वर्षात पश्चात खड़ंजा बिछ जाएगा आश्चर्यजनक है दूसरी वर्षात आने वाली है क्या यह भ्र्ष्टाचार नहीं है |

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019919023533
आवेदक कर्ता का
नाम:
Harishchand
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
7054703028,7054703028
विषय:
श्री मान जी चार महीने से
भी ज्यादा हो गए
और खंड विकास अधिकारी को यह
तक नहीं मालुम है
की ऐसा कोई खड़ंजा बिछने वाला वाला है
आदमपुर ग्राम पंचायत में अर्थात तहसीलदार सदर द्वारा आयुक्त विंध्याचल महोदय को
मात्र गुमराह किया गया है | श्री मान जी चुप रहना या इंकार करना एक ही बात है और
प्रार्थी दुसरे वर्षात को बीतने का इन्तजार नहीं कर सकता है इसलिए प्राथमिकता के
तौर पर प्रत्यावेदन का निस्तारण किया जाय जो न्याय हित में होगा
| आवेदन का विवरण​ ​शिकायत संख्या40019919009019 आवेदक कर्ता का
नाम:हरिश्चंद​ ​आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:7054703028,7054703028 विषय:श्री मान जी जिन आख्या को
आधार बना कर पिछले वर्ष से
तहसीलदार सदर मामले का
निस्तारण करा रहे है
और मंडलायुक्त ने इस
बात को
स्वीकार किया है उसकी पुष्टि खंड विकास अधिकारी से अच्छा कोई नही कर सकता है क्यों की वह
उन्ही कार्य क्षेत्र है
| इसलिए खंड विकास अधिकारी की
आख्या समीचीन है | इसलिए प्रकरण उन्ही के
समक्ष प्रस्तुत किया जाय | श्री मान जी
संसार के
सब से
बड़े लोकतंत्र में गरीबो मजलूमों को कोई न्याय नही मिलता है
ऐसा क्यों | यदि न्याय संभव है तो
मामले की
उच्च स्तरीय टीम से
जांच कराई जाय और
जिम्मेदारी तय
हो | श्री मान जी मंडलायुक्त द्वारा दिनाक 20/11/2018
को प्राप्त आख्या अनुमोदित कर दी
गयी है
जो की
खुद ही
बिधि सम्मत नही है
श्री मान जी ग्राम सभा का
प्रस्ताव ग्राम सभा की
खुली बैठक में पास होता है
| श्री मान जी
दिनांक १६/०८/२०१८ का नोट जिसको आधार बना कर
शिकायत का
निस्तारण कराया गया है
वह फर्जी है | उसका कोई बैधानिक आधार नही है
| उसके सहारे तहसीलदार सदर सिर्फ वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह भ्रमित कर रहे है | यह महज जालसाजी के
सिवा कुछ भी नही है | क्या संलग्न नोट पर
ग्राम पंचायत सदस्यों का
हस्ताक्षर है
और क्या प्रधान का
हस्ताक्षर फर्जी नही है
? श्री मान जी
सभी जानते है की
उपरोक्त तिथि को ग्राम पंचायत की
कोई खुली बैठक हुई ही नही तो प्रस्ताव किसने बना दिया | श्री मान जी यदि ऐसा कोई प्रस्ताव होता तो अब
तक मिटटी फेक कर
खडंजा बिछ चुका होता | श्री मान जी
इस समय वर्षात नही है और
कडाके की
ठंढ है
फिर काम क्यों नही लगवा देते है | श्री मान जी जब
ग्राम प्रधान ने ऐसा कोई प्रस्ताव पास नही किया है
वो क्यों २५ फीट खडंजा रोड तैयार करेंगे | सेवा मेंराष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश , प्रधान न्यायाधीश भारत, अध्यक्ष राज्य मानवाधिकार आयोग उत्तर प्रदेश जिलाधिकारी मिर्ज़ापुर, पुलिस कप्तान मिर्ज़ापुर विषयदर्जनों पत्रों के
बाद भी
तहसीलदार सदर ने मनगढ़ंत और झूठा जवाब लगा कर सिर्फ वरिष्ठ अधिकारिओं को गुमराह किया है
| महोदय, श्री मान जी प्रार्थी दलित वर्ग से है
चारो तरफ से दबंगों ने दबा रखा है
| सोचिये रास्ता तक
कब्ज़ा कर
लिए है
| सरकारी तालाब को
पाट लिए है और
तहसीलदार सदर को कुछ भी नही दिखाई पड़ता है | घर के चारो तरफ पानी लगा है बड़े तो किसी तरह निकल पाते है
किन्तु बच्चे विद्यालय तक
नही जा
रहे है
|पिछले १८ महीने से प्रार्थी संघर्ष कर
रहा है
न्याय पाने हेतु लेकिन हर कोई इस गरीब का सुन नही रहा है ऐसा प्रतीत होता है आज
भी हम
गुलाम है
इस अभिजात्य वर्ग के
शासन में |मै किसी जात पात की
बात नही कर रहा हू सिर्फ गरीब की
बात कर
रहा हू
जिसे सिर्फ प्रताणित किया जाता है
और कभी न्याय नही मिलता है
| माननीय उच्चतम न्यायालय से जो
पारिस्थितिकी बात करता है
हमे बताये की आदम पुर का
तालाब क्यों तहसीलदार सदर ने कब्ज़ा करा दीया है| श्री मान जी
आप लोग अपने एयर कंडिशन्ड कमरे से कभी बाहर भी
निकलेगे या
वही से
हम गरीबो के प्रताड़ना का तमाशा देखते रहेगे | क्या गुलामी में इससे भी
ज्यादा कष्ट था | मेरी उम्र ७० साल है गुलामी तो देखी नही किन्तु ऐसा प्रतीत होता है
गुलामी की
प्रताड़ना इससे ज्यादा बीभत्स नही होगा | नियत तिथि:04 – Mar – 2019​ शिकायत की स्थिति:लम्बित
नियत तिथि:
18 – Jul – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:

आवेदन
का
संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
18 – Jun – 2019
तहसीलदार सदर,जनपदमिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग
अनमार्क

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019919009019
आवेदक कर्ता का
नाम:
हरिश्चंद
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
7054703028,7054703028
विषय:
श्री मान जी
जिन आख्या को आधार बना कर
पिछले वर्ष से तहसीलदार सदर मामले का निस्तारण करा रहे है और
मंडलायुक्त ने
इस बात को स्वीकार किया है
उसकी पुष्टि खंड विकास अधिकारी से
अच्छा कोई नही कर
सकता है
क्यों की
वह उन्ही कार्य क्षेत्र है | इसलिए खंड विकास अधिकारी की आख्या समीचीन है
| इसलिए प्रकरण उन्ही के समक्ष प्रस्तुत किया जाय | श्री मान जी संसार के सब
से बड़े लोकतंत्र में गरीबो मजलूमों को कोई न्याय नही मिलता है
ऐसा क्यों | यदि न्याय संभव है तो
मामले की
उच्च स्तरीय टीम से
जांच कराई जाय और
जिम्मेदारी तय
हो | श्री मान जी मंडलायुक्त द्वारा दिनाक 20/11/2018
को प्राप्त आख्या अनुमोदित कर दी
गयी है
जो की
खुद ही
बिधि सम्मत नही है
श्री मान जी ग्राम सभा का
प्रस्ताव ग्राम सभा की
खुली बैठक में पास होता है
| श्री मान जी
दिनांक १६/०८/२०१८ का नोट जिसको आधार बना कर
शिकायत का
निस्तारण कराया गया है
वह फर्जी है | उसका कोई बैधानिक आधार नही है
| उसके सहारे तहसीलदार सदर सिर्फ वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह भ्रमित कर रहे है | यह महज जालसाजी के
सिवा कुछ भी नही है | क्या संलग्न नोट पर
ग्राम पंचायत सदस्यों का
हस्ताक्षर है
और क्या प्रधान का
हस्ताक्षर फर्जी नही है
? श्री मान जी
सभी जानते है की
उपरोक्त तिथि को ग्राम पंचायत की
कोई खुली बैठक हुई ही नही तो प्रस्ताव किसने बना दिया | श्री मान जी यदि ऐसा कोई प्रस्ताव होता तो अब
तक मिटटी फेक कर
खडंजा बिछ चुका होता | श्री मान जी
इस समय वर्षात नही है और
कडाके की
ठंढ है
फिर काम क्यों नही लगवा देते है | श्री मान जी जब
ग्राम प्रधान ने ऐसा कोई प्रस्ताव पास नही किया है
वो क्यों २५ फीट खडंजा रोड तैयार करेंगे | सेवा मेंराष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश , प्रधान न्यायाधीश भारत, अध्यक्ष राज्य मानवाधिकार आयोग उत्तर प्रदेश जिलाधिकारी मिर्ज़ापुर, पुलिस कप्तान मिर्ज़ापुर विषयदर्जनों पत्रों के
बाद भी
तहसीलदार सदर ने मनगढ़ंत और झूठा जवाब लगा कर सिर्फ वरिष्ठ अधिकारिओं को गुमराह किया है
| महोदय, श्री मान जी प्रार्थी दलित वर्ग से है
चारो तरफ से दबंगों ने दबा रखा है
| सोचिये रास्ता तक
कब्ज़ा कर
लिए है
| सरकारी तालाब को
पाट लिए है और
तहसीलदार सदर को कुछ भी नही दिखाई पड़ता है | घर के चारो तरफ पानी लगा है बड़े तो किसी तरह निकल पाते है
किन्तु बच्चे विद्यालय तक
नही जा
रहे है
|पिछले १८ महीने से प्रार्थी संघर्ष कर
रहा है
न्याय पाने हेतु लेकिन हर कोई इस गरीब का सुन नही रहा है ऐसा प्रतीत होता है आज
