सार्वजनिक दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करके सरकार की संपत्ति हथियाने में लोग माहिर है

सार्वजनिक दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करके सरकार की संपत्ति हथियाने में लोग माहिर है  क्यों की गुरू तो खुद सरकार के नुमाइंदे ही होते है | और गुरु जब हर फन में माहिर हो तो फिर बल्ले बल्ले है |

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जनसुनवाई
 
समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली, उत्तर प्रदेश
 
सन्दर्भ संख्या:-40019919033345

आवेदनकर्ता का विवरण :

नाम
Muralidhar
Maurya
पिता/पति का नामSaraju Prasad Maurya 
लिंगपुरुष
मोबाइल नंबर-1 : 9793357294
मोबाइल नंबर-2 : 9793357294
ईमेलmrldhrmaurya@gmail.com
Address : ग्राम
बिहसड़ाखुर्द (211094) ग्राम पंचायत
बिहसड़ाखुर्द ब्लाकछानवे तहसीलसदर जिलामिर्ज़ापुर
 
 

शिकायत/सुझाव क्षेत्र की जानकारी :

Area : ग्रामीण
शिकायत/सुझाव क्षेत्र का पता —-

आवेदन का विवरण :

आवेदन पत्र का विवरणश्री मान जी संलग्न दस्तावेज के प्रथम दो पेज तहसीलदार सदर द्वारा प्रस्तुत आख्या है जो की प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत निम्न दो आवेदनों में उनके द्वारा क्रमसः भिन्न तिथियों
पर प्रस्तुत किया गया है किन्तु दोनों का भाषा एवं भाव एक ही है | जिनका विंदुवार खंडन निम्न प्रस्तर
खंडो में किया गया है | आवेदन का विवरण शिकायत संख्या40019919023461 आवेदक कर्ता का नाममुरलीधर मौर्य आवेदक कर्ता का मोबाइल न०9793357294 आवेदन का विवरण शिकायत संख्या40019919024367 आवेदक कर्ता का नामMuralidhar
Maurya
श्री मान जी आज तक जितने भी आख्या तहसीलदार सदर की और से लगाए गए है उनमे हर एक में रास्ता खाली होने की बात कही गई है और इसके अलावा प्रार्थी के ऊपर व्यक्तिगत टीका टिप्पणी की गयी है जिससे की प्रार्थी जो कई वर्षो से संघर्ष कर रहा है इस भ्रष्टाचार के खिलाफ ,
संघर्ष छोड़ कर घर बैठ जाय किन्तु ऐसा होने वाला नहीं है | १श्री मान जी प्रार्थी द्वारा तीन फोटोग्राफ लगाए गए है जो की चीख रहे है की १६४ जिसका रकबा १७ विस्वा है कही अस्तित्व में ही नहीं है | श्री मान जी १६४ जिसे विपक्षियों की भूमिधरी
बतायी जा रही है जिसका रकबा १० विस्वा है वह कार्यालय के दस्तावेजों का मैनीपुलेशन है जिसका वेबसाइट
पर फीडिंग नहीं है | श्री मान जी तहसील सदर कार्यालय आराजी संख्या ३६५ जो की प्रार्थी की भूमिधरी
है के बगल में है आराजी संख्या १६४ की १६४ नक़्शे के अनुसार और सरकार की १७ विस्वा जमीन को १० विस्वा में तब्दील कर विपक्षियों की भूमिधरी बना दी गयी अब इससे बड़ा भ्रस्टाचार क्या होगा और हास्यास्पद यह है की जानबूझ कर वर्षो से से प्रार्थी को सदर तहसील का चक्कर लगवाया जा रहा है | सार्वजनिक रास्ता सं 164 रकबा 17 बिस्वा को दबंग भूमाफिया व्यक्तियों व्दारा अवैध रूप से अतिक्रमण करके मड़ई नाद खुटा पत्थर बोल्डर रखकर कब्जा कर लिये है जिसे खाली कराया जाय उनके विरूध्द 3बटा 5 लोक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज कराये जाने के सम्बन्ध में तहसीलदार महोदय क्या आप को आप का लेखपाल भ्रमित गुमराह नहीं कर रहा है | श्री मान जी जिस जमीन की बात प्रार्थी द्वारा की जा रही है वह सं 164 रकबा 17 बिस्वा है जो प्रार्थी के जमीन आराजी संख्या १६५ के एकदम बगल में है जो की नक़्शे से भी एक दम स्पस्ट है | श्री मान जी सं 164 रकबा 17
विस्वा अकृषक भूमि है जो की भारत सरकार का है किन्तु लेखपाल महोदय उसे कब्ज़ा करवाने पर लगे है अपनी झूठे रिपोर्ट लगा कर | श्री मान जी उनसे पूछा जाय आराजी संख्या
164
रकबा 17 विस्वा कहा है उसे स्पस्ट करे इस तरह से गोल मटोल जवाब दे कर नही श्री मान जी को भ्रमित किया जा वल्कि प्रार्थी को पिछले चार वर्षो से दौड़ाया जा रहा है | श्री मान जी उपरोक्त जमीन जो की भारत सरकार का है शीघ्र खाली कराया जाय और प्रार्थी के सड़क का नाम ले कर बाहुबलियों को भारत सर्कार की जमीन कब्ज़ा करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है | तहसीलदार महोदय आपकी भी जिम्मेदारी है भारत सरकार की जमीन और संपत्ति
की सुरक्षा करना |
 
