By using previous report, B.S.A. Mirzapur managed to get disposed new amended public spirited grievance

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019918008572
आवेदक कर्ता का नाम:
योगी एम पी सिंह
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
मै शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रस्टाचार से बहुत ब्यथित हूँ जिसमे अधिकारी और प्रबंध तंत्र मिल कर गरीब अभिभावकों का शोषण कर रहा है |श्री मान जी कमीशन मिलता है प्रति छात्र वह बहुत छोटी रकम किताब की मूल्य की तुलना में |चुकी नगर क्षेत्र में बहुत से विद्यालय है इसलिए प्रति विद्यालय १०००० रुपये भी मिला तो सोचिये पूरे नगर से कितनी काली कमाई हो रही है | मेरी प्रिसिपल से कोई दुश्मनी नही है और सारे नर्सिंग स्कूलों
के प्रबंध तंत्र और प्रधानाचार्यों से भी कोई दुश्मनी नही है किन्तु अभिभावकों का इतने बड़े स्तर पर शोषण मुझे बर्दास्त नही है | श्री मान जी पत्रांक ३३७ दिनांक१२०४२०१८ जो की जिलाधिकारी मिर्ज़ापुर को संबोधित है पूर्ण रूप से मनगढ़ंत और भ्रामक है और ऐसे रिपोर्टो पर पूर्ण रूप से अंकुश लगना चाहिए | श्री मान जी यदि इस वर्ष ही ऐसा हुआ है तो श्री मान जी पिछले चार वर्षो से प्रार्थी क्यों प्रत्यावेदन प्रस्तुत कर रहा है इस सन्दर्भ में और नगर शिक्षा अधिकारी इसी तरह गोल मटोल जवाब दे रहे है | श्री मान जी नगर शिक्षा हमें बताए की कक्षा सात में कितनी पुस्तके चलती है | इस वर्ष सम्बंधित प्रबंध तंत्र ने कितनी पुस्तके बदली है उनके नाम क्या है उनके लेखक का नाम क्या है |और कितनी पुरानी पुस्तके
चल रही है उनका भी डिटेल उपलब्ध कराये |पुराना पाठ्यक्रम नया पाठ्यक्रम दोनों उपलब्ध कराये और यदि पाठ्यक्रम में कोई परिवर्तन नही हुआ है तो टेक्स्ट बुक बदलने का कोई प्रश्न ही नही उठता | पिछले पांच वर्षो से कोई ऐसा वर्ष नही है एक दो किताबे छोड़ कर पूरी किताबे बदली गई हो |एक का देखी देखा सभी कर रहे है और इस तरह बड़े स्तर पर अभिभावकों का शोषण सिर्फ शिक्षा विभाग में व्याप्त बहुत बड़े स्तर पर भ्रस्टाचार की वजह से संभव है |श्री मान जी क्या अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक अबैध बोझ को कम नही किया जा सकता है | सभी जानते है किताबो में चालीस परसेंट से भी ज्यादा कमीशन संभव है जो की आराम से सम्बंधित को पहुच जाता है |इसलिए नगर शिक्षा अधिकारी
की रहस्यमयी शैली कुछ ज्यादा चौकाने वाली नही है |उनसे ऐसा अपेक्षित था |सोचिये ऐसे ब्यथा निवारण का कोई मतलब है की भ्रस्टाचार एक परसेंट भी कण्ट्रोल नही हो रहा है |श्री मान राष्ट्रीय शिक्षा परिषद् की किताबे क्यों नही चलाते वह तो बहुत सस्ती है किन्तु उसमे कमीशन नही है |श्री मान जी बेसिक शिक्षा अधिकारी
का पत्र जो की जिलाधिकारी को संबोधित है पत्र के साथ संलग्न है |
नियत तिथि:
27 – Apr – 2018
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 18/04/2018को फीडबैक:- श्री मान जी जब अधीनस्थ कारनामे दिखाते है तो बेसिक शिक्षा अधिकारी विभाग प्रमुख है वह इतना कारनामा तो दिखा ही सकते है श्री मान प्रतीत होता है महोदय ने चश्मा नही लगाया था इसलिए संशोधित आवेदन उनको दिखाई नही दिया और प्रस्तुत प्रकरण को पूर्व की रिपोर्ट के आधार पर निस्तारित करा दिए | पुस्तकों को बदलने में पर्याप्त काली कमाई है |माननीय उच्चतम न्यायलय
ने यदि इस जनहित मुद्दे पर कोई आदेश दे दिया तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा Diary
No.17501/SCI/PIL(E)/2018, Application Date-04-04-2018 Received
On-18-04-2018,Applicant Name-MAHESH PRATAP SINGH YOGI M P SINGH Address
MOHALL SUREKAPURAM JABALPUR ROAD DIST MIRZAPUR,State UTTAR PRADESH Action
Taken-UNDER PROCESS
शिकायत संख्या-15199170325584 अंतरित श्री जिन्नूरैन अहमद खां(संयुक्त सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय ) 25 – Apr – 2017 अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिवमाध्य मिक शिक्षा विभाग पृष्ठांकित 13/11/2017 अनुमोदित जिससे यह स्पस्ट है की यह संघर्ष इस वर्ष का नही बल्कि पूर्व के वर्षो से हो रहा है इसलिए बेसिक शिक्षा अधिकारी
का पूर्व का रिपोर्ट भ्रामक और भ्रस्टाचार को बढ़ानेवाला है | Whether the matter is concerned with the regulation of fee or
change of books even when curriculum remains same? Whether they think that
applicant is stupid and layman can’t understand their cunning tricks?
Subject-Curriculum REMAINS unchanged but books are changed every year by the
management of private schools and colleges whether such unlawful practice is
justified. With great respect to revered Sir, your applicant invites the kind
attention of the Hon’ble Sir to the following submissions as follows. 1-It is
submitted before the Hon’ble Sir that my daughter reads in sixth class and
son reads in fifth class but Son can’t use the textbooks of his elder sister
because management of Kindergarten changed the book current year. Such
unjustified practice caused the extra burden of Rs.4000.00and government is
not providing any reprieve by providing scholarship or any other kind of
help. 2-It is submitted before the Hon’ble Sir that why the government is not
making N.C.E.R.T. books compulsory in these C.B.S.E. BOARD schools. When the
N.C.E.R.T. books are AVAILABLE at accessible prices, then why the government
is allowing this corrupt and unethical practice to promote in our society.
Whether such unlawful practice lacks public spirit is not reflecting insensitivity
of public staffs towards miseries of common citizenry. We are seeking justice
but not available in this largest democracy in the world. 3-It is submitted
before the Hon’ble Sir that our public servants are drawing a huge salary for
serving us but whether they are not failed if the citizenry is being robbed
in the daylight. What logistic approach can be explained by NOT allowing
N.C.E.R.T. BOOKS by the management of private schools and colleges? Whether
the book stalls and clothes stall opened in the temple of learning is
justified and reasoned approach. Whether incompetency does not reflect in our
public functionaries to deliver us justice? Undoubtedly Right to justice is
an indispensable part of sound judicial and administrative system but not
possible from such people who have shut their eyes and ears forever.
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
12 – Apr – 2018
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
18/04/2018
आख्‍या अपलोड है
निस्तारित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
13 – Apr – 2018
बेसिक शिक्षा अधिकारीमिर्ज़ापुर,बेसिक शिक्षा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें आख्‍या अपलोड है
18/04/2018
पत्रांक: बेसिक /337/२०१८१९ दिनांक 2-०४२०१८ द्वारा निस्तारित (आख्या संलग्न है)
निस्तारित

