मनमाना बिजली चोरी करा रहे हो इसका भार इमानदार उपभोक्ताओं पर ही पडेगा | भ्रस्टाचार सरकारी बिजली कम्पनीज का

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019918023735
आवेदक कर्ता का नाम:
रिषभ दुबे
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7388002308,7388002308
विषय:
बिजली विभाग लालगंज पॉवर स्टेशन के कर्मचारिओं द्वारा अवैध वसूली और सरकार को करोडो का चूना | श्री मान जी बिजली बिभाग का अवर अभियंता सरकार के प्रति जवाबदेही को बिलकुल भूल चुका है और बफादारी के बजाय उसी बृक्ष की जड़ को काट रहा है जिसकी छत्र छाया में जी रहा है | श्री मान जी अवर अभियंता महोदय उन उपभोक्ताओं को तरह तरह से परेशान कर रहे जो समय समय पर बिजली का बिल अदा कर रहे है | श्री मान पूरे लालगंज सबस्टेशन पर सिर्फ लालगंज कसबे में ५०० कटिया वाले कनेक्शन धारक है जिन्हें प्रार्थी अंगुलिओं पर गिना सकता है और जिनसे अवर अभियंता के मातहत महिनवारी वसूलते रहते है | श्री मान जी लालगंज सबस्टेशन के ऐसे कर्मचारिओं का नाम गिना सकता है जो बिना बैध कनेक्शन के दो दो ट्रांसफार्मर से कनेक्शन खीच लिए है क्या यह जायज है | श्री मान जी इमानदार उपभोक्ताओं का घरेलु कनेक्शन कमर्शियल बना देते है बिना नोटिस दिए और वर्ष पश्चात इकठ्ठा बिजली का बिल उपलब्ध करा देते है और उसके पश्चात घुश मागते है और जो नियमित बिजली का बिल देना चाहते है उन्हें बिल ही नही उपलब्ध कराते है | श्री मान जी क्या बिना नोटिस घरेलू कनेक्शन कमर्शियल किया जा सकता है क्या भारतीय संबिधान इस बात की इजाजत देता है | श्री मान जी क्या घरेलू कार्यो में उपयोग हुई बिजली का कमर्शियल रेट तय करना कहा तक जायज है | माननीय प्रधान मंत्री इसी मिर्ज़ापुर की धरती से तत्कालीन समाजवादी पार्टी का सफाया किया सिर्फ नजराना शुकराना पर भाषण देकर पर बहुत आश्चर्य है की आज कोई सुधार नजर नही रहा है | आज भी भ्रस्ताचारी निर्भीक अपने सिंडिकेट को चला रहे है उन पर कोई नियंत्रण नही है | क्या भ्रस्टाचार रोकने केवल भाषणों तक ही सीमित है | श्री मान मीटर लगने के उपरांत भी मीटर के अनुसार बिल नही बनाते है | मीटर के अनुसार बिजली का बिल उपलब्ध कराने हेतु भी पैसे की माग किया जाता है और कर्मचारी कहते है हमे कितनी सैलरी ही मिलती है अरे जो कोई काम नही कर रहा है वह लाखो रूपये सैलरी के रूप में पर महीने ले रहा है और अपने एयर कूल्ड कमरे में मस्ती मार रहा है और हम तो बहुत छोटा अमाउंट मागते है | उपरोक्त मेसेज समस्त जिम्मेदार लोक प्रधिकारिओं को भेजा इस लिए जा रहा है सभी इस मुहीम में प्रार्थी का सहयोग करे क्यों मामला भ्रस्टाचार और जनहित से जुडा मुद्दा है |
नियत तिथि:
24 – Sep – 2018
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 28/09/2018को फीडबैक:- श्री मान पूरे लालगंज सबस्टेशन पर सिर्फ लालगंज कसबे में ५०० कटिया वाले कनेक्शन धारक है जिन्हें प्रार्थी अंगुलिओं पर गिना सकता है और जिनसे अवर अभियंता के मातहत महिनवारी वसूलते रहते है | श्री मान जी बहुत आश्चर्य की बात है की गंभीर भ्रस्टाचार के मसले को अधिशाषी अभियंता महोदय बिना किसी कार्यवाही के निपटा दिया | श्री मान जी प्रार्थी से एक भी अवैध कनेक्शन धारी का नाम नही पूछा गया | श्री मान जी विष्णुकांत शास्त्री जी गवर्नर थे और अस्थाई तौर पर शासन देख रहे थे उन्होंने सार्वजनिक वक्तव्य में कहा ४९ प्रतिशत लाइन लॉस