तहसीलदार सदर की आख्या की सच्चाई खंड विकास अधिकारी की आख्या स्पस्ट कर देगी |

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019919009019
आवेदक कर्ता का
नाम:
हरिश्चंद
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
7054703028,7054703028
विषय:
श्री मान जी
जिन आख्या को आधार बना कर
पिछले वर्ष से तहसीलदार सदर मामले का निस्तारण करा रहे है और
मंडलायुक्त ने
इस बात को स्वीकार किया है
उसकी पुष्टि खंड विकास अधिकारी से
अच्छा कोई नही कर
सकता है
क्यों की
वह उन्ही का कार्य क्षेत्र है | इसलिए खंड विकास अधिकारी की आख्या समीचीन है
| इसलिए प्रकरण उन्ही के समक्ष प्रस्तुत किया जाय | श्री मान जी संसार के सब
से बड़े लोकतंत्र में गरीबो मजलूमों को कोई न्याय नही मिलता है
ऐसा क्यों | यदि न्याय संभव है तो
मामले की
उच्च स्तरीय टीम से
जांच कराई जाय और
जिम्मेदारी तय
हो | श्री मान जी मंडलायुक्त द्वारा दिनाक 20/11/2018
को प्राप्त आख्या अनुमोदित कर दी
गयी है
जो की
खुद ही
बिधि सम्मत नही है
श्री मान जी ग्राम सभा का
प्रस्ताव ग्राम सभा की
खुली बैठक में पास होता है
| श्री मान जी
दिनांक १६/०८/२०१८ का नोट जिसको आधार बना कर
शिकायत का
निस्तारण कराया गया है
वह फर्जी है | उसका कोई बैधानिक आधार नही है
| उसके सहारे तहसीलदार सदर सिर्फ वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह भ्रमित कर रहे है | यह महज जालसाजी के
सिवा कुछ भी नही है | क्या संलग्न नोट पर
ग्राम पंचायत सदस्यों का
हस्ताक्षर है
और क्या प्रधान का
हस्ताक्षर फर्जी नही है
? श्री मान जी
सभी जानते है की
उपरोक्त तिथि को ग्राम पंचायत की
कोई खुली बैठक हुई ही नही तो प्रस्ताव किसने बना दिया | श्री मान जी यदि ऐसा कोई प्रस्ताव होता तो अब
तक मिटटी फेक कर
खडंजा बिछ चुका होता | श्री मान जी
इस समय वर्षात नही है और
कडाके की
ठंढ है
फिर काम क्यों नही लगवा देते है | श्री मान जी जब
ग्राम प्रधान ने ऐसा कोई प्रस्ताव पास नही किया है
वो क्यों २५ फीट खडंजा रोड तैयार करेंगे | सेवा मेंराष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश , प्रधान न्यायाधीश भारत, अध्यक्ष राज्य मानवाधिकार आयोग उत्तर प्रदेश जिलाधिकारी मिर्ज़ापुर, पुलिस कप्तान मिर्ज़ापुर विषयदर्जनों पत्रों के
बाद भी
तहसीलदार सदर ने मनगढ़ंत और झूठा जवाब लगा कर सिर्फ वरिष्ठ अधिकारिओं को गुमराह किया है
| महोदय, श्री मान जी प्रार्थी दलित वर्ग से है
चारो तरफ से दबंगों ने दबा रखा है
| सोचिये रास्ता तक
कब्ज़ा कर
लिए है
| सरकारी तालाब को
पाट लिए है और
तहसीलदार सदर को कुछ भी नही दिखाई पड़ता है | घर के चारो तरफ पानी लगा है बड़े तो किसी तरह निकल पाते है
किन्तु बच्चे विद्यालय तक
नही जा
रहे है
|पिछले १८ महीने से प्रार्थी संघर्ष कर
रहा है
न्याय पाने हेतु लेकिन हर कोई इस गरीब का सुन नही रहा है ऐसा प्रतीत होता है आज
भी हम
गुलाम है
इस अभिजात्य वर्ग के
शासन में |मै किसी जात पात की
बात नही कर रहा हू सिर्फ गरीब की
बात कर
रहा हू
जिसे सिर्फ प्रताणित किया जाता है
और कभी न्याय नही मिलता है
| माननीय उच्चतम न्यायालय से जो
पारिस्थितिकी बात करता है
हमे बताये की आदम पुर का
तालाब क्यों तहसीलदार सदर ने कब्ज़ा करा दीया है| श्री मान जी
आप लोग अपने एयर कंडिशन्ड कमरे से कभी बाहर भी
निकलेगे या
वही से
हम गरीबो के प्रताड़ना का तमाशा देखते रहेगे | क्या गुलामी में इससे भी
ज्यादा कष्ट था | मेरी उम्र ७० साल है गुलामी तो देखी नही किन्तु ऐसा प्रतीत होता है
गुलामी की
प्रताड़ना इससे ज्यादा बीभत्स नही होगा |
नियत तिथि:
04 – Mar – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:
आवेदन
का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
17 – Feb – 2019
खण्‍ड वि‍कास अधि‍कारीछानवे,जनपदमिर्ज़ापुर,ग्राम्‍य विकास विभाग
अनमार्क
आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019918036814
आवेदक कर्ता का
नाम:
हरिश्चंद
पासी
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
7054703028,7054703028
विषय:
श्री मान जी
संसार के
सब से
बड़े लोकतंत्र में गरीबो मजलूमों को कोई न्याय नही मिलता है
ऐसा क्यों | यदि न्याय संभव है तो
मामले की
उच्च स्तरीय टीम से
जांच कराई जाय और
जिम्मेदारी तय
हो | श्री मान जी मंडलायुक्त द्वारा दिनाक 20/11/2018
को प्राप्त आख्या अनुमोदित कर दी
गयी है
जो की
खुद ही
बिधि सम्मत नही है
श्री मान जी ग्राम सभा का
प्रस्ताव ग्राम सभा की
खुली बैठक में पास होता है
| श्री मान जी
दिनांक १६/०८/२०१८ का नोट जिसको आधार बना कर
