गरीबो के लिए सरकार प्लाट आबंटित करती और उसको अमीर लोग चार चार पांच पांच प्लाट भिन्न भिन्न नामो से क्रय कर लेते है

गरीबो के लिए सरकार प्लाट आबंटित करती और उसको अमीर लोग चार चार पांच पांच प्लाट भिन्न भिन्न नामो से क्रय कर लेते है सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रस्टाचार की मदद से इस तरह से सरकार योजनाए भी सिर्फ अमीरों का हितसाधन बन कर रह जाती हैं |

जनसुनवाई
समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली, उत्तर प्रदेश
सन्दर्भ संख्या:-40015719066291

आवेदनकर्ता का विवरण :

नाम Yogi M. P. Singh
पिता/पति का नाम  
लिंग :
मोबाइल नंबर-1 : 7379105911
मोबाइल नंबर-2 : 7379105911
ईमेल yogimpsingh@gmail.com
Address : Mohalla
Surekapuram Lakshmi Narayan Baikunth Mahadev Mandir District Mirzapur PIN
Code 231001

शिकायत/सुझाव क्षेत्र की जानकारी :

Area : नगरीय
शिकायत/सुझाव क्षेत्र का पता —-

आवेदन का विवरण :

आवेदन पत्र का विवरण श्री मान जी
आप द्वारा आख्या संख्या  २०६ २०१९ जनसुनवाई पोर्टल उत्तर प्रदेश पर लगाया गया है
जिसके अनुसार आपने सिर्फ भूखंड संख्या एस एस
१९१४१९१५  और १९१६ सेक्टर एच
, कानपुर रोड योजना के सम्बन्ध में मूल दस्तावेज तलब किये है
किन्तु प्राथी द्वारा पांच प्लाट अपने नजदीकी रिश्तेदारो के नाम खरीद कर
एक मकान बनाने की
शिकायत की
गयी है
जैसा की
पुलिस की
रिपोर्ट से
स्पस्ट है
| अब प्रार्थी आराधना सिंह उर्फ गुड्डी की
माँ श्री मती बीना  पत्नी श्री नेत्र पाल सिंह भूखंड संख्या एस
एस १९१७ और उनका भाई अजय कुमार पुत्र ब्रिज राज सिंह भूखण्ड संख्या एस  एस  १९१८ सेक्टर एच
का भी
संज्ञान लीजिए इन दोनों लोगो से
भी मूल दस्तावेज तलब  किये जाय क्यों की
इन पांच प्लाटों  की एक मालकिन है जैसा की पुलिस की रिपोर्ट से स्पस्ट है | इस घोटाले को हम
आगे और
बेपर्दा करेंगे | सम्बंधित दस्तावेज संलग्न है | महोदय ब्यथा निवारण का
सम्बन्ध जिस तरह से
ब्यथा से
मुक्ति होता है उसी तरह हर
शिकायत का
उद्देश्य होता है लक्ष्य हासिल करना और यदि लक्ष्य नहीं हासिल नहीं हुआ तो
शिकायत का
कोई मतलब नहीं रहा और पत्र लिखना और
मूल प्रति मांगना उस दिशा में पहल मात्र है | अभी तो वे लोग मूल प्रति देने में ही आना कानी करेंगे |  आवेदन का विवरण  शिकायत संख्या 40015719059911 
आवेदक कर्ता का नाम Yogi M
P Singh
विषयमहोदय पुलिस से ज्यादा यह मामला लखनऊ विकास प्राधिकरण के
भ्रस्टाचार से
सम्बंधित है
किस तरह से एक
एक लोगो ने पांच पांच छह
छह प्लाट लेकर सरकारी खजाने को
लखनऊ विकास प्राधिकरण के
कर्मचारिओं से
साठ  गाठ करके चूना  लगाया है
वह चौकाने वाला है
और महत्वपूर्ण है की
इतना बड़ा घोटाला सरकार  की एजेंसिआ पूर्ण रूप से
असफल रही पकड़ने में | श्री मान जी
मामले की
जांच कराके  दोषिओं को दण्डित किया जाए और सरकारी धन की
रिकवरी कराई जाय | सोचिये एक गरीब आदमी पांच प्लाट खरीद कर
एक मकान बनाएगा जो
की पूर्ण रूप से
अबैध और
अप्राकृतिक है
किन्तु लखनऊ विकास प्राधिकरण में व्याप्त भ्रस्टाचार से
ऐसा संभव हो रहा है | नई सरकार  की कथनी और
करनी में  यदि थोड़ा भी
सामंजस्य है
तो प्राथी कार्यवाही की
अपेक्षा करता है |
सन्दर्भ का प्रकार शिकायत
अधिकारी अधीक्षण अभियंता
विभाग आवास एवं शहरी नियोजन
सन्दर्भ श्रेणी आवंटन सम्बन्धी
संलग्नक : है

