Forged report and irregularity is quite common in mid day meal scheme of government.


Undoubtedly forged reports are being made in
the mid day meal scheme but concerned are not taking action even after
complaint with solid and strong evidence.

एमडीएम में फर्जी अंकन का खेल
रविवार, 27 अप्रैल 2014
Mirzapur
Updated
@ 5:30 AM IST
मिर्जापुर। जिले के विद्यालयों में एमडीएम संचालन में फर्जी अंकन का खेल
चल रहा है। उपस्थिति रजिस्टर के सापेक्ष एमडीएम पंजिका में फर्जी अंकन कर लाखों की
चपत लगाई जा रही है। साथ ही गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं
विद्यालयों में मानक के अनुसार बच्चों को भोजन नहीं मिल रहा है। बीएसए गत दिनों
विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान उपस्थिति के सापेक्ष एमडीएम पंजिका में अधिक अंकन
को भी पकड़ चुके हैं।
जिले के 1611 प्राथमिक, 599 उच्च प्राथमिक, 24
सहायता प्राप्त, 52 माध्यमिक सहायता प्राप्त, छह
राजकीय तथा तीन मदरसों सहित
2295 विद्यालयों
में एमडीएम संचालित है। इसके तहत कुल तीन लाख
21 हजार 928 बच्चे लाभान्वित
हो रहे हैं। विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन बनाने के लिए रसोईयों को एक हजार
प्रतिमाह पर रखा गया है। लेकिन फर्जी अंकन से विद्यालयों द्वारा विभाग को लाखों
रुपये की चपत लगाई जा रही है। प्राथमिक विद्यालय केहुनिया में निरीक्षण के दौरान
बीएसए को
45 छात्र उपस्थित मिले।
जबकि उपस्थिति पंजिका पर
130 अंकित
थे। जिसके सापेक्ष एमडीएम पंजिका में
91 छात्रों का अंकन किया गया था। फर्जी अंकन करके अध्यापक द्वारा दोगुने का
लाभ लेकर सरकार को आर्थिक क्षति पहुंचाई जा रही है। यह तो बानगी मात्र थी। इसी
प्रकार रामापुर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कछवां
, पूर्व माध्यमिक विद्यालय तुलापुर, प्राथमिक विद्यालय तुलापुर, लालगंज ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय राजापुर व लहंगपुर, प्राथमिक विद्यालय लहंगपुर, मुंशीपुर, केहुनिया और कलवारी में निरीक्षण के दौरान छात्र उपस्थिति के सापेक्ष
एमडीएम पंजिका में फर्जी अंकन को पकड़ा गया।
Whether any action was taken by the Government headed by Akhilesh
Yadav.
 1-It is submitted before the Hon’ble Sir that on 26-Dec-2012 during
the hearing of second appeal in the U.P.S.I.C. ,neither B.S.A. Mirzapur nor his
representative presented the view point before the commission that why they
provided the misleading information to your applicant that cooks in Nibi
Gaharwar village panchayat both in boys and girls primary schools are paid
through cheques as required by the Government Order issued by state government
but actual fact is that cooks were provided cash as emoluments of salary by
Gram Pradhan thus violated the issued Government Order.
                                                                                          2-It is
submitted before the Hon’ble Sir that on
 19-June-2013 ,U.P.S.I.C. has fixed next date of hearing with the
direction to appear before the commission in person on fixed date and explain
the cause that why did he make available misleading and false information to
your applicant.
                   3-It is
submitted before the Hon’ble Sir that B.S.A. Mirzapur is well apprised with the
fact that he will not be penalized
  by the commission if penalized then D.M. Mirzapur will not recover
the penalty as these these letters are sent through ordinary post and ordinary
letters never reach on destination if not favourable. The officers who don’t
care Government Order ,how they can be afraid of pecuniary penalty. Your
applicant is attending the proceeding of commission since two years.
Uttar Pradesh Human Rights Commission took the
cognizance of Human Rights violation and sent the notice to Commissioner ,
Azamgarh division ,Azamgarh with the order to comply within one month.  
Here is the notice as
served to aforesaid officer which content is as follows.
 
Uttar Pradesh Human Rights Commission
Human Rights Building , TC 34 V -1,Vibhooti Khand
, Gomati Nagar , Lucknow.
       
