कोई ब्यक्ति इमानदारी इमानदारी चिल्लाये किन्तु उसके कार्यशैली में कोई इमानदारी नहो तो क्या वह इमानदार हो जाता है |

आवेदन
का विवरण
शिकायत संख्या
60000190009168
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
Who removed the C.C. T.V. Camera from the site where
illegal gratification was being taken by the corrupt staffs of the
government? If the F.I.R. was lodged, then why the applicant was not
informed? During the telephonic conversation R.T.O. accepted that C.C. T.V.
Camera was removed from the site but he said that it is not the job of his
department? Whether the government of Uttar Pradesh has ordered any enquiry
in such a huge scandal please inform applicant under article 51 A of the
constitution of India if overlooking why? Why the transport commissioner did
not provide the sought information even after the direction of the central
ministry? Why not property of every R.T.O. is checked by the state agency as
most of the R.T.O. is like few one targeted by state agency to wreak
vengeance?
श्री मान
१२
जून२०१८ रिपोर्ट में ०१०५‘-२०१८ से २८०५२०१८ तक का ही आकड़ा क्यों जब की यह आकड़ा ०१०५२०१८ से १२०६२०१८ तक का होना चाहिए था क्या
कार्यशैली संदिग्ध नही है प्रार्थी द्वारा आकड़ो की संदिग्धता पर प्रश्न उठाया
गया था किन्तु श्री मान का जवाब रिपोर्ट फुल ऑफ़ गार्बेज है श्री मान जी ओवरलोड
ट्रक चालक विभाग के अधिकारिओं के प्रति जिम्मेदार होता है या पब्लिक के प्रति वह
अपना डिटेल जनता को क्यो उपलब्ध कराएगा श्री मान जी किसी को भी निर्णायक बना दे
प्रार्थी और ए
. आर. टी. . महोदय
अपनी बात रखे खुद ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा पूरी मीडिया जनता
चिल्ला रही है की खूब वसूली हो रही है पेपर में स्पस्ट देता के साथ प्रकाशित भी
हुआ फिर भी वसूली के आरोप सारहीन है सामान्य है २०० ओवरलोड ट्रको में १८ पर
कारवाही का दावा पर वह दावा भी गलत क्यों की आकडे नौ पर ही कार्यवाही पुष्ट कर
रहे है सोचिये बारगेनिंग नही तो और क्या एक तरफ अपनी दामन बचाने के लिए पुलिस
कप्तान जिला मजिस्ट्रेट सब का नाम ले रहे है और क्लोज्ड सर्किट कैमरा किसने
हटाया कन्नी काट रहे है अब तीनो लोगो के अलावा उस कैमरा को कौन हटा सकता है यदि
पब्लिक हटाती तो प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज हो चुकी होती विडियो फुटेज का साक्ष्य
मिटाने के लिए इतना बड़ा खेल खेला गया और वसूली कितनी बड़ी है वह तो मीडिया चीख
चीख कर बता रही है श्री मान जी ड्राइविंग लाइसेंस फीस २०० रुपये है किन्तु आर
.टी.. मिर्ज़ापुर
१५०० रुपये से २००० रुपये वसूलते है क्यों मै मानता हू की उनको १००००० रुपये से
भी ज्यादा तनख्वाह मिलती है किन्तु हम गरीब कहा से २०० के स्थान पर १५०० देंगे
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर की तानाशाही देखिये सूचना देना तो दूर रहा मिर्ज़ापुर आर
.टी.. से
यह तक नही कह सके की मामले का निस्तारण करिए खुद रूचि लेके अब प्रार्थी चाहता है
की २०० रुपये फीस की आठ गुना पेनाल्टी क्यों ली जा रही है गरीबो से वसूला जा रहा
अप्राकृतिक रकम का आधार क्या है और केन्द्रीय सरकार के नियमो की गलत व्याख्या
किसने की क्या आप ने बिधि मंत्रालय से सलाह लिया श्री मान जी क्या जानकारी के
अभाव में कोई व्यक्ति ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन नही करता तो वह
डिफाल्टर है और उससे अर्थ दंड वसूला जाएगा वह भी आठ गुना श्री मान यदि कोई बिना
ड्राइविंग लाइसेंस के गाडी चलाता है तो वह दोषी है किन्तु वह देर से रिन्यूअल के
लिए आवेदन किया इसलिए दोषी समझ से परे २० वर्षो के लिए लाइसेंस २० वर्ष १ दिन
बाद रिन्यूअल के लिए आवेदन १५०० रुपये प्लस ऑफिस का खर्चा श्री मान कम से कम
जिनके ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि ख़त्म हो उसे नोटिस सर्व किया जाय उत्तर प्रदेश
सरकार द्वारा कि लाइसेंस अवधि से पहले रिन्यूअल करा लो नही तो २०० रूपये के
स्थान पर उसका आठ गुना पेनाल्टी भरना पडेगा श्री मान बहुत से ऐसे है लोग जो वर्ष
भर दो तीन बार ही दो पहिया गाडी चलाते है ऐसे लोग रोज अपना ड्राइविंग लाइसेंस और
डिपार्टमेंट का मैनुअल देखते है की कितनी पेनाल्टी वसूलेगा और कब बैधता खत्म हो
रही है उन्हें क्या मालुम की २० वर्ष ख़त्म होने के पहले ही दिन वह अपराधी बन
चुका है उससे आठ गुना अर्थ दंड वसूला जाएगा किसी को भी दंड आरोपित करने से पहले
नोटिस का बिधान संबैधानिक और उसका पालन राज्य सरकार क्यों नही कर रहा है
नियत तिथि:
प्रक्रिया में है
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:
आवेदन का संलग्नक

