भारत स्वच्छता मिशन ६००० रुपये पर शौचालय न देने पर अपात्र लेकिन फिर भी साफ सुथरी सरकार जय हो भ्रस्टाचार दूर २०१९

 

 

 

 

 

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>
भारत स्वच्छ मिशन के तहत बनने वाले शौचालयों में घोर अनियमितता और यह अनियमितता जिलास्तरीय अधिकारिओं की मिली भगत से फल फूल रहा है |
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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> 30 May 2018 at 01:30
To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, supremecourt <supremecourt@nic.in>, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, cmup <cmup@up.nic.in>, hgovup@up.nic.in, csup@up.nic.in, uphrclko <uphrclko@yahoo.co.in>
श्री मान प्रधान मंत्री महोदय आपने चुनाव के समय जो वादे किये उसका दसवा हिस्सा भी पूरा नही किया गया |
श्री मान जी कांग्रेस भ्रष्ट थी तो इस समय क्या भ्रष्टाचार का नंगा नाच नही हो रहा है श्री मान जी प्रार्थी द्वारा दिनांक १८-मई-२०१८ को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया की रेखा दुबे को भारत स्वच्छ अभियान के तहत बनाये गये शौचालय का अनुदान उपलब्ध नही कराया गया जब की वित्तीय वर्ष २०१७-२०१८ ख़त्म हो चूका है और इस समय वित्तीय वर्ष २०१८-२०१९ चल रहा है |
श्री मान जी जिला पंचायत राज अधिकारी बालेश धर  द्विवेदी के पत्र दिनांक २८-०५-२०१८
और ऐ.डी. ओ. पंचायत के दिनांक २६-०५-२०१८ के पत्र का परिशीलन करे जो की प्रत्यावेदन के साथ संलग्न है |
श्री मान जी न्याय का नैसर्गिक सिद्धांत यही कहता है की पत्र की निस्तारण
प्रार्थी के निवेदन के अनुसार किया जाता है
किन्तु उपरोक्त दोनों अधिकारिओं ने मिलकर साजिस के तहत एक जांच कर डाली
वह भी पेपर पर ब्यथित महिला की पात्रता ही ख़त्म कर डाली जब की पात्रता सम्बन्धी चुनौती किसी ने नही दिया |
श्री मान जी महत्वपूर्ण तथ्य यह है की यदि ब्यथित महिला पात्रता की औपचारिकताए पूरी नही करती थी आपने उसे शौचालय आई. डी. क्यों प्रदान की |
इस स्टेज पर पात्रता चेक तो तभी हो सकता है जब कोई चैलेन्ज करे | श्री मान जी दिनांक २६-०५-२०१८ की जांच जो पेपर की गई और प्रार्थी के शिकायत को आधार बनाया गया पूर्ण रूप से अन्यायपूर्ण है
क्यों की प्रार्थी द्वारा अनियमितता का आरोप तो सरकारी विभाग द्वारा दिए जाने वाले सरकारी सहायता के वितरण में अनियमितता से सम्बंधित है न की पात्रता व अपात्रता से सम्बंधित |
बाद में जो तथ्य सामने आया है वह और चौकाने वाला है की पंचायत राज विभाग के कर्मचारी महिला से ६००० रुपये मागे सहायता उपलब्ध कराने वास्ते किन्तु महिला कहा से देती क्योकि उसका रूपया २५००० शौचालय बनवाने में खर्च हो गया था जिसमे कुछ कर्ज ली थी दो तीन हजार की बात करते तो ठीक था सीधे पचास परसेंट माग रहे थे और यही पचास परसेंट कमीशन सारी विवाद का जड़ है | रिषभ दुबे जी का यही न कहना है की यदि  Rishabh Dubey यहाँ तक की वो कहे थे की हमको 6000 दे देना तो हम तम्हरा चेक दे देंगे
अर्थात ६००० रुपये की ब्यवस्था करके पहले दे दो तब १२ हजार का चेक मिलेगा
अर्थात फिर स्थानीय साहुकारो से कर्ज ले | श्री मान जी अभी तक शौचालय नही बन पाया था पात्रता तो इसी से सिद्ध हो जाती है क्यों की जिस प्रकार मुख्य विकास अधिकारी लोटा छीनने की बात करते है उससे तो यही निष्कर्ष निकलता है की हर किसी को जिसके पास शौचालय नही है मोदी सरकार शौचालय बनवा रही है अन्यथा लोटा छीनने की बात पेपर में क्यों निकलती | अरे सर आपने ही पात्र बना कर अपात्र बना दिया यदि पात्र नही तो आई. डी. क्यों जारी की गयी | फिर देखे  Rishabh Dubey सर यहाँ जिसको भी पैसा मिला है सब के पास दो मंजिला मकान है अर्थात लालगंज एक कस्बा है जहा सभी के पास मकान होगा हां जिनके पास शौचालय नही था उनको दिया गया किन्तु गड़बड़ी तो ५० परसेंट बारगेनिंग पर शुरू हुई | देखने में भी ख़राब लग रहा है की १२००० रुपये में ६००० रुपये वे लेना चाहते है जिनका सिर्फ तन्ख्व्वाह एक लाख के समीप है मंथली |
Rishabh Dubey सर यहाँ जिसको भी पैसा मिला है सब के पास दो मंजिला मकान है
 · Reply · 16h
Rishabh Dubey यहाँ तक की वो कहे थे की हमको 6000 दे देना तो हम तम्हरा चेक दे देंगे
 · Reply · 16h
आवेदन काविवरण
शिकायतसंख्या
40019918011666
आवेदक कर्ताका नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ताका मोबाइलन०:
7379105911,7379105911
विषय:
Non-payment of government aid of Toilets built under clean India mission initiated
 by our prime minister in the financial year 2017-2018An application under
Article 51 A of the constitution of India in order to seek justice for a middle-aged
woman facing breach of trust by the staffs of the government belonging to Lalganj
block Subject-Clean India mission, Financial year-2017-18, LID Code-79657-0021
 Rekha Dubey WO Ravindra, still waiting for the government aid as promised by the
 concerned staffs of development block The matter is concerned with the aggrieved
 lady Rekha Dubey WO Ravindra Kumar Dubey Mobile Number -9794697163
Village -Lalganj, Post-Lalganj, Development block-Lalganj, Police station-Lalganj,
District-Mirzapur and Pincode-231211 With due respect, your applicant wants to
draw the kind attention of the Honble Sir to the following submissions as follows
