Government is using false affidavits of complainants to dispose of grievances on Jansuwai portal

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
60000190113674
आवेदक कर्ता का
नाम:
Yogi M. P. Singh
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
Matter is concerned with the district supply officer Mirzapur
district who submitted forged affidavit of the applicant to manage the
grievance disposed submitted by the applicant on the august portal of the
government of Uttar Pradesh. Complaint number-40019919024704. For more
detail, vide attached document to the grievance.
नियत तिथि:
24 – Aug – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 30/08/2019को फीडबैक:- श्री मान जी
प्राकृतिक न्याय सिद्धांत कहता है कि
आरोपी अर्थात जिस पर
आरोप लगा हो खुद के आरोपों की जांच करके अपने आप को दोष मुक्त नहीं करता है या
अपने अधीनस्थों के माध्यम से भी खुद को दोष मुक्त नहींकर सकता है
| किसी भीलोक प्राधिकारी के विरुद्ध जांच तो वरिष्ठ अधिकारिओं के निगरानी में
ही की जा सकती है और जिला पुर्ति अधिकारी ने तो सभी को बीच से निकाल फेका एक
झटके में। श्री मान जी जब प्रार्थी को न्याय मिला ही नहीं तो शिकायत का निस्तारण
कैसा
| क्या ऐसा निस्तारण किसी मानक को पूरा करते है
जिसमे ब्यथा निवारण हो ही न और ब्यथा को निस्तारित
मान लिया जाय
| आयुक्त (खाद्य ) 09 – Aug – 2019 जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग कृपया जॉंचोपरान्त आवश्‍यक कार्यवाही करने का कष्ट करें 28/08/2019 कृपया पीजी पोर्टल संदर्भ संख्या 60000190113674 का सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट
करें जिसकी जांच पूर्ति निरीक्षक के द्वारा करायी जा रही है पूर्ति निरीक्षक की
जांच आख्या कार्यालय को उपलब्ध होते ही शिकायतकर्ता को अवगत करा दिया जायेगा।
निस्तारित नियत तिथि
:-24 – Aug – 2019 शिकायत की
स्थिति:निस्तारित श्री मान जी जब नियत तिथि २४अगस्त२०१९ था तो उपरोक्त आख्या २८/०८/ २०१९ क्यों प्रस्तुत गयी ? क्या जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग को समय का
महत्व नहीं मालूम है। निस्संदेह स्वच्छंदता पूर्ण रवैया उपरोक्त अधिकारी महोदय को अनुशासन हीन की श्रेणी में खड़ा करता है
| इनके कनिष्ठ जनसुनवाई पोर्टल के शिकायतों का बिना परिशीलन किये ही निस्तारण करते है
और उपरोक्त अधिकारी महोदय मूकदर्शक बने रहते है सदा |
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक
प्राप्त
आवेदन
का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायत अनुभाग -3( मुख्यमंत्री कार्यालय )
09 – Aug – 2019
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव खाद्य एवं रसद विभाग
कृपया
शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।
28/08/2019
अधीनस्थ
अधिकारी के स्तर पर निस्तारित
निक्षेपित
2
अंतरित
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव (खाद्य एवं रसद विभाग )
09 – Aug – 2019
आयुक्त खाद्य
नियमनुसार
आवश्यक कार्यवाही करें
28/08/2019
अधीनस्थ
अधिकारी के स्तर पर निस्तारित
निक्षेपित
3
अंतरित
आयुक्त (खाद्य )
09 – Aug – 2019
जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग
कृपया
जॉंचोपरान्त आवश्‍यक कार्यवाही करने का कष्ट करें
28/08/2019
कृपया पीजी पोर्टल संदर्भ संख्या 60000190113674
का सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें जिसकी जांच पूर्ति निरीक्षक के
द्वारा करायी जा रही है पूर्ति निरीक्षक की
जांच आख्या कार्यालय को
उपलब्ध होते ही शिकायतकर्ता को अवगत करा दिया जायेगा।
निस्तारित

