अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व लडकियों को छात्रवृत्ति से मनमानी ढंग से वंचित किया जा रहा है |

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व लडकियों को छात्रवृत्ति से मनमानी ढंग से वंचित किया जा रहा है |
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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> 19 March 2019 at 14:12

To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, supremecourt <supremecourt@nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, cmup <cmup@up.nic.in>, hgovup@up.nic.in, csup@up.nic.in, uphrclko <uphrclko@yahoo.co.in>, lokayukta@hotmail.com

श्री मान जी जिस तरह से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रो को छात्रवृत्ति से वंचित किया जा रहा है क्या वह किसी सोची समझी साजिश का हिस्सा नही है | छात्र द्वारा छात्रवृत्ति हेतु किये गये आनलाइन आवेदन 691390511800304 ,Obtain/Total Marks not Matched with University Uploaded Data,Enrollment/RollNumber Not Matched with University Uploaded Data में चिन्हित है छात्र ने आवेदन पत्र त्रुटिपूर्ण भरा गया है। छात्र को छात्रवृत्ति देय नहीं है |
श्री मान जी उपरोक्त आधार पर छात्रवृत्ति से वंचित करना कहा तक जायज है क्यों की श्री मान जी यही बात तो प्रार्थी ने शिकायत में भी लिखा है की श्रेणी सुधार परीक्षा के बाद का अंक और श्रेणी सुधार परीक्षा के पहले का अंक दोनों में अंतर है | श्री मान जी जो ऑनलाइन आवेदन में अंक भरा गया है वह श्रेणी सुधार परीक्षा के पहले का है और समाज कल्याण अधिकारी श्रेणी सुधार परीक्षा के बाद के अंक से मिला रहे है | इसलिए समाज कल्याण विभाग द्वारा गलत ठहराया जा रहा | जो पूर्ण रूप से असमबैधानिक है और भ्रस्टाचार को बढ़ावा दे रहा है |
श्री मान जी दस्तावेजो का सत्यापन महाविद्यालय के स्तर से किया गया उसमे समस्त प्रविष्टिया उपलब्ध दस्तावेजो से मेल खाई इसलिए तो दस्तावेज अग्रसारित किये गये | किन्तु समाज कल्याण विभाग गलत बात को आधार बना कर जो की तर्क संगत नही है के आधार पर तीसरे वर्ष जब की पूर्व के दो वर्षो में छात्रवृत्ति मिली है तीसरे वर्ष दलित वर्ग के छात्र को छात्रवृत्ति वंचित कर दिया गया | जो की पूर्ण रूप से अन्याय पूर्ण और तानाशाही रवैया को पोषित करता है | भारतीय संबिधान में भी अनुसूचित जात और अनुसूचित जन जाति को विशेष दर्जा प्राप्त है | राजाज्ञा में कहा जाता है की अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्र को किसी भी तरह से छात्रवृत्ति से वंचित न किया जाय जब तक ठोस कारण न हो |
श्री मान जी खुद मुख्य मंत्री कार्यालय का रोल बहुत संदिग्ध है |  क्यों की छात्र के उन ग्रिएवांस को जिसको समाज कल्याण विभाग मिर्ज़ापुर कोप भेजा जाना चाहिए था उनको महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ भेज दिया जिससे तब तक समय बीत जाय | श्री मान जी निम्न शिकायत का अवलोकन करे 
आवेदन का विवरण
 