1-It is submitted before the Honble Sir that on one side of screen those go to be fresh
under the open sky are returned back by the voluntary groups made by the staffs of
 the government not actually true but published in the local dailies in order to reap
the mileage of the clean India mission but another side of the coin is too much terrific
 Think about the gravity of the situation that aggrieved lady waiting for the
government aid which has not been provided even after the completion of the toilet
and next financial has passed one and half months 2-It is submitted before the Honble
 Sir that in order to prove the claim certain images of different angles of the toilet
and codding with the ID proof is attached with this representation Poor village lady
took the debt from the local landlord with the assurance that when the government
will provide the aid, then the principal will be returned with the interest but now he
is reminding again and again Point to be noted that Bank levies interest yearly but
these local money lenders charges interest monthly with a too much high rate 3-It is
submitted before the Honble Sir that such cases are not published in the local dailies
but local media gives special coverage to every meeting of the accountable public
staffs convened in regard to clean India mission Honble Sir may be pleased to direct
the concerned staffs to provide the government aid to the aggrieved lady in
accordance with the law and those procrastinated in the matter must be subjected to
the proper scrutiny under the appropriate law This is a humble request of your
applicant to you Honble Sir that It can never be justified to overlook the rights of the
citizenry by delivering services in an arbitrary manner by floating all set up norms
This is sheer mismanagement which is encouraging wrongdoers to reap the benefit
of loopholes in the system and depriving poor citizens of the right to justice
Therefore it is need of the hour to take concrete steps in order to curb grown anarchy
 in the system For this, your applicant shall ever pray you, Honble Sir Yours sincerely
 Yogi M P Singh Mobile number-7379105911 Mohalla-Surekapuram, Jabalpur Road
 District-Mirzapur, Uttar Pradesh, India
नियत तिथि:
02 – Jun – 2018
शिकायत कीस्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 29/05/2018को फीडबैक:- श्री मान जी प्रकरण का विषय क्या है 
जो शौचालय पास हुआ है 
उसकासरकारी सहायता उपलब्ध कराना 
की योग्यता या अयोग्यता सिद्ध करना 
सहायक बिकाश अधिकारीद्वारा पूर्व में अयोग्यता क्यों नही सिद्ध की गयी 
अब तो किसी के आपत्ति पर अपात्रता सिद्ध हो सकती है
एक के विरुद्ध कार्यवाही सिर्फ भ्रस्टाचार को 
परिलक्षित करती है इस स्टेज पर 
क्या किसी से अपना हक़मागना अपराध है श्री मान 
जिलाधिकारी महोदय क्या पात्रता और अपात्रता की पहचान 
शौचालय निर्माणके उपरांत 
होता है या पूर्व होता है 
क्या यह सच नही है की जिला पंचायत राज अधिकारी अभी तक 
क्यों चुपीसाधे हुए थे और प्रार्थी के लगाए हुए 
सभी संलग्नक चीख चीख कर कह रहे है की 
शौचालय निर्माण कीप्रक्रिया स्वच्छ भारत मिशन के तहत किया गया 
जिसका प्रस्ताव 
एस्टीमेट  अन्य चीजे नियम बध्धतरीके से की जाती है |
यह भी सच है की पूर्व में शौचालय 
नही था श्री मान जी ब्यथित ने 
जब शौचालय केअनुदान  देने की बात कही तो 
वह अयोग्य 
हो गया यह तो आपके जिला पंचायत राज अधिकारी 
और सहायक बिकाश अधिकारी 
लालगंज की विद्वेष पूर्ण कार्यशैली का परिणाम है 
जो अभी चिंगारी है दावानलबनना शेष है
 श्री मान जी जिला पंचायत राज अधिकारी का पूरा कलाकारी मै जानता हु 
किस प्रकार घुश 
लेकर नियम विरुद्ध काम करते है |
ये तो अपने चार पाच साल के कार्य काल में सिर्फ सरकारी
 धन के गमनकरने वालो को सारे नियमो को ताख पर रख कर छोड़ा है |
हमे लग रहा है जिला
 पंचायत राज अधिकारीबालेश धर द्विवेदी का स्थानांतरण 
अभी यहा से हुआ ही नही है यही 
कारण है की पहले शौचालय पास हुआ
अब उसे अपात्र कर दिए अगर शिकायत करता विरोध 
 करता तो उपरोक्त शौचालय का पैसा बंदरबाट करलेते 
अब सिर्फ इनकी झुझलाहट दिख 
रही है |
फीडबैक कीस्थिति:
फीडबैक विचाराधीन
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ 
काप्रकार
आदेश देने
 वाले
अधिकारी
आदेश 
दिनांक
अधिकारी को
 प्रेषित
आदेश
आख्या 
दिनांक
आख्या
स्थिति
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
18 – May – 2018
जिलाधिकारी
मिर्ज़ापुर,
28/05/
2018
आख्‍या 
अपलोडहै
निस्तारित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
18 – May – 2018
जिला पंचायत राज
अधिकारीमिर्ज़ापुर,
पंचायतीराज विभाग
नियमनुसार
आवश्यक
कार्यवाहीकरें
 आख्‍या
अपलोड है
28/05/
2018
refer to attach file(आप
शौच्लय 
के लिएपात्र 
नहीं है )
निस्तारित
This is a humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law of land? There is need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Hon’ble Sir.                                                          Yours sincerely

