सरकार के स्वच्छता मिशन में भ्रस्टाचार का बोलबाला सारे विकास सिर्फ कागज पे जनता रो रही है |

रेखा  दुबे पति
रविन्द्र दुबे के के नाम पर आई डी. तैयार हुई २४००० रुपये लगा कर शौचालय बना इस
उम्मीद से कि १२००० रुपये सरकार से सहायता मिल जायेगी किन्तु जब तैयार हो गया तो
सात हजार रुपये घुस मागा गया कर्ज लेकर बनवाया गया था बहुत करते तीन हजार माग लेते
सोचिये पाच हजार शौचालय बनवाने वाले को और सात हजार कमीशन सरकारी मुलाजिमो का और
थोड़ी सी हां करने में डेरी करने पर रेखा पति रविन्द्र के नाम पर जाली खाता खोल कर
पैसा निकाल लिया गया और सच यह है की रेखा पति रविन्द्र पुरे लाल गंज और जगदीश पुर  में कोई नही है | यह है भ्रस्टाचार का आलम फिर
भी जनता इनको इमानदार क्यों नही कह रही है इनको गुरेज है इस बात का | अब जब व्यथित
प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रहा है तो उसे अपात्र कह रहे है हम कहते है अपात्र का
चुनाव कौन किया इस पात्र और अपात्र का चुनाव तो आई.डी. जारी होने से पहले होनी
चाहिए थी जब कर्ज लेकर शौचालय बन गया तब अपात्र हो गया | उसी पात्रता व अपात्रता
को चेक करने के लिए तो गुहार लगा रहा है क्यों कोई उसकी बात नही सुन रहा है |


आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
60000180120173
आवेदक कर्ता का
नाम:
Yogi M. P. Singh
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
Vide attached documents with this representation. An application
under article 51 A of the constitution of India for betterment of government
machinery. Undoubtedly matter is concerned with the report submitted on the
Jansunwai portal of government of Uttar Pradesh. Matter is concerned with the
decision taken under submitted grievance detail as follows. Complaint number
40019918017770 Name of the applicant rishabh dubey Mobile number of the
applicant 7388002308 Decision taken in the grievance is as On 24-07-2018, ADO
Panchayat Lalganj assured D P R O Mirzapur in regard to aforementioned
complaint as, matter was investigated by the secretary of village panchayat
concerned and assured that within three days by uploading the pictures,
payments would be made Honourable Sir today is 29-Jul-2018 which means 5 days
passed but not a single step taken by the concerned which may prove that they
will keep their promise It seems that in order to close the grievance they
have made such efforts At least they may think about the credibility of the
website Jansunwai portal of government of Uttar Pradesh Both the
communications one addressed to DPRO Mirzapur and other addressed to ADO
Panchayat Lalganj Mirzapur are attached with the representation As a public
servant, they must supportive and delivery of services must be done in the
cordial manner.
नियत तिथि:
प्रक्रिया में है
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
प्राप्त अनुस्मारक
क्र..
अनुस्मारक
प्राप्त दिनांक
1
Sir earlier reminder was sent 24122018 but it seems that there
is rampant corruption in the state government machinery At least think
about the poor people who expected from you an aid but the staff of the
state government only cheated them Its outcome will explicit in the
forthcoming election but you will never accept the real truth Give me one
point where your act is justified There is big resentment among the masses
because of this rampant corruption Several people are coming who were
provided ID but latter money in the form of aid was not provided to them
Now they have understood the truth of state functionaries which will reveal
in the election result
06 Apr 2019
2
Justice delayed is justice denied but it seems that we have
forgotten aforementioned proverb Undoubtedly in order to mislead the
citizenry, there are so many positive initiatives but actually, they are
hollow like a drum It is submitted before the Hon’ble Sir that Sir if they
are honest why had they not provided the sought information under the Right
to Information Act 2005 and moreover no enquiry was ordered on allegations
of corruption made by the applicant The applicant is ready to face any
action if found wrong but it is concerned public functionaries who are not
interested in the enquiry on the application of the applicant Here this
question arises that why is DPRO Mirzapur not frightened of penal action
when he took the provisions of Right to Information Act 2005 under teeth
and did not provide the sought Information to Rishabh Dubey even after the
first appeal before D M Mirzapur For detail, please take a glance of RTI
communique attached with this representation
24 Dec 2018
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:

आवेदन
का संलग्नक

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019918036049
आवेदक कर्ता का
नाम:
Rishabh Dubey
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
7388002308,7388002308
विषय:
सोचिये तीन दिन के बजाय पांच महीने बीत गये अभी तक
अनिल मिश्र जी फोटो फीड करा के भुगतान कर ही
रहे है
| क्या सरकारी आश्वासन इसी तरह होता है
जो सरकार की विश्वसनीयता को तार तार कर
दे | The matter is concerned with the application
of Rishabh Dubey who is still deprived of the justice because of the
lackadaisical approach of concerned staffs of the government.
आवेदन का विवरण शिकायत संख्या 40019918017770 आवेदक कर्ता का नाम Rishabh Dubey. Endorsement with the following direction. Parakaran
C catagri me hai, atah baiduwar aakhya uplaod karen. ok refer to attach file(
अवगत कराना है
की सहायक विकास अधिकारी को अवशयक कार्यवाही हेतु निदेशित किया गया है| Whether anyone will ask DPRO Mirzapur what file he has attached
in order to seek the disposal of the grievance? Whether it is not the mockery
of the rule of law by the DPRO Mirzapur who is attaching the same copy in
order to seek the disposal of submitted grievances on the august portal
Jansunwai of the government of Uttar Pradesh which monitored directly by
Chief Minister office. The entire district knows that how the ten million
rupees public fund remained dump concerned with the Swachchh Bharat Mission
as exposed by the D.M. Mirzapur but no action was taken against any
wrongdoers. Sir all the information fed on the internet concerned with SBM is
sheer fake and merely a concocted stories nothing else. Sir if they are
honest why they had not provided the sought information under the Right to
Information Act 2005 and moreover no enquiry was ordered on allegations of
corruption made by the applicant. The applicant is ready to face any action
if found wrong but it is concerned public functionaries who are not
interested in the enquiry on the application of the applicant.
नियत तिथि:
22 – Dec – 2018
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
प्राप्त अनुस्मारक
क्र..
अनुस्मारक
प्राप्त दिनांक
1
Think about the gravity of situation that wrongdoer staff is
overlooking the direction of the chief minister office which shows the
insolence of the concerned staff Crores of rupees was provided by the
government but toilets were made on papers only All the requisite documents
were made available but they did not deem it fit to order enquiry Justice
delayed is justice denied Accountability may be fixed who are indulged in
wrongdoings
06 Apr 2019
2
Respected sir , You may see how much your officers are not
afraid of you and they have no fear that even after completion of 15 days
of grievance for C category they didn’t respond it . I am once again
telling that when they give reply that time you may see they will write
same thing and always make you fool and may be you will become a fool I
will think you are also in their complicity .
25 Jan 2019
फीडबैक :
दिनांक 24/12/2018को फीडबैक:- माननीय महोदय कृपया आप बताये गे की आप सरकार को और हमको
इतना मुर्ख क्यों बना रहे है । हम आपके ही हिसाब से सोचे तो अगर देना नहीं था तो
सबसे पहले तो आप हमारा
family id क्यों बनाये और यहां तक की
उन सारी formalities
को भी
पूरा किया जो की होता है। आप कब तक हमको मुर्ख बनाये गे आप यही सोच लीजिये की
पहले तो आप बोलते है कि अनिल मिश्र जी ने जाँच पूरी कर ली है और तीन दिन के अंदर
पैसा दे दिया जायेगा और बाद में देरी करते है और फिर बाद में शिकायत करने पर ये
बोलते है कि ये पात्र नहीं है
, ये
जनसुनवाई पोर्टल कोई आपके घर की खेती है क्या की बार बार अपनी ही बात से पलट कर
हमको और सरकार को चूतिया बना रहे है । कृपया अगर नहीं देना है तो उससे पहले
RTI का जवाब तो
दे दोजिये जो हमने लगाया था। कृपया ये
सोचिये की
इससे हमारी सरकार की
ही बेज्जती होगी क्योंकि हम greivance की हर रिपोर्ट को
पूरे देश को gmail, blog ,और अन्य कई
तरीकों से
सबको दिखाते रहते है
और आपके हर जवाब पे सब
जनता देख कर यही सोचे गी
की हमारे मुख्यमंत्री जी
अपनी जनता को आप
लोग से
ही चुना लगवा रही है। कृपया हमारे मंत्री जी का
मजाक मत
बनने दीजिये। अतः आपसे निवेदन है कि हमारे greivance का यही उत्तर दे
दीजिए की
अगर नहीं देना था तो अपने ये सारी फॉर्मेलिटीज क्यों की । आप बस यही समझ लीजिए
की हमें जब तक इन्साफ नहीं मिल जाता तब तक हम लड़ते रहेंगे। आपको हम हमारा पैसा
लेके बैठने बही देंगे।
फीडबैक की स्थिति:
सन्दर्भ
पुनर्जीवित