भी हम
गुलाम है
इस अभिजात्य वर्ग के
शासन में |मै किसी जात पात की
बात नही कर रहा हू सिर्फ गरीब की
बात कर
रहा हू
जिसे सिर्फ प्रताणित किया जाता है
और कभी न्याय नही मिलता है
| माननीय उच्चतम न्यायालय से जो
पारिस्थितिकी बात करता है
हमे बताये की आदम पुर का
तालाब क्यों तहसीलदार सदर ने कब्ज़ा करा दीया है| श्री मान जी
आप लोग अपने एयर कंडिशन्ड कमरे से कभी बाहर भी
निकलेगे या
वही से
हम गरीबो के प्रताड़ना का तमाशा देखते रहेगे | क्या गुलामी में इससे भी
ज्यादा कष्ट था | मेरी उम्र ७० साल है गुलामी तो देखी नही किन्तु ऐसा प्रतीत होता है
गुलामी की
प्रताड़ना इससे ज्यादा बीभत्स नही होगा |
नियत तिथि:
04 – Mar – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
प्राप्त अनुस्मारक
क्र..
अनुस्मारक
प्राप्त दिनांक
1
17 – Feb 2019 खण्डी वि‍कास अधि‍कारीछानवे,जनपदमिर्ज़ापुर,ग्राम्य विकास विभाग को जनसुनवाई
पोर्टल द्वारा शिकायत पृष्ठांकित किया गया किन्तु आश्चर्यजनक बात यह है की तीन
महीने १५ दिन के बाद भी आज तक खंड विकास अधिकारी छानवे द्वारा प्रकरण पर मौन
ही धारण किया गया
| क्या यही सुशासन है क्या खंड विकास अधिकारी की यह गुस्ताखी नही है की बार बार वह शासन के दिशा निर्देशों और स्मरण पत्रों को नजर अंदाज कर रहे है | क्या उन्हें यह नही मालुम है की उनका चुप रहना भी अन्याय है क्योकि यह अन्याय भ्रष्टाचार को बढ़ा रहा है | क्यों की उनका रिपोर्ट ही तहसीलदार सदर की मनमानी को सक्षम अधिकारियो के समक्ष ला सकती है |
04 Jun 2019
2
Citizens Charter means a government document
setting out standards of service for public and private sector bodies, such
as schools, hospitals, railway companies, water and energy suppliers, etc
Here this question arises that whether there is no citizen’s charter for
the Jansunwai portal which is the august portal of the government of Uttar
Pradesh Think about the following e-mail of CMUP which is generally sent by
the staffs of the chief minister office in the case is someone makes
efforts to seek justice from another quarter At present, it seems that BDO
Chhanvey is our chief minister because of the working style of the BDO
Chhanvey Whether syndicate of corruption is not acting in the govt
machinery quite obvious from the cryptic and lackadaisical approach of the
BDO Chhanvey in the matter concerned
प्रिय महोदय, आपका ईमेल मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ईमेल पर प्राप्त हुआ है यदि आपका ईमेल जनशिकायत श्रेणी का है तो आपको सविनय अवगत कराना है कि
मुख्यमंत्री कार्यालय
, उ०प्र०
द्वारा जनता की शिकायतों को दर्ज किए जाने हेतु उ०प्र० सरकार का आधिकारिक
ऑनलाइन पोर्टल जन
सुनवाई
विकसित किया गया है जिसका वेब एड्रेस नीचे दिया गया है

