By permitting wine shops, Govt. reflected firm resolve not to deviate from corruption in this crisis

Wine shops may not be allowed to open even in the green zone because it will only create mismanagement.

Tuesday, May 5, 2020

1:11 PM

Subject

RE: Wine shops may not be allowed to open even in the green zone because it will only create mismanagement.

From

yogimpsingh@outlook.com

To

yogimpsingh@outlook.com; presidentofindia@rb.nic.in; pmosb; supremecourt; ‘urgent-action’; cmup; hgovup@up.nic.in; csup@up.nic.in

Sent

Tuesday, May 5, 2020 1:07 PM

श्री मान जी मेरे परिवार में कोई शराब नही पीता इसके बावजूद मेरे दरवाजे के ठीक सामने बीसों बोतले बियर की खाली फेकी हुई है जब की शराब की दुकाने खोलने का प्रार्थी द्वारा ०३ मई को ही विरोध किया गया था | श्री मान जी एक तो नगर पालिका का कर्मचारी कभी झाड़ू नही लगाता उस पर ये शराब की बोतले, आप के शासन काल में हम लोग दोयम दर्जे के नागरिक बन चुके है |

श्री मान जी आप पहले स्क्रीन शॉट को देखे जो की दिनांक ०३ मई २०२० का है जिसके अनुसार देश में कोरोना मरीजो की संख्या ४०२६३ है |

श्री मान जी अब आप दूसरा  स्क्रीन शॉट को देखे जो की दिनांक ०५  मई २०२० का है अर्थात अभी का जिसके अनुसार देश में कोरोना मरीजो की संख्या ४६४३३ है |

श्री मान जी सिर्फ दो दिन ६००० कोरोना मरीज बढे है इसका मतलब तो आसानी से समझा जा सकता है की हमारी सरकार कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने में पूर्ण असफल है |

यदि मोदी सरकार इस ढंग से असम्बेदनशील रवैया अपनायेगा तो यह देश कोरोना मरीजो का जमघट बन जाएगा |

मोदी सरकार झूठे ही कोरोना रोकने के लिए लोगो का सलाह मागती है तीन मई को यह इ-मेल भेजा गया किन्तु चंद पूजी पतियों के दबाव में आकर शराब की दुकाने खोल दी गयी जिसका दुर्व्यवस्था आपके सामने है |श्री मान जी किसी ब्यक्ति विशेष से चिढ कर उसके उपयुक्त सुझावों को दरकिनार कर देना कहा का न्याय है | जीवन भर जिन्होंने मलाई काटी  है इस आपदा के समय में थोडा सा रोक नही बर्दास्त कर सकते है सच सच होता है और बहुत ही कड़वा होता है और सच का अलख जग चुका है अब आधी और तूफान से और भी उग्र रूप लेगा | इस समय उन परेशानियों को महसूस करना होगा जो कोरोना से पीड़ित परिवार झेल रहे है | आप की लोगो की निष्ठां तो इसी में परिलक्षित होती है की उन गरीब मजदूरों से भी भाडा वसूला गया जो कही इस लॉक डाउन में फसे हुए थे | जिस खजाने पर कुण्डली मार कर बैठे हुए है वह भी जनता का ही है फिर जनता के साथ यह नाइंसाफी क्यों | देखिये जनता क्या चीख रही है |  

देश के करोड़ों नागरिकों,जनप्रतिनिधियो,सामाजिक कार्यकर्ताओं,अधिकारियो के नाम खुला  पत्र-17

*********

कोरोना कह रहा है…………..