शिकायत संख्या
40019919010119
आवेदक कर्ता का नाम:
chhotu
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7237849131,7237849131
विषय:
Grievance Status for registration number : PMOPG/E/2019/0075595 Grievance Concerns To Name Of Complainant -Yogi M P Singh Date of Receipt -07/02/2019 Received By Ministry/Department -Prime Ministers Office Grievance Description An application under article 51 A of the constitution of India. Whether it is justified to deprive a student of his scholarship arbitrarily on the ground that is because of improvement result declared by the MGKVP University Varanasi and concerned staff made the scrutiny on the ground of result of improvement while the application for the scholarship was submitted much earlier than the improvement result on the basis of the annual result B.Sc. second year. Since the student was fairly passed in the B.Sc. second year and he was awarded the scholarship in the B.Sc. first year and B.Sc. second year. The matter is concerned with a scheduled caste student whose detail is as follows. Name of the student –Chhotu, Registration number-690030221802374, Name of the father-Panchdev, Caste-Scheduled caste, Subcaste-Chamar, B.Sc. part 3 Maths group studying in the K.B.P.G. College Mirzapur. The reason for the scrutiny result to be suspect-obtain/total marks not matched with the university uploaded data. Most revered Sir –Whether the obtained result will not change after the declaration of the improvement result quite obvious from the attached Marksheet of B.Sc. second year after improvement exam conducted by MGKVP University Varanasi. Before the improvement result aforementioned aggrieved student had acquired 292 out of 600 marks but after the improvement exam, it has been 335 out of 600. Moreover, data were subject to scrutiny by the college administration through the original records made available by the students according to guideline which was found accurate so it was forwarded to the concerned department. Here this question arises that whether 292 marks out 600 of the student will not entitle him for the scholarship if entitle him for scholarship, then concerned staff cannot take recourse of the latter marks obtained after the improvement exam result declared as that total mark was not available to him when he was submitting online application for the scholarship. Thus the approach of the staff of the government of Uttar Pradesh is sheer unconstitutional, arbitrary, draconian and corrupt in nature which must be curbed by the accountable public functionaries if they are law abiding. Grievance Document Current Status -Under process Date of Action -12/02/2019 Remarks -Send Through Web Service Officer Concerns To Officer Name -Shri Kalyan Banerji Officer Designation -Under Secretary Contact Address -Chief Minister Secretariat U.P. Secretariat, Lucknow Email Address Contact Number -05222215127
नियत तिथि:
07 – Mar – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
 
फीडबैक :
दिनांक 05/03/2019को फीडबैक:- श्री मान जी समाज कल्याण अधिकारी इस आधार पर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म को गलत बता रहे है की भरा हुआ अंक महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ के अपलोडेड डाटा से मेल नही खाता इसलिए त्रुटिपूर्ण है | श्री मान जी यही बात तो प्रार्थी ने शिकायत में भी लिखा है की श्रेणी सुधार परीक्षा के बाद का अंक और श्रेणी सुधार परीक्षा के पहले का अंक दोनों में अंतर है | श्री मान जी जो ऑनलाइन आवेदन में अंक भरा गया है वह श्रेणी सुधार परीक्षा के पहले का है और समाज कल्याण अधिकारी श्रेणी सुधार परीक्षा के बाद के अंक से मिला रहे है | इसलिए समाज कल्याण विभाग द्वारा गलत ठहराया जा रहा | जो पूर्ण रूप से असमबैधानिक है और भ्रस्टाचार को बढ़ावा दे रहा है | श्री मान जी प्रार्थी इसलिए पात्र है की क्योकि वह स्नातक द्वितीय वर्ष पास है और तृतीय वर्ष में उसका प्रवेश हुआ है | प्रार्थी द्वारा भरी सारी प्रविष्टिया भी शुद्ध है | श्री मान जी प्रार्थी दलित वर्ग का है इसलिए उसे परेशान किया जा रहा है | यह कार्य कॉलेज प्रशासन का था और उसने उसी अंक पत्र के आधार पर जांच की जो उस समय उपलब्ध था और ऑनलाइन आवेदन को अग्रसारित किया था | श्री मान जी इस तरह से बहुत से छात्र जिन्होंने श्रेणी सुधार परीक्षा की दी है उनकी छात्रवृत्ति परीक्षा दी उनकी छात्रवृत्ति रोक दी जाय क्यों की उनकी डाटा मिसमैच है | श्री मान जी समाज कल्याण अधिकारी हम लोगो का पैसा ले जा कर प्राइवेट प्रबंध तंत्र को देगे उसी के सहारे तो बी.एड. और बी.टी.सी. के कुकुरमुत्ते की तरह कॉलेज पूरे मिर्ज़ापुर में फैले हुए है | यह सच है की योगी सरकार हम लोगो की शुभ चिन्तक नही है अन्यथा इस तरह से अन्याय होता | क्या जिस तरह से प्रार्थी को छात्रवृत्ति से वंचित किया गया है ऐसा कोई नियम है |छात्र को छात्रवृत्ति से पात्रता और अपात्रता के आधार पर वंचित करना चाहिए था जिनके पिता माता सरकारी कर्मचारी है उन्हें सबसे पहले मिलता है क्यों की वे घुस ज्यादा देते है और जो पात्र है उसके पास घुस का पैसा कहा है | योगी सरकार मूक दर्शक बन कर तमाशा देखती है |
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
20 – Feb – 2019
जिला समाज कल्याण अधिकारीमिर्ज़ापुर,समाज कल्‍याण विभाग
21/02/2019
छात्र द्वारा छात्रवृत्ति हेतु किये गये आनलाइन आवेदन 691390511800304 ,Obtain/Total Marks not Matched with University Uploaded Data,Enrollment/RollNumber Not Matched with University Uploaded Data में चिन्हित है छात्र ने आवेदन पत्र त्रुटिपूर्ण भरा गया है। छात्र को छात्रवृत्ति देय नहीं है
निस्तारित
 
