Condition of vulnerable section, too much deplorable because of reluctant approach of accountable staffs

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समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली, उत्तर प्रदेश
सन्दर्भ संख्या:-40019918000316
आवेदनकर्ता का विवरण :
नाम : Nisha पिता/पति का नाम : Hori Lal  लिंग : स्त्री
मोबाइल नंबर-1 : 8687094297 मोबाइल नंबर-2 : 8687094297 ईमेल : yogimpsingh@gmail.com
क्षेत्र : नगरीय प्रदेश : उत्तर प्रदेश जनपद : मिर्ज़ापुर
तहसील : सदर ब्लाक : —- ग्राम पंचायत : —-
थाना : कोतवाली सिटी Address : तहसील-सदर, जिला-मिर्ज़ापुर
शिकायत/सुझाव क्षेत्र की जानकारी :
क्षेत्र : नगरीय प्रदेश : उत्तर प्रदेश जनपद : मिर्ज़ापुर
तहसील : सदर ब्लाक : ग्राम पंचायत : —-
ग्राम : 0 थाना : कोतवाली सिटी
आवेदन का विवरण :
आवेदन पत्र का विवरण :
सन्दर्भ का प्रकार : शिकायत अधिकारी : जिलाधिकारी विभाग : राजस्व एवं आपदा विभाग
सन्दर्भ श्रेणी : भ्रष्टाचार / वित्तीय अनियमितता/कार्यों-विभागीय योजनाओं में लापरवाही/जांच Application Old Reference No : 40019917008595
संलग्नक : है
आवेदन
का विवरण
शिकायत संख्या
40019918000316
आवेदक कर्ता का नाम:
Nisha
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
8687094297,8687094297
विषय:
According to report of Lekhpal annual income of the
applicant is Rs59000 but according to social welfare officer, this income
must be Rs56460 which means Rs2540 greater than the fixed limitश्री मान जी लेखपाल महोदय मुझ मृत्यु की कगार
पर खड़ी बुजुर्ग की आय को ५९००० बता कर क्या भद्दा मजाक नही किया जो अपना शरीर
नही सभाल सकता है वह ५९ हजार सालाना कैसे कमा सकता है
| श्री
मान जी अटल जी के सरकार में बुजुर्गो की स्थिति बहुत बहस हुई यह भी कहा गया की
लड़के तो अपने बुजुर्ग माता पिता का ख्याल करते नही इसलिए उनको बृद्धा पेंशन
मिलना ही चाहिए और उन्होंने बृद्धा पेंशन की राशि भी बढ़ा दी और आज जब भारतीय
जनता पार्टी की सरकार केंद्र और राज्य दोनों में है तो लेखपाल जिसका काम जमीन की
पैमाइश करना है तहसील में बैठ कर लोगो की आय तय कर देता है
| श्री
मान जी जो सरकारी सेवारत है अर्थात जिनका आय रुपया
250000 से ऊपर है उनको बृद्धा बहुत आसानी से मिलता है बहुत विरोध होने के
बाद कभी कभी किसी का कट जाता है कभी वह भी नही कटता है
| Most revered Sir –Your applicant
invites the kind attention of Hon’ble Sir with due respect to following
submissions as follows 1-It is submitted before the Hon’ble Sir that श्री मान जी उपजिलाधिकारी महोदय सदर किस आधार
पर प्रार्थी की आय दिनांक १८११२०१७ को रूपया ५९ हजार वार्षिक थी और दिनांक
१५१२२०१७ को रुपया ६० हजार वार्षिक था

