हमे तो पप्पू बुद्धिमान दीखता है और दूरदर्शी भी किन्तु जो पप्पू पप्पू चिल्ला रहे है सिर्फ राष्ट्र हित का दिखावा कर रहे है

If the ruler
may be puppet in the hand of its subordinates, then interest of citizenry can’t
be safeguarded. Undoubtedly the political master may be man of discretion otherwise interest of nation is no more safe. Democracy ensures the rights of each and everyone but here 10 percent elite class is entertaining the entire infrastructure and rest 90 percent population is on the verge of hunger.

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019919014084
आवेदक कर्ता का
नाम:
Santosh Kumar Maurya
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
9454367980,9454367980
विषय:
सेवा में श्री मान कुलपति छत्रपति शाहू
जी महराज विश्वविद्यालय कानपुर विषय –
प्रार्थी का अंकपत्र में नाम सुधरवाने हेतु | महोदय, प्रार्थी श्री मान जी का
ध्यान निम्न विन्दुओं पर
आकृष्ट करता है | प्रार्थी स्वर्गीय कृपा शंकर तिवारी महाविद्यालय नहवाई मेजा इलाहाबाद का २००९ से २०११ तक छात्र रहा | जो आप के विश्वविद्यालय से सम्बद्ध था | प्रार्थी का २००९ के अंक पत्र जो
विश्वविद्यालय द्वारा घोषित किया गया उसमे SANTOSH
KUMAR MAURYA
के स्थान पर SANTOSH KUMAS MAURYA जारी हुआ सोचिए R के स्थान पर
S की प्रविष्टि की
गई जो
आप के
विश्वविद्यालय के
स्तर से
की गई
| प्रार्थी द्वारा शुद्ध कराने वास्ते १००० रुपये कॉलेज प्रशासन को
जो शिक्षक माध्यम से
सन २०१० में ही
दिया गया | किन्तु २०१० और
२०११ में भी वही त्रुटी बनी रही | और आज तक वह
शुद्ध हो
कर प्रार्थी को नही मिली | श्री मान जी
यदि समय बद्ध तरीके से कार्यवाही होता तो
२०१० और
२०११ में जारी अंकपत्र में अशुद्धी होती | श्री मान जी
२०१० में ही जमा १००० रुपये और अब
जा कर
१४ जून २०१८ को विश्वविद्यालय द्वारा प्राप्ति रशीद उपलब्ध कराई गई
जो की
संलग्नको से
स्पस्ट है
| श्री मान जी २०१० से २०१९ तक अर्थात लगभग वर्षो से प्रार्थी मानसिक शारीरिक उसके साथ आर्थिक छति झेल रहा है और
अभी तक
उसको शुद्ध अंक पत्र उपलब्ध नही कराया गया | गलती विश्वविद्यालय की
और प्रताड़ना छात्र को
क्या यही सुशासन है
| क्या छात्र का
भविष्य अंधकारमय नही किया गया | श्री मान जी सविनय अनुरोध है
की प्रार्थी को उसके अंकपत्र के
साथ छति पूर्ति भी
उपलब्ध कराई जाय | प्रार्थी
दिनांक
०७०३२०१९ संतोष कुमार मौर्या पुत्र
दशानंद मौर्या ग्राम और पोष्ट –
नकहरा जिला मिर्ज़ापुर पिनकोड २३१००१
नियत तिथि:
22 – Mar – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
प्राप्त अनुस्मारक
क्र..
अनुस्मारक
प्राप्त दिनांक
1
नियत तिथि– 22 – Mar – 2019 , शिकायत की स्थितिलम्बित महोदय आप द्वारा निस्तारण
का जो तिथि तय किया गया है जैसा कि स्पस्ट है २२ मार्च २०१९ है और आज २३ मार्च २०१९ है अर्थात नियत तिथि का मतलब सरकारी विभाग को अपनी आख्या उस तिथि के पश्चात ही देनी है | क्या यही सुशासन है जिसमे मुख्य मंत्री कार्यालय
