आराजकता महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय वाराणसी की प्रत्यावेदन को समाज कल्याण विभाग मिर्ज़ापुर को भेजा गया

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
60000180109142
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
श्री मान जी यदि कोई ऐसा लोकसेवक जो मेरे प्रत्यावेदनो पर कार्यवाही करने में सक्षम हो सिर्फ १५ मिनट मेरी बात सुने और इमानदारी से उस पर कार्यवाही करे प्रार्थी शुल्क वापसी के लिए कभी भी नही कहेगा अन्यथा इस आराजकता से मृत्यु पर्यन्त संघर्ष जारी रहेगा गोरे तो चले गये काले अभी भी बाकी है श्री मान जी प्रार्थी को जिन विषयो में एडमिट कार्ड जारी किया गया उनमे एग्जाम की व्यवस्था क्यों नही की गई जब की प्रार्थी के द्वारा ५० से भी ज्यादा आवेदन प्रार्थना पत्र भेजे गये श्री मान जी प्रार्थी को धोखा दिया गया और उसके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया क्यों की प्रार्थी दलित वर्ग का है बहुत आश्चर्य है की वर्ष भर तक प्रार्थी के किसी भी शिकायत का जवाब तक नही दिया गया यह है भ्रस्टाचार का आलम श्री मान जी प्रार्थी कर्ज ले कर फीस जमा किया था किन्तु प्रार्थी अब वह फीस वापस चाहता है यदि लेशमात्र भी इमानदारी है तो प्रार्थी का कम से कम शुल्क तो वापस कर दी जिएश्री मान जी एडमिट कार्ड जारी करने वाला महात्मा गाँधी कशी विद्यापीठ का वह स्टाफ क्यों दोषी नही है जिसने एक ऐसा फॉर्म स्वीकार किया जो यूनिवर्सिटी द्वारा तय मानदंडो को पूरा नही कर रहा था महात्मा गाँधी कशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय का वेबसाइट वह फॉर्म और एंट्रीज़ और पूर्व फील्ड एंट्रीज़ उपलब्ध कराया जो इसके मानक को पूरा नही कर रहा था जो वेबसाइट पर उपलब्ध थे स्टूडेंट ने उन्ही का चुनाव किया था श्री मान जी भरा हुआ फॉर्म मानक के अनुसार नही था तो फीस क्यों स्वीकार की गई जो की विद्यार्थी द्वारा दो दिन पश्चात जमा की गई थी
नियत तिथि:
06 – Dec – 2018
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
प्राप्त अनुस्मारक
क्र..
अनुस्मारक
प्राप्त दिनांक
1
श्री मान जी क्या मोदी सर के यहा प्रस्तुत प्रकरणों पर राज्य सरकार कोई कार्यवाही नही करती है जैसा की आपके हीला हवाली से स्वतः स्पस्ट है | सोचिये लापरवाही की भी एक सीमा होती है और आप लोग उस सीमा के परे है | यह स्पस्ट हो गया की सत्ता से जब तक ब्यक्ति दूर रहता है जितना इमानदारी की बात करना है कर ले किन्तु जैसे ही सत्ता में आता है वह भी उसी रास्ते पर चलने लगता जैसा की उसका पूर्ववर्ती था | श्री मान जी महीने भर बाद भी कुछ कार्यवाही नही की गई क्या यह आराजकता का द्योतक नही है | इमानदारी चिल्लाने में नही पर कार्य में परिलक्षित होनी चाहिए |
04 Nov 2018
फीडबैक :
दिनांक 14/11/2018को फीडबैक:- श्री मान जी मामला मोदी सर के समक्ष इसलिए लाया गया क्योकि मोदी सर पूरे देश के लोगो का ह्रदय परिवर्तन चाहते है जिससे देश का सर्वांगीण विकास हो किन्तु यह तो सरासर अन्याय है की मामला कुलपति एवं रजिस्ट्रार से सम्बंधित है किन्तु उसको हल करने वास्ते समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर को भेजा जा रहा है | अरे सतर्कता अधिष्ठान को भेजे होते जो मामले की बारीकी से जांच करता और दोषियों को उठा कर बंद कर देता तो थोडा बहुत सिस्टम में सुधार होता किन्तु यहां सिस्टम सुधारने से ज्यादा जनता को भ्रमित करने पर ध्यान दिया जाता है | क्या इसी तरह प्रधान मंत्री सन्दर्भ के पत्रों को हल किया जाता है जब की खुद प्रदेश में भाजपा सरकार है | आराजकता तो महात्मा काशी विद्यापीठ के कुलपति एवं रजिस्ट्रार की कार्यशैली में है तो उन्हें समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर कैसे दूर करेंगे |
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायत अनुभाग – 1(मुख्यमंत्री कार्यालय )
06 – Nov – 2018
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।
13/11/2018
निस्तारित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
12 – Nov – 2018
जिला समाज कल्याण अधिकारीमिर्ज़ापुर,समाज कल्‍याण विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें 
13/11/2018
DSWO Mirzapur Office ………………………….. ………………………….. ………………………….
निस्तारित