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019919028800
आवेदक कर्ता का
नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
आवेदन का विवरण शिकायत संख्या-40019919024704 आवेदक कर्ता का नाम:-Yogi M P Singh इस प्रकरण में जिला पुर्ति अधिकारी द्वारा जो
प्रार्थी का
हलफनामा प्रस्तुत किया गया है वह
पूर्ण रूप से जालसाजी है क्यों की वह
हलफनामा प्रार्थी का नहीं है बल्कि कूट रचना करके तैयार किया गया है | ऐसा करके जिलापूर्ति अधिकारी द्वारा महज वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह किया गया है | सोचिये ऐसे अधिकारी की
क्या विश्वसनीयता है जो
उस व्यक्ति का जाली हलफनामा लगा सकता है
जिसे वह
दूर तक
नहीं जानता है | जिलापूर्ति
अधिकारी मिर्ज़ापुर द्वारा प्रस्तुत
हलफनामे का आदि से अंत तक प्रार्थी से कोई सरोकार नहीं है क्यों उनका कोई स्टाफ
आज तक हमसे मिला ही नहीं
| D.S.O. Mirzapur submitted forged documents before the senior
rank officers so he must be subjected to scrutiny under sections 465,466,467,468,469
and 471 of I.P.C.​ ​Section 465 in The Indian Penal Code-Whoever commits
forgery shall be punished with imprisonment of either description for a term
which may extend to two years, or with fine, or with both.​ ​Section 466 in
The Indian Penal Code 466. Forgery of record of Court or of public register,
etc.IPC 467: Section 467 of the Indian Penal Code​ ​Forgery of valuable
security, will, etc.​ ​IPC 468: Section 468 of the Indian Penal Code​
​Forgery for purpose of cheating​. ​Section 469 in The Indian Penal Code 469.
Forgery for purpose of harming reputation.Section 471 in The Indian Penal
Code 471. Using as genuine a forged document or electronic record.
दिनांक 25/07/2019को फीडबैक:- श्री मान जी प्रार्थी को चल
भाष संख्या ९७९३४६२४७१ से फोन किया गया तो प्रार्थी द्वारा उपलब्ध डिटेल से
अवगत कराया गया किन्तु जब इक्षा शक्ति हो
तब तो
कार्य हो
इसलिए समस्त डिटेल वेबसाइट पर हो
जिससे बार बार बहाना कर
सके | आज तो चार बार फोन किये रिंग गया पिक अप
नहीं किये क्यों की
अपने आप
को जनता का नौकर समझते ही
नहीं |यदि नौकर अपने आप
को भूल बस मालिक समझेगा तो
क्या परिणाम अनुकूल होगा | कार्ड धारक का
लड़कादीनानाथ/DINANATH का आधार संख्या – 649444035029, कार्ड धारक का
नातीसत्यम भारतीया का
आधार संख्या – 785295102316
का नाम राशन कार्ड में सूची बद्ध करना है | पात्रता सूची का पू्र्ण विवरण 1.- डिजिटाइज्ड
राशन कार्ड संख्या-219940354159, 2.-कार्ड का प्रकारपात्र गृहस्थी, 3.-दुकानदार का
नामपंचू पासी, 4.-दुकान संख्या– 20690314 5.-धारक का नामश्रीमती इंद्रावाती/INDRAAVAATI, 6.- धारक के
पिता/पति का नामश्री हरीश/Mr. HARISH, 7.-धारक की
माता का
नामश्रीमती सुगिया/SUGIYA, 8.-सदस्यों की कुल संख्या 4-सदस्यों का पू्र्ण विवरण क्रम संख्या, सदस्य का नाम, लिंग धारक से सम्बन्धपिता का
नाम 1-.इंद्रावाती/INDRAAVAATI, महिला, स्वयं, जोखई लाल/JOKHAI LAAL 2.-हरीश/HARISH. पुरूष, सौहर / पति राम वली/RAM VALI 3.-गुंजन/GUNJAN, महिला, बहु, दीनानाथ/DINANATH 4.-अंजलि/ANJALI महिला बेटी हरीश/HARISH
नियत तिथि:
07 – Sep – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:

आवेदन
का
संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
08 – Aug – 2019
जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग
कार्यालय
स्तर पर लंबित

