छात्रवृत्ति की धनराशी मनमाना रेवड़ी और टाफी की तरह बाटा गया और गरीब बेचारे रोते रह गये भ्रस्टाचार का बोलबाला

जनसुनवाई
समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली, उत्तर प्रदेश
सन्दर्भ संख्या:-40019918012286
आवेदनकर्ता का विवरण :
नाम शिवम वर्मा
पिता/पति का नाम राजेंद्र प्रसाद वर्मा  
लिंग पुरुष
मोबाइल नंबर-1 : 8687094297
मोबाइल नंबर-2 : 8687094297
ईमेल yogimpsingh@gmail.com
क्षेत्र नगरीय
प्रदेश उत्तर प्रदेश
जनपद मिर्ज़ापुर
तहसील सदर
ब्लाक —-
ग्राम पंचायत —-
थाना कोतवाली कटरा
Address : तहसीलसदर, जिलामिर्ज़ापुर
शिकायत/सुझाव क्षेत्र की जानकारी :
क्षेत्र नगरीय
प्रदेश उत्तर प्रदेश
जनपद मिर्ज़ापुर
तहसील सदर
ब्लाक :
ग्राम पंचायत —-
ग्राम 0
थाना कोतवाली कटरा
आवेदन का विवरण :
आवेदन पत्र का विवरण :
सन्दर्भ का प्रकार शिकायत
अधिकारी जिलाधिकारी
विभाग पिछड़ा वर्ग कल्‍याण विभाग
सन्दर्भ श्रेणी भ्रष्टाचार / वित्तीय अनियमितता/कार्योंविभागीय योजनाओं में लापरवाही/जांच
Application Old Reference No : 40019918009769
संलग्नक : है
आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019918012286
आवेदक कर्ता का नाम:
शिवम वर्मा
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
8687094297,8687094297
विषय:
दिव्या शुक्ला जी महोदया आप को मालूम हो की कोई भी मीटिंग एक फिक्स्ड कार्यक्रम के तहत होती है उसका एजेंडा तैयार होता है और उसकी पूर्व सूचना भेजी जाती है |श्रद्धेय महिला आपने जिस मीटिंग का जिक्र किया है उसका निमंत्रण पत्र की कॉपी तक प्रमाण के तौर पर उपलब्ध नही कराया गया और जिसमे कार्यक्रम का भी जिक्र रहता है | मिर्ज़ापुर और इलाहाबाद की दुरी मात्र ९० किलो मीटर है जो सरकारी गाड़िया एक घंटे में तय कर सकती है और यही नही आपको इसी जनपद ऐसे अधिकारिओं का उदहारण दिया जा सकता है जो ऑफिस अटेंड करने के उपरांत लखनऊ की मीटिंग अटेंड किये है | महोदया जब निस्तारण में प्रार्थी की उपस्थिति आवश्यक थी और आप की वजह से कार्यक्रम टला तो क्यों आपने दूसरी मीटिंग फिक्स करके प्रार्थी को औपचारिक सूचना क्यों नही भेजी जब की मामला करोडो रुपये के सार्वजानिक धन के बंदरबाट से सम्बंधित था |मैडम राम कुमार मौर्या का प्रकरण आप को इतना जल्दी भूल कैसे जाता है जो की ज्वलंत प्रमाण है की डाटा संदिग्ध होने बाद में रहने के बावजूद सारे नियमो को ताख पर रख कर आप ने ११००० रुपये छात्रवृत्ति की स्वीकृत प्रदान की है और बेशर्मी की हद तब पर होती है जब आप हमारे नियम सम्मत माग को अनदेखी कर देती है खुद के तोड़े हुए नियमो की मदद से | महोदया निम्न सन्दर्भ पुनर्जीवित किया गया है प्रदेश सरकार द्वारा किन्तु आप की पैठ सिस्टम में अन्दर तक है इसलिए आपको भय नही लगता है | आवेदन का विवरण, शिकायत संख्या 40019918009769, आवेदक कर्ता का नामशिवम वर्मा आवेदक कर्ता का मोबाइल न०8687094297 जिलाधिकारी महोदय क्या उन आवेदनों को उन्ही अधिकारिओं को पृष्ठांकित करना जरुरी है जिनमे उन अधिकारिओं की खिलाफ ही आरोप लगे हो क्या यह नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के विरुद्ध नही है | श्री मान जी आपने दर्जनों शिकायतों में जिनमे आरोप खुद दिव्या शुक्ला जी की रहस्यमयी कार्यशैली के विरुद्ध थी आपने उन शिकायतों को उन्ही के पास निस्तारण हेतु भेज दिया जो की नियम विरुद्ध था उन सभी में दिव्या शुक्ला जी ने मनमाना रिपोर्ट लगा कर क्लोज कर दिया | श्री मान जी प्रकरण की जांच जिलास्तरीय अधिकारी से कराया जाय जो की किसी भी तरह से इस विभाग से सम्बन्ध रखता हो या कोई गणमान्य नागरिक जिसकी छबि इमानदारी की हो |Whether predators can be protectors सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न है और जांच के समय बहुत से गोपनीय प्रमाण जो चौकाने वाले है प्रस्तुत किये जायेगे जो पोल खोल कर रख देंगे |
नियत तिथि:
08 – Jun – 2018
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
24 – May – 2018
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
अनमार्क