                    
Notice 
      Case No.22544(50)/2013-2014/REP  Dated-31/03/2014
     
अधपके भोजन से हुई अपचसीएमओ
गुरुवार, 13 मार्च 2014
Azamgarh
Updated
@ 5:31 AM IST
विद्यालय में फूड प्वायजनिंग से बच्चों की हालत गंभीर होने की सूचना मिलते
ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया था। मुख्य चिकित्साधिकारी डा
बीबी सिंहबेसिक शिक्षा अधिकारी राकेशखाद्य निरीक्षक अभय कुमार आदि मौके पर पहुंच गए। सीएमओ ने बताया कि जांच
में पाया गया कि रात को जो भोजन बना था
वह अधपका थाउसे खाने
से बच्चों को अपच हो गई। भोजन का नमूना लिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी
के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
D.M. Mirzapur requested to commissioner ,Rural development ,Uttar
Pradesh , Lucknow through letter 947 dated 13.01.2014 that imposed penalty may
be deducted from the salary of aforesaid B.D.O. and may be deposited to
treasury and be apprised to section officer PMO, under secretary CMO and
personal secretary to chief secretary. Likewise D.M. Mirzapur 
requested to Director , Basic Education , Uttar Pradesh , Lucknow
through letter 948 dated 13.01.2014 that imposed penalty may be deducted from
the salary of aforesaid B.S.A. and may be deposited to treasury and be apprised
to section officer PMO, under secretary CMO and personal secretary to chief
secretary . Please take a glance of attached PDF. Whether complainant will not
be made available sought information. In two financial years ,only three
penalties have been made by UPSIC and not a coin was recovered by government
functionaries still and now indirectly D.M. Mirzapur is overlooking the
complainant to whom he has to furnish access to information.
Hon’ble Sir that
Hon’ble Sir please take the perusal of Amar Ujala daily ,page-7 on Wednesday
i.e. 23-April-2014 . According to report, in primary school situated at Gram
panchayat Bhadawal , Block-Jamalpur in District-Mirzapur , children
demonstrated by beating plate and thali when served bad quality third grade mid
day meal by the department of primary education ,government of Uttar
Pradesh 
1-It is submitted before the Hon’ble Sir
that
 assistant
director basic education Varanasi sought evidences in support of representation
made by your applicant through e-mail dated 20.5.2013 by sending registered
post dated-28.9.2013 to your applicant which was made available by postman
today. Which is the first page of attached PDF-B.S.A. made the mockery of
Government order.  

2 comments on Forged report and irregularity is quite common in mid day meal scheme of government.

  1. मिर्जापुर। जिले के विद्यालयों में एमडीएम संचालन में फर्जी अंकन का खेल चल रहा है। उपस्थिति रजिस्टर के सापेक्ष एमडीएम पंजिका में फर्जी अंकन कर लाखों की चपत लगाई जा रही है। साथ ही गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं विद्यालयों में मानक के अनुसार बच्चों को भोजन नहीं मिल रहा है। बीएसए गत दिनों विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान उपस्थिति के सापेक्ष एमडीएम पंजिका में अधिक अंकन को भी पकड़ चुके हैं।
    जिले के 1611 प्राथमिक, 599 उच्च प्राथमिक, 24 सहायता प्राप्त, 52 माध्यमिक सहायता प्राप्त, छह राजकीय तथा तीन मदरसों सहित 2295 विद्यालयों में एमडीएम संचालित है। इसके तहत कुल तीन लाख 21 हजार 928 बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन बनाने के लिए रसोईयों को एक हजार प्रतिमाह पर रखा गया है। लेकिन फर्जी अंकन से विद्यालयों द्वारा विभाग को लाखों रुपये की चपत लगाई जा रही है। प्राथमिक विद्यालय केहुनिया में निरीक्षण के दौरान बीएसए को 45 छात्र उपस्थित मिले। जबकि उपस्थिति पंजिका पर 130 अंकित थे। जिसके सापेक्ष एमडीएम पंजिका में 91 छात्रों का अंकन किया गया था। फर्जी अंकन करके अध्यापक द्वारा दोगुने का लाभ लेकर सरकार को आर्थिक क्षति पहुंचाई जा रही है। यह तो बानगी मात्र थी। इसी प्रकार रामापुर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कछवां, पूर्व माध्यमिक विद्यालय तुलापुर, प्राथमिक विद्यालय तुलापुर, लालगंज ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय राजापुर व लहंगपुर, प्राथमिक विद्यालय लहंगपुर, मुंशीपुर, केहुनिया और कलवारी में निरीक्षण के दौरान छात्र उपस्थिति के सापेक्ष एमडीएम पंजिका में फर्जी अंकन को पकड़ा गया।

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