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019919024704
आवेदक कर्ता का
नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
9336252631,9336252631
विषय:
​Whether it is justified to harass the
aggrieved individual Harishchand belonging to weaker and downtrodden section
​by applying various cunning tricks as being done by the district supply
officer Mirzapur quite obvious from the matter of fact that he is
procrastinating since Oct-2018 last year in order to increase two units of
the B.P.L Ration card..
शिकायत संख्या40019919023329​ आवेदक कर्ता का
नाम:Yogi M P Singh​ आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:9336252631,9336252631 विषय:How can it be justified that in order to increase the two units
of a Ration Card, district supply officer may procrastinate for eight months
and still he has not provided the rectified ration card? It is most
unfortunate that through feedback he is apprised with the entire fact but it
seems that every thing is O.K. and when the aggrieved will again submit the
entire records then his units of ration card will be increased. It is
obligatory duty of the concerned staff to increase to two units as it is in
accordance with the law but their procrastination is showing some other
story.
भारतीय संबिधान के अनुच्छेद ५१ के तहत प्रार्थना पत्र | श्री मान जी जनसुनवाई पोर्टल की
अभूतपूर्व गरिमा को कलंकित नहीं कर
रहे है
| आवेदन का विवरण शिकायत संख्या-40019919020730, आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:7379105911 दिनांक 07/06/2019को फीडबैक:- जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग — 06/06/2019
के रिपोर्ट का कुछ अंश तथा अवगत करा दिया गया है
कि वह
अपने सम्स्त अभिलेखों की
छायाप्रति संबंधित आपूर्ति कार्यालय में उपलब्ध करा दे
जिससे फीडिंग का कार्य पूर्ण कराया जा सके। अतः उक्तानुसर प्रकरण निक्षेपित करने का
कष्ट करे। श्री मान जी संलग्नक का प्रथम पेज देखे हरिश्चंद जी
बहुत पढ़े लिखे नहीं है इसलिए इनका पत्र खंड विकास अधिकारी छानवे मिर्ज़ापुर को
सम्बोधित उस
पर तिथि का अंकन नहीं है
प्रार्थी हरिश्चंद द्वारा | उस पत्र को आप
ध्यान से
देखे उस
पर मोहर लगी है
और वह
मोहर जिला पूर्ति कार्यालय मिर्ज़ापुर का
है और
उस मोहर पर तिथि है वह
दिनांक १५/०३/१९ आंग्ल भाषा में डाला गया है वह
उस व्यक्ति द्वारा डाला गया है
जिसने उस
पत्र और
संलग्नको को
रिसीव किया है और
उस व्यक्ति के हस्ताक्षर भी है
| अर्थात जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग का अभिलेखों की छायाप्रति का पुनः मांगना दुर्भाग्य पूर्ण है
और भ्रस्टाचार को बढ़ावा देने वाला है | सम्बंधित पूर्ति निरीक्षक जो
की खंड विकास अधिकारी छानवे के
अधीनस्थ है
इसलिए पत्र में खंड विकास अधिकारी छानवे सम्बोधन सर्वथा उचित है | और यह दो यूनिट पिछले आठ
महीने से
जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर बढ़ा रहे है | Article 14 of the Constitution of India reads
as under: “The State shall not deny to any person equality before the law or
the equal protection of the laws within the territory of India.” Where is
equal protection of law if District Supply Officer is not subjected to the
penal proceedings for harassing the revered senior citizen made repeated
request for the legitimate demand which is obligation of District Supply
Officer Mirzapur. Here aforementioned report is not misleading in which he is
seeking photo copy of the documents which was already in his possession as
made available by the aggrieved Harishchand.​
नियत तिथि:16 – Jul – 2019​ शिकायत की
स्थिति: निस्तारित फीडबैक :दिनांक 21/06/2019को फीडबैक:- प्रसतुत प्रकरण की
जांच क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के द्वारा करायी जा
रही है
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी की