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

दिव्या शुक्ला जी महोदया आप को मालूम हो की कोई भी मीटिंग एक फिक्स्ड कार्यक्रम के तहत होती है उसका एजेंडा तैयार होता है और उसकी पूर्व सूचना भेजी जाती है |श्रद्धेय महिला आपने जिस मीटिंग का जिक्र किया है उसका निमंत्रण पत्र की कॉपी तक प्रमाण के तौर पर उपलब्ध नही कराया गया और जिसमे कार्यक्रम का भी जिक्र रहता है | मिर्ज़ापुर और इलाहाबाद की दुरी मात्र ९० किलो मीटर है जो सरकारी गाड़िया एक घंटे में तय कर सकती है और यही नही आपको इसी जनपद ऐसे अधिकारिओं का उदहारण दिया जा सकता है जो ऑफिस अटेंड करने के उपरांत लखनऊ की मीटिंग अटेंड किये है | महोदया जब निस्तारण में प्रार्थी की उपस्थिति आवश्यक थी और आप की वजह से कार्यक्रम टला तो क्यों आपने दूसरी मीटिंग फिक्स करके प्रार्थी को औपचारिक सूचना क्यों नही भेजी जब की मामला करोडो रुपये के सार्वजानिक धन के बंदरबाट से सम्बंधित था |

Arun Pratap Singh
2 years ago

मैडम आवश्यकता है की आप खुद आत्म मंथन करे इमानदारी बहुत बड़ी चीज है और आप ने खुद प्रार्थी से दस्तावेज क्यों मागे जब आप को कुछ नही करना था क्या आपने प्रार्थी को भ्रमित नही किया और जब आप को कुछ नही करना था तो आपने प्रार्थी को अपने ऑफिस क्यों बुलाया अब आपने अपने मीटिंग का शेडुल नही बताया और इलाहाबाद से मिर्जापुर की दुरी एक घंटे में टी होती है | आप जिन आधार हीं तथ्यों की बात आप कर रही है उनके भवर में आप खुद फसती जा रही है | मैडम पैसा मिले या न मिले मुझे न्याय चाहिए अब क्यों की आप की तानाशाही रवैया से मुझे बहुत नुकशान हुआ है |आप जैसी लापरवाह अधिकारी को मै अपने जनपद में पसंद नही करता और जो आप जैसे लोगो को प्रमोट करते है उन्हें भी मै लोकतंत्र के लिए खतरा मानता हु | ये सच है की मैडम आपका रहस्मयी dealings ही हमारी इस दुर्दसा के लिए जिम्मेदार है | न्यायार्थ अपने बंधू को भी दंड देना धर्म है और हमारा प्रयास तब तक जारी रहेगा जब तक न्याय नही मिलता