 
मोदी सर के यहा से भेजे गये पत्रों को मुख्य मंत्री कार्यालय या तो फाइल कर देता है या ऐसे विभाग को भेजा जाता है जिससे सम्बंधित मामला हो ही न और इस तरह से टाल मटोल किया जाता और अधीनस्थ अधिकारी गैर कानूनी गतिविधियों में लिप्त है | शिकायत करने पर असंगत जवाब दो पंक्तियों का लगा कर शिकायत को बंद कर दिया जाता है | क्या यही त्तारीका है सामाजिक न्याय प्रदान करने का | इस बार अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्र छात्राओं को जिनको पिछले दो वर्षो से मिल रही थी उनकी भी छात्रवृत्ति रोक दी गई और वह पैसा निजी प्रबंध तंत्रों के छात्रो को भेज दी गयी क्यों की इन स्थानों से सीधे कमीशन का हिसाब हो जाता है | ये नेता लोग लडकियों की शिक्षा की वकालत करते है गरीबो की शिक्षा का वकालत करते है किन्तु वास्तविक शैली तो समाज कल्याण निदेशक और समाज कल्याण अधिकारी की कार्यशैली में झलक रहा है | लडकियों को यह सोच कर की क्या कर सकती है सब से ज्यादा उन्ही को युक्ति खोज करके वंचित किया गया है |

आवेदन का विवरण
 
शिकायत संख्या
60000190024500
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
आवेदन का विवरण, शिकायत संख्या -40019918037233 आवेदक कर्ता का नाम: Yogi M P Singh श्री मान जी निदेशक समाज कल्याण लखनऊ समाज कल्याण अधिकारी मिर्जापुर के विरुद्ध सार्वजनिक दस्तावेजो में हेराफेरी करने दलित वर्ग की छात्रा को परेशान सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली छात्रवृत्ति से वंचित करने का आरोप प्रार्थी की ओर से है श्री मान जब छात्रा द्वारा अनुसूचित जाति को अनुसूचित जनजाति बना कर शुद्ध किया जा चुका है तो इस समय लॉक्ड डाटा में अनुसूचित जाति क्यों प्रदर्शित हो रहा है क्योकि लॉक्ड डाटा को तो केवल उपरोक्त दोनों के अलावा तीसरा नही खोल सकता है इसलिए उपरोक्त दोनों ने एक सगठित अपराध कारित किया जो किसी तरह से क्षम्य नही है इसलिए भारतीय दंड विधान की धारा sections 465,466,467,468,469 and 471 of I.P.C श्री मान जी जिला छात्रवृत्ति समिति जिसका सर्वेसर्वा जिला समाज कल्याण अधिकारी होता है अनुसूचित जनजाति की छात्रा का आवेदन फॉर्म इस आधार पर रद कर दिया गया की एनरोल मेंट नंबर रोल नंबर मैच नही किया विश्वविद्यालय द्वारा अप लोडेड डाटा से श्री मान जी जो छात्रा स्नातक प्रथम वर्ष की छात्रा है उससे सम्बंधित विश्वविद्यालय कब से डाटा अप लोड करने लगा श्री मान जी चार फ़रवरी २०१९ को प्रार्थी द्वारा इमेल प्रत्यावेदन के माध्यम से प्रधान मंत्री राष्ट्रपति मुख्य न्यायाधीश राज्यपाल मुख्यमंत्री व अन्य माननीयो को प्रत्यावेदन प्रस्तुत किया जिसका विषय वस्तु निम्न लिखित है श्री मान जी काजल पुत्री संतोष स्नातक गणित विज्ञानं वर्ग प्रथम वर्ष की होनहार छात्रा है जो सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली छात्रवृत्ति की हर तरह से पात्र है उनका केटेगरी अनुसूचित जनजाति है श्री मान जी छात्रा को स्क्रूटिनी रिजल्ट में सस्पेक्ट डाटा की श्रेणी में रखा गया है कारण जाति प्रमाण पत्र केटेगरी मिसमैच है स्कालरशिप फॉर्म और रेवेन्यु डाटा बेस में श्री मान जी अब आप समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर का दिनांक ०१/०१/२०१९ का पत्र देखे जो की प्रार्थी के पत्र /प्रत्यावेदन जो की उत्तर प्रदेश सरकार के जनसुनवाई पोर्टल पर प्रस्तुत की गई और दिनांक २५/१२/२०१८ को जिला समाज कल्याण अधिकारी को प्रेषित है के क्रम में है जिसके द्वारा निदेशक समाज कल्याण उत्तर प्रदेश से अनुरोध किया गया है की छात्रा द्वारा अनुसूचित जनजाति का ही चुनाव किया गया है इसलिए उसको सस्पेक्ट डाटा की श्रेणी से सम्बंधित कार्यवाही आपके स्तर से ही समीचीन है श्री मान जी जब समाज कल्याण अधिकारी महोदय के यहा प्रत्यावेदन व संलग्नक परीशीलनोपरांत आख्या निदेशक समाज कल्याण उत्तर प्रदेश शासन को प्रेषित किया गया तो अब भी सस्पेक्ट डाटा क्यों आख्या पर टालमटोल कर छात्रा को शासकीय सहायता से वंचित करने की दिशा में आगे बढना किस तरह से उचित है प्रार्थी के समझ से परे है महत्वपूर्ण यह है अब तो सभी जान चुके है की प्रार्थी द्वारा अनुसूचित जन जाति ही भरा गया है और वह अनुसूचित जन जाति की ही है फिर उसे छात्र वृत्ति प्रदान करने में टाल मटोल क्यों प्रथम वरीयता वह एक लडकी है दूसरी अनुसूचित जन जाति की है इसलिए सरकार द्वारा प्रदत्त सहायता राशी से वंचित करना वह भी डाटा की बाजी गरी किसी भी तरह से उचित नही है
नियत तिथि:
30 – Mar – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
 
