सरकार समझती है की उसका हर अनुदान गरीब लोगो तक पहुच रहा है किन्तु यह सच से कोसो दूर है

Grievance
Status for registration number : PMOPG/E/2019/0155384

Grievance Concerns To

Name Of Complainant-पान कुमारी, Date of Receipt-21/03/2019

Received By Ministry/Department-Prime Ministers
Office

Grievance Description

श्री
मान जी समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर देश के कानून का मखौल उड़ा रहे है पहले तो उन्होंने कहा की प्रार्थी द्वारा ऑनलाइन जमा किये
आवेदन पत्र
की हार्ड कॉपी नही जमा किया फिर उन्होंने ने कहा प्रार्थी शिकायत निस्तारण से संतुष्ट है और अब कह रहे है प्रार्थी अपात्र है श्री
मान जी क्या समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर कन्फ्यूज्ड नही है अर्थात उनके
मानसिक विक्षिप्तता का कारण
क्या है श्री मान जी खण्ड विकास अधिकारी कोन के कार्यालय पत्र संख्या– 212 A दिनांक 21-02-2019 द्वारा उपलब्ध कराये गये आवेदनपत्र में सूची क्रमांक 77 एवं 78 पर अपात्र चिन्हित किया गया है श्री मान जी प्रार्थी द्वारा जनसुनवाई पोर्टल पर प्रस्तुत शिकायत का अवलोकन करे और समाज कल्याण अधिकारी का रिपोर्ट और प्रार्थी के फीडबैक का भी अवलोकन करे श्री
मान जी प्रार्थी के पात्रता और अपात्रता तो तभी निश्चित हो सकता
है जब प्रार्थी के आवेदन पत्र पर विचार किया गया श्री मान जी अब हार्ड कॉपी
का प्रश्न ख़त्म हुआ अब इनकी अपात्रता का दावा
ख़त्म करना
है श्री
मान जी सर्व प्रथम यह स्पस्ट किया जाय आवेदन पत्र का परीक्षण किसने किया
उसके रिपोर्ट को पोर्टल पर लगाया जाय जिससे जिम्मेदार अधिकारी जाने की उनके पीठ पीछे
क्या खेल खेला जा रहा है श्री मान जी को ज्ञात हो की प्रार्थी के परिवार का वार्षिक आय ४५००० रुपये है जो की तहसील द्वारा जारी
आय प्रमाण पत्र से स्पस्ट है और जिसकी कॉपी हार्ड कॉपी के साथ जमा है और जिसका प्रमाण पत्र क्रमांक६९११८१०२४१५५ ऑनलाइन आवेदन में प्रविष्ट किया गया है श्री मान जी उपरोक्त आय प्रमाण पत्र का अवलोकन करे श्री
मान जी शादी अनुदान से सम्बंधित राजाज्ञा इस प्रत्यावेदन के साथ सनलग्न है कृपया उसका परिशीलन करे और यहां की तानाशाही को परखने का प्रयास करे संख्या-46/2016/889/26-3-2016 ग्रामीण क्षेत्रो में शासकीय सहायता प्राप्त करने हेतु
परिवार की वार्षिक आय ४६०८० रूपये से अधिक नही होनी
चाहिए जो की उपरोक्त से स्पस्ट है की वार्षिक आय ४५००० रुपये है और शादी जून में और ऑनलाइन आवेदन जुलाई में हुआ अर्थात ९० दिन के भीतर हुआ श्री मान सभी से पाच पाच हजार रुपये लेते
है तब उसका आवेदन अनुदान हेतु अग्रसारित किया जाता
है प्रार्थी गरीब है कहा से घुस देगा इसलिए उसका
अनुदान हेतु
अग्रसारित नही किया गया सरकार मदद करे ईश्वर आपकी मदद करेगा प्रार्थी बहुत
गरीब है और गरीबी से बड़ा इस नश्वर संसार में कोई अभिशाप नही होता है इश्वर जीवन दे तो गरीबी दे प्रार्थी तारीख २१/०३/२०१९ पान कुमारी

Grievance Document

Current Status-Grievance Received, Date of Action-21/03/2019

Officer Concerns To Forwarded to-Prime
Ministers Office, Officer Name-Shri Ambuj
Sharma

Officer Designation-Under Secretary (Public)

Contact Address-Public Wing 5th Floor, Rail
Bhawan New Delhi

Email Address-ambuj.sharma38@nic.in, Contact Number-011-23386447

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Yogi
1 year ago

श्री मान जी समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर देश के कानून का मखौल उड़ा रहे है पहले तो उन्होंने कहा की प्रार्थी द्वारा ऑनलाइन जमा किये आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी नही जमा किया फिर उन्होंने ने कहा प्रार्थी शिकायत निस्तारण से संतुष्ट है और अब कह रहे है प्रार्थी अपात्र है श्री मान जी क्या समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर कन्फ्यूज्ड नही है अर्थात उनके मानसिक विक्षिप्तता का कारण क्या है श्री मान जी खण्ड विकास अधिकारी कोन के कार्यालय पत्र संख्या– 212 A दिनांक 21-02-2019 द्वारा उपलब्ध कराये गये आवेदन–पत्र में सूची क्रमांक 77 एवं 78 पर अपात्र चिन्हित किया गया है

Arun Pratap Singh
1 year ago

बहुत ही महत्वपूर्ण तथ्य यह है की जब हार्ड कॉपी ही नही जमा किया गया दलित महिला को अपात्र कैसे घोषित किया गया | श्री मान जी क्या समाज कल्याण अधिकारी मनमाना रिपोर्ट दाखिल करते है | श्री मान इतनी जल्दी में की यह भी कहने से नही चूके की प्रार्थी निस्तारण से संतुष्ट है सोचिये उस प्रार्थी की बात कर रहे है जिसके जमा हार्ड कॉपी को कह रहे थे प्रार्थी ने जमा ही नही किया | यदि प्रार्थी जमा नही किया आपने पात्रता और अपात्रता कैसे जांच की | यदि प्रार्थी आपात्र है तो अपात्रता का कारण तो बताये क्यों की संलग्नको से स्पष्ट है की प्रार्थी पात्र है |

Beerbhadra Singh
1 year ago

Undoubtedly this matter is concerned with the non payment of commission because because in the every scheme concerned staff of the Government of Uttar Pradesh demands commission from the beneficiary if the beneficiary provides the commission to the concerned staff then public aid is sanctioned o5therwise not such is the miserable condition of this largest populous state in this largest democracy in the world.