जब दो सौ ओवर लोड वाहन पकडे गये १९ मई की रात को तो कार्यवाही सिर्फ १८ पर ही क्यों क्या यह वसूली नही है ?

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019918012342
आवेदक कर्ता का
नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
If everything is known and concerned may shut their eyes and
ears, then it is not merely corruption but corruption culminated into
anarchySubject-Whether it is not a reflection of insolence on the part of the
office of Regional Transport Officer Mirzapur that they dont care about the
image of the Honest Prime Minister and Honest chief minister in the state
ipso facto obvious from the fact that they indulge in the corrupt activities
openly and maligning the image of aforementioned revered great public functionaries
who are embodiment of truth and the honesty Honble Sir may be pleased to take
a glance at the attached published news story in the leading Hindi daily Amar
Ujala Most revered Sir –Your applicant invites the kind attention of Hon’ble
Sir with due respect to following submissions as follows 1-It is submitted
before the Hon’ble Sir that 51A Fundamental duties It shall be the duty of
every citizen of India (a) to abide by the Constitution and respect its
ideals and institutions, the National Flag and the National Anthem;(h) to
develop the scientific temper, humanism and the spirit of inquiry and reform;
(i) to safeguard public property and to abjure violence; (j) to strive
towards excellence in all spheres of individual and collective activity so
that the nation constantly rises to higher levels of endeavour and
achievement 2-It is submitted before the Hon’ble Sir that the applicant made
representation to various accountable public functionaries in regard to more
charges being levied by the RTO on 07- May 2018 bearing subject as Sir
Driving License expired in Feb-2018 of Keshav Prasad Singh, RTO Mirzapur
levied feelate feecharges Rs1500, is sheer illegal, unjustified and
unconstitutional but it is unfortunate that no one pays requisite heed in
this largest in the world Honble Sir may be pleased to take a glance at the
attached documents with this representation 3-It is submitted before the
Hon’ble Sir that how much bad practice in this society that public
functionaries extort money from poor Truck owners in the name of corruption
in the system and shows itself honest and target some else for its bad deeds
Such bad practice of maligning the image is damaging a lot the images of
accountable public functionaries in the state Sir wide extensive coverage of
news by leading Hindi daily Amar Ujala surprised us in regard to quantum of
corruption in our government machinery and local people are making gossips in
regard to extortion of money from the truck owners on every nook and corners
of the streets
नियत तिथि:
09 – Jun – 2018
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 30/05/2018को फीडबैक:- श्री मान जी
जिलाधिकारी और
पुलिस अधीक्षक का नाम लेने से
कोई हरिश्चंद नही बन
जाता है
और प्रार्थी द्वारा लगाया गया आरोप मीडिया रिपोर्ट और परिस्थित जान्य साक्ष्यो पर आधारित है | सिर्फ १९ मई
की रात प्रत्यक्षदर्शिओं के
अनुसार २०० ओवर लोड ट्रको को
पकड़ा गया और चालान महज १८
ट्रको का
किया गया शेष को
क्यों छोड़ दिया गया | इनका अभियान एक मई
से चल
रहा है
और २८
मई २०१८ तक इन्होने २७६ ओवर लोड वाहनों का चालान किया अर्थात २८ दिन में २७६ अर्थात प्रति दिन इन्होने ओवर लोड ट्रको का चालान किया सोचिये जब अभियान के १९
दिन बाद १८ ओवर लोड ट्रक पकडे गये तो जब
लगभग सभी को मालूम है की
ट्रक पकड़ो अभियान चल
रहा है
तो शुरू में पकडे गये ओवरलोड ट्रको की
संख्या ज्यादा होनी चाहिए थी इस
लीए उपलब्ध कराया गया डाटा खुद में संदेहास्पद है | श्री मान जी अमर उजाला का
रिपोर्ट तो
शिकायत के
साथ संलग्न है वह
तो हिंदी में ही
है | श्री मान जी इस
अभियान के
लिए नतो पुलिस कप्तान महोदय जिम्मेदार है और
जिलाधिकारी महोदय इस
लिए उनका नाम अगली रिपोर्ट में मत ली
जिएगा क्यों की प्रकरण परिवहन विभाग से सम्बंधित है की उन लोगो के विभाग से | शास्त्री सेतु पर
लगे क्लोज्ड सर्किट कैमरे को क्यों हटाया गया ? है कोई तार्किक जवाब आप
के पास | जब की माननीय सर्वोच्च न्यायालय का कई
केसों में स्पस्ट आदेश है सिर्फ जुडीसिअरी वल्कि नौकरशाह भी
बिना तर्क के कोई बात रखे है कोई आप के
पास कोई तार्किक कारण| श्री मान जी
रही केशव प्रसाद सिंह १५०० रुपये की वसूली की तो
मै अच्छे ढंग से
जानता हु
की संलग्न जनहित याचिका की कॉपी या तो
आपने परिशीलन ही नही किया या
आप को
आंग्ल भाषा का ज्ञान ही नही है | श्री मान जी अनुकम्पा अवधि की
ड्राइविंग लाइसेंस का शुल्क महज २०० रुपये है
और यदि अनुकम्पा अवधि समाप्त हो
तो यह
शुल्क तीन सौ हो
जाती है
और किसी के ऊपर दो विलम्ब दंड एक
साथ नही आरोपित हो
सकती है
और मान लीजे आप
सही भी
है तो
विलम्ब दंड १००० रुपये एक वर्ष पश्चात लगता जब की
उनका बिलम्ब सिर्फ एक
महीने का
है जो
की कन्ड़ोन किया जा
सकता था
या अनुपात में लगाया जाता |१५०० रुपये किसी प्रकार न्याय तर्क /कसौटी पर न्यायोचित नही है
| एक महीने लेट की वजह से ही
आप १०० रुपये अतिरिक्त लिए अन्यथा २०० रुपये में ही
बन
जाता | सोचिये २०० रुपये के
स्थान पर
१५०० रुपये वसूली कौन सा न्यायालय आप को
न्यायोचित ठहरा रहा है
|इसलिए सरकार के
विरुद्ध यह
संघर्ष चाहे केंद्र चाहे राज्य चलेगा |
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक
प्राप्त
आवेदन
का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
25 – May – 2018
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
29/05/2018
आख्‍या
अपलोड है
निस्तारित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
25 – May – 2018
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारीमिर्ज़ापुर,परिवहन विभाग
कृपया जॉंचोपरान्त आवश्‍यक कार्यवाही करने का कष्ट करें आख्‍या अपलोड है
29/05/2018
शिकायत
में उल्लिखित बिन्‍दुओं पर आख्‍या संलग्‍न कर सादर प्रेषित है।
निस्तारित