यह लाइन लोस नही सिर्फ चोरी है इसको हर हालत में रोका जाय और इसके लिए उन्होंने अभियान भी चलवाया था किन्तु कुछ महीने बाद ही सरकार बन गई | श्री मान जी क्या जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण मनमानी तरीके से कराया जाता है | श्री मान जी जो अधिशाषी अभियंता कभी उपभोक्ताओं का कॉल तक नही अटेंड करता है वह अपने नंबर को बता कर गंभीर भ्रस्टाचार के मामले को निस्तारित करा दिया |श्री मान जी लालगंज सबस्टेशन के ऐसे कर्मचारिओं का नाम गिना सकता है जो बिना बैध कनेक्शन के दो दो ट्रांसफार्मर से कनेक्शन खीच लिए है क्या यह जायज है | श्री मान जी क्या इन कर्मचारिओं का नाम प्रार्थी से पूछा गया यदि नही तो क्यों ? अर्थात भ्रस्टाचार का पूरा गोरखधंधा अधिशाषी अभियंता महोदय के संज्ञान में है और वह कोई कारवाही नही करना चाहते है |श्री मान जी इमानदार उपभोक्ताओं का घरेलु कनेक्शन कमर्शियल बना देते है बिना नोटिस दिए और वर्ष पश्चात इकठ्ठा बिजली का बिल उपलब्ध करा देते है और उसके पश्चात घुश मागते है और जो नियमित बिजली का बिल देना चाहते है उन्हें बिल ही नही उपलब्ध कराते है |श्री मान जी क्या यह गंभीर प्रकरण नही है | श्री मान जी जब जनसुनवाई पर शिकायत करने पर गोल मटोल जवाब देकर मामले का निस्तारण करा दिया जाता है तो खुद कितना प्रयास करते है भ्रस्टाचार रोकने का | कोई भी भ्रस्टाचार बिना वरिष्ठ अधिकारिओं के संरक्षण के फलफूल ही नही सकता | सोचिये शिकायत के बिन्दुओं को स्पर्श तक नही किया गया प्रार्थी से  संपर्क तक नही साधा गया | आरोपी अवर अभियंता से रिपोर्ट तक तलब नही की गई और एक रटा रटाया जवाब लगा कर मामला निस्तारित यही है न्याय | पहली बार राम रोटी इन्साफ और इस बार नजराना शुकराना और अगली बार के लिए १५ वर्षो का समय सोचने के लिए |
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
09 – Sep – 2018
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
25/09/2018
निस्तारित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
09 – Sep – 2018
अधिशासी अभियंता , खंड – 1-मिर्ज़ापुर,विद्युत
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें 
25/09/2018
On line compliance No 40019918023735 is disposed Please find Attachment
निस्तारित

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

श्री मान जी जब जनसुनवाई पर शिकायत करने पर गोल मटोल जवाब देकर मामले का निस्तारण करा दिया जाता है तो खुद कितना प्रयास करते है भ्रस्टाचार रोकने का | कोई भी भ्रस्टाचार बिना वरिष्ठ अधिकारिओं के संरक्षण के फलफूल ही नही सकता | सोचिये शिकायत के बिन्दुओं को स्पर्श तक नही किया गया प्रार्थी से संपर्क तक नही साधा गया | आरोपी अवर अभियंता से रिपोर्ट तक तलब नही की गई और एक रटा रटाया जवाब लगा कर मामला निस्तारित यही है न्याय | पहली बार राम रोटी इन्साफ और इस बार नजराना शुकराना और अगली बार के लिए १५ वर्षो का समय सोचने के लिए |

Arun Pratap Singh
2 years ago

Everyone knows that what means line loss? Here most surprising thing is that every illegal connections are in good faith and when the investigations are made by the vigilance then these illegal connection holders are pre-informed and their connections are disconnected but as checking is over these connections are joined again.