यदि मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुमोदन से बेचारे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी को न्याय मिले तो मुख्यमंत्री कार्यालय साधुवाद का पात्र

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40018818019832
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
An application under article 51 A of the constitution of India to enquire in regard to serious Human Rights Violation by the staffs of the department of the forest of the government of Uttar Pradesh Prayer Aggrieved Satyendra Singh SO Late Mahendra Singh Dainik Dakiya Baki Range Paniyara Forest Section Gorakhpur District Gorakhpur Mobile Number 9918646162 is deprived of the salary for 29 months ie since November 2015 and up till now months arbitrarily Honble Sir may be pleased to direct aforementioned respondents to pay the wages/remuneration of the aforementioned aggrieved staffs as soon as possible as such incidence is the violation of both fundamental rights and human rights of the aggrieved Those accountable for non payment of the meagre wages provided as maintenance to aforementioned aggrieved daily wage staff may be subjected to proper scrutiny under appropriate law of land
नियत तिथि:
05 – Jun – 2018
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 14/06/2018को फीडबैक:- It is submitted before the Hon’ble Sir that fifth page of the attached documents with this representation is the communication, letter number-520 /16F16A दिनांक, गोरखपुर, जुलाई 26, 2017 of the Divisional Forest Officer Gorakhpur range addressed to Area Forest Officer Baki which contained the reference of the letter of aggrieved applicant addressed to Hon’ble chief minister, government of Uttar Pradesh endorsed to divisional forest officer, Gorakhpur range but it is unfortunate that concerned didn’t take seriously to the reference of Chief Minister otherwise letter might not be treated in a customary way to procrastinate into the matter. श्री मान जी यदि किसी से डाकिया का काम लिया जाएगा तो वह वही बतायेगा | काम तो लिया गया और काम का पारिश्रमिक मिलना ही चाहिए |यहा तो प्रभागीय बनाधिकारी गोरखपुर का ब्यवहार एक तानाशाह जैसा है जिसके अन्दर की मानवीयता ख़त्म हो चुकी है इसी लिए तो बेचारे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी की तनख्वाह देने के बजाय उन नियमो की बाते कर रहे है जो अप्रासंगिक है इस स्थान पर | श्री मान जी उपरोक्त कर्मचारी ने उत्तर प्रदेश सरकार के बन विभाग में सेवा दी है और दे रहा है इसलिए उसका पारिश्रमिक तो बनता ही है | चूकी मामला मुख्यमंत्री सन्दर्भ का है इसलिए प्रभागीय बनाधिकारी गोरखपुर अपनी सीमा में ही रहे तो ही अच्छा है | यदि कर्मचारी ने बन विभाग की सेवा की है तो क्षेत्रीय बनाधिकारी क्यों कर्मचारी को तनख्वाह देंगे | ऐसा बहुत बार होता है जब सरकारी फण्ड कम पड जाता है तो अगले फण्ड से उसकी भरपाई हो जाती है | क्षेत्रीय बनाधिकारी को संसाधन की आवश्यकता है तो क्या संसाधन जुटाने का प्रयास नही करेंगे जनशक्ति की कमी थी उस क्रम में उन्होंने प्रयास किया | कल कोई कमी या नुकशान होगा तो प्रभागीय बनाधिकारी गोरखपुर यह कह कर कन्नी काट लेंगे की यह क्षेत्रीय बनाधिकारी बाकी का क्षेत्र है | और भी विभागों में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी कार्य कर रहे है और सरकार फण्ड जारी करता है और उसी के अनुसार सब की तनख्वाह बट जाती है | लगता है प्रभागीय बनाधिकारी गोरखपुर को मानवीय मूल्यों से कोई लगाव नही है | It is submitted before the Hon’ble Sir that if death takes place because of hunger, perpetrated by the senior rank staffs, then where is Right to life? Whether Right to life is not being snatched by the concerned divisional forest officer, Gorakhpur range? Article 2 of the Human Rights Act protects your right to life. This means that nobody, including the Government, can try to end your life. It also means the Government should take appropriate measures to safeguard life by making laws to protect you and, in some circumstances, by taking steps to protect you if your life is at risk. Public authorities should also consider your right to life when making decisions that might put you in danger or that affect your life expectancy. Whether the family of the aggrieved is not on the verge of hunger?
फीडबैक की स्थिति:
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा दिनाक 01/08/2018 को फीडबैक पर कार्यवाही अनुमोदित कर दी गयी है
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
21 – May – 2018
जिलाधिकारीगोरखपुर,
13/06/2018
महोदय आदेशानुसार प्रकरण की जांच करायी गयी जांच अधिकारी का निस्तारण आख्या अवलोकनार्थ प्रेषित
निस्तारित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
21 – May – 2018
प्रभागीय वन अधिकारीगोरखपुर,वन विभाग
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें कृपया जांच आख्या अपलेड करें।
11/06/2018
उक्त शिकायत का निस्तारण विभागीय जाँच रिपोर्ट के आधार पर की गयी है
अस्वीकृत
3
आख्या
जिलाधिकारी ( )
21 – May – 2018
प्रभागीय वन अधिकारीगोरखपुर,वन विभाग
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें महोदय आदेशानुसार प्रकरण की जांच करायी गयी जांच अधिकारी का निस्तारण आख्या अवलोकनार्थ प्रेषित
13/06/2018
उक्त शिकायत का निस्तारण क्षेत्रीय वनाधिकारी/ विभागीय जाँच रिपोर्ट के आधार पर की गयी है