कहीं श्रमिक स्पेशल, करोना एक्सप्रेस न बन जाए।

*********.  कोरोना संक्रमण के  दहशत के बीच देश लाकडाउन में डेढ़ माह से अधिक समय गुजर चुका है । इस दौरान  बचाव एवं रोकथाम के लिए जिन सावधानियो एवं बंदिशों  के बीच जनता चुनौतियों एवं मुश्किलों को झेल कर भी  अपने धैर्य का  परिचय दे रहा है। सरकार के साथ इस देश का कोई भी तबका इस सच से अनभिज्ञ नहीं है। सभी यह भी समझ गए हैं कि  एक छोटी सी चूक  हमारे  सारे किए धरे पर पानी फेर सकता है। प्रारंभिक दिनों में इस महामारी के बीच देश से बाहर फंसे कुछ विशिष्ट जनों को वापस बुलाने की सरकार की एक छोटी सी गलती का खामियाजा आज देश भुगत रहा है । इस गलती से  नसीहत लिए बिना  सरकार ने  देश के अलगअलग प्रांतों के मजदूर जो अलग हिस्सों में फंसे हैं  उनके भेजने और वापस बुलाने का जो सिलसिला प्रारंभ किया है। यह दूसरी बड़ी गलती न बन जाए अन्यथा श्रमिक स्पेशल कोरोना स्पेशल ट्रेन भी बन सकती है। ऐसे में पूरे देश की जिम्मेदारी पहले से कई गुना ज्यादा बढ़ जाती है। हम सभी को अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए सदैव सजग रहना पड़ेगा।

   हम सभी  जान रहे लाक  डाउन पार्ट– 2समाप्त होने के कुछ ही दिन पूर्व केंद्र और कुछ राज्य सरकारों की सहमति पर अन्य प्रदेशों में फंसे हुए मजदूरों को उनके प्रदेश में पहुंचाने और लाने का जो निर्णय लिया गया।  निर्णय के बाद तत्काल केंद्र सरकार ने श्रमिक स्पेशल ट्रेन द्वारा मजदूरों की बड़ी संख्या देश के कई हिस्सों में पहुंचाना शुरू कर दिया है। इस दृश्य को देखकर जब पहली गलती याद आती है, तो भय  लगता है कि कहीं फिर कोई छोटी चूक हुई तोअभी तक के किए गए  सारे प्रयत्न पर पानी फिर जायेगा। देखा जाए तो बाहर फंसे मजदूरों मैं अधिकतर पिछड़े ग्रामीण क्षेत्रों के हैं ,जिन क्षेत्रों में लाक डाउन का प्रारंभ से ही अपेछित पालन नहीं हो पाया है । इसका वजह भी साफ इन क्षेत्रों का पिछड़ापन ही साबित हो रहा है। इन क्षेत्रों के ग्रामीण स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अनुशासन के प्रति आज भी  बेपरवाह है । यही वजह रहा कि इन क्षेत्रो मे पुलिस हो या स्थानीय प्रशासन हो  अपनी हनक को लंबे समय तक बरकरार नहीं रख पाया । ऐसी दशा में अगले लाक डाउन का पालन कराना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती होगी । सोचिए कि इन सामाजिक एवं प्रशासनिक परिस्थितियों के बीच देश के जिन हिस्सों में श्रमिक स्पेशल के मजदूरों का जत्था पहुंच रहा है। वहां के अधिकारियों से लेकर आमजन के बीच कितना दबाव महसूस किया जा रहा होगा। वह भी ऐसे समय में जब लाक डाउन की तमाम बंदीसे आज भी लागू है ।  इन मजदूरों से लाक डाउन का स्वयं पालन करने की कितनी अपेक्षा की जा सकती है । इतना ही नहीं पालन कराने के लिए स्थानीय समाज, प्रशासन एवं पुलिस को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा  हालांकि इन मजदूरों की स्क्रीनिंग एवं जांच के लिए कई स्तरों पर व्यवस्था बनाई गई है। बजाय इसके  हम सभी को इस कटु सच को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए कि  संक्रमण के दौरान अब तक कई व्यवस्थाएं एवं कोशिशें  नाकाम भी हो चुकी है ।