From
<http://jansunwai.up.nic.in/TrackGraviancePopup.aspx?complainno=60000190009168&MOBNO=7379105911&IsOldNew=N&Type=2

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

Who removed the C.C. T.V. Camera from the site where illegal gratification was being taken by the corrupt staffs of the government? If the F.I.R. was lodged, then why the applicant was not informed? During the telephonic conversation R.T.O. accepted that C.C. T.V. Camera was removed from the site but he said that it is not the job of his department? Whether the government of Uttar Pradesh has ordered any enquiry in such a huge scandal please inform applicant under article 51 A of the constitution of India if overlooking why? Why the transport commissioner did not provide the sought information even after the direction of the central ministry? Why not property of every R.T.O. is checked by the state agency as most of the R.T.O. is like few one targeted by state agency to wreak vengeance?

Arun Pratap Singh
1 year ago

श्री मान जी किसी को भी निर्णायक बना दे प्रार्थी और ए. आर. टी. ओ. महोदय अपनी बात रखे खुद ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा पूरी मीडिया जनता चिल्ला रही है की खूब वसूली हो रही है पेपर में स्पस्ट देता के साथ प्रकाशित भी हुआ फिर भी वसूली के आरोप सारहीन है सामान्य है २०० ओवरलोड ट्रको में १८ पर कारवाही का दावा पर वह दावा भी गलत क्यों की आकडे नौ पर ही कार्यवाही पुष्ट कर रहे है सोचिये बारगेनिंग नही तो और क्या एक तरफ अपनी दामन बचाने के लिए पुलिस कप्तान जिला मजिस्ट्रेट सब का नाम ले रहे है और क्लोज्ड सर्किट कैमरा किसने हटाया कन्नी काट रहे है अब तीनो लोगो के अलावा उस कैमरा को कौन हटा सकता है

Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

Only to cry that he is honest he may not be honest unless it does not represent in his working style. Undoubtedly there is rampant corruption in the government machinery and the concern public functionaries who are accountable to take action are not taking action against the wrongdoers which proves that this corruption flows from higher rank in the administrative hierarchy to the bottom and this is the need of hour that accountable public functionaries may take action against the wrongdoers but it is feasible only when if they themselves are honest, honesty is not so cheaper, everyone cannot be honest.