प्रक्रिया में है यह लिख कर प्रधान मंत्री सन्दर्भ के पत्रों को छोड़ दिया जाता है जनसुनवाई पोर्टल पर क्या यही सुशासन है ?

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>
प्रक्रिया में है यह लिख कर प्रधान मंत्री सन्दर्भ के पत्रों को छोड़ दिया जाता है जनसुनवाई पोर्टल पर क्या यही सुशासन है ?
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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> 28 January 2019 at 11:34
To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, supremecourt <supremecourt@nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, cmup <cmup@up.nic.in>, hgovup@up.nic.in, csup@up.nic.in, uphrclko <uphrclko@yahoo.co.in>, lokayukta@hotmail.com

लड़का बार बार कह रहा था मोदी सर को भेजिए मोदी सर को भेजिए इसलिए मैंने शिकायत को मोदी सर के यहा ही भेजा जिससे लड़के को त्वरित न्याय मिल सके क्यों की उत्तर प्रदेश सरकार का वह दो वर्षो से चक्कर लगा लगा कर थक चूका था किन्तु यह क्या उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारी इतनी लापरवाही से लेते है प्रधान मंत्री कार्यालय के पत्रों को उसको पहली बार आभाष हुआ जिस मोदी की एक झलक पाने के लिए बेक़रार रहने वाला यह विद्यार्थी सच को समझने में इतना समय लगा | PMOPG/E/2018/0492755 Grievance Concerns To Name Of Complainant-Yogi M P Singh Date of Receipt-18/10/2018 Received By Ministry/Department-Prime Ministers Office आवेदन का विवरण,शिकायत संख्या-60000180109141 धीरे धीरे हर कोई समझ रहा है की वास्तविक सच्चाई मीडिया की चमक धमक से कोसो दूर है जो जितना ढोलक की तरह बोलता है उसमे उतना ही पोल होता है यह समझाने के लिए देश की जनता को पांच वर्ष और चाहिए |जनसुनवाई पोर्टल का सच बहुत ही भयावह है वह सिर्फ मुखौटा जैसा ही है जिस प्रकार मुखौटा कभी हकीकत नही बन सकता है वैसे ही जनसुनवाई पोर्टल प्रदेश वासियों को कुछ भी नही दे सकता है जैसा वे पहले थे आज उससे भी बदतर है क्यों की किसी भी ब्यथा के निवारण हेतु बिबेक की आवश्यकता होती है जब जो भी आख्या प्रस्तुत होती है उसको आख मूद कर स्वीकार कर लिया जाय तो इसमें न्याय कहा हुआ सरकार को अर्धन्यायिक ब्यवस्था करके नौकर शाही को न्याय प्रदान करने का अधिकार क्यों प्रदान किया गया क्यों की सरकार फेल हो चुकी थी पूरी न्याय प्रदान करने इसलिए हमारी सरकार चलाने वालो ने सोचा जनता के असंतोष से कैसे बचा जाय इसलिए उन्होंने अर्धन्यायिक ब्यवस्था शुरू कर दी इसमें तो वही प्रशासनिक गलतिया करता है और फिर जज बन कर उसे पुष्ट कर देता है |कब तक तुष्टि करण की नीति पर देश को चलाया जाएगा हर सुधारवादी प्रक्रिया को भ्रस्टाचार रुपी दानव निगल जाता है फिर कब तक जनता को गुमराह किया जाता रहेगा कभी न कभी असंतोष का यह जहर फूट कर बाहर आना ही है | 
आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
60000190007282
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
ब्यथा निवारण की जिम्मेदारी उसको है जो न मात्रि भाषा को जानता है और न आंग्ल भाषा का ही ज्ञान रखता है तो इस शुद्ध हिंदी प्रदेश में जनता को परेशान होना ही होगा Grievance Status for registration number: PMOPG/E/2018/0492755 Grievance Concerns To Name Of Complainant-Yogi M P Singh Date of Receipt-18/10/2018 Received By Ministry/Department-Prime Ministers Office आवेदन का विवरण,शिकायत संख्या-60000180109141आवेदक कर्ता का नाम:-Yogi M P Singh Sir whether concerned are sleeping? Whether it is not the reflection of rampant corruption, lawlessness chaos and anarchy in the system ipso facto obvious? Why not action is being taken against the concerned otherwise such unethical practice will remain continued. Even when the matter is under the monitor of the responsible public functionaries but it seems that they are not serious to resolve the issue created because of dereliction of their own staffs. An application under article 51 A of the constitution of India seeking justice for a student of weaker section suffered a lot without any fault but the error of careless staff of the Uttar Pradesh Board of High school and intermediate who itself entertaining the luxuries of the air-cooled office and innocent student is wandering from one quarter to the other. Whether such unethical practice is justified? The matter is concerned with the incorrect entries made by Uttar Pradesh Board of High school and intermediate in date of birth of the High school marks sheet and its co-certificate of Pradip Kumar Maurya whose marks sheet was issued in the year 2015. But board staff are procrastinating on the applications of applicant instead of taking solid and strong actions in order to correct the date of birth of applicant i.e. to correct its own mistake made by its staffs. Applicant-Pradip Kumar Maurya Father-Shiv Shankar Maurya Village-Chaturiya Post-Vihasara District-Mirzapur Uttar Pradesh PIN Code-231303 Mobile number- 8756516963 and 9118365123 Aadhaar number-857311648335. Sir, please take a glance at the following points as follows. 1-On 13 Aug 2015, principal of the college wrote a letter to additional secretary UP Board to correct an error made by the Board in the marks sheet of the applicant as the date of birth -07-07-1999 was incorrectly printed 07-07-1996 by the board on the marks sheet of the applicant. Please take a glance at the first page of the attached PDF document. 2-Please, take a perusal of page 2 of the attached PDF document with this representation which is marks sheet of the applicant bearing an incorrect date of birth of the applicant as07-07-1996 but actually, it must be 07-07-1999 which means the applicant has been made three years older by UP Board by incorrect entries made by its staffs. 3-Sir, you may take a glance at the third page of attached PDF documents which is school leaving certificate of the applicant at the fifth standard and this transfer certificate explicitly shows that date of birth of the applicant is 07-07-1999. 4-Please, take a perusal of page 4 of the attached PDF document with this representation which is the affidavit of the applicant under proforma-1 proforma-2 and proforma-3 had been submitted as sought concerned public authority.Please, take a perusal of page 7 of the attached PDF document with this representation, the applicant is registered for the exam year 2015 which explicitly shows the date of birth of the applicant is 07-07-1999. 8- Sir, you may take a glance at the eighth page of attached PDF documents which is the admission form submitted by the applicant for a ninth class and date of birth shown in the form is 07-07-1999.
नियत तिथि:
प्रक्रिया में है
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:
आवेदन का संलग्नक
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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

