Government of Uttar Pradesh arbitrarily depriving the SC and ST students of the scholarship.

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
60000190019704
आवेदक कर्ता का
नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
An application under article 51 A of the constitution of India.
Whether it is justified to deprive a student of his scholarship arbitrarily
on the ground that is because of improvement result declared by the MGKVP
University Varanasi and concerned staff made the scrutiny on the ground of
result of improvement while the application for the scholarship was submitted
much earlier than the improvement result on the basis of the annual result
B.Sc. second year. Since the student was fairly passed in the B.Sc. second
year and he was awarded the scholarship in the B.Sc. first year and B.Sc.
second year. The matter is concerned with a scheduled caste student whose
detail is as follows. Name of the student –Chhotu, Registration
number-690030221802374, Name of the father-Panchdev, Caste-Scheduled caste,
Subcaste-Chamar, B.Sc. part 3 Maths group studying in the K.B.P.G. College
Mirzapur. The reason for the scrutiny result to be suspect-obtain/total marks
not matched with the university uploaded data. Most revered Sir –Whether the
obtained result will not change after the declaration of the improvement
result quite obvious from the attached Marksheet of B.Sc. second year after
improvement exam conducted by MGKVP University Varanasi. Before the
improvement result aforementioned aggrieved student had acquired 292 out of
600 marks but after the improvement exam, it has been 335 out of 600.
Moreover, data were subject to scrutiny by the college administration through
the original records made available by the students according to guideline
which was found accurate so it was forwarded to the concerned department.
Here this question arises that whether 292 marks out 600 of the student will
not entitle him for the scholarship if entitle him for scholarship, then concerned
staff cannot take recourse of the latter marks obtained after the improvement
exam result declared as that total mark was not available to him when he was
submitting online application for the scholarship. Thus the approach of the
staff of the government of Uttar Pradesh is sheer unconstitutional,
arbitrary, draconian and corrupt in nature which must be curbed by the
accountable public functionaries if they are law abiding.
नियत तिथि:
22 – Mar – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 02/03/2019को फीडबैक:- Hon’ble Sir you have
redressed the grievance with the following note of the public authority
Mahatma Gandhi Kashi Vidya Pith. This is related to District Social Welfare
office Because candidate not clear exam to first attempt.
चूकि आप को
आंग्ल भाषा का ज्ञान तो है
नही इसलिए हिन्दी में ही आप
को समझाते है | सब से पहली भूल मामला समाज कल्याण विभाग मिर्ज़ापुर से
सम्बंधित है
इसलिए आप
को समाज कल्याण विभाग मिर्ज़ापुर को
भेजना चाहिए | This
is related to District Social Welfare office Because candidate not clear exam
to first attempt.
उपरी तौर पर देखने से ही
लग रहा है की
मामला समाज कल्याण विभाग से सम्बंधित है किन्तु उनका यह
पार्ट Because candidate not clear exam to first
attempt.
जिसका भाव यह है
की प्रार्थी प्रथम प्रयास में पास नही हुआ वाक्य संरचना से स्पस्ट है की
उन्हें आंग्ल भाषा का
ज्ञान तो
है नही लेकिन प्रयास कर रहे है किन्तु तिकड़म आती है | श्री मान जी को
ज्ञात हो
की बेक पेपर और
इम्प्रूवमेंट दो
होते है
जो अनुत्तीर्ण होते है
उनका बैक पेपर कहलाता है और
जो पास रहते है
उनका श्रेणी सुधार या
इम्प्रूवमेंट कहलाता है | अगर यह अनुसूचित जाति का छात्र अनुतीर्ण रहता तो छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन
आवेदन कैसे करता और के
.बी.पी.जी. कॉलेज छात्र का आवेदन कैसे
अग्रसारित करता
|
यह एक
अपराधिक षड्यंत्र है छात्र को छात्रवृत्ति से वंचित करने के
लिए |जब की राजाज्ञा स्पस्ट रूप से
कहता है
यदि हल्की गलती हो
तो भी
यह ध्यान रखा जाय की अनुसूचित जाति जनजाति के छात्र यथा संभव छात्रवृत्ति से
वंचित होने पाए | श्री मान जी आप
बताये प्रार्थी द्वारा छात्रवृत्ति की शिकायत की गई
है और
उसका निस्तारण समाज कल्याण विभाग द्वारा होनी है
फिर आप
बताये किस आधार पर
छात्र के
शिकायत का
निस्तारण हो
गया | क्या इसी तरह मुख्यमंत्री कार्यालय जनसुनवाई पोर्टल के
शिकायतों का
बारीकी से
सूक्ष्म परीक्षण करता है
| क्या यही हश्र है जनसुनवाई की शिकायतों का | गरीबो के नाम पर
लूट किसी तरह से
उचित नही है | प्रिय महोदय, आपका ईमेल मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ईमेल पर
प्राप्त हुआ है. यदि आपका ईमेल जनशिकायत श्रेणी का है
तो आपको सविनय अवगत कराना है
कि मुख्यमंत्री कार्यालय, उ०प्र० द्वारा जनता की शिकायतों को दर्ज किए जाने हेतु उ०प्र० सरकार का
आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल जनसुनवाईविकसित किया गया है
जिसका वेब एड्रेस नीचे दिया गया है आपसे निवेदन है कि
अपनी शिकायतों के त्व रित निस्ताजरण हेतु जनसुनवाई पोर्टल का
प्रयोग करें धय्े वाद। मुख्यनमंत्री कार्यालय, उ०प्र०
नोट
वेबसाइट या जनसुनवाई के मोबाइल app के माध्यम से
ऑनलाइन दर्ज की गयी शिकायतों के
निस्तारण की
समीक्षा भी
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा गहनता से की
जाती है
| जनसुनवाई मोबाइल app डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें|
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक
प्राप्त

