राजस्व अनुभाग १० के पत्रका अवलोकन करे ८८.६२ करोंड़ की धनराशि दिनांक १०-१०-२०१६ को स्वीकृत की गयी

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>
श्रीमान जी २९ -नवम्बर -२०१६ उत्तर प्रदेश शासन ,राजस्व अनुभाग १० के पत्रका अवलोकन करे जो की प्रार्थी को संबोधित है ८८.६२ करोंड़ की धनराशि दिनांक १०-१०-२०१६ को स्वीकृत की गयी अतः शिकायत कर्ता के परिवारोंको भी धनराशि प्राप्त हो जानी चाहिए थी|
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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> 12 June 2017 at 14:15
To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, supremecourt <supremecourt@nic.in>, cmup <cmup@up.nic.in>, hgovup@up.nic.in, “csup@up.nic.in” <csup@up.nic.in>, uphrclko <uphrclko@yahoo.co.in>, lokayukta@hotmail.com

Brief description of submitted grievances –What a honesty, Lekhpal awarded with adverse entries is made Kanungo! Grievance redressal without providing government aid is procrastination not disposal. उपजिलाधिकारी फूलपुर का कहना है की  शासनस्‍तर से धन उपलब्‍ध होने पर धनराशि का भुगतान कर दिया जायेगाश्रीमान जी २९ नवम्बर २०१६ उत्तर प्रदेश शासन ,राजस्व अनुभाग १०  के पत्रका   अवलोकन करे जो की प्रार्थी को संबोधित है ८८.६२ करोंड़ की धनराशि दिनांक १०१०२०१६  को स्वीकृत की गयी  अतः शिकायत कर्ता के परिवारोंको भी  धनराशि प्राप्त  हो जानी चाहिए थीकिन्तु बड़े खेद का साथ सूचित करना पड़ रहा है की अभी तक पीड़ित परिवारों को अधेला भी नसीब नही हुआ जोकि एक  कठोर सत्य है जिसको उच्च पदस्थ नौकरशाह एवं संबैधानिक पदों पर बैठे  महानुभाव स्वीकार करे|
Whether it is justified that S.D.M. Phoolpur through its aforementioned letter/ note instead of providing relief cheques may assure that when the grant will be re-sanctioned ,then shares of needy farmers will reach to them? Where is gone ८८.६२ करोंड़? Why Lekhpal was promoted to Kanungo if adverse entry was made by competent? Why the enquiry report of Tahsildar was not made available to complainant/ your applicant? How your applicant can be deprived from report of Tahsildar when enquiry carried out on the complaints of your applicant? According to section 4 (1) d of Right to Information Act 2005It shall be obligation of every public authority to provide reasons of its decision to parties concerned. On numerous occasions, Honble Apex court of India proclaimed that Right to reason is indispensable part of sound judicial system and for sound administration, it must be promoted to administrative decision. Here it most unfortunate that here report S.D.M. Phoolpur is only a fictitious story made without taking the perusal of submitted grievance and attached documents.
विषय श्री मान जी आप का सुझाव है सभी आवेदक जनसुनवाई पोर्टल पर आवेदन करे तो आवेदन का निस्तारण ज्यादा प्रभावी तरीके से होगा |उपजिलाधिकारी फूलपुर ने अपने मोबाइल नंबर -९४५४४१७८१६ से प्रार्थी के मोबाइल पर लगभग चार मिनट बात किया था आवश्यक फीडबैक लेने के बाद कार्यवाही का आश्वासन दिए थे किन्तु ऐसा प्रतीत होता है वह आश्वासन भी कोरा था |जब उन्हें कुछ करना नही था तो आश्वासन क्यों दिए एक उम्मीद जगा के कुछ न करना धोखा देने जैसा है |
Be informed that I know well that Jansunwai portal is the august portal of government of Uttar Pradesh but it is unfortunate that when your applicant submits grievance on this portal, then message is displayed on the screen as-Server is not responding. Undoubtedly your suggestion is admissible but when you suggest honestly. 
I made efforts 500 times in order to submit grievance but your dilapidated website instead of accepting the submissions, displays message on the screen that server is not responding. Whether it is justified? If you are really not interested in entertaining the grievances of the citizenry of state, then you may spam my e-mails. But under Article 51 A of constitution of India, these grievances cum enquiries are the fundamental duties of your applicant. Your suggestions are most welcome if these are simple and straight not cryptic. 
Most revered Sir –Your applicant invites the kind attention of 
Hon’ble Sir with due respect to following submissions as follows.
1-It is submitted before the Hon’ble Sir that आज फिर मैंने प्रयास किया की जनसुनवाई पोर्टल पर जनसुनवाई पोर्टल पर ब्यथा निवारण के लिए व्यथा प्रस्तुत कीया जाय किन्तु आज भी वही मैसेज स्क्रीन परआया की सर्वर इज नॉट रेसपोंडिंग प्लीज ट्राई अगेनकृपया संलग्नको का परिशीलन करे|
-It is submitted before the Hon’ble Sir that श्री मान जी ये और बात है की आप किसी ब्यथा को हल नही कर रहे है लेकिन हम प्रयास जारी रखेगे पांच वर्सो तक और पिछले २० वर्षो से हम लोग संघर्ष कर रहे है |भ्रस्टाचार के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा |
-It is submitted before the Hon’ble Sir that श्री मान जी क्या यह भ्रस्टाचार नही है की उत्तर प्रदेश शासन ने किसानो को बाटने के लिए इलाहाबाद जिला प्रशासन को ग्रांट सैंक्सन किया और इलाहबाद जिला प्रशासन अब कह रहा है ग्रांट सैंक्शन होने पर ही किसानो को सूखा राहत चेक प्रदान किया जाएगा प्रश्न यह है की पूर्व में जारी८८.६२ करोड़ रूपये जो शासन द्वारा जिला प्रशासन को किसानो को बाटने के लिए दिया गया उसे कौन निगल गया |
आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या  15199160048013
आवेदक कर्ता का नाम:   महेश प्रताप सिंह योगी
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:    7379105911,0
विषय:  उक्त शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर प्रस्तुत व उचित कार्यवाही के संबंध में।
नियत तिथि:    15 – Jun – 2016
शिकायत की स्थिति:     निस्तारित
रिमाइंडर :     
फीडबैक :       दिनांक 23/01/2017 को फीडबैक:- आवश्यक कार्यवाही करने का कष्
आवेदन का संलग्नक    
संलग्नक देखें
 अग्रसारित विवरण-
क्र.स.   सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक   अधिकारी को प्रेषित      आदेश  आख्या दिनांक   आख्या       नियत दिनांक   स्थिति  आख्या रिपोर्ट
1        अंतरित पार्थ सारथी सेन शर्मा(सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय )   18 – May – 2016       जिलाधिकारी-इलाहाबाद,     पृष्ठांकित       04 – Aug – 2016        प्रश्‍नगत प्रकरण में एस0डी0एम0 फूलपुर से जांंच करायी गयी जिसमें यह अवगत कराया गया है कि आवेदक के नाम भूलवस छूट जाने के कारण मुआवजा नही दिया गया था अत अगले धनराशि के प्राप्‍त होने के पश्‍चात मुआवजा दे दिया जायेगा  निस्तारित     
2        आख्या  जिलाधिकारी ( ) 26 – May – 2016       उप जिलाधि‍कारी -फूलपुर,जनपद-इलाहाबाद,राजस्व एवं आपदा विभाग       आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें एस0डी0एम0 फूलपुर के स्‍तर से आख्‍या अपेक्षित हैै क़पया अपने स्‍तर से आख्‍या 1 ििदवस के भीतर अपलोड कर भेजे जिससे मा0 मुख्‍यमंत्री जी के कार्यालय में अवगत करााया जा सकेा       05 – Jun – 2016     प्रार्थना पत्र निस्‍तारित आख्‍या प्रेषित       अस्वीकृत      
3        आख्या  जिलाधिकारी ( ) 26 – May – 2016       उप जिलाधि‍कारी -फूलपुर,जनपद-इलाहाबाद,राजस्व एवं आपदा विभाग       आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें एस0डी0एम0 फूलपुर के स्‍तर से आख्‍या अपेक्षित हैै क़पया अपने स्‍तर से आख्‍या 1 ििदवस के भीतर अपलोड कर भेजे जिससे मा0 मुख्‍यमंत्री जी के कार्यालय में अवगत करााया जा सकेा       29 – Jun – 2016     आख्‍या प्रेषित    अस्वीकृत      
4        आख्या  जिलाधिकारी ( ) 26 – May – 2016       उप जिलाधि‍कारी -फूलपुर,जनपद-इलाहाबाद,राजस्व एवं आपदा विभाग       आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें प्रश्‍नगत प्रकरण में एस0डी0एम0फूलपुर से जांंच करायी गयी जिसमें यह अवगत कराया गया है कि आवेदक के नाम भूलवस छूट जाने के कारण मुआवजा नही दिया गया था अत अगले धनराशि के प्राप्‍त होने के पश्‍चात मुआवजा दे दिया जायेगा     29 – Jul – 2016         प्रार्थना पत्र निस्‍तारित आख्‍या प्रेषित       निस्तारित
This is humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law of land? There is need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Hon’ble Sir.                                                        
                                                                         Yours sincerely
                                              Yogi M. P. Singh, Mobile number-
7379105911, Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District-
Mirzapur, Uttar Pradesh. Pin code-231001.


