क्षेत्रीय शिक्षा सचिव वाराणसी से सम्बंधित मामला जिलाधिकारी द्वारा फर्जी तरीके से निस्तारित जनसुनवाई पोर्टल उ. प्र.

Grievance
Status for registration number : PMOPG/E/2019/0304405

Grievance Concerns To

Name Of Complainant –Yogi M P Singh

Date of Receipt –11/06/2019

Received By Ministry/Department –Prime
Ministers Office

Grievance Description

श्री मान जिला मजिस्ट्रेट वाराणसी को मामले को निस्तारण हेतु क्षेत्रीय शिक्षा सचिव क्षेत्रीय कार्यालय माध्यमिक शिक्षा परिषद् उत्तर प्रदेश वाराणसी को भेजना था किन्तु मकसद तो मात्र टालमटोल करके ठंडे बस्ते में डालना था इसलिए जिलाधिकारी महोदय ने कभी महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ को भेजा तथा
कभी जिलाविद्यालय निरीक्षक कार्यालय वाराणसी को भेजा और आश्चर्य जनक तब हुआ जब
आपने जिला विद्यालय निरीक्षक के २४
०५२०१९ के पत्र को जिसमे उन्होंने कहा है मामला जिला विद्यालय निरीक्षक
मिर्ज़ापुर से सम्बंधित है आपने उसे सी श्रेणीकृत कर दिया फीडबैक के उपरांत और फिर
फीडबैक
: दिनांक 03/06/2019को फीडबैक:- आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें फीडबैक की
स्थिति
: जिलाधिकारी द्वारा दिनाक 03/06/2019 को कार्यवाही C- श्रेणीकृत कर दी गयी है ०७जून २०१९ को आपने उसी पत्र के आधार पर मामले को
निस्तारित मान लिया श्री मान जी फीडबैक के पूर्व का रिपोर्ट और फीडबैक के बाद के
रिपोर्ट में क्या अंतर है दोनों वही पत्र है सिर्फ यह बता रहा है की सरकारी तंत्र
में जंगल राज है सोचिये योगी आदित्यनाथ जी के सख्त होने के बावजूद आपलोग जब इतना
मनमानी कर रहे है तो जो मुख्य मंत्री सख्त नहीं रहते होंगे उनके समय में क्या होगा
श्री मान जी जिलाविद्यालय निरीक्षक और कॉलेज प्रबध तंत्र द्वारा भी कई बार पत्र
क्षेत्रीय शिक्षा सचिव क्षेत्रीय कार्यालय माध्यमिक शिक्षा परिषद् उत्तर प्रदेश वाराणसी
को भेजा जा चूका है किन्तु वे हर पत्र को फाइल कर देते है बिना कोई कार्यवाही किये
श्री मान जिलाधिकारी महोदय वाराणसी क्या आप इस शिकायत का गलत ढंग से निस्तारण के
बजाय क्या आप क्षेत्रीय शिक्षा सचिव क्षेत्रीय कार्यालय माध्यमिक शिक्षा परिषद्
उत्तर प्रदेश वाराणसी को नहीं को नहीं भेज सकते थे निस्तारण वास्ते श्री मान जी
क्या आपने अपना रोल रचनात्मक तरीके से रखा क्या किसी शिकायत का निस्तारण इसी तरह
से होता है श्री मान जी आप तो प्रधान मंत्री संसदीय सीट पोस्टेड है आपसे ऐसी आशा
नहीं थी

Grievance Document

Current Status –Grievance Received Date of Action –11/06/2019

Officer Concerns To  Forwarded to –Prime Ministers
Office

Officer Name –Shri Ambuj Sharma Officer Designation –Under Secretary (Public)

Contact Address –Public Wing 5th Floor, Rail
Bhawan New Delhi

Email Address –ambuj.sharma38@nic.in Contact Number –011-23386447

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>
Matter had to be transferred to अपर सचिव जोन -बनारस regional office Board of Uttar Pradesh but you have transferred the matter to registrar MGKVP University.
Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> 11 June 2019 at 15:40

To: dmvar@nic.in, pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, supremecourt <supremecourt@nic.in>, cmup <cmup@up.nic.in>, hgovup@up.nic.in, csup@up.nic.in, rovaranasi@gmail.com, desecedu@gmail.com, upmsp@rediffmail.com