httpjansunwaiupnicinHomeHhtml
आपसे निवेदन है कि अपनी शिकायतों के त्वरित निस्तािरण हेतु जनसुनवाई पोर्टल का प्रयोग करें धय्े
वाद। मुख्यनमंत्री कार्यालय
, उ०प्र०
नोट
वेबसाइट या जनसुनवाई के मोबाइल
app के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज की गयी शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा भी मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा गहनता से की जाती है | जनसुनवाई मोबाइल app डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें|
httpsplaygooglecomstoreappsdetailsidinnicupjansunwaiupjansunwai
शिकायत के वेबसाइट पर दर्ज होने के पश्चात की प्रक्रिया आपके मोबाइल पर smsईमेल के माध्यम से चौदह अंकों की शिकायतसन्दर्भ पंजीकरण संख्या प्राप्त होगी | इस पंजीकरण संख्या एवं दर्ज मोबाइल नंबरईमेल के माध्यम से आप किसी भी समय अपनी शिकायत की स्थिति सीधे वेबसाइट या मोबाइल app पर देख सकते हैं एवं निस्तारण के पश्चात निस्तारण आख्या भी देख सकते हैं | इसके अतिरिक्त
किसी भी स्तर पर शिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने पर आप अपनी शिकायत का रिमाइंडर भी भेज सकते हैं तथा निस्तारण आख्या से असंतुष्टि की दशा में अपना फीडबैक भी पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं| आपके फीडबैक का मूल्यांकन निस्तारणकर्ता अधिकारी से एक स्तर उच्च अधिकारी द्वारा किया जाएगा|
मूल्यांकन में आपकी आपत्तियों से सहमति की दशा में आपका संदर्भशिकायत पुनर्जीवित हो जायेगी, तथा उसका पुनः परीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा|
10 May 2019
3
नियत तिथि-04 – Mar – 2019 शिकायत की स्थिति लम्बित श्री मान जी आज २४ मार्च २०१९ है अर्थात २० दिन ज्यादा हो गये | श्री मान जी यह टाल मटोल खुद ही भ्रस्टाचार की कोटि में आता है |ऐसा प्रतीत होता है प्रदेश की नौकर शाही मोदी सर को हरा देना चाहती है अन्यथा पिछले दो वर्षो से प्रार्थी परेशान है यदि हमारे जिम्मेदार अधिकारी सतर्क रहते तो यह मामला ही इतना खीचता | जब अधिनस्थो को नियंत्रण में रखने की क्षमता ही नही है तो ऐसा होना कोई नई बात नही है |दो वर्षो से तहसीलदार सदर झूठ राग अलाप रहे थे अब खंड विकास अधिकारी को उस झूठ की पुष्टि करना है | कोई अपने लिए झूठ बोलता है दुसरे के लिए झूठ बोलने में तकलीफ होती है अपनी आत्मा को कोई क्यों मारे इसलिए खंड विकास अधिकारी चुप रहना ही बेहतर समझ रहे है क्यों की झूठी रिपोर्ट मंडलायुक्त के समक्ष लगाईं गई है क्यों की अधीनस्थ उनकी गरिमा का ख्याल तो करेगे ही | खंड विकास अधिकारी कैसे कह दे की तहसीलदार सदर की बात में कोई सच्चाई नही है इसलिए वह मुख्य मंत्री कार्यालय को नजर अंदाज कर रहे है क्यों की वहा वो समझ लेंगे लेकिन यहा तो पूरी की पूरी सेटिंग्स
ही गड़बड़ा जायेगी जो उनके इंटरेस्ट में अच्छा नही होगा इसलिए तालमेल बना रहे | वैसे कलियुग में झूठ बोलने वाला ही सफल रहता है जिसका उदाहरण हमारे कुछ नेता है उसका असर हमारे नौकरशाहों पर भी पड रहा है | वैसे पूरे की पूरी तनख्वाह बचनी चाहिए यही मूलमंत्र है हमारी नौकरशाही
की कुछ इमानदारो को छोड़ कर क्यों की यदि सभी भ्रष्ट हो जायेगे तो इस लोकतंत्र के दोनों पहिये जाम हो जायेगे |
24 Mar 2019
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:

आवेदन
का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
17 – Feb – 2019
खण्‍ड वि‍कास अधि‍कारीछानवे,जनपदमिर्ज़ापुर,ग्राम्‍य विकास विभाग
अनमार्क

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Yogi
1 year ago

श्री मान जी जिन आख्या को आधार बना कर पिछले वर्ष से तहसीलदार सदर मामले का निस्तारण करा रहे है और मंडलायुक्त ने इस बात को स्वीकार किया है उसकी पुष्टि खंड विकास अधिकारी से अच्छा कोई नही कर सकता है क्यों की वह उन्ही कार्य क्षेत्र है | इसलिए खंड विकास अधिकारी की आख्या समीचीन है | इसलिए प्रकरण उन्ही के समक्ष प्रस्तुत किया जाय | श्री मान जी संसार के सब से बड़े लोकतंत्र में गरीबो व मजलूमों को कोई न्याय नही मिलता है ऐसा क्यों | यदि न्याय संभव है तो मामले की उच्च स्तरीय टीम से जांच कराई जाय और जिम्मेदारी तय हो | श्री मान जी मंडलायुक्त द्वारा दिनाक 20/11/2018 को प्राप्त आख्या अनुमोदित कर दी गयी है जो की खुद ही बिधि सम्मत नही है

Arun Pratap Singh
1 year ago

Since two years these erring staffs of the government of Uttar Pradesh are procrastinating on the matter concerned with the member of the oppressed class and senior rank staffs overlook the matter whether such practice is not tantamount to anarchy?
आवेदन का संलग्नक अग्रसारित विवरण-
क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या स्थिति आख्या रिपोर्ट
1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 18 – Jun – 2019 तहसीलदार -सदर,जनपद-मिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग — कार्यालय स्तर पर लंबित

Beerbhadra Singh
1 year ago

More than half-century representations were submitted by the aggrieved applicant to the Government of state but its accountable public functionaries did not take any action in order to provide reprieve to the member belonging to the oppressed section. Whether justice is available to the weaker section if not available how the government is providing good governance? Tehsildar Sadar is procrastinating on the matter in the name of of Block Development Officer since one and half years but Block Development Officer chhanvey Mirzapur could not speak even a single word about it which means entire fact provided by the Tehsildar Sadar is Hollow.