For six months, shopkeeper procrastinated by keeping wardrobe in shop now wants returned without renovation

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019917002422
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi
M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
Subject-Matter is concerned with renovationrepair
of cupboard wardrobe (Almirah) by Lucky Steel House, Address-Satti Road,
Tedhineem ,District-Mirzapur, Uttar Pradesh
श्री
मान जी लकी स्टील हाउस
के प्रोपराईटर बिरजू यादव
जो की अलमारी बक्सा ,कूलर ,ड्रम ,रैक इत्यादि सामानों के थोक फुटकर विक्रेता है और जिनका पता सत्ती रोड ,टेढ़ी नीम ,जनपद मिर्ज़ापुर है | चल भाष ९६९६९६९७१४ और ९५०६७५२५०४ पिछले छह महीने से अलमारी बना रहे है और अभी तक नही बना पाए पूछने पर कहते है मजदूर नही मिल रहे है क्या
यह आश्चर्य जनक नही है | क्या उपभोक्ता हितो
के लिए सरकार ने कोई मानक नही तैयार किये है | Most revered Sir –Your
applicant invites the kind attention of Hon’ble Sir with due respect to
following submissions as follows 1-It is submitted before the Hon’ble Sir
that
श्री मान जी पिछले वर्ष
दिसम्बर महीने में तांत्रिक श्री के पी सिंह जी मोहल्ला सुरेकापुरम ,जबलपुर रोड के यहां नई अलमारी ले कर आये थे और लौटते समय प्रार्थी का अलमारी ले गये मरम्मत वास्ते | शुरू में शादी विवाह में व्यस्त होने की बात करते थे इसलिए मजदूर नही मिल रहे थे किन्तु अब शादी
विवाह का सीजन समाप्त हो गया फिर भी अभी तक अलमारी नही पहुचाए बहाना पुराना मजदूर नही मिल रहे है | प्रश्न यह उठता
है जब मजदूर नही है तो दूकान क्यों खोल कर बैठे हो क्या
सभी लोगो
को परेशान करने के लिए दूकान खोल रखी है | 2-It is submitted before the Hon’ble Sir that एक दिन प्रार्थी दूकान पे गया तो दूकान बंद थी लोगो ने बताया घर बगल में है जब प्रार्थी वहां पहुचा एक भयंकर कुता दरवाजे पर बधा था जिसे देखने से भय लग रहा था मुझे देख कर और तेज भौकने लगा तब कुत्ता और भयंकर दीखने लगा अब अगल बगल के लोग हम दोनों की ओर देखने लगे तब दो लोग आये पूछे क्या काम है हम लोगो
ने मिलने की इक्षा जाहिर की वे सन्देश ले कर अन्दर गये कुछ देर बाद बाहर आये तो कहने लगे कल दूकान खुलेगी वही पर आप लोग मिले | 3-It
is submitted before the Hon’ble Sir that
श्री
मान जी प्रार्थी के पास प्रमाण के नाम पर बिरजू यादव
का विजिटिंग कार्ड है क्यों की अलमारी रिपेयरिंग के लिए ले जाना
क्रेडिट पर करते है और विजिटिंग कार्ड इस प्रत्यावेदन के साथ संलग्न कर दिए है | श्री मान जी प्रार्थी की सारी
बुक्स बाहर
पड़ी है और इसी प्रकार बिरजू यादव
ने लापरवाही दिखाई तो कई किताबो को चूहे बर्बाद कर देंगे | This
is a humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be
justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy,
lawlessness and chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law of
land There is need of hour to take harsh steps against the wrongdoer in order
to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for
healthy and prosperous democracy For this, your applicant shall ever pray
you, Hon’ble Sir Yours sincerely Yogi M P Singh, Mobile number-7379105911,
Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin
code-231001
नियत तिथि:
26
– Jul – 2017
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 16/07/2017
को फीडबैक:- शिकायत संख्या 40019917002422
,
आवेदक कर्ता का नाम: Yogi M P Singh आवेदक कर्ता का मोबाइल न०: 7379105911 Hon’ble Sir –Right
to justice is fundamental right under article 32 in the Constitution of
India. 1-Proprietor of shop made allegation that your aggrieved applicant
made complaint against his illegal and unnatural dealings merely to harass
him but at the same time he forgot that whatever fact revealed in the
complainant were found to be true consequently in order to seek justice from
the government against the encroachments legal rights of your applicant is
his legitimate duty. 2-Concerned proprietor procrastinating on the raised
issue since six months, whether your applicant was not being harassed by
proprietor and now by merely submitting the complaint by explaining the true
facts to the competent authorities, your applicant has harassed the
proprietor is not ridiculous and shopkeeper instead of pursuing the set up
norms of business now denying the renovation of wardrobe. 3-According to
public authority, concerned shop is registered. Whether once a shop is
registered in the office of public authority, proprietor is free to propagate
its business unethically without pursuing the set up standard norms
consequently proprietor may engage to encroach the consumer rights of
citizenry? Everyone knows that there are certain guidelines which are
fulfilled by seeker of registration certificate before a registering
authority. Here your applicant is seeking justice not damages for betterment
of society.
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
नियत
दिनांक
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
11
– Jul – 2017
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
15
– Jul – 2017
सहमत
निस्तारित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
12
– Jul – 2017
उपायुक्तमिर्ज़ापुर,वाणिज्य कर विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें सहमत
15
– Jul – 2017
जन सुनवाई से सम्ब न्धित आख्या ४००१९९१७००२४२२ दिनांक १२ जूलाई २०१७ जो योगी एम0पी0 सिंह मीरजापुर द्वारा शिकायत के संबन्धं मे है 1 उक्त के क्रम मे अवगत कराना है कि ब्यापार स्थल की मौके पर जाकर जॉच किया गया , जाचोपरान्तु
पता चला
कि ग्राहक द्वारा ब्या पारी को आलमारी की मरम्मत का कार्य दिया गया
था 1 जो ब्यापारी द्वारा पुरा करने पर ग्राहक द्वारा शिकायत किया गया
है 1 यह ग्राहक और व्या पारी का आपसी विबाद है , जो वाणिज्य कर कार्यालय के परिधि से बाहर है 1 अतः मौके पर जॉच
के उपरान्त कोई प्रतिकूल तथ्य नही
पाया गया
1
निस्तारित

2 comments on For six months, shopkeeper procrastinated by keeping wardrobe in shop now wants returned without renovation

  1. Concerned proprietor procrastinating on the raised issue since six months, whether your applicant was not being harassed by proprietor and now by merely submitting the complaint by explaining the true facts to the competent authorities, your applicant has harassed the proprietor is not ridiculous and shopkeeper instead of pursuing the set up norms of business now denying the renovation of wardrobe.

  2. According to public authority, concerned shop is registered. Whether once a shop is registered in the office of public authority, proprietor is free to propagate its business unethically without pursuing the set up standard norms consequently proprietor may engage to encroach the consumer rights of citizenry? Everyone knows that there are certain guidelines which are fulfilled by seeker of registration certificate before a registering authority. Here your applicant is seeking justice not damages for betterment of society.

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