सर आप तो जानते है की शासन के पत्रों से विक्टिम को ही परेशानी होती है इसलिए अग्रसारित न करके चिंतन करे

सर आप तो जानते है की शासन के पत्रों से विक्टिम को ही परेशानी होती है इसलिए अग्रसारित न करके चिंतन करे |

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh yogimpsingh@gmail.com

9:37 AM (3 minutes ago)

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जिस दिन आवेदिका की तहरीर लेने के बजाय विन्ध्याचल पुलिस ने पुत्र से तहरीर ली और २ बजे तक थाना अध्यक्ष इन्तजार करते रहे समझौता कराने का और सम्बंधित इंस्पेक्टर बार बार दबाव डाला समझौता के लिए तो केस का परिणाम उसी समय सामने आ गया था |
श्री मान जी कृपया प्रार्थिनी जो की एक महिला है पति राज्य -राजस्थान  में सर्विस करते है रात्रि के (८१०)  समय गड़ासे और बल्लम से युक्त शातिर अपराधी गण आवेदिका के घर पर हमला करते है घर के दरवाजे पर वार करते है आवेदिका और किशोर पुत्रो के बाहर निकलने पर सभी की जबरदस्त पिटाई करते है जान से मारने की धमकी देते है कूलर को तोड़ देते है सायकिल का टायर गडासा मार कर काट देते है समस्त सूचनाए शासन को उपलब्ध कराई जाती है शासन से दर्जनों पत्र आते है कार्यवाही के लिए और अब थाना अध्यक्ष विन्ध्याचल यह आख्या उपलब्ध कराते है अपराध अहस्तक्षेपित होने केकारण उ इसका मतलब सिर्फ मुख्यमंत्री सचिवालय समझ सकता है आवेदिका उ का मतलब उल्लू समझती है जो उसे बना दिया गया |अखिलेश सर आपने महिलाओं के ऊपर होने वाले अपराध को रोकने के लिए कई कदम उठाए है जिनका परिणाम इसी प्रकार सामने आता होगा और यही कारण है प्रदेश से अपराध कम होने का नाम नहीं ले रहा है क्यों की विवेचना की रिपोर्ट चौकाने वाली होती है |
आवेदिका का कहना है कि विवेचना नहीं किया जा रहा है इस सम्बन्ध मेंअवगत कराना है अपराध अहस्तक्षेपित होने के कारण 
आवेदन काविवरण
शिकायतसंख्या
40019916000191
आवेदककर्ता कानाम:
Sagun Singh
विषय:
Whether this is not reflection of insolence and tyranny of local police that instead of carrying out investigation in the matter lodged under section 323,504 and 506 of Indian penal code concerned police in order to teach the lesson to aggrieved ,instituted proceedings against them under criminal penal code 107116 Whether aggrieved were punished by police for taking shelter of police With due respect your applicant wants to draw the kind attention of the Honble Sir to the following submissions as follows 1-It is submitted before the Honble Sir that from the information made available by superintendent of police ,district-Mirzapur ipsofacto obvious that police instead of taking action against criminal elements who assaulted the aggrieved  with sophisticated weapons in the night made efforts to shut the mouth of victims who were already terrified with the criminal elements Honble Sir may be pleased to take a glance of attached documents with this representation 2-It is submitted before the Honble Sir that whether the act of local police is admirable who instead of taking action against criminal elements promoted them by taking action against aggrieved victims This is the root cause that morale  of these criminal elements is always high because it is protected by the police 3-It is submitted before the Honble Sir that what is the value of representations forwarded by chief minister office with advice note to district police and principal secretary home as they only caused troubles to victims as witness testimony was taken from vctims only to mislead us not to take action against criminal elements It is most unfortunate that summon was also served to your applicant in the matter concerned through the subordinate staffs and my precious time only wasted
नियततिथि:
13 – Apr – 2016
शिकायतकी स्थिति:
लम्बित
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भकाप्रकार
आदेश देनेवालेअधिकारी
आदेशदिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या
नियतदिनांक
स्थिति
आख्यारिपोर्ट
1
आख्या
ऑनलाइनसन्दर्भ
29 – Mar – 2016
वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षकमिर्ज़ापुर,पुलिस
13 – Apr – 2016
अधीनस्थको प्रेषित
2
आख्या
वरिष्ठ /पुलिसअधीक्षक(पुलिस )
30 – Mar – 2016
थानाध्‍यक्ष/प्रभारी नि‍रीक्षकविन्ध्याचल,जनपदमिर्ज़ापुर,पुलिस
आवश्यककार्यवाहीकरने काकष्ट करेंएवंआख्याप्रेषितकरें
प्रकरण कीजाँचथानाध्यक्षविन्ध्याचलसे करायीगयी तो ज्ञातहुआ किश्रीमती सगुनसिंह पत्नीकृष्ण कुमारसिंहनिवासिनीबबुरा थानाविन्ध्याचलमीरजापुर केपुत्र अतुलकुमार सिंहद्वाराएनसीआरनम्बर – 75/15बनाम राजेशसिंहरोशनसिंह सुनील सिंहतथा महीतसिंह केविरूद्धपंजीकृतकराया गयाजिसमें धारा– 107/1160प्र0संकेतहतकार्यवाहीकिया जाचुका है उक्तएनसीआरको विवेचनाके सम्बन्धमें आवेदिकाका कहना हैकि विवेचनानहीं कियाजा रहा है इससम्बन्ध मेंअवगतकराना हैअपराधअहस्तक्षेपितहोने केकारण 
श्री मान जी कृपया विंध्याचल पुलिस को और पत्र अग्रसारित न करे नहीं तो प्रार्थी और उसके संबंधियों को विन्ध्याचल पुलिस के कोप का भाजन बनना पड सकता है |वैसे भी वे लोग काफी क्रोध में है |
                                        आवेदिका
                       सगुन सिंह मोबाइल नंबर९६९५५२५०८७ 
   ग्राम व पोस्टबबुरा ,ज़िला-मिर्ज़ापुर ,राज्यउत्तर प्रदेश ,भारत पिन कोड -२३१३०३ .

