स्वच्छ भारत मिशन भारत सरकार का भ्रष्टाचार को पोषण करने वाला अभियान सिद्ध हुआ केन्द्रीय जांच ब्यूरो द्वारा जांच की जाय

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019919019207
आवेदक कर्ता का
नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
श्री मान जी
सहायक विकास अधिकारी कभी कहते है
की उन्होंने जांच की
और जब
मामला ज्यादा उलझते देखते है तो
सचिव का
सहारा लेते है पूर्व में उन्होंने ने कहा की हमने मामले की
जांच की
और रेखा दुबे को
अपात्र पाया फिर मैंने उनसे पूछा की उनसे जांच की
मांग किसने की किस प्रार्थना पत्र के आधार पर जांच की तब
उन्होंने कहा की तीन दिन में फोटो  फीड करके लाभार्थी के
खाते में पैसा भेज दी जायेगी | किन्तु उस आई
. डी. से पैसा तो पहले से ही
निकाल चुका था इसलिए कहा से
पैसा देते तो इस
बार उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी अर्थात सचिव का
सहारा लिया | श्री मान जी
भ्रस्टाचार का
आलम यह
है की
स्वच्छता अभियान में या
तो बने हुए शौचालयों को दिखा कर पैसा निकला है
या फर्जी खाता खोल कर पैसा निकाल लिया | इस अभियान में बहुत बड़े स्केल पर
सरकारी धन
का बन्दर बाट हुआ है | यदि कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई तो
इसकी जाच केन्द्रीय जांच ब्यूरो द्वारा हो सकती और काफी लोग इसमें नप सकते है जो
इस समय प्रार्थना पत्र देख कर
मुह दूसरी ओर फेर रहे है
| रेखा दुबे पति रविन्द्र दुबे के के नाम पर आई डी. तैयार हुई २४००० रुपये लगा कर
शौचालय बना
wवह भी कर्ज लेकर इस
उम्मीद से
कि १२००० रुपये सरकार से सहायता मिल जायेगी किन्तु जब
तैयार हो
गया तो
सात हजार रुपये घुस मागा गया कर्ज लेकर बनवाया गया था बहुत करते तीन हजार माग लेते सोचिये पाच हजार शौचालय बनवाने वाले को
और सात हजार कमीशन सरकारी मुलाजिमो का और
थोड़ी सी
हां करने में डेरी करने पर
रेखा पति रविन्द्र के
नाम पर
जाली खाता खोल कर
पैसा निकाल लिया गया और सच
यह है
की रेखा पति रविन्द्र पुरे लाल गंज और
जगदीश पुर में कोई नही है | यह है
भ्रस्टाचार का
आलम फिर भी जनता इनको इमानदार क्यों नही कह रही है इनको गुरेज है
इस बात का | अब जब व्यथित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रहा है तो
उसे अपात्र कह रहे है हम
कहते है
अपात्र का
चुनाव कौन किया इस
पात्र और
अपात्र का
चुनाव तो
आई.डी. जारी होने से पहले होनी चाहिए थी जब
कर्ज लेकर शौचालय बन
गया तब
अपात्र हो
गया | उसी पात्रता अपात्रता को चेक करने के
लिए तो
गुहार लगा रहा है
क्यों कोई उसकी बात नही सुन रहा है
|
नियत तिथि:
14 – Apr – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:

आवेदन
का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
07 – Apr – 2019
सहायक विकास अधिकारी लालगंज,जनपदमिर्ज़ापुर,पंचायती राज विभाग
अनमार्क