जांच आख्या कार्यालय में उपलबध होने के उपरांत आवेदक को
अवगत करा दिया जायेगा। निस्तारित श्री मान जी
यह जवाब सिर्फ पेस्ट किया जाता है जिला पुर्ति अधिकारी द्वारा तैयार करके रखा है क्योकि यह जवाब जिला पुर्ति अधिकारी द्वारा कई मामलो में जवाब नहीं सूझता यही जवाब लगा देते है | चाहे अब मुख्य मंत्री कार्यालय इस
जवाब को
स्वीकार करे या करे यह उस
पर निर्भर करता है
किन्तु प्रश्न यह उठता है की
क्या उस
दलित व्यक्ति को न्याय मिलेगा जो
पिछले आठ
महीने में में दो
यूनिट बढ़ाने के लिए संघर्ष कर
रहा है
| फीडबैक की स्थिति:फीडबैक प्राप्त
नियत तिथि:
30 – Jul – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
प्राप्त अनुस्मारक
क्र..
अनुस्मारक
प्राप्त दिनांक
1
जिलाधिकारी( मिर्ज़ापुर) 10 – Aug – 2019 जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग कृपया प्रकरण का गंभीरता से पुनः परीक्षण कर
नियमानुसार कार्यवाही करते हुए
15 दिवस
में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई है महोदय आप को ज्ञात हो की आज ३०
अगस्त २०१९ है और आप को १५ दिन का
समय दिया गया था जिलाधिकारी महोदय द्वारा और उस पोर्टल पर जिसका निगरानी खुद
मुख्य मंत्री कार्यालय द्वारा किया जाता है
| महोदय प्रकरण को आप का कार्यालय वर्ष भर से लटकाया है सिर्फ दो यूनिट बीपी एल कार्ड में बढ़ाने है जब की प्रार्थी हरीश अंत्योदय
का हकदार है आप के अधीनस्थों द्वारा अनदेखी की गई और आप मूक दर्शक रहे | श्री मान जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग क्या यह अनुशासनहीनता नहीं है की आप द्वारा वरिष्ठ अधिकारी द्वारा तय समय सीमा उल्लंघन किया
गया और बिना किसी वाजिब कारण के
| सुशासन की राह में आप जैसे अधिकारी ही सब से अधिक बाधक है। धन्यवाद
30 Aug 2019
फीडबैक :
दिनांक 25/07/2019को फीडबैक:- श्री मान जी
प्रार्थी को
चल भाष संख्या ९७९३४६२४७१
से फोन किया गया तो प्रार्थी द्वारा उपलब्ध डिटेल से
अवगत कराया गया किन्तु जब इक्षा शक्ति हो
तब तो
कार्य हो
इसलिए समस्त डिटेल वेबसाइट पर हो
जिससे बार बार बहाना कर
सके | आज तो चार बार फोन किये रिंग गया पिक अप
नहीं किये क्यों की
अपने आप
को जनता का नौकर समझते ही
नहीं |यदि नौकर अपने आप
को भूल बस मालिक समझेगा तो
क्या परिणाम अनुकूल होगा | कार्ड धारक का
लड़कादीनानाथ/DINANATH का आधार संख्या – 649444035029, कार्ड धारक का
नातीसत्यम भारतीया का
आधार संख्या – 785295102316
का नाम राशन कार्ड में सूची बद्ध करना है | पात्रता सूची का पू्र्ण विवरण 1.- डिजिटाइज्ड
राशन कार्ड संख्या-219940354159, 2.-कार्ड का प्रकारपात्र गृहस्थी, 3.-दुकानदार का
नामपंचू पासी, 4.-दुकान संख्या– 20690314 5.-धारक का नामश्रीमती इंद्रावाती/INDRAAVAATI, 6.- धारक के
पिता/पति का नामश्री हरीश/Mr. HARISH, 7.-धारक की
माता का
नामश्रीमती सुगिया/SUGIYA, 8.-सदस्यों की कुल संख्या 4-सदस्यों का पू्र्ण विवरण क्रम संख्या, सदस्य का नाम, लिंग धारक से सम्बन्धपिता का
नाम 1-.इंद्रावाती/INDRAAVAATI, महिला, स्वयं, जोखई लाल/JOKHAI LAAL 2.-हरीश/HARISH. पुरूष, सौहर / पति राम वली/RAM VALI 3.-गुंजन/GUNJAN, महिला, बहु, दीनानाथ/DINANATH 4.-अंजलि/ANJALI महिला बेटी हरीश/HARISH
फीडबैक की स्थिति:
सन्दर्भ
पुनर्जीवित
आवेदन
का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
30 – Jun – 2019
जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग
24/07/2019
प्रस्तुत
प्रकरण के संबंध में अवगत कराना है कि श्री योगी एम०पी०सिंह के मो० न० पर सम्पर्क किया गया और उनके द्वारा यूनिट बढाने के सम्बन्ध में शिकायत किया गया है। आवेदनकर्ता के छुटे हुए सदस्यों के आधार कार्ड की छायाप्रति उपलब्ध कराने हेतु सूचना दे दी गयी है। जिससे वह सन्तुष्टी बताते हुए आवेदन कर्ता का आधार उपलब्ध कराने हेतु कहा गया प्राप्त होते ही यूनिट में शामिल कर लिया जायेगा। सुलभ सन्दर्भ हेतु जांच आख्या आपकी सेवा में सादर प्रेषित।
C-श्रेणीकरण
2
आख्या
जिलाधिकारी( मिर्ज़ापुर)
10 – Aug – 2019
जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग
कृपया प्रकरण का
गंभीरता से
पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई
है
कार्यालय
स्तर पर लंबित