द्वारा तय समय सीमा का भी ख्याल भी अधीनस्थो द्वारा नही किया जा रहा है | कोई भी शिकायत गई फाइल कर दिए | क्या सरकार घर बैठने की तनख्वाह देती है | इतने वर्षो से टाल मटोल और गजब तो तब हो गया की एक वर्ष से फॉर्मेलिटी पूरा है फिर भी कुमास को कुमार नही बनाना चाहते है | साप जहरीला नहो तब भी फूक फूक कर अपना साख बनाये रखता है किन्तु मुख्य मंत्री कार्यालय का स्तर क्या है वही जाने |
23 Mar 2019
फीडबैक :
दिनांक 30/03/2019को फीडबैक:- A report carrying the
sign of registrar of Kanpur university is attached to the grievance on this
august portal of the government of Uttar Pradesh and taking the recourse of
which concerned accountable public functionaries of the government of Uttar Pradesh
considered the submitted grievance of the aggrieved applicant disposed
without taking the perusal of the report and points of the submitted
grievance. Honourable Sir where is the relevancy between the contents of the
grievance and reports submitted by the erring staffs of the Kanpur
University. Sir it is unfortunate that Registrar of the aforementioned
University instead of taking more than the stipulated time, neither took the
perusal of the contents of the grievance nor took the perusal of the pages of
the attached PDF documents. I know well that most of the staffs of the Kanpur
University are not well versed in the international language so it would be
appropriate to describe the lacunae in the redressal of the grievance in the
mother tongue Hindi.
श्री मान जी प्रार्थी द्वारा रजिस्ट्रार महोदय से
यह नही पूछा गया है की
वे प्रार्थी को प्रोसेस से अवगत कराये की
अंक पत्र सुधारने का
क्या फीस है या
क्या जमा होना चाहिए बल्कि उन्हें संलग्नक के
तीन चौथे पेज को
पढ़ कर
जान लेना चाहिए था
की यह
एक वर्ष पूर्व प्रार्थी की ओर
से सम्बंधित कॉलेज द्वारा शुल्क रशीद है | परीक्षा वर्ष २००९ , २०१० २०११ का
अंक पत्र सुधार वास्ते जमा की
गई शुल्क की रशीद संलग्न है
| श्री मान क्या कानपूर विश्वविद्यालय अंक पत्र सुधारने के
लिए बार बार शुल्क की मांग करता है
क्या और
बार बार दस्तावेजो की
मांग करता है | श्री मान जी रजिस्ट्रार से पूछा जाय की
मोदी और
योगी के
सुशासन में भी वह
वर्ष भर
में अंक पत्र में सुधार क्यों नही कर
पाए | उन्होंने तय समय में जनसुनवाई पोर्टल पर आख्या क्यों नही प्रतुत की
| उन्होंने शिकायत को
बिना पढ़े और बिना संलग्नको का
अवलोकन किये आधारहीन असंगत आख्या क्यों प्रस्तुत की
| श्री मान जी
रजिस्ट्रार की
जवाबदेही निश्चित हो | मामले की जांच कराई जाय जितने भी दोषी हो उनके खिलाफ कार्यवाही हो | सोचिये जिस पोर्टल की
बारीकी से
निगरानी मुख्य मंत्री कार्यालय करता है
उसको रजिस्ट्रार कानपूर विश्वविद्यालय कितना तवज्जोह देता है
आख्या से
स्पष्ट है
श्री मन
पोष्ट से
व्यक्ति की
गरिमा बढ़ते देखा किन्तु व्यक्ति से
पोष्ट की
गरिमा घटते अब अक्सर देख रहा हूँ |
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक
प्राप्त