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019919019199
आवेदक कर्ता का
नाम:
rishabh dubey
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
7388002308,0
विषय:
सरकार के स्वच्छता मिशन में भ्रस्टाचार का
बोलबाला सारे विकास सिर्फ कागज पे
जनता रो
रही है
| सोचिये जो सरकार आज चुनाव के समये इतनी लंबी लंबी फेक रही है
और जनता से उम्मीद कर के
बैठी है
कि वोट उसी को
मिलेगा। हम
सीधे तौर पे कहते है कि
हमारे अधिकारी सभी भ्रष्टाचारी है, और अब तो
ये भी
लगता है
कि आज
की सरकार भी उनके ऐहसान फ़रामोश है मतलब की उनके साथ मिली हुई है
अगर होती तो अब
तक हमारे मैटर को
कब का
इन्साफ दिला देती अब आप यही सोच लीजिये की हमारे अधिकारी इतने बड़े शेर हो गए
है कि
उनके लिए RTI भी कुछ नही है मतलब उन्होंने RTI तक का
जवाब नही दिया और
सरकार आराम से घोडा बेच कर
सोती रही , और अब चुनाव के समाये लंबीलंबी फेक रही है। हमने करीब डेढ़ साल में 50 grievance
दर्ज कराए हर बार अधिकारी ने
बिना सोचे समझे बात कही और तो और कभी कहते की पैसा तीन दिन के अंदर दे रहे है तो
अगले ही पल कहते की आप पात्र नही है और हमारे उच्च अधिकारी उनकी बातों का स्वागत
करते क्योंकि आखिर वे उसका अलग से जो वेतन पा रहे थे। हम ऐसा जान
भुज कर नही बोल रहे बल्कि उनके
कोई भी रवैये को न देखते हुए यही सिद्ध होता दिख रहा है। यहाँ तक की अब
C श्रेणी भी एक
खेलवाड़ है
जो की
अब सरकार अब जनता को इन्साफ के बजाय मुर्ख बनाने के लिए रख दी
है जिसका जीता जगाता उदहारण हमने पिछले दो
greivance को दे कर
बताया है
और अधिक मात्रा में greivance
नो. जानना हो तो
और भी
उपलब्ध करा दी जायेगी अब
तो हम
आज के
समय की
ऐसे सरकार का रवैया देख कर
युवा में ऐसा ख़राब माहौल होता जा रहा है कि
अब इस
सरकार को
हटाने के
सिवा कुछ नहीं बचा है। हम अपील करते है
कि अगर अब भी
सरकार जाग गयी हो
तो कृपया जांच का
आदेश हमारे लालगंज में दे कर
देखे हम
इनकी एक
एक पोल खोल कर
दिखाये गे
की कौन पात्र था
और कौन अपात्र है
और कितना बड़ा घपला किया है
इन लोगो ने।हमारी माताजी और पिताजी रेखा  दुबे पति रविन्द्र दुबे के
के नाम पर आई
डी. तैयार हुई २४००० रुपये लगा कर शौचालय बना इस
उम्मीद से
कि १२००० रुपये सरकार से सहायता मिल जायेगी किन्तु जब
तैयार हो
गया तो
सात हजार रुपये घुस मागा गया कर्ज लेकर बनवाया गया था बहुत करते तीन हजार माग लेते सोचिये पाच हजार शौचालय बनवाने वाले को
और सात हजार कमीशन सरकारी मुलाजिमो का और
थोड़ी सी
हां करने में डेरी करने पर
रेखा पति रविन्द्र के
नाम पर
जाली खाता खोल कर
पैसा निकाल लिया गया और सच
यह है
की रेखा पति रविन्द्र पुरे लाल गंज और
जगदीश पुर  में कोई नही है
| यह है भ्रस्टाचार का आलम फिर भी
जनता इनको इमानदार क्यों नही कह
रही है
इनको गुरेज है इस
बात का
| अब जब व्यथित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर
रहा है
तो उसे अपात्र कह
रहे है
हम कहते है अपात्र का चुनाव कौन किया इस पात्र और अपात्र का चुनाव तो आई.डी. जारी होने से
पहले होनी चाहिए थी
जब कर्ज लेकर शौचालय बन गया तब अपात्र हो गया | उसी पात्रता अपात्रता को चेक करने के
लिए तो
गुहार लगा रहा है
क्यों कोई उसकी बात नही सुन रहा है
| हर बार हमारे अधिकारी जो
मन में आया उसे लिख कर
भेज देते है और
सरकार सोती रहती है। हम RTI
के माध्यम से तो
जवाब ले
कर ही
रहेंगे इसके लिए चाहे हमें अंत तक लड़ना ही क्यों पड़े हालाँकि अभी की जानकारी के लिए हम बता दे की RTI कंप्लेंट इलेक्शन कमीशन में सबमिट कर लिया गया है
और इसकी पहली सुनवाई के लिए हम इंतज़ार कर रहे है। हम
बस इस
समय यही चाहते है
कि इस
घपले के
जांच हो
हम हर
सबूत को
तब आपके सामने रखे गे ।हम आज की
युवा पीढ़ी है और
आप के
इस वर्ताव से हमें अपने देश की इस
दशा का
बेहत दुःख होता है
और हमी इस राष्ट्र के निर्माता है जो
आपकी सत्ता को भी
पलट सकते है बाकी ज्यादा कुछ कहने की
आवस्यकता हो
नही है। बस इसी उम्मीद से ये greivance लगाये है
कि आप
जांच का
आदेश देने का कष्ट करे बाकी का काम हम कर
के आपके सामने रखे गए और
इनकी पोल खोले गे
हमने एक PDF भी अपलोड किया है
जिससे आपको मदद मिल सके।
नियत तिथि:
14 – Apr – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:

आवेदन
का
संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
07 – Apr – 2019
सहायक विकास अधिकारी लालगंज,जनपदमिर्ज़ापुर,पंचायती राज विभाग
अनमार्क

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Yogi
1 year ago

श्री मान जी भ्रस्टाचार का आलम यह है की स्वच्छता अभियान में या तो बने हुए शौचालयों को दिखा कर पैसा निकला है या फर्जी खाता खोल कर पैसा निकाल लिया | इस अभियान में बहुत बड़े स्केल पर सरकारी धन का बन्दर बाट हुआ है | यदि कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई तो इसकी जाच केन्द्रीय जांच ब्यूरो द्वारा हो सकती और काफी लोग इसमें नप सकते है जो इस समय प्रार्थना पत्र देख कर मुह दूसरी ओर फेर रहे है |

Preeti Singh
1 year ago

फीडबैक : दिनांक 20/04/2019को फीडबैक:- श्री मान जी क्या रिपोर्ट प्रत्यावेदन के विन्दुओं के संगत है यदि नही तो क्यों क्या यह भ्रष्टाचार नही है |रेखा पति रविन्द्र अनुसूचित जाति लालगंज पंचायत में कौन है फिर लालगंज विकास खंड में इस ढंग के फर्जी दस्तावेज क्यों तैयार किये जा रहे है | क्या शौचालय अनुदान की धनराशि फर्जी दस्तावेजो की मदद से भ्रष्ट अधिकारिओं और कर्मचारियों के जेबों में नही जा रही है | श्री मान जी क्या शौचालय अनुदान कच्चे मकान वालो को दिया जाता है जैसा की सहायक विकास अधिकारी पंचायत कह रहे है | पूर्व में शौचालय था कपडे की दूकान से कितना आय है | सब से बड़ी बात प्रार्थी ब्राह्मण है उसको अनुसूचित जाति का बनाने का जघन्य अपराध किसने किया | श्री मान जी मोदी सरकार ब्राह्मणों को सहायता नही देना चाहती है तो क्यों ग्राम विकाश अधिकारी और प्रधान के द्वारा शौचालय आई. डी. जारी कर दी| क्या आई. डी. बनाने से पहले पात्रता और अपात्रता नही चेक होती है | श्री मान जी प्रधान और सचिव के विरुद्ध अभी तक कार्यवाही क्यों नही की गयी | यदि ये लोग इमानदार रहते तो जन सूचना अधिकार के तहत २६ विन्दु सूचना न उपलब्ध न करा देते रिषभ दुबे को और उनको राज्य सूचना आयोग की शरण में न जाना पड़ता | चार अधिकारिओं के खिलाफ वसूली का आदेश दो वर्ष पूर्व राज्य सूचना आयोग द्वारा पारित हुआ और छः महीने से लगभग दो दर्जन पत्रों का आदान प्रदान हुआ किन्तु आज तक उनके खिलाफ वसूली की कार्यवाही संपादित नही हुई | यही बिधि का शासन है |
फीडबैक की स्थिति: फीडबैक प्राप्त

Beerbhadra Singh
1 year ago

Undoubtedly matter is concerned with the deep rooted corruption in the working of government machinery concerned with the Government of Uttar Pradesh. Everyone knows that most of the toilets under the ambitious scheme of the Government of India launched by the Prime Minister Narendra Modi known as the cleanliness drive mission were made on the paper only and funds flown in to the packets of corrupt public functionaries. undoubtedly our Prime Minister Mr Narendra Modi Raymond totally failed on the issue of corruption.