सोचिये अनुसूचित जनजाति भरा है फिर भी अनुसूचित जाति के नाम पर डाटा को सस्पेक्ट बना दिए और छात्रवृत्ति से वंचित

आवेदन का विवरण
 
शिकायत संख्या
60000190019465
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
श्री मान जी काजल पुत्री संतोष स्नातक गणित विज्ञानं वर्ग प्रथम वर्ष की होनहार छात्रा है जो सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली छात्रवृत्ति की हर तरह से पात्र है उनका केटेगरी अनुसूचित जनजाति है श्री मान जी छात्रा को स्क्रूटिनी रिजल्ट में सस्पेक्ट डाटा की श्रेणी
में रखा गया है कारण
जाति प्रमाण पत्र केटेगरी मिसमैच है
स्कालरशिप फॉर्म और रेवेन्यु डाटा बेस में श्री मान जी अब आप समाज कल्याण
अधिकारी मिर्ज़ापुर का दिनांक ०१
/०१/२०१९ का पत्र देखे जो की प्रार्थी के पत्र /प्रत्यावेदन जो की उत्तर प्रदेश सरकार के जनसुनवाई पोर्टल पर प्रस्तुत
की गई और दिनांक २५
/१२/२०१८ को जिला
समाज कल्याण अधिकारी को प्रेषित है के क्रम में है जिसके द्वारा निदेशक समाज
कल्याण उत्तर प्रदेश से अनुरोध किया गया है की छात्रा द्वारा अनुसूचित जनजाति का
ही चुनाव किया गया है इसलिए उसको सस्पेक्ट डाटा की श्रेणी से सम्बंधित कार्यवाही
आपके स्तर से ही समीचीन है श्री मान जी जब समाज कल्याण अधिकारी महोदय के यहा
प्रत्यावेदन व संलग्नक परीशीलनोपरांत आख्या निदेशक समाज कल्याण उत्तर प्रदेश
शासन को प्रेषित किया गया तो अब भी सस्पेक्ट डाटा क्यों आख्या पर टालमटोल कर
छात्रा को शासकीय सहायता से वंचित करने की दिशा में आगे बढना किस तरह से उचित है
प्रार्थी के समझ से परे है महत्वपूर्ण यह है अब तो सभी जान चुके है की प्रार्थी
द्वारा अनुसूचित जन जाति ही भरा गया है और वह अनुसूचित जन जाति की ही है फिर उसे
छात्र वृत्ति प्रदान करने में टाल मटोल क्यों प्रथम वरीयता वह एक लडकी है दूसरी
अनुसूचित जन जाति की है इसलिए सरकार द्वारा प्रदत्त सहायता राशी से वंचित करना
वह भी डाटा की बाजी गरी किसी भी तरह से उचित नही है
नियत तिथि:
20 – Mar – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
 
फीडबैक :
 
फीडबैक की स्थिति:
 
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायत अनुभाग – 1(मुख्यमंत्री कार्यालय )
18 – Feb – 2019
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव समाज कल्‍याण
विभाग
कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।
 
 
अधीनस्थ को प्रेषित
 
2
अंतरित
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव (समाज कल्‍याण विभाग )
18 – Feb – 2019
निदेशक समाज कल्याण
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें
 
 
अधीनस्थ को प्रेषित
 
3
अंतरित
निदेशक (समाज कल्याण )
18 – Feb – 2019
जिला समाज कल्याण अधिकारीमिर्ज़ापुर,समाज कल्‍याण विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें
 
 
अनमार्क
 
 

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

श्री मान जी काजल पुत्री संतोष स्नातक गणित विज्ञानं वर्ग प्रथम वर्ष की होनहार छात्रा है जो सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली छात्रवृत्ति की हर तरह से पात्र है उनका केटेगरी अनुसूचित जनजाति है श्री मान जी छात्रा को स्क्रूटिनी रिजल्ट में सस्पेक्ट डाटा की श्रेणीमें रखा गया है कारण -जाति प्रमाण पत्र केटेगरी मिसमैच हैस्कालरशिप फॉर्म और रेवेन्यु डाटा बेस में श्री मान जी अब आप समाज कल्याणअधिकारी मिर्ज़ापुर का दिनांक ०१/०१/२०१९ का पत्र देखे जो की प्रार्थी के पत्र /प्रत्यावेदन जो की उत्तर प्रदेश सरकार के जनसुनवाई पोर्टल पर प्रस्तुतकी गई और दिनांक २५/१२/२०१८ को जिलासमाज कल्याण अधिकारी को प्रेषित है के क्रम में है

Preeti Singh
1 year ago

Why concerned are procrastinating in taking action on the submitted feedback? Whether it is a good governance? To advocate honesty on public platforms and to be honest really on public platforms are different things.
फीडबैक : दिनांक 26/02/2019को फीडबैक:- श्री मान कल्याण बनर्जी सर आप जो आख्या यहा पर लगी है उसको भारत सरकार के ब्यथा निवारण पोर्टल पर लगाये जिससे उनको मालुम हो की उत्तर प्रदेश सरकार के अधीनस्थो की कार्यशैली में कितनी जालसाजी है |श्री मान जी जिस आख्या को आधार बना कर शिकायत किया गया उसी आख्या को पुनः लगा कर शिकायत का पुनः निस्तारण करा दिया गया सिर्फ उसमे पत्र क्रमांक बदल दिया गया | श्री मान जी इसी पत्र पर तो उत्तर प्रदेश सरकार के निदेशक ने कोई कार्यवाही नही की थी फिर वही पत्र जारी कर दिया गया | सब से आश्चर्य करने वाली बात यह है की उसका अनुमोदन भी निदेशक ने किया है | जिस निदेशक की जवाबदेही तय होनी चाहिए थी वही निदेशक समाज कल्याण अधिकारी से दबाव बना कर वही पत्र पुनः मगा लिया जिसे वह जनवरी माह में ही पंजीकृत पत्र से भेजा है | इस समय समाज कल्याण अधिकारी को स्मरण पत्र भेजना था | शिकायत तो निदेशक के विरुद्ध थी फिर समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर की आख्या के आधार पर शिकायत का निस्तारण क्यों |

Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

Undoubtedly social welfare department is sending the money mean to weaker and downtrodden section to the management run by private public by Dr depriving the genuine Students Of their scholarship so that this money can be transferred to the private management run schools who provide them Commission and this Commission is dispersed from top to bottom in the administrative hierarchy. Whether rampant corruption arbitrariness anarchy is justified in the disbursement of the scholarship to the weaker and downtrodden section as being done by the government of Uttar Pradesh in the disbursement of scholarship to the weaker and downtrodden section.