शिकायत का
निस्तारण कराया गया है
वह फर्जी है | उसका कोई बैधानिक आधार नही है
| उसके सहारे तहसीलदार सदर सिर्फ वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह भ्रमित कर रहे है | यह महज जालसाजी के
सिवा कुछ भी नही है | क्या संलग्न नोट पर
ग्राम पंचायत सदस्यों का
हस्ताक्षर है
और क्या प्रधान का
हस्ताक्षर फर्जी नही है
? श्री मान जी
सभी जानते है की
उपरोक्त तिथि को ग्राम पंचायत की
कोई खुली बैठक हुई ही नही तो प्रस्ताव किसने बना दिया | श्री मान जी यदि ऐसा कोई प्रस्ताव होता तो अब
तक मिटटी फेक कर
खडंजा बिछ चुका होता | श्री मान जी
इस समय वर्षात नही है और
कडाके की
ठंढ है
फिर काम क्यों नही लगवा देते है | श्री मान जी जब
ग्राम प्रधान ने ऐसा कोई प्रस्ताव पास नही किया है
वो क्यों २५ फीट खडंजा रोड तैयार करेंगे | सेवा मेंराष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश , प्रधान न्यायाधीश भारत, अध्यक्ष राज्य मानवाधिकार आयोग उत्तर प्रदेश जिलाधिकारी मिर्ज़ापुर, पुलिस कप्तान मिर्ज़ापुर विषयदर्जनों पत्रों के
बाद भी
तहसीलदार सदर ने मनगढ़ंत और झूठा जवाब लगा कर सिर्फ वरिष्ठ अधिकारिओं को गुमराह किया है
| महोदय, श्री मान जी प्रार्थी दलित वर्ग से है
चारो तरफ से दबंगों ने दबा रखा है
| सोचिये रास्ता तक
कब्ज़ा कर
लिए है
| सरकारी तालाब को
पाट लिए है और
तहसीलदार सदर को कुछ भी नही दिखाई पड़ता है | घर के चारो तरफ पानी लगा है बड़े तो किसी तरह निकल पाते है
किन्तु बच्चे विद्यालय तक
नही जा
रहे है
|पिछले १८ महीने से प्रार्थी संघर्ष कर
रहा है
न्याय पाने हेतु लेकिन हर कोई इस गरीब का सुन नही रहा है ऐसा प्रतीत होता है आज
भी हम
गुलाम है
इस अभिजात्य वर्ग के
शासन में |मै किसी जात पात की
बात नही कर रहा हू सिर्फ गरीब की
बात कर
रहा हू
जिसे सिर्फ प्रताणित किया जाता है
और कभी न्याय नही मिलता है
| माननीय उच्चतम न्यायालय से जो
पारिस्थितिकी बात करता है
हमे बताये की आदम पुर का
तालाब क्यों तहसीलदार सदर ने कब्ज़ा करा दीया है| श्री मान जी
आप लोग अपने एयर कंडिशन्ड कमरे से कभी बाहर भी
निकलेगे या
वही से
हम गरीबो के प्रताड़ना का तमाशा देखते रहेगे | क्या गुलामी में इससे भी
ज्यादा कष्ट था | मेरी उम्र ७० साल है गुलामी तो देखी नही किन्तु ऐसा प्रतीत होता है
गुलामी की
प्रताड़ना इससे ज्यादा बीभत्स नही होगा |
नियत तिथि:
20 – Jan – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 21/01/2019को फीडबैक:- Sir, please take the
perusal of report dated 16-08-2018 attached with the submitted grievance
which categorically states that because of rain job of construction of the
road cannot be undertaken so as the rainy season ends, construction of the
short road up to 24 feet as mentioned in the current report will undergo. On
that basis, three subsequent grievances were disposed and even this report
was approved by the commissioner Vindhyachal Mirzapur division. The
aforementioned report contains the forged signature of the gram pradhan
Shyama Devi of Gram Panchayat. Now more than five months passed and nothing
happened and Tahsildar Sadar shamelessly articulating that applicant has been
habitual to submit the grievance and wants that applicant itself may be part
of his lawlessness and corrupt dealings by signing on them. Whether the act
of Tahsildar sadar Mirzapur is justified and in accordance with the framework
of the constitution of India? Undoubtedly the Tahsildar Sir performs
quasi-judicial works and whether such cryptic dealings are not proving
incompetence for important task allocated? Whether the encroachment of public
pond removed if not is it not contempt of court if it has been ordered both
High court and Apex court of India to ensure the public ponds free from the
encroachment of the grabbers?
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक
प्राप्त
आवेदन
का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
21 – Dec – 2018
तहसीलदार सदर,जनपदमिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग
14/01/2019
आख्‍या
अपलाेड। प्रकरण रास्‍ता बनवाने के सम्‍बन्‍ध में है। मौके पर रास्‍ता खाली है। ग्राम प्रधान से कहा गया ि‍कि कार्ययोजना बनाकर रास्‍ता का ि‍निर्माण करा ि‍दिया जाय।
निस्तारित