आवेदन
का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
15 – Dec – 2018
सहायक विकास अधिकारी लालगंज,जनपदमिर्ज़ापुर,पंचायती राज विभाग
24/12/2018
sachiv dwara likhit rup se avagat karaya gaya hai sikayat karata
apatrata ki sreni me ata hai es liye inhe toilet ki dhan rashi nhi di ja
sakati hai
C-श्रेणीकरण
2
आख्या
जिला पंचायत राज अधिकारी( मिर्ज़ापुर)
09 – Jan – 2019
सहायक विकास अधिकारी लालगंज,जनपदमिर्ज़ापुर,पंचायती राज विभाग
कृपया प्रकरण का
गंभीरता से
पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई
है
22/01/2019
sachiv dwara likhit rup se avagat karaya gaya hai ki sikayat
karata samapann adami hai oha apatrata ki sreni me ata hai
आख्या प्राप्त/प्रेषित/अनुमोदन लंबित

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019919000630
आवेदक कर्ता का
नाम:
riahabh dubey
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
7388002308,0
विषय:
माननीय महोदय हम
आपको सीधे तौर पे
कहते है
कि आप
भ्रस्टाचारी अधिकारी है अगर होते तो अब
तक हमारे RTI का जवाब दे
दिया होता और हमारे पास आपके खिलाफ पक्का सबूत भी है
आपने हमारे माता
पिता
के नाम से पैसा निकाल कर खा कर बैठ गए है और इस वजह से आप अपने ही बात की वैल्यू
नहीं कर रहे है तो हमारी और सरकार की क्या करेंगे। हमें तो यह भी लगता है कि
जिसको हम यह
greivance
भेज रहे है वो
भी उन्ही के साथ मिला हुआ है और
उन्ही के
इशारे पर
नाच रहा है। हमारे सेक्रेट्री और प्रधान
श्रीमती अंजलि केशरी दोनों तो भ्रस्टाचार है ही और सायद आप भी है ।अपने एक बार
भी हमारे प्रश्नों का उत्तर सीधे तौर पे नहीं दिया बस फॉर्मेलिटी पूरा करने के
लिए जो मन में आया उसी को उठा कर दे दिया । आज हम फिर से एक और प्रश्न पूछ रहे
है जो की हमारे मामले से जुड़ा है। हम सीधा सरकार को चैलेंज देते है कि इस प्रश्न
का भी उत्तर आप गलत ही देंगे । क्योंकि आप अगर सही दिए तो आपकी पोल खुल जाएगी।
हमारा मैटर है कृपया हमको एक फॅमिली
ID की जानकारी दीजिये जो
की swaach bharat mission के तहत बना है और
आपके पास मौजूद है। हम ये सीधे तौर पे कह रहे की ये मेरा है और आप खा कर बैठ गए है और हमसे
बहाना बाजी कर रहे है। आप हमारे बात को काट सके तो काटिये। विवरण नीचे है
फॅमिली id -66341819 serial no-41 village name –जगदीशपुर upraudh gram-lalaganj sub category-scbpl name-rekha wo ravindra
payment mode-cash Reply soon i will wait for response.
नियत तिथि:
12 – Jan – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
प्राप्त अनुस्मारक
क्र..
अनुस्मारक
प्राप्त दिनांक
1
Whether it is justified that concerned may procrastinate in
providing the public aid concerned with the cleanly drive of prime minister
Narendra Modi Sir Sir most important thing is that from this ID money has
been withdrawn in the name of Rekha wo Ravindra caste scheduled caste whose
existence is no where in the village panchayat and its supportive documents
have been submitted by the applicant Most important point to be noted that
information sought by the applicant in this regard but neither district
magistrate shown interest in the matter nor DPRO Mirzapur provided the
sought information and now matter is awaiting date fixation in state
information commission Whether justice is available to poor people in this
largest democracy in the world Why ID was provided if they had not to
provide the assistance Wether it is not anarchy Scheme of Modi Sir is
flooded with the corrupt elements Justice delayed is justice denied
06 Apr 2019
फीडबैक :
दिनांक 24/01/2019को फीडबैक:- आवेदककर्ता द्वारा बताया गया है
कि उसकी समस्या का
जो समाधान किया गया है बिना जांच के
ही गलत रिपोर्ट लगा दी गयी है आवेदक चाहता है
की उसकी समस्या का
सही से
जांच करवाकर सही रिपोर्ट लगाने की
कृपा करें|
फीडबैक की स्थिति:
सन्दर्भ
पुनर्जीवित