 
सन्दर्भ का प्रकारशिकायत
अधिकारीतहसीलदार
विभागराजस्व एवं आपदा विभाग
सन्दर्भ श्रेणीसार्वजनिक भूमि जैसे तालाब, खलिहान, शमशान, खेल का मैदान, आरक्षित
भूमि आदि पर कब्ज़ा/ अतिक्रमण
 
 
संलग्नक : है
 
 

 

आवेदन का विवरण
 
शिकायत संख्या
40019919033345
आवेदक कर्ता का नाम:
Muralidhar Maurya
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
9793357294,9793357294
विषय:
श्री मान जी संलग्न दस्तावेज के प्रथम दो पेज तहसीलदार सदर द्वारा प्रस्तुत आख्या है जो की प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत निम्न दो आवेदनों
में उनके द्वारा क्रमसः भिन्न तिथियों पर प्रस्तुत किया गया है किन्तु दोनों का भाषा एवं भाव एक ही है | जिनका विंदुवार खंडन निम्न प्रस्तर खंडो में किया गया है | आवेदन का विवरण शिकायत संख्या40019919023461
आवेदक कर्ता का नाममुरलीधर मौर्य आवेदक कर्ता का मोबाइल न०9793357294
आवेदन का विवरण शिकायत संख्या40019919024367
आवेदक कर्ता का नामMuralidhar Maurya श्री मान जी आज तक जितने भी आख्या तहसीलदार सदर की और से लगाए गए है उनमे हर एक में रास्ता खाली होने की बात कही गई है और इसके अलावा प्रार्थी के ऊपर व्यक्तिगत टीका टिप्पणी
की गयी है जिससे की प्रार्थी जो कई वर्षो से संघर्ष कर रहा है इस भ्रष्टाचार के खिलाफ , संघर्ष छोड़ कर घर बैठ जाय किन्तु ऐसा होने वाला नहीं है | १श्री मान जी प्रार्थी द्वारा तीन फोटोग्राफ लगाए गए है जो की चीख रहे है की १६४ जिसका रकबा १७ विस्वा है कही अस्तित्व में ही नहीं है | श्री मान जी १६४ जिसे विपक्षियों की भूमिधरी
बतायी जा रही है जिसका रकबा १० विस्वा है वह कार्यालय के दस्तावेजों का मैनीपुलेशन है जिसका वेबसाइट
पर फीडिंग नहीं है | श्री मान जी तहसील सदर कार्यालय आराजी संख्या ३६५ जो की प्रार्थी की भूमिधरी
है के बगल में है आराजी संख्या १६४ की १६४ नक़्शे के अनुसार और सरकार की १७ विस्वा जमीन को १० विस्वा में तब्दील कर विपक्षियों की भूमिधरी बना दी गयी अब इससे बड़ा भ्रस्टाचार क्या होगा और हास्यास्पद यह है की जानबूझ कर वर्षो से से प्रार्थी को सदर तहसील का चक्कर लगवाया जा रहा है | सार्वजनिक रास्ता सं 164 रकबा 17 बिस्वा को दबंग भूमाफिया व्यक्तियों व्दारा अवैध रूप से अतिक्रमण करके मड़ई नाद खुटा पत्थर बोल्डर रखकर कब्जा कर लिये है जिसे खाली कराया जाय उनके विरूध्द 3बटा 5 लोक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज कराये जाने के सम्बन्ध में तहसीलदार महोदय क्या आप को आप का लेखपाल भ्रमित गुमराह नहीं कर रहा है | श्री मान जी जिस जमीन की बात प्रार्थी द्वारा की जा रही है वह सं 164 रकबा 17 बिस्वा है जो प्रार्थी के जमीन आराजी संख्या १६५ के एकदम बगल में है जो की नक़्शे से भी एक दम स्पस्ट है | श्री मान जी सं 164 रकबा 17
विस्वा अकृषक भूमि है जो की भारत सरकार का है किन्तु लेखपाल महोदय उसे कब्ज़ा करवाने पर लगे है अपनी झूठे रिपोर्ट लगा कर | श्री मान जी उनसे पूछा जाय आराजी संख्या
164
रकबा 17 विस्वा कहा है उसे स्पस्ट करे इस तरह से गोल मटोल जवाब दे कर नही श्री मान जी को भ्रमित किया जा वल्कि प्रार्थी को पिछले चार वर्षो से दौड़ाया जा रहा है | श्री मान जी उपरोक्त जमीन जो की भारत सरकार का है शीघ्र खाली कराया जाय और प्रार्थी के सड़क का नाम ले कर बाहुबलियों को भारत सर्कार की जमीन कब्ज़ा करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है | तहसीलदार महोदय आपकी भी जिम्मेदारी है भारत सरकार की जमीन और संपत्ति
की सुरक्षा करना |
नियत तिथि:
23 – Oct – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
 