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

Diary No.17501/SCI/PIL(E)/2018, Application Date-04-04-2018 Received On-18-04-2018,Applicant Name-MAHESH PRATAP SINGH YOGI M P SINGH Address MOHALL SUREKAPURAM JABALPUR ROAD DIST MIRZAPUR,State UTTAR PRADESH Action Taken-UNDER PROCESS शिकायत संख्या-15199170325584 अंतरित श्री जिन्नूरैन अहमद खां(संयुक्त सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय ) 25 – Apr – 2017 अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव -माध्य मिक शिक्षा विभाग पृष्ठांकित 13/11/2017 अनुमोदित जिससे यह स्पस्ट है की यह संघर्ष इस वर्ष का नही बल्कि पूर्व के वर्षो से हो रहा है इसलिए बेसिक शिक्षा अधिकारी का पूर्व का रिपोर्ट भ्रामक और भ्रस्टाचार को बढ़ानेवाला है |

Preeti Singh
2 years ago

दिनांक 18/04/2018को फीडबैक:- श्री मान जी जब अधीनस्थ कारनामे दिखाते है तो बेसिक शिक्षा अधिकारी विभाग प्रमुख है वह इतना कारनामा तो दिखा ही सकते है श्री मान प्रतीत होता है महोदय ने चश्मा नही लगाया था इसलिए संशोधित आवेदन उनको दिखाई नही दिया और प्रस्तुत प्रकरण को पूर्व की रिपोर्ट के आधार पर निस्तारित करा दिए | पुस्तकों को बदलने में पर्याप्त काली कमाई है |माननीय उच्चतम न्यायलय ने यदि इस जनहित मुद्दे पर कोई आदेश दे दिया तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा

Arun Pratap Singh
2 years ago

सोचिये फीडबैक विचाराधीन लिख कर टाइम पास किया जाता है श्रेणी बनाने का कोई मतलब नही है किसी भी श्रेणी में कर दो जब कुछ करना ही नही | जब सभी लोग किताबे ले ही लेंगे और कमीशन सभी जगहों पर पहुच ही जाएगा तो किस चीज की कार्यवाही |
फीडबैक की स्थिति: फीडबैक विचाराधीन
आवेदन का संलग्नक
संलग्नक देखें
अग्रसारित विवरण-
क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या स्थिति आख्या रिपोर्ट
1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 12 – Apr – 2018 जिलाधिकारी-मिर्ज़ापुर, — 18/04/2018 आख्‍या अपलोड है ा निस्तारित
2 आख्या जिलाधिकारी ( ) 13 – Apr – 2018 बेसिक शिक्षा अधिकारी-मिर्ज़ापुर,बेसिक शिक्षा विभाग नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें आख्‍या अपलोड है ा 18/04/2018 पत्रांक: बेसिक /337/२०१८-१९ दिनांक १2-०४-२०१८ द्वारा निस्तारित (आख्या संलग्न है) निस्तारित

Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

Undoubtedly our education system has been too much vulnerable because of wide spread corruption in the government machinery.