श्री मान जिला मजिस्ट्रेट वाराणसी को मामले को निस्तारण हेतु क्षेत्रीय शिक्षा सचिव क्षेत्रीय कार्यालय माध्यमिक शिक्षा परिषद् उत्तर प्रदेश वाराणसी को भेजना था किन्तु मकसद तो मात्र टालमटोल करके ठंडे बस्ते में डालना था | इसलिए जिलाधिकारी महोदय ने कभी महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ को भेजा तथा कभी जिलाविद्यालय निरीक्षक कार्यालय वाराणसी  को भेजा और आश्चर्य जनक तब हुआ जब आपने जिला विद्यालय निरीक्षक के २४-०५-२०१९  के पत्र को जिसमे उन्होंने कहा है मामला जिला विद्यालय निरीक्षक मिर्ज़ापुर से सम्बंधित है आपने उसे सी श्रेणीकृत कर दिया फीडबैक के उपरांत और फिर 
फीडबैक : दिनांक 03/06/2019को फीडबैक:- आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें
फीडबैक की स्थिति: जिलाधिकारी द्वारा दिनाक 03/06/2019 को कार्यवाही C- श्रेणीकृत कर दी गयी है

०७-जून -२०१९ को आपने उसी पत्र के आधार पर मामले को निस्तारित मान लिया | श्री मान जी फीडबैक के पूर्व का रिपोर्ट और फीडबैक के बाद के रिपोर्ट में क्या अंतर है दोनों वही पत्र है सिर्फ यह बता रहा है की सरकारी तंत्र में जंगल राज है | 

सोचिये योगी आदित्यनाथ जी के सख्त होने के बावजूद आपलोग जब इतना मनमानी कर रहे है तो जो मुख्य मंत्री सख्त नहीं रहते होंगे उनके समय में क्या होगा | 
श्री मान जी जिलाविद्यालय निरीक्षक और कॉलेज प्रबध तंत्र द्वारा भी कई बार पत्र क्षेत्रीय शिक्षा सचिव क्षेत्रीय कार्यालय माध्यमिक शिक्षा परिषद् उत्तर प्रदेश वाराणसी को भेजा जा चूका है किन्तु वे हर पत्र  को फाइल कर देते है बिना कोई कार्यवाही किये | 

श्री मान जिलाधिकारी महोदय वाराणसी क्या आप इस शिकायत का गलत ढंग से निस्तारण के बजाय क्या आप क्षेत्रीय शिक्षा सचिव क्षेत्रीय कार्यालय माध्यमिक शिक्षा परिषद् उत्तर प्रदेश वाराणसी को नहीं को नहीं भेज सकते थे निस्तारण वास्ते | श्री मान जी क्या आपने अपना रोल रचनात्मक तरीके से रखा | क्या किसी शिकायत का निस्तारण इसी तरह से होता है | श्री मान जी आप तो प्रधान मंत्री संसदीय सीट पोस्टेड है आपसे ऐसी आशा नहीं थी | 
आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
60000190046669
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M. P. Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
Sir, the matter is concerned with the board of High school and Intermediate of Uttar Pradesh and repeated representations have been sent to principal secretary secondary education, director directorate of secondary education, secretary Uttar Pradesh Board and additional secretary regional office of Uttar Pradesh Board at Varanasi. On Jansunwai portal of Govt of Uttar Pradesh complaint number-60000190039329, whether concerned will explain why the aforementioned complaint was sent to district inspector of school Mirzapur instead of additional secretary regional office of Uttar Pradesh Board at Varanasi. Since six months additional secretary regional office of Uttar Pradesh Board at Varanasi is procrastinating on the complaints for six months and instead of taking action in the matter and concerned officers who are procrastinating in the matter, chief minister sent the matter to the District Inspector of School Mirzapur which is sheer unconstitutional, draconian and arbitrary. For detail take a glance of the attached documents to the representation.
नियत तिथि:
02 – Jun – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 03/06/2019को फीडबैक:- आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें
फीडबैक की स्थिति:
जिलाधिकारी द्वारा दिनाक 03/06/2019 को कार्यवाही C- श्रेणीकृत कर दी गयी है
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायत अनुभाग – 2( मुख्यमंत्री कार्यालय )
03 – May – 2019
जिलाधिकारीवाराणसी,
कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।
30/05/2019
निस्तारित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
03 – May – 2019
रजिस्ट्रार महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें
07/05/2019
This matter related to UP Board not related to university
C-श्रेणीकरण
3
आख्या
जिलाधिकारी ( )
09 – May – 2019
जिला विद्यालय निरीक्षकवाराणसी,माध्‍यमिक शिक्षा विभाग
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें
25/05/2019
akhya atach .
C-श्रेणीकरण
4
आख्या
जिलाधिकारी , वाराणसी
03 – Jun – 2019
रजिस्ट्रार महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें
06/06/2019
This matter related to UP Board not related to university
निस्तारित
5
आख्या
जिलाधिकारी , वाराणसी
03 – Jun – 2019
जिला विद्यालय निरीक्षकवाराणसी,माध्‍यमिक शिक्षा विभाग
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें
07/06/2019
akhya atach .
निस्तारित

On Thu, 30 May 2019 at 15:08, Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> wrote:
Sir, the matter is concerned with the board of High school and Intermediate of Uttar Pradesh. Which means it had to be transferred additional secretary Varanasi Zone, regional office, Board of High School and Intermediate Uttar Pradesh.
संलग्नक का पेज २ देखे जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा दिनांक १६/०४/२०१९ जो की क्षेत्रीय सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद् उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी को सम्बोधित है पत्र प्रेषित | पी.जी. पोर्टल सन्दर्भ संख्या- ६००००१९००३९३२९ दिनांक ११/०४/२०१९ प्रार्थी के शिकायत के क्रम में 
It is most ridiculous that first error was made on the part of D.M. Varanasi who endorsed the matter to Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith actually it had to be transferred additional secretary Varanasi Zone, regional office, Board of High School and Intermediate Uttar Pradesh.