फीडबैक :
 
फीडबैक की स्थिति:
 

आवेदन का संलग्नक

अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
23 – Sep – 2019
तहसीलदारसदर,जनपदमिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग
 
 
अनमार्क
 

 

 

आवेदन का विवरण
 
शिकायत संख्या
40019919024367
आवेदक कर्ता का नाम:
Muralidhar Maurya
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
9793357294,9793357294
विषय:
Grabbing of land of Uttar Pradesh by muscle man by colluding with
the concerned public staff caused blocked of road to the applicant.
शिकायत संख्या -40019919023461, आवेदक कर्ता का नाम:-मुरलीधर मौर्य, आवेदक कर्ता का मोबाइल न०: 9793357294 Matter of fact is
concerned with the grabbing of the land of government of Uttar Pradesh which
caused the blocked of the road as the chak road ended at the government land
i.e. terminates at the government plot
खसरा नंबर१६४ now grabbed by
the muscle man. Applicant is the landlord of the land
खसरा नंबर१६५ भूमिधरी used for forming and lone source of
livelihood of the family. Detail of the aforementioned pieces of the land is
attached to this email/ grievance /complaint. Be it known to the Honourable
Sir that aggrieved applicant is fighting with this tyranny since 2016 but
still deprived of justice. It seems that there is no justice to the oppressed
class in this largest democracy in the world.
नियत तिथि:
26 – Jul – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
 
फीडबैक :
 
फीडबैक की स्थिति:
 

आवेदन का संलग्नक

अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
26 – Jun – 2019
तहसीलदारसदर,जनपदमिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग
30/07/2019
आख्‍या अपलोड। प्रकरण सं0भू0 का है। मौके पर आवागमन हेतु रास्‍ता खाली है।
निस्तारित
 

 

 

 

 

आवेदन का विवरण
 
शिकायत संख्या
40019919023461
आवेदक कर्ता का नाम:
मुरलीधर मौर्य
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
9793357294,9793357294
विषय:
सार्वजनिक रास्ता सं 164 रकबा 17 बिस्वा को दबंग भूमाफिया व्यक्तियों व्दारा अवैध रूप से अतिक्रमण करके मड़ई नाद खुटा पत्थर बोल्डर रखकर कब्जा कर लिये है जिसे खाली कराया जाय उनके विरूध्द 3बटा 5 लोक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज कराये जाने के सम्बन्ध में
नियत तिथि:
03 – Jul – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
 