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

श्री मान जी अनुकम्पा अवधि की ड्राइविंग लाइसेंस का शुल्क महज २०० रुपये है और यदि अनुकम्पा अवधि समाप्त हो तो यह शुल्क तीन सौ हो जाती है और किसी के ऊपर दो विलम्ब दंड एक साथ नही आरोपित हो सकती है और मान लीजे आप सही भी है तो विलम्ब दंड १००० रुपये एक वर्ष पश्चात लगता जब की उनका बिलम्ब सिर्फ एक महीने का है जो की कन्ड़ोन किया जा सकता था या अनुपात में लगाया जाता |१५०० रुपये किसी प्रकार न्याय तर्क /कसौटी पर न्यायोचित नही है | एक महीने लेट की वजह से ही आप १०० रुपये अतिरिक्त लिए अन्यथा २०० रुपये में ही न बन जाता | सोचिये २०० रुपये के स्थान पर १५०० रुपये वसूली कौन सा न्यायालय आप को न्यायोचित ठहरा रहा है |इसलिए सरकार के विरुद्ध यह संघर्ष चाहे केंद्र चाहे राज्य चलेगा |

Arun Pratap Singh
2 years ago

श्री मान जी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का नाम लेने से कोई हरिश्चंद नही बन जाता है और प्रार्थी द्वारा लगाया गया आरोप मीडिया रिपोर्ट और परिस्थित जान्य साक्ष्यो पर आधारित है | १-सिर्फ १९ मई की रात प्रत्यक्षदर्शिओं के अनुसार २०० ओवर लोड ट्रको को पकड़ा गया और चालान महज १८ ट्रको का किया गया शेष को क्यों छोड़ दिया गया | २-इनका अभियान एक मई से चल रहा है और २८ मई २०१८ तक इन्होने २७६ ओवर लोड वाहनों का चालान किया अर्थात २८ दिन में २७६ अर्थात प्रति दिन इन्होने ९ ओवर लोड ट्रको का चालान किया सोचिये जब अभियान के १९ दिन बाद १८ ओवर लोड ट्रक पकडे गये तो जब लगभग सभी को मालूम है की ट्रक पकड़ो अभियान चल रहा है तो शुरू में पकडे गये ओवरलोड ट्रको की संख्या ज्यादा होनी चाहिए थी इस लीए उपलब्ध कराया गया डाटा खुद में संदेहास्पद है | श्री मान जी अमर उजाला का रिपोर्ट तो शिकायत के साथ संलग्न है वह तो हिंदी में ही है | श्री मान जी इस अभियान के लिए नतो पुलिस कप्तान महोदय जिम्मेदार है और न जिलाधिकारी महोदय इस लिए उनका नाम अगली रिपोर्ट में मत ली जिएगा क्यों की प्रकरण परिवहन विभाग से सम्बंधित है न की उन लोगो के विभाग से | ३-शास्त्री सेतु पर लगे क्लोज्ड सर्किट कैमरे को क्यों हटाया गया ? है कोई तार्किक जवाब आप के पास | जब की माननीय सर्वोच्च न्यायालय का कई केसों में स्पस्ट आदेश है न सिर्फ जुडीसिअरी वल्कि नौकरशाह भी बिना तर्क के कोई बात न रखे है कोई आप के पास कोई तार्किक कारण|