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>
Whether D.S.O. Mirzapur will be punished for this forgery ipso facto obvious?
1 message
Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> 8 August 2019 at 23:39

To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, supremecourt <supremecourt@nic.in>, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, cmup <cmup@up.nic.in>, hgovup@up.nic.in, csup@up.nic.in, uphrclko <uphrclko@yahoo.co.in>


District Supply Officer has only misled the concerned senior rank staffs as aforementioned affidavit is not the affidavit of the applicant Yogi M. P. Singh and the applicant claims that no staff of the district supply office Mirzapur ever met the applicant in any matter.

With great respect to revered Sir, your applicant invites the kind attention of the Hon’ble Sir to the following submissions as follows.

1-It is submitted before the Hon’ble Sir that following grievance has been just submitted on the Jansunwai portal of the government of Uttar Pradesh. Here lacuna  on the part of the portal is that it did not take the attachment submitted with the grievance.

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019919028800
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
आवेदन का विवरण शिकायत संख्या-40019919024704 आवेदक कर्ता का नाम:-Yogi M P Singh इस प्रकरण में जिला पुर्ति अधिकारी द्वारा जो प्रार्थी का हलफनामा प्रस्तुत किया गया है वह पूर्ण रूप से जालसाजी है क्यों की वह हलफनामा प्रार्थी का नहीं है बल्कि कूट रचना करके तैयार किया गया है | ऐसा करके जिलापूर्ति अधिकारी द्वारा महज वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह किया गया है | सोचिये ऐसे अधिकारी की क्या विश्वसनीयता है जो उस व्यक्ति का जाली हलफनामा लगा सकता है जिसे वह दूर तक नहीं जानता है | जिलापूर्ति अधिकारी मिर्ज़ापुर द्वारा प्रस्तुत हलफनामे का आदि से अंत तक प्रार्थी से कोई सरोकार नहीं है क्यों उनका कोई स्टाफ आज तक हमसे मिला ही नहीं | D.S.O. Mirzapur submitted forged documents before the senior rank officers so he must be subjected to scrutiny under sections 465,466,467,468,469 and 471 of I.P.C. Section 465 in The Indian Penal Code-Whoever commits forgery shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to two years, or with fine, or with both. Section 466 in The Indian Penal Code 466. Forgery of record of Court or of public register, etc.IPC 467: Section 467 of the Indian Penal Code Forgery of valuable security, will, etc. IPC 468: Section 468 of the Indian Penal Code Forgery for purpose of cheating. Section 469 in The Indian Penal Code 469. Forgery for purpose of harming reputation.Section 471 in The Indian Penal Code 471. Using as genuine a forged document or electronic record. दिनांक 25/07/2019को फीडबैक:- श्री मान जी प्रार्थी को चल भाष संख्या ९७९३४६२४७१ से फोन किया गया तो प्रार्थी द्वारा उपलब्ध डिटेल से अवगत कराया गया किन्तु जब इक्षा शक्ति हो तब तो कार्य हो इसलिए समस्त डिटेल वेबसाइट पर हो जिससे बार बार बहाना कर सके | आज तो चार बार फोन किये रिंग गया पिक अप नहीं किये क्यों की अपने आप को जनता का नौकर समझते ही नहीं |यदि नौकर अपने आप को भूल बस मालिक समझेगा तो क्या परिणाम अनुकूल होगा | कार्ड धारक का लड़कादीनानाथ/DINANATH का आधार संख्या – 649444035029, कार्ड धारक का नातीसत्यम भारतीया का आधार संख्या – 785295102316 का नाम राशन कार्ड में सूची बद्ध करना है | पात्रता सूची का पू्र्ण विवरण 1.- डिजिटाइज्ड राशन कार्ड संख्या-219940354159, 2.-कार्ड का प्रकारपात्र गृहस्थी, 3.-दुकानदार का नामपंचू पासी, 4.-दुकान संख्या– 20690314 5.-धारक का नामश्रीमती इंद्रावाती/INDRAAVAATI, 6.- धारक के पिता/पति का नामश्री हरीश/Mr. HARISH, 7.-धारक की माता का नामश्रीमती सुगिया/SUGIYA, 8.-सदस्यों की कुल संख्या 4-सदस्यों का पू्र्ण विवरण क्रम संख्या, सदस्य का नाम, लिंग धारक से सम्बन्धपिता का नाम 1-.इंद्रावाती/INDRAAVAATI, महिला, स्वयं, जोखई लाल/JOKHAI LAAL 2.-हरीश/HARISH. पुरूष, सौहर / पति राम वली/RAM VALI 3.-गुंजन/GUNJAN, महिला, बहु, दीनानाथ/DINANATH 4.-अंजलि/ANJALI महिला बेटी हरीश/HARISH
नियत तिथि:
07 – Sep – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
08 – Aug – 2019
जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग
अनमार्क