आवेदन
का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
07 – Mar – 2019
रजिस्ट्रार छत्रपति शाहूजी महाराज
विश्विद्यालय
, कानपुर
27/03/2019
regarding the complaint resolved letter copy is attached kindly
find it.
निस्तारित

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Yogi
1 year ago

उन्होंने तय समय में जनसुनवाई पोर्टल पर आख्या क्यों नही प्रतुत की | उन्होंने शिकायत को बिना पढ़े और बिना संलग्नको का अवलोकन किये आधारहीन असंगत आख्या क्यों प्रस्तुत की | श्री मान जी रजिस्ट्रार की जवाबदेही निश्चित हो | मामले की जांच कराई जाय जितने भी दोषी हो उनके खिलाफ कार्यवाही हो | सोचिये जिस पोर्टल की बारीकी से निगरानी मुख्य मंत्री कार्यालय करता है उसको रजिस्ट्रार कानपूर विश्वविद्यालय कितना तवज्जोह देता है आख्या से स्पष्ट है श्री मन पोष्ट से व्यक्ति की गरिमा बढ़ते देखा किन्तु व्यक्ति से पोष्ट की गरिमा घटते अब अक्सर देख रहा हूँ |

Arun Pratap Singh
1 year ago

सोचिये पूर्ण रूप से आराजकता है और कुछ भी नियमानुसार नही है १५ दिन पश्चात भी जनसुनवाई पोर्टल अलाह्दियो की तरह बैठा हुआ है |
फीडबैक : दिनांक 30/03/2019को फीडबैक:-श्री मान जी प्रार्थी द्वारा रजिस्ट्रार महोदय से यह नही पूछा गया है की वे प्रार्थी को प्रोसेस से अवगत कराये की अंक पत्र सुधारने का क्या फीस है या क्या जमा होना चाहिए बल्कि उन्हें संलग्नक के तीन व चौथे पेज को पढ़ कर जान लेना चाहिए था की यह एक वर्ष पूर्व प्रार्थी की ओर से सम्बंधित कॉलेज द्वारा शुल्क रशीद है | परीक्षा वर्ष २००९ , २०१० व २०११ का अंक पत्र सुधार वास्ते जमा की गई शुल्क की रशीद संलग्न है | श्री मान क्या कानपूर विश्वविद्यालय अंक पत्र सुधारने के लिए बार बार शुल्क की मांग करता है क्या और बार बार दस्तावेजो की मांग करता है | श्री मान जी रजिस्ट्रार से पूछा जाय की मोदी और योगी के सुशासन में भी वह वर्ष भर में अंक पत्र में सुधार क्यों नही कर पाए | उन्होंने तय समय में जनसुनवाई पोर्टल पर आख्या क्यों नही प्रतुत की | उन्होंने शिकायत को बिना पढ़े और बिना संलग्नको का अवलोकन किये आधारहीन असंगत आख्या क्यों प्रस्तुत की | श्री मान जी रजिस्ट्रार की जवाबदेही निश्चित हो | मामले की जांच कराई जाय जितने भी दोषी हो उनके खिलाफ कार्यवाही हो | सोचिये जिस पोर्टल की बारीकी से निगरानी मुख्य मंत्री कार्यालय करता है उसको रजिस्ट्रार कानपूर विश्वविद्यालय कितना तवज्जोह देता है आख्या से स्पष्ट है श्री मन पोष्ट से व्यक्ति की गरिमा बढ़ते देखा किन्तु व्यक्ति से पोष्ट की गरिमा घटते अब अक्सर देख रहा हूँ |
फीडबैक की स्थिति:फीडबैक प्राप्त

Beerbhadra Singh
1 year ago

Undoubtedly it is reflection anarchy in the government machinery because Kanpur Shahu Ji Maharaj University is State University which is supervised by the state government. Here this question arises that whether 10 years are not sufficient to correct the marksheet of the student belonging to the weaker section. Most surprising is that in the Government of of Bharatiya Janata Party which is known as good governance by the leaders of the saffron brigade 1 year ago fees of all the three mark sheets ware deposited by the college in order to correct the mark sheets unfortunately correction of mark sheets still awaited by the aggrieved student.

Yogi
1 year ago

फीडबैक की स्थिति: सन्दर्भ पुनर्जीवित आवेदन का संलग्नक संलग्नक देखें
अग्रसारित विवरण-
क्र.स.सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक
आख्या स्थिति आख्या रिपोर्ट 1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 07 – Mar – 2019 रजिस्ट्रार -छत्रपति शाहूजी महाराज विश्विद्यालय, कानपुर 27/03/2019
regarding the complaint resolved letter copy is attached kindly find it.
C-श्रेणीकरण
2 आख्या अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव( उच्‍च शिक्षा विभाग) 15 – Apr – 2019
रजिस्ट्रार -छत्रपति शाहूजी महाराज विश्विद्यालय, कानपुर
कृपया प्रकरण का गंभीरता से पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई है
अनमार्क