तहसीलदार कार्यालय में बैठ कर झूठे रिपोर्ट लगा रहे है जो प्रार्थना पत्रों के विषय वस्तु से कोसो दूर है |

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019918024952
आवेदक कर्ता का नाम:
हरिश्चंद पासी
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7054703028,7054703028
विषय:
श्री मान जी जिलाधिकारी को प्रस्तुत आख्या में झूठी रिपोर्ट लगाए तहसीलदार सदर महोदय और अब मंडलायुक्त को भी गुमराह कर रहे है क्या यह अनुशासनहीनता नही है और आश्चर्यजनक है की जिनको नाफरमानी से कष्ट होना चाहिए उनको इन बातो कोई प्रभाव नही पड़ता है |क्या जनसुनवाई पोर्टल पर तहसीलदार सदर झूठे रिपोट लगाने में दक्ष है जैसा की इस बार उन्होंने मंडलायुक्त तक को नही छोड़ा है |श्री मान जी मंडलायुक्त पोस्ट की गरिमा होती है और क्या यह ओछी हरकत पोस्ट की गरिमा को कम करने वाला नही है | क्या तहसील कल्चर को तहसीलदार महोदय मंडलायुक्त कार्यालय में भी स्थापित करना चाहते है यदि वास्तव में सफल रहे तो बहुत बड़ा अनर्थ होगा क्योकि आज भी लोग उम्मीद की आस लगाते है इसलिए ब्यथित अंतिम शरण लेते है | श्री मान जी कृपया शिकायत संख्या-40019918019393 आवेदक कर्ता का नामहरिश्चंद का अवलोकन करे जो की संल्गनक के रूप में शिकायत के साथ जुदा है | श्री मान जी तहसीलदार सदर समस्त सीमाओं का अतिक्रमण कर चुके और समस्त मर्यादाए ख़त्म हो चुकी है उनके लिए | तहसीलदार सदर की रिपोर्ट दिनांक ०७०९२०१८ के अनुसार प्रार्थी से संपर्क साधा गया | श्री मान जी स्पस्ट किया जाय तहसीलदार महोदय या उनके स्टाफ प्रार्थी से कब मिले और किस दिन मड़हा हटाने की कार्यवाही संपादित की गई क्यों की सारे कब्जे तो आज भी जस का तस बना हुआ है | किसी प्रकार का सुधार नही हुआ है | फीडबैक दिनांक 19082018को फीडबैक– 14 अगस्त निर्धारित तिथि और आख्या लगती है १६ अगस्त को कितना आदर करते है नियमो का | श्री मान जी तहसीलदार सदर कितनी बार गंगा पियेंगे |खाता संख्या ०००६३ जिसमे की तालाब का रकबा भी शामिल है उसी में खसरा संख्या १३४ खसरा संख्या १३५ भी है जो मानिक चंद हरिश्चंद पुत्र छेदी लाल के नाम है जिसका कुल रकवा ००६९० हेक्टेअर है | अगले प्रत्यावेदन में उसकी स्कैन कॉपी लग जायेगी |श्री मान जी तहसीलदार सदर ने कितनी अपमान जनक बात प्रार्थी के लिए कही है | हम गरीब अपना हक पा जाय इतना ही बहुत है उसे भी हड़प लेना चाहते है लोग और यह आरोप की मैंने तालाब की जमीन में| आख्‍या अपलोड। प्रकरण में 0नं0 93 तालाब खाते में है। तालाब के पूर्वी छोर पर ईंट का खडंजा बना है। पूर्वी छोर से दक्षिण तरफ मडहा लगाकर कब्जाि किया गया है एवं दक्षिण छोर पर प्रार्थी द्वारा स्वायं मकान बनाकर कब्जाख किया गया है और चकरोड को भी कब्जाे कियेे है। यह आख्या तहसीलदार सदर की और से महज धमकी है की ज्यादा बोलोगे तो तुम्हारा घर भी गिरा देंगे | जैसा की उनका स्टाफ कह रहे थे प्रार्थी से | सोचिये कितनी चालाकी से तहसीलदार सदर बात को दूसरी तरफ मोड़ने का प्रयास कर रहे है | जहा प्रार्थी तालाब के रकबे की बात कर रहा है उसके रख रखाव की बात कर रहा है तथा पारिस्थितिकी की बात कर रहा है वही तहसीलदार महोदय प्रार्थी को अपरोक्ष रूप में धमकी दे रहे है घर गिराने का | श्री मान जी प्रार्थी का घर तो वैसे ही गिर रहा है क्योकि चारो तरफ से तालाब पट लिया गया है और पानी वर्षा और नहर का प्रार्थी के घर के चारो और लग रहा है | थाना अध्यक्ष विन्ध्याचल भी कोई मदद नही कर रहे है | डी एम् साहब है कम से कम मामले तुरंत संज्ञान तो लेते है गड़बड़ी नीचे वाले कर रहे है | फीडबैक की स्थिति मंडलायुक्त द्वारा दिनाक 13092018
को प्राप्त आख्या अनुमोदित कर दी गयी है |
नियत तिथि:
03 – Oct – 2018