    आर्थिक नुकसान  एवं  तंगी का हवाला देकर  शराब कारोबारियों के दबाव में शराब की दुकानों को खोलने के निर्णय के साथ लॉक डाउन के उल्लंघन की भयावह तस्वीर पूरा देश देख रहा है । इस तरह की चिंताएं इन क्षेत्रों के प्रबुद्ध वर्गों के बीच बढ़ने लगी हैं। इस वायरस के देश में संक्रमण के प्रारंभिक वजह को याद करें तो यही था कि बाहर अन्य देशों में फंसे नागरिकों को देश वापस बुलाने की सरकारी दरियादिली ही एक प्रमुख  कारण साबित हुई थी। शायद  इस महामारी के आहट के बीच देश मे उन्हे लाने का निर्णय कुछ समय के लिए टाल दिया गया होता तो उम्मीद की जा सकती है कि स्थिति  इतनी नहीं बिगड़ती । वर्तमान में देश के अलगअलग प्रांतों में फंसे मजदूरों को अपने प्रदेश में बुलाने की सरकारें जो दरियादिली दिखा रही हैं। वह भी किसी बड़ी मुसीबत की ओर सोचने के लिए बाध्य कर रही है। यदि ऐसा ही करना था तो संक्रमण के शुरुआती दिनों में जब नगरों महानगरों से मजदूर अपने छोटेछोटे बच्चों को लेकर पैदल ही सड़कों पर अपने अपने गांव प्रदेश जाने के लिए निकल पड़े थे, उसी समय श्रमिक स्पेशल चला देनी चहिये थी। अब कौन सी ऐसी आफत आ गई है कि मजदूरों को उनके गृह प्रदेश के हवाले सौंपा जा रहा है । कहीं ऐसा तो नहीं है कि  दिल्ली ,हैदराबाद, मुंबई  जैसे  तमाम नगरों महानगरों का भार कम करने के लिए यह कदम तो नहीं उठाया गया है ।  वह भी ऐसे वक्त पर जब  उद्योग धंधे भी खुलने जा रहे हैं, जहां इन मजदूरों की जरूरत होगी।

********दिनांक 05मई 2020

प्रदीप कुमार शुक्ला

आरटीआई / पर्यावरण  कार्यर्ता  मिर्जापुर,उत्तर प्रदेश

*********

From: Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

Sent: Sunday, May 3, 2020 11:07 PM

To: presidentofindia@rb.nic.in; pmosb; supremecourt; urgent-action; cmup; hgovup@up.nic.in; csup@up.nic.in

Subject: Wine shops may not be allowed to open even in the green zone because it will only create mismanagement.

जब देश के पास अनाज का भण्डारण इतना है की पूरा देश चार वर्षो तक भोजन कर सकता है तो परेशानी किस बात की है | शराब से किसी का हित नही होता ऐसे में कोरोना वायरस के नियंत्रण तक इस बुरे लत पर पूर्ण नियंत्रण होना चाहिए जिससे ईश्वर, अल्लाह और ईशा मसीह हम पर खुश रहे और इस प्राकृतिक आपदा से हमारी रक्षा करे |जब इसका कोई इलाज नही है तो हमे ईश्वर की शरण में जाना चाहिए क्या शराब की दुकाने खुलने से ईश्वर हमसे खुश हो जायेगे |

Right to life may be ensured guaranteed by protecting our lives from Novel Corona Virus which is a global epidemic.

Whether the following information could be provided by the government of India?

Information sought from PMO-

The speed to proliferate of coronavirus pandemic is quite swift therefore we must be alert more than the normal. Our strategy to tackle this pandemic is bipolar 1-Prevention 2-Cure/remedy.

1-Please provide other measures adopted to curb the spread of pandemic at the district level including diagnosis centres excluding lockdown.

2-Please provide the measures were taken to fix the accountability of those whose dereliction caused this global epidemic to spread in India.

Reply of PMO through its subsidiary –

Reply / Remarks:-As mentioned in the guidelines for use of this portal, this facility is not available for filing RTI applications for the public authorities under the State Governments, including Government of NCT Delhi. Since your RTI application is meant for a public authority under the State Government, the same is returned herewith. You may file the same before the concerned public authority under the State Government.

Under second point applicant sought the following information –2-Please provide the measures were taken to fix the accountability of those whose dereliction caused this global epidemic to spread in India.

There are only two ways to enter into the country for global giant parasite Corona Virus either through airports or seaports which entire management comes under union list. How the state machinery provide the information closely concerned with the working of the central government?

SEVENTH SCHEDULE (Article 246) List I—Union List

27. Ports declared by or under law made by Parliament or existing law to be major ports, including their delimitation, and the constitution and powers of port authorities therein. 28. Port quarantine, including hospitals connected therewith; seamen’s and marine hospitals.