फीडबैक :
दिनांक 23/07/2019को फीडबैक:- सार्वजनिक रास्ता सं 164 रकबा 17 बिस्वा को दबंग भूमाफिया व्यक्तियों व्दारा अवैध रूप से अतिक्रमण करके मड़ई नाद खुटा पत्थर बोल्डर रखकर कब्जा कर लिये है जिसे खाली कराया जाय उनके विरूध्द 3बटा 5 लोक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज कराये जाने के सम्बन्ध में तहसीलदार महोदय क्या आप को आप का लेखपाल भ्रमित गुमराह नहीं कर रहा है | श्री मान जी जिस जमीन की बात प्रार्थी द्वारा की जा रही है वह सं 164 रकबा 17 बिस्वा है जो प्रार्थी के जमीन आराजी संख्या १६५ के एकदम बगल में है जो की नक़्शे से भी एक दम स्पस्ट है | श्री मान जी सं 164 रकबा 17 विस्वा अकृषक भूमि है जो की भारत सरकार का है किन्तु लेखपाल महोदय उसे कब्ज़ा करवाने पर लगे है अपनी झूठे रिपोर्ट लगा कर | श्री मान जी उनसे पूछा जाय आराजी संख्या 164 रकबा 17 विस्वा कहा है उसे स्पस्ट करे इस तरह से गोल मटोल जवाब दे कर नही श्री मान जी को भ्रमित किया जा वल्कि प्रार्थी को पिछले चार वर्षो से दौड़ाया जा रहा है | श्री मान जी उपरोक्त जमीन जो की भारत सरकार का है शीघ्र खाली कराया जाय और प्रार्थी के सड़क का नाम ले कर बाहुबलियों को भारत सर्कार की जमीन कब्ज़ा करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है | तहसीलदार महोदय आपकी भी जिम्मेदारी है भारत सरकार की जमीन और संपत्ति की सुरक्षा करना |
फीडबैक की स्थिति:
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) द्वारा दिनाक 21/08/2019 को फीडबैक पर कार्यवाही अनुमोदित कर दी गयी है

आवेदन का संलग्नक

अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
18 – Jun – 2019
तहसीलदारसदर,जनपदमिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग
03/07/2019
आख्‍या अपलोड। प्रकरण में अभिलेखानुसार रास्‍ते की भूमि में खडंजा लग चुका है। विपक्षी का उसी भूमि में सं0भू0 का खातेदार है। जिस पर नियमानुसार खडंजा नहीं लगाया जा सकता।
C-श्रेणीकरण
 
2
आख्या
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)( मिर्ज़ापुर)
08 – Aug – 2019
तहसीलदारसदर,जनपदमिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग
कृपया प्रकरण का गंभीरता से पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई है आख्‍या अपलोड। प्रकरण में
रास्‍ते में रखे नाद, खूटा विपक्षी द्वारा हटा दिया गया।
20/08/2019
आख्‍या अपलोड। प्रकरण में रास्‍ते में रखे नाद, खूटा विपक्षी द्वारा हटा दिया गया।
निस्तारित
 

 

3 comments on सार्वजनिक दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करके सरकार की संपत्ति हथियाने में लोग माहिर है

  1. १श्री मान जी प्रार्थी द्वारा तीन फोटोग्राफ लगाए गए है जो की चीख रहे है की १६४ ख जिसका रकबा १७ विस्वा है कही अस्तित्व में ही नहीं है | २ श्री मान जी १६४ क जिसे विपक्षियों की भूमिधरी बतायी जा रही है जिसका रकबा १० विस्वा है वह कार्यालय के दस्तावेजों का मैनीपुलेशन है जिसका वेबसाइट पर फीडिंग नहीं है | ३ श्री मान जी तहसील सदर कार्यालय आराजी संख्या ३६५ जो की प्रार्थी की भूमिधरी है के बगल में है आराजी संख्या १६४ ख न की १६४ क नक़्शे के अनुसार और सरकार की १७ विस्वा जमीन को १० विस्वा में तब्दील कर विपक्षियों की भूमिधरी बना दी गयी अब इससे बड़ा भ्रस्टाचार क्या होगा और हास्यास्पद यह है की जानबूझ कर वर्षो से से प्रार्थी को सदर तहसील का चक्कर लगवाया जा रहा है |

  2. Whether report of Tahsildar sadar is consistent with the submissions of the grievance if not how is it acceptable?
    क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश/आपत्ति दिनांक आदेश/आपत्ति आख्या देने वाले अधिकारी आख्या दिनांक आख्या स्थिति संलगनक
    1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 23-09-2019 — तहसीलदार-सदर,जनपद-मिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग 16-10-2019 आख्यान अपलोड। प्रकरण में किये गये अस्थाई अतिक्रमण को मौके पर से विपक्षी द्वारा हटा लिया गया है। आवागमन बाधित नहीं है। निस्तारित

  3. Think about the gravity of situation that matter has been disposed by tahsildar Sadar and enquiry report has been submitted by him and in the enquiry report he has submitted that entire encroachment has been removed by the opposition party but the factual position is that entire report is false and nothing is true in the report. Think about the credibility of Tehsildar Sadar Mirzapur who is submitting false report on the August portal jansunwai of the government of Uttar Pradesh. Here this question arises that why Chief Minister office of government of Uttar Pradesh is accepting false report of Tehsildar Sadar as well as d m Mirzapur is also accepting the false report of Tahsildar as being Nodal officer.

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