2-It is submitted before the Hon’ble Sir that Section 465 in The Indian Penal Code
465. Punishment for forgery.—Whoever commits forgery shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to two years, or with fine, or with both.
3-It is submitted before the Hon’ble Sir that Section 466 in The Indian Penal Code 466. Forgery of record of Court or of public register, etc.—1[Whoever forges a document or an electronic record], purporting to be a record or proceed­ing of or in a Court of Justice, or a register of birth, baptism, marriage or burial, or a register kept by a public servant as such, or a certificate or document purporting to be made by a public servant in his official capacity, or an authority to institute or defend a suit, or to take any proceedings therein, or to confess judgment, or a power of attorney, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to seven years, and shall also be liable to fine. 1[Explanation.—For the purposes of this section, “register” includes any list, data or record of any entries maintained in the electronic form as defined in clause (r) of sub-section

4-It is submitted before the Hon’ble Sir that IPC 467: Section 467 of the Indian Penal Code



Forgery of valuable security, will, etc.


Whoever forges a document which purports to be a valuable security or a will, or an authority to adopt a son, or which purports to give authority to any person to make or transfer any valuable security, or to receive the principal, interest or dividends thereon, or to receive or deliver any money, movable property, or valuable security, or any document purporting to be an acquittance or receipt acknowledging the payment of money, or an acquittance or receipt for the delivery of any movable property or valuable security, shall be punished with 1 *imprisonment for life, or with imprisonment of either description for a term which may extend to ten years, and shall also be liable to fine.


5-It is submitted before the Hon’ble Sir that IPC 468: Section 468 of the Indian Penal Code

Forgery for purpose of cheating

Whoever commits forgery, intending that the document forged shall be used for the purpose of cheating, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to seven years, and shall also be liable to fine.

6-It is submitted before the Hon’ble Sir that Section 469 in The Indian Penal Code

469. Forgery for purpose of harming reputation.—Whoever commits forgery, 1[intending that the document or electronic record forged] shall harm the repu­tation of any party, or knowing that it is likely to be used for that purpose, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to three years, and shall also be liable to fine.

7-It is submitted before the Hon’ble Sir that Section 471 in The Indian Penal Code

471. Using as genuine a forged 1[document or electronic record].—Whoever fraudulently or dishonestly uses as genuine any 1[document or electronic record] which he knows or has reason to believe to be a forged 1[document or electronic record], shall be punished in the same manner as if he had forged such 1[document or electronic record].