लड़का बार बार कह रहा था मोदी सर को भेजिए मोदी सर को भेजिए इसलिए मैंने शिकायत को मोदी सर के यहा ही भेजा जिससे लड़के को त्वरित न्याय मिल सके क्यों की उत्तर प्रदेश सरकार का वह दो वर्षो से चक्कर लगा लगा कर थक चूका था किन्तु यह क्या उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारी इतनी लापरवाही से लेते है प्रधान मंत्री कार्यालय के पत्रों को उसको पहली बार आभाष हुआ जिस मोदी की एक झलक पाने के लिए बेक़रार रहने वाला यह विद्यार्थी सच को समझने में इतना समय लगा

Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

Whether it is not reflection of rampant corruption that first Secretary of the board procrastinated in the matter since three years now procrastinating by taking tricos that matter is under process even when the matter is under the direct monitoring after office of the chief minister of government of Uttar Pradesh quite obvious from the style of working. Most surprising it is not the fault of student but it is a fault of the concerned staff of the board but student is only being harassed.

Arun Pratap Singh
1 year ago

फिर क्षेत्रीय सचिव ले कर बैठ गया क्या यही इमानदारी है हर जगह घुसखोरी फिर भी कुछ लोग खुद को इमानदार कहते है |यदि लड़का पैसा /घुस दिया होता तो अब तक हो न जाता |
नियत तिथि: 27 – Feb – 2019 शिकायत की स्थिति: लम्बित
रिमाइंडर : फीडबैक : फीडबैक की स्थिति: आवेदन कासंलग्नक
संलग्नक देखें अग्रसारित विवरण-
क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या स्थिति आख्या रिपोर्ट
1 अंतरित लोक शिकायत अनुभाग – 1(मुख्यमंत्री कार्यालय ) 28 – Jan – 2019 अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव -माध्‍यमिक शिक्षा विभाग कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है। अधीनस्थ को प्रेषित
2 अंतरित अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव (माध्‍यमिक शिक्षा विभाग ) 28 – Jan – 2019 निदेशक -माध्यमिक शिक्षा निदेशालय नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें अधीनस्थ को प्रेषित
3 अंतरित निदेशक (माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ) 29 – Jan – 2019 सचिव -माध्यमिक शिक्षा परिषद् कृपया प्रकरण में शीध्र यथोचित कार्यवाही करने का कष्ट करें अधीनस्थ को प्रेषित
4 अंतरित सचिव (माध्यमिक शिक्षा परिषद् ) 31 – Jan – 2019 अपर सचिव जोन -बनारस आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें कार्यालय स्तर पर लंबित