According to aforementioned, DIOS Varanasi is proving to be an incompetence individual as matter concerned with the additional secretary Varanasi Zone, regional office, Board of High School and Intermediate Uttar Pradesh is being termed as concerned with the DIOS Mirzapur. 

Most revered Sir –Your applicant invites the kind attention of Hon’ble Sir with due respect to the following submissions as follows.


1-It is submitted before the Hon’ble Sir that  51A. Fundamental duties It shall be the duty of every citizen of India (a) to abide by the Constitution and respect its ideals and institutions, the National Flag and the National Anthem;(h) to develop the scientific temper, humanism and the spirit of inquiry and reform;

(i) to safeguard public property and to abjure violence;
(j) to strive towards excellence in all spheres of individual and collective activity so that the nation constantly rises to higher levels of endeavour and achievement.



2-It is submitted before the Hon’ble Sir that following matter is concerned with the additional secretary Varanasi Zone, regional office, Board of High School and Intermediate Uttar Pradesh.

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
60000190046669
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M. P. Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
Sir, the matter is concerned with the board of High school and Intermediate of Uttar Pradesh and repeated representations have been sent to principal secretary secondary education, director directorate of secondary education, secretary Uttar Pradesh Board and additional secretary regional office of Uttar Pradesh Board at Varanasi. On Jansunwai portal of Govt of Uttar Pradesh complaint number-60000190039329, whether concerned will explain why the aforementioned complaint was sent to district inspector of school Mirzapur instead of additional secretary regional office of Uttar Pradesh Board at Varanasi. Since six months additional secretary regional office of Uttar Pradesh Board at Varanasi is procrastinating on the complaints for six months and instead of taking action in the matter and concerned officers who are procrastinating in the matter, chief minister sent the matter to the District Inspector of School Mirzapur which is sheer unconstitutional, draconian and arbitrary. For detail take a glance of the attached documents to the representation.
नियत तिथि:
02 – Jun – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायत अनुभाग – 2( मुख्यमंत्री कार्यालय )
03 – May – 2019
जिलाधिकारीवाराणसी,
कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।
अधीनस्थ को प्रेषित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
03 – May – 2019
रजिस्ट्रार महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें
07/05/2019
This matter related to UP Board not related to university
आख्या उच्च स्तर पर प्रेषित
3
आख्या
जिलाधिकारी ( )
09 – May – 2019
जिला विद्यालय निरीक्षकवाराणसी,माध्‍यमिक शिक्षा विभाग
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें
25/05/2019
akhya atach .
आख्या प्राप्त/प्रेषित/अनुमोदन लंबित

DIOS Varanasi is misleading the D.M. Varanasi. Matter is not concerned with the DIOS Mirzapur actually it concerned with the additional secretary Varanasi Zone, regional office, Board of High School and Intermediate Uttar Pradesh.

3-It is submitted before the Hon’ble Sir that undoubtedly D.M. Varanasi remained failed to be instrumental in providing justice to the aggrieved student Pradip Kumar Maurya because of his incmpetence to understand the contents of the grievance and attached documents to the grievance. DIOS Varanasi remained more loser as instead of committing mistake he committed a blunder. How the matter concerned with the correction of date of birth in the High school marksheet can be concerned with working of the DIOS Mirzapur?
This is a humble request of the applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness, and chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law of land? This is need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Hon’ble Sir.                                                         

                                                                                              Yours sincerely

Date-30-05-2019              Yogi M. P. Singh, Mobile number-7379105911, Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin code-231001.


On Sat, 4 May 2019 at 14:32, Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> wrote:
Sir, the matter is concerned with the board of High school and Intermediate of Uttar Pradesh. Which means it had to be transferred additional secretary Varanasi Zone, regional office, Board of High School and Intermediate Uttar Pradesh.
Sir whether the Board of High School and Intermediate comes under the ambit of रजिस्ट्रार महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी ? If not how the matter concerned was forwarded to the रजिस्ट्रार महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी ?

With due respect, your applicant wants to draw the kind attention of the Hon’ble Sir to the following submissions as follows.