आवेदन
का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
05 – Jan – 2019
सहायक विकास अधिकारी लालगंज,जनपदमिर्ज़ापुर,पंचायती राज विभाग
14/01/2019
sachiv dwara likhit rup se avagat karaya gaya hai ki sikayat
karata ke id or name se koi bhi dhan nhi nikala gaya hai
C-श्रेणीकरण
2
आख्या
जिला पंचायत राज अधिकारी( मिर्ज़ापुर)
09 – Feb – 2019
सहायक विकास अधिकारी लालगंज,जनपदमिर्ज़ापुर,पंचायती राज विभाग
कृपया प्रकरण का
गंभीरता से
पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई
है
22/02/2019
sachiv dwara likhit rup se avagat karaya gaya hai ki sikayat
karata apatra hai or usaki id par bhugan nhi kiya gaya hai
आख्या प्राप्त/प्रेषित/अनुमोदन लंबित

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Yogi
1 year ago

रेखा दुबे पति रविन्द्र दुबे के के नाम पर आई डी. तैयार हुई २४००० रुपये लगा कर शौचालय बना इस उम्मीद से कि १२००० रुपये सरकार से सहायता मिल जायेगी किन्तु जब तैयार हो गया तो सात हजार रुपये घुस मागा गया कर्ज लेकर बनवाया गया था बहुत करते तीन हजार माग लेते सोचिये पाच हजार शौचालय बनवाने वाले को और सात हजार कमीशन सरकारी मुलाजिमो का और थोड़ी सी हां करने में डेरी करने पर रेखा पति रविन्द्र के नाम पर जाली खाता खोल कर पैसा निकाल लिया गया और सच यह है की रेखा पति रविन्द्र पुरे लाल गंज और जगदीश पुर में कोई नही है | यह है भ्रस्टाचार का आलम फिर भी जनता इनको इमानदार क्यों नही कह रही है इनको गुरेज है इस बात का | अब जब व्यथित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रहा है तो उसे अपात्र कह रहे है हम कहते है अपात्र का चुनाव कौन किया इस पात्र और अपात्र का चुनाव तो आई.डी. जारी होने से पहले होनी चाहिए थी जब कर्ज लेकर शौचालय बन गया तब अपात्र हो गया | उसी पात्रता व अपात्रता को चेक करने के लिए तो गुहार लगा रहा है क्यों कोई उसकी बात नही सुन रहा है |

Preeti Singh
1 year ago

फीडबैक : फीडबैक की स्थिति: आवेदन का संलग्नक संलग्नक देखें
अग्रसारित विवरण-
क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या स्थिति आख्या रिपोर्ट
1 अंतरित लोक शिकायत अनुभाग – 2( मुख्यमंत्री कार्यालय ) 10 – Apr – 2019 जिलाधिकारी-मिर्ज़ापुर, कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है। अधीनस्थ को प्रेषित
2 आख्या जिलाधिकारी ( ) 10 – Apr – 2019 जिला पंचायत राज अधिकारी-मिर्ज़ापुर,पंचायती राज विभाग जांच कर आख्या प्रेषित करें अनमार्क

Beerbhadra Singh
1 year ago

Undoubtedly cleanly drive mission of the Prime Minister Mr Narendra Modi remained failed because of the rampant corruption Indore government machinery which is the root cause political leaders of the ruling party e are not talking about the cleanliness drive mission of the Prime Minister which was the matter of public debate earlier. There is no doubt it was a pious mission but Prime Minister remained fail on the issue of corruption. The ditch between poor and rich depend during the Modi regime as he enhanced the salary of public servants multiply.