29. Airways; aircraft and air navigation; provision of aerodromes; regulation and organization of air traffic and of aerodromes; provision for aeronautical education and training and regulation of such education and training provided by States and other agencies.

Under first point applicant sought the following information –1-Please provide other measures adopted to curb the spread of pandemic at the district level including diagnosis centres excluding lockdown.

Even a layman understands it that before Corona Virus pandemic/ Global epidemic, superpower United States of America is failed and several countries claimed to equip with the advanced technology proved to be failed before this notorious demon Corona Virus.

CPIO is saying that matter is concerned with the state governments which means national concern Corona Virus pandemic/ Global epidemic is being handled by the governments of the state independently which implies that we are too much vulnerable.

At present our condition is like a man who has been put before a hungry lion. Thanks I have got information in your denial of information.

An application under Article 32 of the constitution of India to direct central and state governments to save our lives instead of allowing cheap politics.

To

                                         Chief Justice of India/ Companion Judges of the apex court

                                            Supreme Court of India, New Delhi

Prayer-Hon’ble Sir, please protect Right to Life granted under article 21 of the constitution of India as mismanagement and non-impartial policies of the government of India have put us under the grasp of fatal infectious global epidemic/pandemic Corona Virus.

The Constitution of India provides Fundamental Rights under Chapter III

These rights are guaranteed by the constitution. One of these rights is provided under article 21 which reads as follows:-

Article 21. Protection of Life And Personal Liberty: No person shall be deprived of his life or personal liberty except according to the procedure established by law.

Though the phraseology of Article 21 starts with the negative word but the word No has been used concerning the word deprived. The object of the fundamental right under Article 21 is to prevent encroachment upon personal liberty and deprivation of life except according to the procedure established by law.

It means that this fundamental right has been provided against the state only.

Most revered Sir Your applicant invites the kind attention of Honble Sir with due respect to the following submissions as follows.

1-It is submitted before the Honble Sir that  51A. Fundamental duties It shall be the duty of every citizen of India (a) to abide by the Constitution and respect its ideals and institutions, the National Flag and the National Anthem;(h) to develop the scientific temper, humanism and the spirit of inquiry and reform;

(i) to safeguard public property and to abjure violence;

(j) to strive towards excellence in all spheres of individual and collective activity so that the nation constantly rises to higher levels of endeavour and achievement.

2-It is submitted before the Honble Sir that 

श्री मान जी १०० मरीजो पर पूर्ण लॉक डाउन ४०२६३ मरीजो पर लॉक डाउन छूट की वात कर रहे है | क्या हमारे गोदामों में अनाज की कमी हो गयी है जो की कोरोना वायरस की समस्या में शून्य प्रतिशत सफलता के बावजूद लॉक डाउन में रियायत करके कोरोना के प्रकोप को और बढ़ाना चाहते है |

3-It is submitted before the Honble Sir that whether two-point information concerned with the failure of the government machinery can not be provided to the information seeker.

Enter Registration Number

PMOIN/R/E/20/01955

Name

Yogi M P Singh

Date of filing

17/04/2020

Public Authority

Prime Minister’s Office

Status

REQUEST TRANSFERRED TO OTHER PUBLIC AUTHORITY

Date of action

18/04/2020

Details of Public Authority:- Department of Health & Family Welfare.

vide registration number:- MOHFW/R/T/20/00685 respectively.

Note:- Further details will be available on viewing the status of the above-mentioned new request registration number.

View Status of MOHFW/R/T/20/00685

Nodal Officer Details:-

Telephone Number

23074072

Email Id

rti-pmo.applications@gov.in

Online RTI Request Form Details

Top of Form

RTI Request Details:-

RTI Request Registration number

PMOIN/R/E/20/01955

Public Authority

Prime Minister’s Office

Personal Details of RTI Applicant:-

Name

Yogi M P Singh

Gender

Male

Address

Mohalla Surekapuram , Jabalpur Road , Sangmohal post office

Pincode

231001

Country

India

State

Uttar Pradesh

Status

Urban

Educational Status

Literate

Above Graduate

Phone Number

Details not provided

Mobile Number

+91-7379105911

Email-ID

yogimpsingh[at]gmail[dot]com

Request Details:-

Citizenship

Indian

Is the Requester Below Poverty Line?