आवेदन
का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायत अनुभाग – 1(मुख्यमंत्री कार्यालय )
20 – Feb – 2019
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव उच्‍च शिक्षा विभाग
कृपया
शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।
27/02/2019
अनुमोदित
निस्तारित
2
अंतरित
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव (उच्‍च शिक्षा विभाग )
20 – Feb – 2019
रजिस्ट्रार महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी
नियमनुसार
आवश्यक कार्यवाही करें
27/02/2019
This is related to District Social Welfare office Because
candidate not clear exam to first attempt
निस्तारित

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Yogi
1 year ago

चूकि आप को आंग्ल भाषा का ज्ञान तो है नही इसलिए हिन्दी में ही आप को समझाते है | सब से पहली भूल मामला समाज कल्याण विभाग मिर्ज़ापुर से सम्बंधित है इसलिए आप को समाज कल्याण विभाग मिर्ज़ापुर को भेजना चाहिए | This is related to District Social Welfare office Because candidate not clear exam to first attempt. उपरी तौर पर देखने से ही लग रहा है की मामला समाज कल्याण विभाग से सम्बंधित है

Arun Pratap Singh
1 year ago

गरीबो के नाम पर लूट किसी तरह से उचित नही है | प्रिय महोदय, आपका ईमेल मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ईमेल पर प्राप्त हुआ है. यदि आपका ईमेल जनशिकायत श्रेणी का है तो आपको सविनय अवगत कराना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय, उ०प्र० द्वारा जनता की शिकायतों को दर्ज किए जाने हेतु उ०प्र० सरकार का आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल 'जन-सुनवाई' विकसित किया गया है जिसका वेब एड्रेस नीचे दिया गया है – आपसे निवेदन है कि अपनी शिकायतों के त्व रित निस्ताजरण हेतु जनसुनवाई पोर्टल का प्रयोग करें धय्े वाद। मुख्यनमंत्री कार्यालय, उ०प्र० नोट- वेबसाइट या जनसुनवाई के मोबाइल app के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज की गयी शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा भी मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा गहनता से की जाती है | जनसुनवाई मोबाइल app डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें|
फीडबैक की स्थिति: सन्दर्भ पुनर्जीवित

Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

Undoubtedly there is rampant corruption in the government machinery that is why scholarship of students is not reaching to them and accountable public functionaries of the government is adapting lackadaisical approach if someone makes complaints in regard to the corrupt practices prevailed in the government machinery. Think about the gravity of situation that this student has got scholarship two times regularly last two two years i.e. part one and part two and this year they have deprived the student of his his scholarship which is wholly unconstitutional and unjustified.

Beerbhadra Singh
Beerbhadra Singh
7 months ago

Several cases of corruption were exposed but no action was taken by the concerned and accountable public functionaries in the matter which is the mockery of the law of land. Undoubtedly government of Uttar Pradesh adopting a lackadaisical approach in dealing the matter concerned with deep rooted corruption. This implies that this corruption has blessings of the senior accountable public functionaries in the state.