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40015719066291
आवेदक कर्ता का
नाम:
Yogi M. P. Singh
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
श्री मान जी
आप द्वारा आख्या संख्या  २०६ २०१९ जनसुनवाई पोर्टल उत्तर प्रदेश पर लगाया गया है
जिसके अनुसार आपने सिर्फ भूखंड संख्या एस एस
१९१४१९१५  और १९१६ सेक्टर एच
, कानपुर रोड योजना के सम्बन्ध में मूल दस्तावेज तलब किये है
किन्तु प्राथी द्वारा पांच प्लाट अपने नजदीकी रिश्तेदारो के नाम खरीद कर
एक मकान बनाने की
शिकायत की
गयी है
जैसा की
पुलिस की
रिपोर्ट से
स्पस्ट है
| अब प्रार्थी आराधना सिंह उर्फ गुड्डी की
माँ श्री मती बीना  पत्नी श्री नेत्र पाल सिंह भूखंड संख्या एस
एस १९१७ और उनका भाई अजय कुमार पुत्र ब्रिज राज सिंह भूखण्ड संख्या एस  एस  १९१८ सेक्टर एच
का भी
संज्ञान लीजिए इन दोनों लोगो से
भी मूल दस्तावेज तलब  किये जाय क्यों की
इन पांच प्लाटों  की एक मालकिन है जैसा की पुलिस की रिपोर्ट से स्पस्ट है | इस घोटाले को हम
आगे और
बेपर्दा करेंगे | सम्बंधित दस्तावेज संलग्न है | महोदय ब्यथा निवारण का
सम्बन्ध जिस तरह से
ब्यथा से
मुक्ति होता है उसी तरह हर
शिकायत का
उद्देश्य होता है लक्ष्य हासिल करना और यदि लक्ष्य नहीं हासिल नहीं हुआ तो
शिकायत का
कोई मतलब नहीं रहा और पत्र लिखना और
मूल प्रति मांगना उस दिशा में पहल मात्र है | अभी तो वे लोग मूल प्रति देने में ही आना कानी करेंगे |  आवेदन का विवरण  शिकायत संख्या 40015719059911 
आवेदक कर्ता का नाम Yogi M
P Singh
विषयमहोदय पुलिस से ज्यादा यह मामला लखनऊ विकास प्राधिकरण के
भ्रस्टाचार से
सम्बंधित है
किस तरह से एक
एक लोगो ने पांच पांच छह
छह प्लाट लेकर सरकारी खजाने को
लखनऊ विकास प्राधिकरण के
कर्मचारिओं से
साठ  गाठ करके चूना  लगाया है
वह चौकाने वाला है
और महत्वपूर्ण है की
इतना बड़ा घोटाला सरकार  की एजेंसिआ पूर्ण रूप से
असफल रही पकड़ने में | श्री मान जी
मामले की
जांच कराके  दोषिओं को दण्डित किया जाए और सरकारी धन की
रिकवरी कराई जाय | सोचिये एक गरीब आदमी पांच प्लाट खरीद कर
एक मकान बनाएगा जो
की पूर्ण रूप से
अबैध और
अप्राकृतिक है
किन्तु लखनऊ विकास प्राधिकरण में व्याप्त भ्रस्टाचार से
ऐसा संभव हो रहा है | नई सरकार  की कथनी और
करनी में  यदि थोड़ा भी
सामंजस्य है
तो प्राथी कार्यवाही की
अपेक्षा करता है |
नियत तिथि:
13 – Oct – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:

आवेदन
का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
28 – Sep – 2019
अधीक्षण अभियंता मण्डल लखनऊ,.प्र. आवास एवं विकास परिषद
अनमार्क