No

(Description of Information sought (up to 500 characters)

Description of Information Sought

The speed to proliferate of coronavirus pandemic is quite swift therefore we must be alert more than the normal. Our strategy to tackle this pandemic is bipolar 1-Prevention 2-Cure/remedy.

1-Please provide other measures adopted to curb the spread of pandemic at the district level including diagnosis centres excluding lockdown.

2-Please provide the measures were taken to fix the accountability of those whose dereliction caused this global epidemic to spread in India.

Concerned CPIO

Amit Agrawal

Supporting document (only pdf up to 1 MB)

Enter Registration Number

MOHFW/R/T/20/00685

Name

Yogi M P Singh

Date of filing

18/04/2020

Public Authority

Department of Health & Family Welfare

Status

REQUEST TRANSFERRED TO OTHER PUBLIC AUTHORITY

Date of action

20/04/2020

Details of Public Authority:- Indian Council of Medical Research, NATIONAL CENTRE FOR DISEASE CONTROL, DELHI.

vide registration number :- INCMR/R/T/20/00142, NCDCD/R/T/20/00088 respectively.

Note:- Further details will be available on viewing the status of the above-mentioned new request registration number.

View Status of INCMR/R/T/20/00142

View Status of NCDCD/R/T/20/00088

Nodal Officer Details:-

Telephone Number

011-23061554

Email Id

ziley.vical@nic.in

Enter Registration Number

INCMR/R/T/20/00142

Name

Yogi M P Singh

Date of filing

20/04/2020

Public Authority

Indian Council of Medical Research

Status

RTI REQUEST RECEIVED

Date of action

20/04/2020

Nodal Officer Details :-

Telephone Number

011-26588980

Email Id

poonam@icmr.gov.in

Enter Registration Number

NCDCD/R/T/20/00088

Name

Yogi M P Singh

Date of filing

20/04/2020

Public Authority

NATIONAL CENTRE FOR DISEASE CONTROL, DELHI

Status

RTI REQUEST APPLICATION RETURNED TO APPLICANT

Date of action

20/04/2020

Reply / Remarks:-As mentioned in the guidelines for use of this portal, this facility is not available for filing RTI applications for the public authorities under the State Governments, including Government of NCT Delhi. Since your RTI application is meant for a public authority under the State Government, the same is returned herewith. You may file the same before the concerned public authority under the State Government.

Nodal Officer Details:-

Telephone Number

011-23966065

Email Id

rti.ncdc@gmail.com

4-It is submitted before the Honble Sir that there is anguish among public-spirited people against the failure of the government to curb the Novel Corona Virus infiltration into the country.   Bottom of Form

देश के करोड़ों नागरिकों,जनप्रतिनिधियो,सामाजिक कार्यकर्ताओं,अधिकारियो के नाम खुला  पत्र-15

********

कोरोना कह रहा है…………..