                          This is a humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that It can never be justified to overlook the rights of the citizenry by delivering services in an arbitrary manner by floating all set up norms. This is sheer mismanagement which is encouraging wrongdoers to reap the benefit of loopholes in the system and depriving poor citizens of the right to justice. Therefore it is need of the hour to take concrete steps in order to curb grown anarchy in the system. For this, your applicant shall ever pray you, Hon’ble Sir.

Date-08/08/2019                                          Yours sincerely

                            Yogi M. P. Singh Mobile number-7379105911

Mohalla-Surekapuram, Jabalpur Road District-Mirzapur, Uttar Pradesh, India.



2 attachments
Fake affidavit of Yogi M. P. Singh submitted by DSO.pdf
540K
Ration card.pdf
243K

3 comments on Government is using false affidavits of complainants to dispose of grievances on Jansuwai portal

  1. Matter is concerned with the district supply officer Mirzapur district who submitted forged affidavit of the applicant to manage the grievance disposed submitted by the applicant on the august portal of the government of Uttar Pradesh. Complaint number-40019919024704. For more detail, vide attached document to the grievance.

  2. Why they are not considering the feedback of the applicant is not reflecting the rampant corruption in the government machinery?
    फीडबैक : दिनांक 30/08/2019को फीडबैक:- श्री मान जी प्राकृतिक न्याय सिद्धांत कहता है कि आरोपी अर्थात जिस पर आरोप लगा हो खुद के आरोपों की जांच करके अपने आप को दोष मुक्त नहीं करता है या अपने अधीनस्थों के माध्यम से भी खुद को दोष मुक्त नहींकर सकता है | किसी भीलोक प्राधिकारी के विरुद्ध जांच तो वरिष्ठ अधिकारिओं के निगरानी में ही की जा सकती है और जिला पुर्ति अधिकारी ने तो सभी को बीच से निकाल फेका एक झटके में। श्री मान जी जब प्रार्थी को न्याय मिला ही नहीं तो शिकायत का निस्तारण कैसा | क्या ऐसा निस्तारण किसी मानक को पूरा करते है जिसमे ब्यथा निवारण हो ही न और ब्यथा को निस्तारित मान लिया जाय | आयुक्त (खाद्य ) 09 – Aug – 2019 जिला पूर्ति अधिकारी-मिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग कृपया जॉंचोपरान्त आवश्‍यक कार्यवाही करने का कष्ट करें 28/08/2019 कृपया पीजी पोर्टल संदर्भ संख्या 60000190113674 का सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें जिसकी जांच पूर्ति निरीक्षक के द्वारा करायी जा रही है पूर्ति निरीक्षक की जांच आख्या कार्यालय को उपलब्ध होते ही शिकायतकर्ता को अवगत करा दिया जायेगा। निस्तारित नियत तिथि:-24 – Aug – 2019 शिकायत की स्थिति:निस्तारित श्री मान जी जब नियत तिथि २४-अगस्त-२०१९ था तो उपरोक्त आख्या २८/०८/ २०१९ क्यों प्रस्तुत गयी ? क्या जिला पूर्ति अधिकारी-मिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग को समय का महत्व नहीं मालूम है। निस्संदेह स्वच्छंदता पूर्ण रवैया उपरोक्त अधिकारी महोदय अनुशासन हीन की श्रेणी में खड़ा करता है | इनके कनिष्ठ जनसुनवाई पोर्टल के शिकायतों का बिना परिशीलन किये ही निस्तारण करते है और उपरोक्त अधिकारी महोदय मूकदर्शक बने रहते है सदा |
    फीडबैक की स्थिति: फीडबैक प्राप्त

  3. Here role of accountable public functionaries of government of Uttar Pradesh is quite negative as they are supporting the wrongdoings in the department by keeping its mouth shut by overlooking the wrongdoings of the subordinates at the district level so action must be taken against those accountable public functionaries who are supporting wrongdoings at the district level which is quite obvious from this matter that subordinate staff at the district level submitted the forged affidavit of public spirited person Yogi M P Singh which is not acceptable to the law of land but because these corrupt public functionaries accepted the forged affidavit of the those who supported the forged documents submitted on the jansunwai portal government of Uttar Pradesh which is the August portal of the state and accountable public functionaries as well as Chief Minister Office proud ofa it and this august portal.

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