1-It is submitted before the Hon’ble Sir that Hon’ble Sir may be pleased to take a glance of the following representation registered on the august portal of the government of Uttar Pradesh as follows.

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
60000190046669
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M. P. Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
Sir, the matter is concerned with the board of High school and Intermediate of Uttar Pradesh and repeated representations have been sent to principal secretary secondary education, director directorate of secondary education, secretary Uttar Pradesh Board and additional secretary regional office of Uttar Pradesh Board at Varanasi. On Jansunwai portal of Govt of Uttar Pradesh complaint number-60000190039329, whether concerned will explain why the aforementioned complaint was sent to district inspector of school Mirzapur instead of additional secretary regional office of Uttar Pradesh Board at Varanasi. Since six months additional secretary regional office of Uttar Pradesh Board at Varanasi is procrastinating on the complaints for six months and instead of taking action in the matter and concerned officers who are procrastinating in the matter, chief minister office sent the matter to the District Inspector of School Mirzapur which is sheer unconstitutional, draconian and arbitrary. For detail take a glance of the attached documents to the representation.
नियत तिथि:
02 – Jun – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायत अनुभाग – 2( मुख्यमंत्री कार्यालय )
03 – May – 2019
जिलाधिकारीवाराणसी,
कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।
अधीनस्थ को प्रेषित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
03 – May – 2019
रजिस्ट्रार महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें
अनमार्क

2-It is submitted before the Hon’ble Sir that it can never be justified to send to complaints / grievances to those public authorities who are not concerned with the matter with the solitary motive to procrastinate on the matter. Undoubtedly it is not a signal of healthy democracy but what can be done if our accountable public functionaries prefers to do so in order to support wrongdoers. Such working style explicitly proves that our public set up has been criminalized and open gate of corruption and if few one who are lawabiding not accepting such unethical practice then they will be subjected to pressure tactics in order to bring them to conform this stream.

3-It is submitted before the Hon’ble Sir that more than a dozen representations have been submitted in the matter and correction of date of Birth of the aggrieved student Pradip Kumar Maurya is pending before the office of additional secretary, regional office Varanasi, Board of High school and Intermediate Uttar Pradesh but it is unfortunate that staffs of the aforementioned public authority did not take it seriously whether such lawlessness, chaos and arbitrarinass full of tyranny is not rflection of anarchy.
                                      https://www.yogi.systems/2019/05/in-good-governance-of-modi-and-yogi.html
This is a humble request of the applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness, and chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law of land? This is need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Hon’ble Sir.                                                         

                                                                                                                             Yours sincerely

Date-04-05-2019              Yogi M. P. Singh, Mobile number-7379105911, Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin code-231001.


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Yogi
1 year ago

श्री मान जिलाधिकारी महोदय वाराणसी क्या आप इस शिकायत का गलत ढंग से निस्तारण के बजाय क्या आप क्षेत्रीय शिक्षा सचिव क्षेत्रीय कार्यालय माध्यमिक शिक्षा परिषद् उत्तर प्रदेश वाराणसी को नहीं को नहीं भेज सकते थे निस्तारण वास्ते | श्री मान जी क्या आपने अपना रोल रचनात्मक तरीके से रखा | क्या किसी शिकायत का निस्तारण इसी तरह से होता है | श्री मान जी आप तो प्रधान मंत्री संसदीय सीट पोस्टेड है आपसे ऐसी आशा नहीं थी |

Arun Pratap Singh
1 year ago

Whether it is not reflection of rampant corruption in the government machinery quite obvious from the working style?
फीडबैक : दिनांक 03/06/2019को फीडबैक:- आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें
फीडबैक की स्थिति: जिलाधिकारी द्वारा दिनाक 03/06/2019 को कार्यवाही C- श्रेणीकृत कर दी गयी है
०७-जून -२०१९ को आपने उसी पत्र के आधार पर मामले को निस्तारित मान लिया | श्री मान जी फीडबैक के पूर्व का रिपोर्ट और फीडबैक के बाद के रिपोर्ट में क्या अंतर है दोनों वही पत्र है सिर्फ यह बता रहा है की सरकारी तंत्र में जंगल राज है |
सोचिये योगी आदित्यनाथ जी के सख्त होने के बावजूद आपलोग जब इतना मनमानी कर रहे है तो जो मुख्य मंत्री सख्त नहीं रहते होंगे उनके समय में क्या होगा |

Beerbhadra Singh
1 year ago

Undoubtedly it is a matter of great concern that district magistrate Varanasi first rejected the report of district Inspector of school Varanasi when the feedback was submitted but after few days district magistrate again accepted earlier rejected report which is showing cryptic and mysterious approach of the district magistrate Varanasi. Whether justice is available to the members of weaker and downtrodden section. Think about the gravity of situation that a student belonging to weaker and downtrodden section is being harassed because he is not providing bribe to concerned corrupt staff of the government.