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

फीडबैक :
दिनांक 14/11/2018को फीडबैक:- श्री मान जी मामला मोदी सर के समक्ष इसलिए लाया गया क्योकि मोदी सर पूरे देश के लोगो का ह्रदय परिवर्तन चाहते है जिससे देश का सर्वांगीण विकास हो किन्तु यह तो सरासर अन्याय है की मामला कुलपति एवं रजिस्ट्रार से सम्बंधित है किन्तु उसको हल करने वास्ते समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर को भेजा जा रहा है | अरे सतर्कता अधिष्ठान को भेजे होते जो मामले की बारीकी से जांच करता और दोषियों को उठा कर बंद कर देता तो थोडा बहुत सिस्टम में सुधार होता किन्तु यहां सिस्टम सुधारने से ज्यादा जनता को भ्रमित करने पर ध्यान दिया जाता है | क्या इसी तरह प्रधान मंत्री सन्दर्भ के पत्रों को हल किया जाता है जब की खुद प्रदेश में भाजपा सरकार है | आराजकता तो महात्मा काशी विद्यापीठ के कुलपति एवं रजिस्ट्रार की कार्यशैली में है तो उन्हें समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर कैसे दूर करेंगे |
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त

Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

04 Nov 2018
फीडबैक : दिनांक 14/11/2018को फीडबैक:- श्री मान जी मामला मोदी सर के समक्ष इसलिए लाया गया क्योकि मोदी सर पूरे देश के लोगो का ह्रदय परिवर्तन चाहते है जिससे देश का सर्वांगीण विकास हो किन्तु यह तो सरासर अन्याय है की मामला कुलपति एवं रजिस्ट्रार से सम्बंधित है किन्तु उसको हल करने वास्ते समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर को भेजा जा रहा है | अरे सतर्कता अधिष्ठान को भेजे होते जो मामले की बारीकी से जांच करता और दोषियों को उठा कर बंद कर देता तो थोडा बहुत सिस्टम में सुधार होता किन्तु यहां सिस्टम सुधारने से ज्यादा जनता को भ्रमित करने पर ध्यान दिया जाता है | क्या इसी तरह प्रधान मंत्री सन्दर्भ के पत्रों को हल किया जाता है जब की खुद प्रदेश में भाजपा सरकार है | आराजकता तो महात्मा काशी विद्यापीठ के कुलपति एवं रजिस्ट्रार की कार्यशैली में है तो उन्हें समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर कैसे दूर करेंगे |
फीडबैक की स्थिति: फीडबैक विचाराधीन

Preeti Singh
2 years ago

Undoubtedly 100 percent correct representation of the working style of the bureaucracy of the government of the Uttar Pradesh.
श्री मान जी क्या मोदी सर के यहा प्रस्तुत प्रकरणों पर राज्य सरकार कोई कार्यवाही नही करती है जैसा की आपके हीला हवाली से स्वतः स्पस्ट है | सोचिये लापरवाही की भी एक सीमा होती है और आप लोग उस सीमा के परे है | यह स्पस्ट हो गया की सत्ता से जब तक ब्यक्ति दूर रहता है जितना इमानदारी की बात करना है कर ले किन्तु जैसे ही सत्ता में आता है वह भी उसी रास्ते पर चलने लगता जैसा की उसका पूर्ववर्ती था | श्री मान जी महीने भर बाद भी कुछ कार्यवाही नही की गई क्या यह आराजकता का द्योतक नही है | इमानदारी चिल्लाने में नही पर कार्य में परिलक्षित होनी चाहिए |