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

यहा तो प्रभागीय बनाधिकारी गोरखपुर का ब्यवहार एक तानाशाह जैसा है जिसके अन्दर की मानवीयता ख़त्म हो चुकी है इसी लिए तो बेचारे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी की तनख्वाह देने के बजाय उन नियमो की बाते कर रहे है जो अप्रासंगिक है इस स्थान पर | श्री मान जी उपरोक्त कर्मचारी ने उत्तर प्रदेश सरकार के बन विभाग में सेवा दी है और दे रहा है इसलिए उसका पारिश्रमिक तो बनता ही है | चूकी मामला मुख्यमंत्री सन्दर्भ का है इसलिए प्रभागीय बनाधिकारी गोरखपुर अपनी सीमा में ही रहे तो ही अच्छा है | यदि कर्मचारी ने बन विभाग की सेवा की है तो क्षेत्रीय बनाधिकारी क्यों कर्मचारी को तनख्वाह देंगे | ऐसा बहुत बार होता है जब सरकारी फण्ड कम पड जाता है तो अगले फण्ड से उसकी भरपाई हो जाती है | क्षेत्रीय बनाधिकारी को संसाधन की आवश्यकता है तो क्या संसाधन जुटाने का प्रयास नही करेंगे जनशक्ति की कमी थी उस क्रम में उन्होंने प्रयास किया | कल कोई कमी या नुकशान होगा तो प्रभागीय बनाधिकारी गोरखपुर यह कह कर कन्नी काट लेंगे की यह क्षेत्रीय बनाधिकारी बाकी का क्षेत्र है |

Preeti Singh
2 years ago

फीडबैक की स्थिति: मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा दिनाक 01/08/2018 को फीडबैक पर कार्यवाही अनुमोदित कर दी गयी है
आवेदन का संलग्नक
संलग्नक देखें
अग्रसारित विवरण-
क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या स्थिति आख्या रिपोर्ट
1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 21 – May – 2018 जिलाधिकारी-गोरखपुर, — 13/06/2018 महोदय आदेशानुसार प्रकरण की जांच करायी गयी जांच अधिकारी का निस्तारण आख्या अवलोकनार्थ प्रेषित निस्तारित
2 आख्या जिलाधिकारी ( ) 21 – May – 2018 प्रभागीय वन अधिकारी-गोरखपुर,वन विभाग आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें कृपया जांच आख्या अपलेड करें। 11/06/2018 उक्त शिकायत का निस्तारण विभागीय जाँच रिपोर्ट के आधार पर की गयी है अस्वीकृत
3 आख्या जिलाधिकारी ( ) 21 – May – 2018 प्रभागीय वन अधिकारी-गोरखपुर,वन विभाग आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें महोदय आदेशानुसार प्रकरण की जांच करायी गयी जांच अधिकारी का निस्तारण आख्या अवलोकनार्थ प्रेषित 13/06/2018 उक्त शिकायत का निस्तारण क्षेत्रीय वनाधिकारी/ विभागीय जाँच रिपोर्ट के आधार पर की गयी है