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40015719059911
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
9794760348,9794760348
विषय:
महोदय पुलिस से ज्यादा यह मामला लखनऊ विकास प्राधिकरण के भ्रस्टाचार से सम्बंधित है किस तरह से एक एक लोगो ने पांच पांच छह छह प्लाट लेकर सरकारी खजाने को लखनऊ विकास प्राधिकरण के कर्मचारिओं से साठ  गाठ करके चूना  लगाया है वह चौकाने वाला है और महत्वपूर्ण है की इतना बड़ा घोटाला सरकार  की एजेंसिआ पूर्ण रूप से असफल रही पकड़ने में | श्री मान जी मामले की जांच कराके  दोषिओं को दण्डित किया जाए और सरकारी धन की रिकवरी कराई जाय | सोचिये एक गरीब आदमी पांच प्लाट खरीद कर एक मकान बनाएगा जो की पूर्ण रूप से अबैध और अप्राकृतिक है किन्तु लखनऊ विकास प्राधिकरण में व्याप्त भ्रस्टाचार से ऐसा संभव हो रहा है | नई सरकार  की कथनी और करनी में  यदि थोड़ा भी सामंजस्य है तो प्राथी कार्यवाही की अपेक्षा करता है | महोदय प्रार्धना पत्र के साथ लखनऊ विकास प्राधिकरण के तीन इकरार नामा लगे है जो बाबू सिंह उसकी पत्नी आराधना उर्फ गुड्डी और कनिष्क कुमार सिंह के है जिसको उपरोक्त प्राधिकरण के कर्मचारी शीतला पाल सिंह सहायक नगर अधिकारी द्वारा सम्पादित किया गया है | जिसके अनुसार बाबू सिंह की उम्र ३० वर्ष पत्नी आराधना उर्फ गुड्डी सिंह की उम्र २५ वर्ष तथा पुत्र कनिष्क कुमार सिंह की उम्र १८ वर्ष है अर्थात गर्भ स्थापना के समय पिता की उम्र ११ वर्ष और माता की उम्र वर्ष अर्थात शास्त्र और विज्ञानं दोनों के लिए असंभव है किन्तु लखनऊ पुलिस और विकास प्राधिकरण के लिए बाबू सिंह और  उनकी पत्नी आदर्श है और व्यक्ति आदर्श पुरुष में दोष नहीं देखता तभी तो पति , पत्नी , पुत्र, पत्नी की माँ और पत्नी के भाई के नाम एक झटके में पांच प्लाट लखनऊ विकास प्राधिकरण के कानपुर योजना के सेक्टर एच मुख्य मार्ग पर एस  एस  प्रकार के योजना के हथियाये | गरीब लोगो का हक़ एक ही परिवार को आबंटित किया गया जिसका मुखिया बाबू सिंह पुलिस के अनुसार सीधा साधा अंगूठा टीप लेकिन हस्ताक्षर हिंदी और आंग्ल भाषा में कर लेते थे | सोचिये जो व्यक्ति इतना शातिर है की सरकारी कर्मचारियों से हर गलत काम करवा सकता था उसको लखनऊ पुलिस जिसके कारनामो से हमेशा योगी सरकार की किरकिरी हुई सीधा साधा मानता है | श्री मान किसी भी आपराधिक कृत्य के लिए आपराधिक मन जिम्मेदार होता है इरादा महत्वपूर्ण होता है | किन्तु पुत्र कनिष्क कुमार सिंह की उम्र बढ़ा कर बाबू सिंह,  और आराधना उर्फ गुड्डी सिंह तथा शीतला पाल सिंह सहायक नगर अधिकारी ने कोई अपराध कारित नहीं किया क्योकि सरकारी महकमा ऊपर से नीचे तक भ्रस्ट है | श्री मान जी आप ही अपने पुलिस विभाग को देखे जितने आख्या बाबू सिंह की मृत्यु से सम्बंधित है वे खुद में असंगत है जो इन आख्याओं को संदेहास्पद बना देते है | 
नियत तिथि:
25 – Sep – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 28/09/2019को फीडबैक:- श्री मान जी आप द्वारा आख्या संख्या  २०६ /२०१९ जनसुनवाई पोर्टल उत्तर प्रदेश पर लगाया गया है जिसके अनुसार आपने सिर्फ भूखंड संख्या एस एस१९१४,  १९१५  और १९१६ सेक्टर एच , कानपुर रोड योजना के सम्बन्ध में मूल दस्तावेज तलब किये है किन्तु प्राथी द्वारा पांच प्लाट अपने नजदीकी रिश्तेदारो के नाम खरीद कर एक मकान बनाने की शिकायत की गयी है जैसा की पुलिस की रिपोर्ट से स्पस्ट है | अब प्रार्थी आराधना सिंह उर्फ गुड्डी की माँ श्री मती बीना  पत्नी श्री नेत्र पाल सिंह भूखंड संख्या एस एस १९१७ और उनका भाई अजय कुमार पुत्र ब्रिज राज सिंह भूखण्ड संख्या एस  एस  १९१८ सेक्टर एच का भी संज्ञान लीजिए इन दोनों लोगो से भी मूल दस्तावेज तलब  किये जाय क्यों की इन पांच प्लाटों  की एक मालकिन है जैसा की पुलिस की रिपोर्ट से स्पस्ट है | इस घोटाले को हम आगे और बेपर्दा करेंगे | सम्बंधित दस्तावेज संलग्न है | महोदय ब्यथा निवारण का सम्बन्ध जिस तरह से ब्यथा से मुक्ति होता है उसी तरह हर शिकायत का उद्देश्य होता है लक्ष्य हासिल करना और यदि लक्ष्य नहीं हासिल नहीं हुआ तो शिकायत का कोई मतलब नहीं रहा और पत्र लिखना और मूल प्रति मांगना उस दिशा में पहल मात्र है | अभी तो वे लोग मूल प्रति देने में ही आना कानी करेंगे |  
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त