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 28/09/2018को फीडबैक:- श्री मान जी तहसीलदार सदर का कहना है की प्रार्थी प्रार्थना पत्र देने का आदी बन चुका है | श्री मान जी क्या तहसीलदार महोदय झूठे रिपोर्ट लगाने के आदी नही हो गये है | श्री मान जी बहुत अफसोस है की तहसील दार महोदय किस प्रकार अर्ध न्यायिक कार्यो का संपादन करते होंगे | श्री मान जी तहसीलदार महोदय कभी तथ्यों पर जाते ही नही | श्री मान जी आप क्यों नही पूछते की सरकारी तालाब का रकवा क्या है | इस समय कितना हिस्सा अतिक्रमित हो चूका है और कितना मौके पर शेष है |किस खडयंत्र के तहत प्रार्थी के ऊपर तालाब कब्ज़ा करने का आरोप लगाया गया | क्या प्रार्थी के सम्मान को कलंकित करने का प्रयास नही किया गया तहसीलदार सदर द्वारा |श्री मान जी ऐसा करने पर तहसील दार महोदय के ऊपर एस. सी. एस.टी. एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही क्यों नही की गयी और मेरे लगाए प्रमाणों को अनसुना क्यों किया जा रहा है | श्री मान जी क्या दलितों का कोई संरक्षण इस सरकार में नही है | तहसीलदार कार्यालय में बैठ कर झूठे रिपोर्ट लगा रहे है जो प्रार्थना पत्रों के विषय वस्तु से कोसो दूर है और बहुत आश्चर्य है मंडल के जिम्मेदार अधिकारी उसे स्वीकार कर रहे है | यह रहस्य प्रार्थी के समझ से परे है |श्री मान जी लोक कार्यों का संपादन जिस प्रकार संपादन करने वाले ब्यक्ति को संरक्षित करता है उसी प्रकार उस ब्यक्ति से अनुशासन की अपेक्षा की जाती है | श्री मान जी क्या यह रिपोर्ट जो तथ्यों से परे है झूठे है अनुशासनहीनता परिलक्षित नही करते और आश्चर्यजनक यह है की जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारी इस अनुशासन हीनता को अनदेखी करते रहते है |
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
18 – Sep – 2018
मंडलायुक्त मण्डल मिर्ज़ापुर,
25/09/2018
अनुमोदित
निस्तारित
2
अंतरित
मंडलायुक्त ( )
18 – Sep – 2018
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें 
25/09/2018
अनुमोदित
निस्तारित
3
अंतरित
जिलाधिकारी ( )
18 – Sep – 2018
उप जिलाधि‍कारी सदर,जनपदमिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें 
25/09/2018
अनुमोदित
निस्तारित
4
अंतरित
उप जिलाधि‍कारी (राजस्व एवं आपदा विभाग )
19 – Sep – 2018
तहसीलदार सदर,जनपदमिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें 
25/09/2018
आख्‍या अपलोड। प्रकरण रास्‍ता बनवाने के सम्‍बन्‍ध में है। ग्राम प्रधान द्वारा कहा गया ि‍कि चकरोड ब्‍लाक से पास कराकर बनवा ि‍दिया जायेगा। माैैके पर हस्‍ताक्षर बनवाया गया। हरिश्‍चन्द पासी द्वारा हस्‍ताक्षर बनाने से इन्‍कार ि‍किया गया।
निस्तारित

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

श्री मान जी क्या दलितों का कोई संरक्षण इस सरकार में नही है | तहसीलदार कार्यालय में बैठ कर झूठे रिपोर्ट लगा रहे है जो प्रार्थना पत्रों के विषय वस्तु से कोसो दूर है और बहुत आश्चर्य है मंडल के जिम्मेदार अधिकारी उसे स्वीकार कर रहे है | यह रहस्य प्रार्थी के समझ से परे है |श्री मान जी लोक कार्यों का संपादन जिस प्रकार संपादन करने वाले ब्यक्ति को संरक्षित करता है उसी प्रकार उस ब्यक्ति से अनुशासन की अपेक्षा की जाती है | श्री मान जी क्या यह रिपोर्ट जो तथ्यों से परे है झूठे है अनुशासनहीनता परिलक्षित नही करते और आश्चर्यजनक यह है की जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारी इस अनुशासन हीनता को अनदेखी करते रहते है |

Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

whether it is justified that tahsildar may submit concocted stories again and again which is quite obvious from his reports if he is really honest why is he not taking action honesty in talking. And to be honest both are different things