 

Date-30-05-2018              Yogi M. P. Singh, Mobile number-7379105911, Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin code-231001.

 

 

 

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

श्री मान जी न्याय का नैसर्गिक सिद्धांत यही कहता है की पत्र की निस्तारण प्रार्थी के निवेदन के अनुसार किया जाता है किन्तु उपरोक्त दोनों अधिकारिओं ने मिलकर साजिस के तहत एक जांच कर डाली वह भी पेपर पर ब्यथित महिला की पात्रता ही ख़त्म कर डाली जब की पात्रता सम्बन्धी चुनौती किसी ने नही दिया |श्री मान जी महत्वपूर्ण तथ्य यह है की यदि ब्यथित महिला पात्रता की औपचारिकताए पूरी नही करती थी आपने उसे शौचालय आई. डी. क्यों प्रदान की | इस स्टेज पर पात्रता चेक तो तभी हो सकता है जब कोई चैलेन्ज करे | श्री मान जी दिनांक २६-०५-२०१८ की जांच जो पेपर की गई और प्रार्थी के शिकायत को आधार बनाया गया पूर्ण रूप से अन्यायपूर्ण है क्यों की प्रार्थी द्वारा अनियमितता का आरोप तो सरकारी विभाग द्वारा दिए जाने वाले सरकारी सहायता के वितरण में अनियमितता से सम्बंधित है न की पात्रता व अपात्रता से सम्बंधित |
बाद में जो तथ्य सामने आया है वह और चौकाने वाला है की पंचायत राज विभाग के कर्मचारी महिला से ६००० रुपये मागे सहायता उपलब्ध कराने वास्ते किन्तु महिला कहा से देती क्योकि उसका रूपया २५००० शौचालय बनवाने में खर्च हो गया था

Arun Pratap Singh
2 years ago

श्री मान जी भ्रस्टाचार का गन्दा खेल खुद सरकारी कर्मचारिओं द्वारा खेला जा रहा है हम कहते है तुम्हे लाखो रुपये तनख्वाह पर मंथ मिल रही है फिर भी वसूली | क्या जो सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर है और जो कुछ देश की संपत्ति है उसका उपभोग मुट्ठी भर लोग करेंगे और भारी भरकम आबादी जो भुखमरी और बेहाली के कगार पर है उसका क्या होगा |राम रोटी इंसाफ का नारा देने वाली यह भाजपा सरकार तो लोगो के मुह का निवाला छिनने में जुटी है |क्या अब नौकरशाह देश को चलायेगे |