फीडबैक :
दिनांक 08/03/2019को फीडबैक:- यदि राज्य सरकार की कार्यशैली में थोड़ी भी इमानदारी होगी तो जरुर मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करा के भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुचने का प्रयास किया जाएगा | विधि के समक्ष सभी सामान होते है यह समझ कर मामले को नजर अंदाज किया जाय की मामले में राज्य सरकार का निदेशक स्तर का अधिकारी फस सकता है | श्री मान जी समाज कल्याण अधिकारी की तरह योगी एम्. पी. सिंह तथ्यों को घुमा फिरा कर नही पेश करते क्यों की वे एक घुसखोर अधिकारी नही है | जहा उनका जीवन घुसखोरी में बीता है वही प्रार्थी द्वारा पूर्ण जीवन भ्रस्टाचार के खिलाफ संघर्ष में लगाया गया है |श्री मान अब तो समाज कल्याण अधिकारी के रिपोर्ट से पुष्ट हो चुका है की प्रार्थी द्वारा लगाए गये दो आवेदन पत्रों में एक में अनुसूचित जाति भरा है और एक में अनुसूचित जाति भरा है | दोनों प्रिंट भारत सरकार के राज्य सरकार उत्तर प्रदेश की वेबसाइट से लिए गए है इसलिए यदि प्रिंट के साथ छेड़ खानी करके गलत तथ्य प्रस्तुत किया गया है प्रार्थी दोषी है और समस्त धाराए प्रार्थी ऊपर लगाईं जाय और यदि समाज कल्याण अधिकारी और निदेशक समाज कल्याण लखनऊ ने वेबसाइट के साथ छेड़खानी की है उन लोगो के ऊपर भारतीय दंड विधान की समुचित धाराओं के अंतर्गत कार्यवाही की जाय और इसमें किसी तरह की कोताही बरती जाय | श्री मान जिस आवेदन की बात समाज कल्याण अधिकारी कर रहे है वह प्रार्थी द्वारा शुरू में भरा गया है किन्तु अनुसूचित जनजाति संशोधित किया गया है प्रार्थी द्वारा खुद जब प्रार्थी के संशोधन वास्ते वेबसाइट खोली गयी | उपरोक्त दोनों अधिकारिओं ने मिल कर पुनः अनुसूचित जनजाति को अनुसूचित जाति बना दिया गया जो की जालसाजी की कोटि में आता है | प्रार्थी द्वारा अनुसूचित जनजाति बनाने और लॉक करने के उपरांत खुद प्रार्थी कोई संशोधन नही कर सकता था | बहरहाल मामला जांच से सम्बंधित है इसलिए सरकार द्वारा किसी इमानदार छवि वाले पुलिस अधिकारी से मामले की जांच कराई जानी चाहिए | साथ ही पूरे छात्रवृत्ति वितरण में जो घोटाला हुआ है और हो रहा है उसकी जांच होनी चाहिए |
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायत अनुभाग – 1(मुख्यमंत्री कार्यालय )
28 – Feb – 2019
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव समाज कल्‍याण विभाग
कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।
05/03/2019
अनुमोदित
निस्तारित
 