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

श्री मान जी जिन आख्या को आधार बना कर पिछले वर्ष से तहसीलदार सदर मामले का निस्तारण करा रहे है और मंडलायुक्त ने इस बात को स्वीकार किया है उसकी पुष्टि खंड विकास अधिकारी से अच्छा कोई नही कर सकता है क्यों की वह उन्ही कार्य क्षेत्र है | इसलिए खंड विकास अधिकारी की आख्या समीचीन है | इसलिए प्रकरण उन्ही के समक्ष प्रस्तुत किया जाय | श्री मान जी संसार के सब से बड़े लोकतंत्र में गरीबो व मजलूमों को कोई न्याय नही मिलता है ऐसा क्यों |

Arun Pratap Singh
1 year ago

Fixed date to dispose the grievance was 04-March-2019 but today is 05-March-2019. Whether such a lackadaisical approach is justified?
नियत तिथि: 04 – Mar – 2019 शिकायत की स्थिति: लम्बित
रिमाइंडर : फीडबैक : फीडबैक की स्थिति: आवेदन का संलग्नक संलग्नक देखें अग्रसारित विवरण-
क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या स्थिति आख्या रिपोर्ट
1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 17 – Feb – 2019 खण्‍ड वि‍कास अधि‍कारी-छानवे,जनपद-मिर्ज़ापुर,ग्राम्‍य विकास विभाग — अनमार्क

Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

Think about the incredibility of the report submitted by the tahsildar Sadar before the Commissioner Vindhyachal division who had stated in its communication that as the rainy season is over road construction will be undertaken by the gram panchayat but it is unfortunate that commissioner vindhyachal division was only misled in the matter as well as chief minister office was also misled because of the fake report. Whether it is justified that tahsildar sadar like officer is misleading the Divisional Commissioner and concerned responsible public functionaries are not taking any action against the earring Tehsildar Sadar which is mockery of the law of land and reflection of CR lawlessness and Anarchy in the government machinery and failure of the democratic process.