आवेदन का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
10 – Sep – 2019
अधीक्षण अभियंता मण्डल लखनऊ,.प्र. आवास एवं विकास परिषद
26/09/2019
अधीनस्थ अधिकारी के स्तर पर निस्तारित
निक्षेपित
2
अंतरित
अधीक्षण अभियंता (.प्र. आवास एवं विकास परिषद )
17 – Sep – 2019
उपाध्यक्षलखनऊ,विकास प्राधिकरण
कृपया प्रकरण में नियमानुसार कार्यवाही करने का कष्ट करें
26/09/2019
PLEASE SEE THE
ATTACHMENT .
निस्तारित

3 comments on गरीबो के लिए सरकार प्लाट आबंटित करती और उसको अमीर लोग चार चार पांच पांच प्लाट भिन्न भिन्न नामो से क्रय कर लेते है

  1. श्री मान जी आप द्वारा आख्या संख्या २०६ २०१९ जनसुनवाई पोर्टल उत्तर प्रदेश पर लगाया गया है जिसके अनुसार आपने सिर्फ भूखंड संख्या एस एस १९१४, १९१५ और १९१६ सेक्टर एच , कानपुर रोड योजना के सम्बन्ध में मूल दस्तावेज तलब किये है किन्तु प्राथी द्वारा पांच प्लाट अपने नजदीकी रिश्तेदारो के नाम खरीद कर एक मकान बनाने की शिकायत की गयी है जैसा की पुलिस की रिपोर्ट से स्पस्ट है | अब प्रार्थी आराधना सिंह उर्फ गुड्डी की माँ श्री मती बीना पत्नी श्री नेत्र पाल सिंह भूखंड संख्या एस एस १९१७ और उनका भाई अजय कुमार पुत्र ब्रिज राज सिंह भूखण्ड संख्या एस एस १९१८ सेक्टर एच का भी संज्ञान लीजिए इन दोनों लोगो से भी मूल दस्तावेज तलब किये जाय क्यों की इन पांच प्लाटों की एक मालकिन है

  2. Undoubtedly all the five have been served the notice by the Lucknow development authority. Here this question arises that whether the action will be limited to the notice or move forward and punitive action would be taken against the wrongdoers who misled the government by changing the name.This scheme was for poor people but it was provided to rich who were allotted five plots by using cunning tricks.Husband, wife, Son, mother in-law, brother in-law were allotted plots by making the mockery of the set up norms.

  3. This scheme was meant to weaker and downtrodden section but not reached to them whether it is not reflection of rampant corruption in the government machinery which is quite obvious from the post. Here this question arises that why government is adopting lackadaisical approach in taking action against the wrongdoers? Whether a poor man can buy 5 plots which was to be allotted to the weaker section? If the government is serious to the rights of the weaker section then they must take action against the concerned staff of the government.

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