| श्री मान जी उपजिलाधिकारी
महोदय क्या उन मानको की ब्याख्या जनहित में जनता के समक्ष लायेंगे
|श्री
मान जी प्रमाण के तौर पर दोनों आय प्रमाण पत्र की स्कैन कापी संलग्न है
| 2-It is submitted before the Hon’ble
Sir that श्री मान जी शिवम्
वर्मा मेरा पोता है उसकी आय ४२००० रुपये वार्षिक है यह आय प्रमाण पत्र १७०६२०१५
को सदर तहसील मिर्ज़ापुर द्वारा जारी किया गया
| चू कि
उपजिलाधिकारी महोदय और उनका स्टाफ महगाई के आधार पर आय प्रमाण पत्र जारी करते है
इसलिए क्या उनके अनुसार दो वर्षो में महगाई क्या ४४ प्रतिशत बढ़ गई या तहसील का
कमीशन बढ़ गया
| कृपया आय प्रमाण पत्र के स्कैन कॉपी का अवलोकन
करे जो पीडीऍफ़ डाक्यूमेंट्स के साथ संलग्न है
| 3-It is submitted before the Hon’ble Sir that राशन कार्ड के अनुसार परिवार का वार्षिक आय ३८
हजार वार्षिक है किन्तु मुझ बृद्धा से क्यों उपजिलाधिकारी महोदय खार खाए हुए है
की ऐसा आय प्रमाण पत्र बना रहे है की मुझे इस जीवन में लगता है कभी बृद्धा पेंशन
नसीब नही होगा
| This is
sheer mismanagement which is encouraging wrongdoers to reap the benefit of
loopholes in the system and depriving poor citizens of the right to justice
Therefore it is need of the hour to take concrete steps in order to curb
grown anarchy in the system For this, your applicant shall ever pray you,
Honble Sir Yours sincerely Nisha WO Late Hori Lal, House no20, the resident
of Upadhyay ki Pokhari, Ward-Chaubey tola, Mirzapur city, District-Mirzapur,
Pincode-231001, Uttar Pradesh, India
नियत तिथि:
21
– Jan – 2018
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित
विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
नियत दिनांक
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
06 – Jan – 2018
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
अनमार्क

From
<http://jansunwai.up.nic.in/TrackGraviancePopup.aspx?complainno=40019918000316&Emaild=yogimpsingh@gmail.com&IsOldNew=N&Type=2

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

According to report of Lekhpal annual income of the applicant is Rs59000 but according to social welfare officer, this income must be Rs56460 which means Rs2540 greater than the fixed limitश्री मान जी लेखपाल महोदय मुझ मृत्यु की कगार पर खड़ी बुजुर्ग की आय को ५९००० बता कर क्या भद्दा मजाक नही किया जो अपना शरीर नही सभाल सकता है वह ५९ हजार सालाना कैसे कमा सकता है | श्री मान जी अटल जी के सरकार में बुजुर्गो की स्थिति बहुत बहस हुई यह भी कहा गया की लड़के तो अपने बुजुर्ग माता पिता का ख्याल करते नही इसलिए उनको बृद्धा पेंशन मिलना ही चाहिए और उन्होंने बृद्धा पेंशन की राशि भी बढ़ा दी और आज जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार केंद्र और राज्य दोनों में है तो लेखपाल जिसका काम जमीन की पैमाइश करना है तहसील में बैठ कर लोगो की आय तय कर देता है | श्री मान जी जो सरकारी सेवारत है अर्थात जिनका आय रुपया 250000 से ऊपर है उनको बृद्धा बहुत आसानी से मिलता है बहुत विरोध होने के बाद कभी कभी किसी का कट जाता है कभी वह भी नही कटता है |

Preeti Singh
2 years ago

नियत तिथि: 21 – Jan – 2018
शिकायत की स्थिति: लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:
आवेदन का संलग्नक
संलग्नक देखें
संलग्नक देखें
अग्रसारित विवरण-
क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या नियत दिनांक स्थिति आख्या रिपोर्ट
1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 06 – Jan – 2018 जिलाधिकारी-मिर्ज़ापुर, — अधीनस्थ को प्रेषित
2 आख्या जिलाधिकारी ( ) 07 – Jan – 2018 उप जिलाधि‍कारी -सदर,जनपद-मिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें अधीनस्थ को प्रेषित
3 आख्या उप जिलाधि‍कारी (राजस्व एवं आपदा विभाग ) 08 – Jan – 2018 तहसीलदार -सदर,जनपद-मिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें कार्यालय स्तर पर लंबित

Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

Undoubtedly the funds for old age people must reach to them instead of syphoning it in the middle path or creating hindrances l order to pressurize for bribe as it is well known fact.Whether it is justified that those drawing huge salary from public exchequer are not contented and in syphoning public funds illegally.