभाव स्वीकार करे

  2. नियत तिथि: 18 – May – 2017
    शिकायत की स्थिति: निस्तारित
    रिमाइंडर :
    फीडबैक : दिनांक 27/05/2017 को फीडबैक:- Feed back-In regard to dispo
    आवेदन का संलग्नक
    अग्रसारित विवरण-
    क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या नियत दिनांक स्थिति आख्या रिपोर्ट
    1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 03 – May – 2017 जिलाधिकारी-इलाहाबाद, — 26 – May – 2017 आख्या प्रेषित निस्तारित
    2 आख्या जिलाधिकारी ( ) 04 – May – 2017 उप जिलाधि‍कारी -फूलपुर,जनपद-इलाहाबाद,राजस्व एवं आपदा विभाग नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें आख्या प्रेषित 26 – May – 2017 प्रार्थाना पत्र निस्‍तारित अवलाोकनाार्थ हेतु आख्‍या प्रेषित निस्तारित

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