राजगोपाल की जायदाद करोड़ों में शीशे तोड़े गए, माइक तोड़कर पेट में डालने की कोशिश हुई और टेबल पर चढ़ा गया


राजगोपाल की जायदाद
करोड़ों में
तेलंगाना बिल के मुद्दे पर बवाल होना तय था और सरकार
एक हद तक इसके लिए तैयार भी थी। लेकिन उसे यह अंदाजा कतई नहीं होगा कि गुरुवार को
जब देश की सबसे बड़ी पंचायत बैठेगी
, तो सत्र खत्म होने के बाद सांसदों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत
पड़ जाएगी।
When the system will prefer corrupt and
greedy fellow at constitutional posts , then how good governance can be
expected from them. When the government was ready for this turmoil ,then why
precautionary measures were not adopted? This failure of the system and Hon’ble
President of India must articulate on this subject . Now he should meditate on
it that whether Arvind Kejrival is anarchist who was using his civil rights or
these parliamentarians who ashamed the entire countrymen before world
community. 
मारपीट किसी एक या दो सांसद ने नहीं की। तेलंगाना
समर्थक और सीमांध्र के सांसदों के बीच जमकर हाथापाई और बीच
बचाव करने वाले भी इसमें लपेट लिए गए। शीशे
तोड़े गए
, माइक तोड़कर पेट में
डालने की कोशिश हुई और टेबल पर चढ़ा गया।
This is sheer
anarchy and all the accountable functionaries will have to face its consequent.
Wrongdoers tried to murder its fellows is not signal of good governance.
तमाशे के बीच जिस शख्स के कारण कई सांसदों की आंखें
बंद हो गई
, उनका नाम है एल
राजगोपाल। ये नेताजी अपनी जेब में पेपर स्प्रे की बोतल लेकर सदन में दाखिल हुए थे
और जैसे ही बिल पेश करने की कोशिश हुई
, उन्होंने सांसदों की आंखों पर यह स्प्रे कर दिया। आज बदनाम हुए राजगोपाल
का अतीत भी काफी दिलचस्प है और उनकी संपत्ति जानकर हैरत में पड़ सकते हैं
Poisonous spray was put into the eyes. All the prohibited articles
injurious to human body was used. When the parliamentarians are not safe in the
temple of democracy ,then quantum of anarchy can be easily guessed in the
country.

1 comment on राजगोपाल की जायदाद करोड़ों में शीशे तोड़े गए, माइक तोड़कर पेट में डालने की कोशिश हुई और टेबल पर चढ़ा गया

  1. राजगोपाल की जायदाद करोड़ों में
    तेलंगाना बिल के मुद्दे पर बवाल होना तय था और सरकार एक हद तक इसके लिए तैयार भी थी। लेकिन उसे यह अंदाजा कतई नहीं होगा कि गुरुवार को जब देश की सबसे बड़ी पंचायत बैठेगी, तो सत्र खत्म होने के बाद सांसदों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ जाएगी।मारपीट किसी एक या दो सांसद ने नहीं की। तेलंगाना समर्थक और सीमांध्र के सांसदों के बीच जमकर हाथापाई और बीच-बचाव करने वाले भी इसमें लपेट लिए गए। शीशे तोड़े गए, माइक तोड़कर पेट में डालने की कोशिश हुई और टेबल पर चढ़ा तमाशे के बीच जिस शख्स के कारण कई सांसदों की आंखें बंद हो गई, उनका नाम है एल राजगोपाल। ये नेताजी अपनी जेब में पेपर स्प्रे की बोतल लेकर सदन में दाखिल हुए थे और जैसे ही बिल पेश करने की कोशिश हुई, उन्होंने सांसदों की आंखों पर यह स्प्रे कर दिया। आज बदनाम हुए राजगोपाल का अतीत भी काफी दिलचस्प है और उनकी संपत्ति जानकर हैरत में पड़ सकते हैं

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