आओ  लाक डाउन पार्ट- 3 मे हमारा स्वागत करो।

*********

   उम्मीद थी कि पार्ट -2 पूरा करते-करते देश कोरोना पर पूरी तरीके से नियंत्रण भले ही  न कर सके किंतु रोकथाम की दृष्टि से एक संतोषजनक तस्वीर जरूर सामने आएगी । हम सभी  को  लग रहा था कि 3 मई के बाद लॉक डाउन के बंदिशों से  मुक्त होंगे किंतु ऐसा  नहीं हुआ।  महामारी के संक्रमण की दहशत के बीच  गाहे-बगाहे लगभग  डेढ़ माह  गुजार करके  अब हम सभी पार्ट- 3 में जाने के लिए बाध्य हो गए हैं।  स्थिति यह  समझ पाने के लिए पर्याप्त है कि वायरस संक्रमण को रोक पाने में अब तक हम सभी नाकाम रहे हैं। देश के कुछ हिस्सों में  कोरोना संक्रमित  की संख्या में बढ़ोत्तरी, संक्रमित व्यक्तियों की मौत की खबरों से हम  प्रतिदिन दो-चार हो रहे हैं । इतना ही नहीं  सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि  जो डॉक्टर  ऐसे संक्रमितो का  इलाज और देखरेख कर रहे है, उनमें दर्जनों  इस वायरस से संक्रमित हो चुके है । इसके बावजूद भी आमजन को यह आस जरूर बना हुआ था  कि  लाक डाउन की बंदिशों में कुछ और अतिआवश्यक कार्यों में छूट बढ़ेगी। कम से कम ऑनलाइन पढ़ाई लिखाई  का कोरम पूरा कर रहे बच्चे अपने किताब कापी के साथ स्टेशनरी की जरूरतों को पूरा कर पाएंगे। गैर करोना मरीज जो किसी न किसी गंभीर बीमारी से रोग ग्रस्त हैं, लंबे समय से दवा चल रही है। वे सभी अपने डॉक्टरों को दिखाकर दवा खरीद सकेंगे किंतु ऐसी उम्मीदों पर पानी फिर गया। हां इतना जरूर हुआ कि शराब के अभाव में  तड़प  रहे  लोगो को  अब अपने अगल-बगल के  पड़ोसी जनपदों से किसी न किसी प्रकार से शराब जरूर मिल जाएगी।  लाक डाउन पार्ट –3 की सरकारी  घोषणा  के बीच एक बात बड़ी मुखर होकर दिखी की सरकार से लेकर  आमजन तक  सभी  एक अजीब किस्म की हताश और  उदासी है । इस बार प्रधानमंत्री जी पहले दो बार की तरह अपनी जनता के सामने नहीं आये, न ही जनता की थाली – ताली की आवाज सुनाई पड़ने की कोई उम्मीद दिख रही ,नहीं दीपावली मना कर अगले चरण  की तरह स्वागत की तैयारी ही दिख रही है। हां इतना अवश्य दिखा कि देश के  डॉक्टरों के मनोबल को ऊंचा रखने के लिए भारतीय सेना के हेलीकॉप्टरों ने आसमान से फूल वर्षा करके जरूर उनका हार्दिक अभिनंदन एवं उनके प्रति आभार अवश्य व्यक्त किया। पूरा देश चुपचाप अपनी बेबसी एवं लाचारी के बीच लॉक डाउन के तीसरे भाग में प्रवेश  करेगा । ध्यान दें तो एक माह पूर्व लाक डाउन के दौरान जान है तो जहान है का नारा प्रमुखता से चर्चा में बना रहा । अब यह नारा बदलता हुआ नजर आ रहा है ।