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Government  orders dated 29 July in regard to aid to farmers of Allahabad.pdf
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  1. श्री मान जी आप का सुझाव है सभी आवेदक जनसुनवाई पोर्टल पर आवेदन करे तो आवेदन का निस्तारण ज्यादा प्रभावी तरीके से होगा |उपजिलाधिकारी फूलपुर ने अपने मोबाइल नंबर -९४५४४१७८१६ से प्रार्थी के मोबाइल पर लगभग चार मिनट बात किया था आवश्यक फीडबैक लेने के बाद कार्यवाही का आश्वासन दिए थे किन्तु ऐसा प्रतीत होता है वह आश्वासन भी कोरा था |जब उन्हें कुछ करना नही था तो आश्वासन क्यों दिए एक उम्मीद जगा के कुछ न करना धोखा देने जैसा है |

  2. Whether it is justified that S.D.M. Phoolpur through its aforementioned letter/ note instead of providing relief cheques may assure that when the grant will be re-sanctioned ,then shares of needy farmers will reach to them? Where is gone ८८.६२ करोंड़? Why Lekhpal was promoted to Kanungo if adverse entry was made by competent? Why the enquiry report of Tahsildar was not made available to complainant/ your applicant? How your applicant can be deprived from report of Tahsildar when enquiry carried out on the complaints of your applicant? According to section 4 (1) d of Right to Information Act 2005–It shall be obligation of every public authority to provide reasons of its decision to parties concerned.

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