2
अंतरित
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव (समाज कल्‍याण विभाग )
28 – Feb – 2019
निदेशक समाज कल्याण
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें
05/03/2019
अनुमोदित
निस्तारित
 
3
अंतरित
निदेशक (समाज कल्याण )
01 – Mar – 2019
जिला समाज कल्याण अधिकारीमिर्ज़ापुर,समाज कल्‍याण विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें
05/03/2019
letter no 2649 date 02-03-2019————————– attached
निस्तारित
 
 
This is a humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law of land? This is the need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Hon’ble Sir.                                                         
                                                                                                Yours sincerely
Date-19-03-2019                                            Yogi M. P. Singh, Mobile number-7379105911, Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin code-231001.
 

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Yogi
1 year ago

श्री मान जी उपरोक्त आधार पर छात्रवृत्ति से वंचित करना कहा तक जायज है क्यों की श्री मान जी यही बात तो प्रार्थी ने शिकायत में भी लिखा है की श्रेणी सुधार परीक्षा के बाद का अंक और श्रेणी सुधार परीक्षा के पहले का अंक दोनों में अंतर है | श्री मान जी जो ऑनलाइन आवेदन में अंक भरा गया है वह श्रेणी सुधार परीक्षा के पहले का है और समाज कल्याण अधिकारी श्रेणी सुधार परीक्षा के बाद के अंक से मिला रहे है | इसलिए समाज कल्याण विभाग द्वारा गलत ठहराया जा रहा | जो पूर्ण रूप से असमबैधानिक है और भ्रस्टाचार को बढ़ावा दे रहा है |

Arun Pratap Singh
1 year ago

यह सच है की समझाया तो मानवों को जाता भ्रस्टाचार ने लोगो को दानव बना दिया है जिलाधिकारी महोदय जान बूझ कर नही समझना चाहते है जब नेताओं की सिफारिस से जिलाधिकारी की पोस्टिंग होगी तो ऐसा होना स्वाभाविक है | कमीशन का गंदा खेल ब्यक्ति के ब्यक्तित्व को ख़त्म कर दिया है हर जगह भ्रस्टाचार का नंगा नाच हो रहा है |
फीडबैक की स्थिति: जिलाधिकारी द्वारा दिनाक 29/03/2019 को प्राप्त आख्या अनुमोदित कर दी गयी है
छात्र द्वारा छात्रवृत्ति हेतु किये गये आनलाइन आवेदन , ,Obtain/Total Marks not Matched with University Uploaded Data में चिन्हित है अर्थात छात्र द्वारा छात्रवृत्ति आवेदन–पत्र में प्राप्तांक⁄पूर्णांक गलत भरा गया है। छात्रवृत्ति का भुगतान देय नहीं है।

Beerbhadra Singh
1 year ago

It seems that here rule of law is overshadowed with the anarchy which is quite obvious from the working style of the government functionaries. Every tricks are being adopted to deprive the entitled candidate from their rights and provide the assistance to those who are not entitled for the public aid.
Whether it is justified to deprive the weaker and downtrodden section from the public aid and using that fund for their private uses. Goverment staff is going to be richer and richer and Non governmental staff is on the verge of hunger.
Undoubtedly there is rampant corruption in the government machinery but it is unfortunate that our accountable Public functionaries are adopting lackadaisical approach in order to curb this Anarchy from the government machinery that is why everyone is busy in filling its own packet. There is great resentment among the electro rates of the country which will be shown when the outcome of the election result will be declared. It is well established fact that at our country men are divided into two categories one category of 10% people and other category is of 90% people and 10% people are using entire infrastructure of this country and 90% people are on the verge of Hunger.