    संक्रमण की तस्वीर में अपेक्षाकृत बदलाव होने के पहले ही जिस प्रकार सरकार कुछ कार्यों में छूट देने की बात कर रही है । उसे तो देखकर यही महसूस हो रहा है कि अब यह नारा उलट कर  जहान है तो जान है बनता दिख रहा है । यदि ऐसा नहीं होता तो उद्योगों को चालू करने की अनुमति, सीमित संख्या में ही सही हवाई जहाज और रेल गाड़ी चलाने का सिलसिला शुरू करने की चर्चा करते हुए ग्रीन जोन में आने वाले जनपदों में शराब की दुकानों को खोलने की घोषणा नहीं करती।  जरा सोचिए सरकार का यह निर्णय ऐसे समय में जब देश का आम आदमी अपनी घरों में रहने के लिए लाचार है। अपने अति आवश्यक जरूरत के लिए उसे बाहर निकलने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। छात्र-छात्राएं किताब कॉपी और स्टेशनरी के बिना ऑनलाइन पढ़ाई की कोरम पूर्ति कर रहे हैं। ऐसे में आखिर यह सवाल नहीं उठ रहा है कि सरकार जीवन की पहली आवश्यकता को नजरअंदाज कर दूसरे तीसरे पायदान पर आने वाली जरूरतों से  जुड़े कार्यो में  ढील एवं छूट क्यों दे रही है और किसके लिए दे रही है? इसका जवाब सरकार के हालिया निर्णय में ही  छुपी हुई है। शराब कारोबारियों के दबाव में शराब की दुकानें ,उद्योगपतियों के दबाव में उद्योग धंधे खुलने जा रहे हैं। प्रदेश सरकारों के दबाव में रेल चला कर बाहर फंसे मजदूरों को उनके गृह  प्रदेश एवं जनपद के पल्ले धकेला जा रहा है। आखिर जब यही करना था  तो इन मजदूरों को  40 दिनों तक  क्यों  रोका गया  यह कार्य तो  लॉक डाउन होने की  बाद तत्काल भी  की जा सकती थी । जरा इस पर विचार करिए की देश एवं प्रदेश के ग्रीन जोन में आने वाले जनपदों में यदि शराब की दुकान खुलती है तो क्या इस बात की गारंटी शासन-प्रशासन लेने के लिए तैयार है कि अगल-बगल के जनपद के लोग अपनी शराब की जरूरतों को पूरा करने के लिए परोक्ष या परोक्ष रूप में सीमा आर पार करेंगे तो उन्हें समुचित रूप में रोका जाएगा। इसका जवाब बड़ा ही स्पष्ट है लॉक डाउन के  शुरुआत के दो एक हफ्ते को छोड़ दिया जाए तो प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में लॉक डाउन का पालन कराने में प्रशासन पूरी तरीके से फेल दिख रही है। पूरा का पूरा प्रशासन और पुलिस जनपदों के मात्र नगरी और कस्बाई इलाकों को ही संभाल पाने में परेशान है। ऐसे में यदि शराब के माध्यम से कोरोना का संक्रमण आसपास के पड़ोसी जनपदों तक फैलने की प्रबल संभावना है तो  इस प्रकार का निर्णय लिया जाना किसी भी दशा में वर्तमान हालात   मे कितना उचित है । इस संबंध में  कई समाजसेवियों के द्वारा  प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखकर  पुनर्विचार की  अपेक्षा भी जताई है । इन सभी परिस्थितियों में तो  यही लगता है कि  लॉक डाउन  मे छटपटा रही देश की  बेबस लाचार जनता को ही सब कुछ अकेले  झेलना पड़ेगा ।अच्छा होता कि तमाम क्षेत्रों में  छूट एवं ढील देने का जो सरकार निर्णय ले रही है।  इसके लिए सरकार को संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के नतीजे का इंतजार करना चाहिए था ।  देश का आम आदमी जिस प्रकार लाक डाउन की बंदिशों के साथ डेढ़ माह जीतने धैर्य से गुजारा है । वह कुछ हफ्ते आगे भी रोकर -गाकर ,थाली बजाकर  किसी न किसी प्रकार से गुजार  लेता। चलो कोई बात नहीं दो सप्ताह के लिए फिर एक बार कोरोना  का स्वागत करते है।

*********

दिनांक 03मई 2020

प्रदीप कुमार शुक्ला

आरटीआई / पर्यावरण  कार्यर्ता  मिर्जापुर,उत्तर प्रदेश

5-It is submitted before the Honble Sir that The speed to proliferate of this pandemic is quite swift therefore we must be alert more than the normal. Our strategy to tackle this pandemic is bipolar 1-Prevention 2-Cure/remedy. 

It is a well-known fact that this global epidemic is originated from other countries China and this supergiant entered into this largest democracy in the world either through the seaports or airports. How this parasite penetrated this country if there was a proper vigil at the aforementioned two places?

6-It is submitted before the Honble Sir that undoubtedly we remained failed and invited this supergiant because of our mismanagement at the airports and seaports but again we remained failed in fixing accountability of those whose cryptic role paved the way to this fatal infectious global parasite to infiltrate into this country.

Article 14 of the Indian Constitution envisages the Right to Equality before the law. This Right to Equality applies to all the foreigners and Indians. 

Article 14 of the Indian Constitution clearly states that the state/country shall not deny to any person equality before the law or the equal protection of the laws within the territory of India. This law applies to all citizens and foreigners.

Here this question arises that which protection of the law was provided to the wrongdoers whose dereliction of duty caused the lives of innocent people of this country under the stranglehold of global parasite Corona Virus?

7-It is submitted before the Honble Sir that if Honble Sir may take a perusal of graph concerned with the patients suffering from the Corona Virus, there is a steep hike in the number of patients of Corona Virus which is not the failure of the government of India regarding tackling the problem of Corona Virus. Undoubtedly superpowers are also suffering and in more vulnerable condition but here our government except for lock-down in the entire country did nothing at the grass-root level.

8-It is submitted before the Honble Sir that whether the following information cant be provided by the prime minister offence?