2 comments on सर आप तो जानते है की शासन के पत्रों से विक्टिम को ही परेशानी होती है इसलिए अग्रसारित न करके चिंतन करे

  1. Honble Sir what is the value of representations forwarded by chief minister office with advice note to district police and principal secretary home as they only caused troubles to victims as witness testimony was taken from vctims only to mislead us not to take action against criminal elements It is most unfortunate that summon was also served to your applicant in the matter concerned through the subordinate staffs and my precious time only wasted

  2. आवेदन का विवरण
    शिकायत संख्या 40019916000191
    आवेदक कर्ता का नाम: Sagun Singh
    विषय: Whether this is not reflection of insolence and tyranny of local police that instead of carrying out investigation in the matter lodged under section 323,504 and 506 of Indian penal code concerned police in order to teach the lesson to aggrieved ,instituted proceedings against them under criminal penal code 107116 Whether aggrieved were punished by police for taking shelter of police With due respect your applicant wants to draw the kind attention of the Honble Sir to the following submissions as follows 1-It is submitted before the Honble Sir that from the information made available by superintendent of police ,district-Mirzapur ipsofacto obvious that police instead of taking action against criminal elements who assaulted the aggrieved with sophisticated weapons in the night made efforts to shut the mouth of victims who were already terrified with the criminal elements Honble Sir may be pleased to take a glance of attached documents with this representation 2-It is submitted before the Honble Sir that whether the act of local police is admirable who instead of taking action against criminal elements promoted them by taking action against aggrieved victims This is the root cause that morale of these criminal elements is always high because it is protected by the police 3-It is submitted before the Honble Sir that what is the value of representations forwarded by chief minister office with advice note to district police and principal secretary home as they only caused troubles to victims as witness testimony was taken from vctims only to mislead us not to take action against criminal elements It is most unfortunate that summon was also served to your applicant in the matter concerned through the subordinate staffs and my precious time only wasted
    नियत तिथि: 13 – Apr – 2016
    शिकायत की स्थिति: लम्बित
    अग्रसारित विवरण-
    क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या नियत दिनांक स्थिति आख्या रिपोर्ट
    1 आख्या ऑनलाइन सन्दर्भ 29 – Mar – 2016 वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षक-मिर्ज़ापुर,पुलिस — 13 – Apr – 2016 अधीनस्थ को प्रेषित
    2 आख्या वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षक (पुलिस ) 30 – Mar – 2016 थानाध्‍यक्ष/प्रभारी नि‍रीक्षक-विन्ध्याचल,जनपद-मिर्ज़ापुर,पुलिस आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें प्रकरण की जाँच थानाध्यक्ष विन्ध्याचल से करायी गयी तो ज्ञात हुआ कि श्रीमती सगुन सिंह पत्नी कृष्ण कुमार सिंह निवासिनी बबुरा थाना विन्ध्याचल मीरजापुर के पुत्र अतुल कुमार सिंह द्वारा एनसीआर नम्बर – 75/15 बनाम राजेश सिंह, रोशन सिंह व सुनील सिंह तथा महीत सिंह के विरूद्ध पंजीकृत कराया गया जिसमें धारा – 107/116 द0प्र0सं0 के तहत कार्यवाही किया जा चुका है उक्त एनसीआर को विवेचना के सम्बन्ध में आवेदिका का कहना है कि विवेचना नहीं किया जा रहा है इस सम्बन्ध में अवगत कराना है अपराध अहस्तक्षेपित होने के कारण उ 13 – Apr – 2016 निस्तारण हेतु लंबित

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