The speed to proliferate of coronavirus pandemic is quite swift therefore we must be alert more than the normal. Our strategy to tackle this pandemic is bipolar 1-Prevention 2-Cure/remedy.

1-Please provide other measures adopted to curb the spread of pandemic at the district level including diagnosis centres excluding lockdown.

2-Please provide the measures were taken to fix the accountability of those whose dereliction caused this global epidemic to spread in India.

Enter Registration Number

PMOIN/R/E/20/01955

Name

Yogi M P Singh

Date of filing

17/04/2020

Public Authority

Prime Ministers Office

Status

REQUEST TRANSFERRED TO OTHER PUBLIC AUTHORITY

Date of action

18/04/2020

Details of Public Autority :- Department of Health & Family Welfare.

vide registration number :- MOHFW/R/T/20/00685 respectively.

Note:- Further details will be available on viewing the status of the above-mentioned new request registration number.

View Status of MOHFW/R/T/20/00685

I know well that matter forwarded by the prime minister offence is not taken seriously by the subordinate ministry as well as state governments so ipso facto they are not interested to provide information even when the matter is concerned with the wide public interest.

The entire country is facing a serious threat of global epidemic and every citizen is living under the terror this demon parasite coronavirus

Applicant belongs to the state of Uttar Pradesh where state machinery remained fail to cure single Corona patients and all the admitted patients either facing the hell of mismanaged hospitals or departing to Gods port quite obvious from the latest feedback attached.

                            खुदा भी आसमाँ से जब जमी पे देखता होगा |

             इस मेरे प्यारे देश को क्या हुआ सोचता होगा||

This is a humble request of your applicant to you Honble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos arbitrarily by making the mockery of law of land? There is need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Honble Sir.

Date-03/05/2020           Yours sincerely

                              Yogi M. P. Singh, Mobile number-7379105911, Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin code-231001.

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Preeti Singh
6 months ago

In two days,6000 new Corona Virus patients but according to our accountable public functionaries, circumstances created because of pandemic is under control. Whether such things are not ridiculous and not reflecting incompetency of the government functionaries? Statics available is being overlooked which is frightening and failure of government in tacking the issue of Corona Virus pandemic. On the one side of screen, government invites suggestion but after getting put such suggestion into the dustbin. Why wine shops were opened despite the objection of public spirited individuals.

Arun Pratap Singh
6 months ago

Modi Government remained failed everywhere whether it may be airport or sea ports or dealings with the facing of the challenges of the Corona Virus pandemic. Think about the gravity of situation that श्री मान जी १०० मरीजो पर पूर्ण लॉक डाउन ४६४३३ मरीजो पर लॉक डाउन छूट की वात कर रहे है | क्या हमारे गोदामों में अनाज की कमी हो गयी है जो की कोरोना वायरस की समस्या में शून्य प्रतिशत सफलता के बावजूद लॉक डाउन में रियायत करके कोरोना के प्रकोप को और बढ़ाना चाहते है |
Whether government functionaries will tell the justified reason of opening the wine shops through out the India when entire country is under the grip of the Corona Virus pandemic.

Beerbhadra Singh
Beerbhadra Singh
6 months ago

Whether government is not neutral to the products of the farmers which are destroying at their forms
because of the arbitrary lockdown decision of the Prime Minister ? Postal and other public services have been closed because of the lock down sabji Mandi is dysfunctional. But the wine shops are open by providing them police protection. This implies that most essential item for the public in the IN THE eye of public functionaries is wine in the India. In this hour of crisis, our public functionaries want to serve us wine. Such mentality is not reflecting our deterioration. Think about these people who win in the name of and ruling us.

Bhoomika Singh
Bhoomika Singh
6 months ago

In 2 days 6000 new Corona patients where found whether it is good signal in this country if not why our accountable public functionaries glorifying their acts which is reflection of failure of the system? Challenges of the coronavirus Pandemic cannot be faced like campaign of the parliamentary and Assembly Elections. Bundles of Lies can not provide any constructive results in this coronavirus case. Why have THEY opened the wine shops throughout the India when there is complete lockdown is a matter of concern? Whether Lord Rama advised Saffron Brigade in dream to open the wine shops throughout the country in this hour of crisis?