स्वच्छ भारत मिशन का कड़वा सच स्वच्छता के नाम पर झूठे आकडे |या फिर मंत्रिओं द्वारा मीडिया के समक्ष झाड़ू लगाना

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>
भारत स्वच्छ मिशन के तहत बनने वाले शौचालयों में घोर अनियमितता और यह अनियमितता जिलास्तरीय अधिकारिओं की मिली भगत से फल फूल रहा है |
Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> 1 June 2018 at 20:55
To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, supremecourt <supremecourt@nic.in>, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, cmup <cmup@up.nic.in>, hgovup@up.nic.in, csup@up.nic.in, uphrclko <uphrclko@yahoo.co.in>

श्री मान जी डी.पी.आर.ओ. बालेश धर द्विवेदी महागुरु है भ्रस्टाचारिओं के और इनको पारितोषिक भी मिल चूका है मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा |
इनको शील्ड करने के लिए मुख्य मंत्री कार्यालय के लोग एडी छोटी का जोर लगाते है और इनके खिलाफ शिकायतों को पोस्टल डिपार्टमेंट से सम्बंधित है कह कर वही क्लोज कर देते है |
 LID Code-79657-0021 Rekha Dubey WO Ravindra 
Please take a feedback in regard to SBM i.e. Swachchh Bharat Mission which is attached to this representation.
Serial number-42, GP Name-Lalganj  Village name-Jagdisgpur Upraundh, Family ID-66341819, Beneficiary name-Rekha, Father/Husband’s name-Ravindra, Category-BPL, Subcategory-SC, Toilet constructed form-SBM, Total toilet cost-Rs.12000,  Types of Toilet-Twin pit, Payment mode-Cash, Whether physical MPR approved by the district-Yes, Whether Physical MPR approved by the state-Yes, Photo uploaded-Yes
श्री मान जी कैश पेमेंट क्यों किया गया क्यों की सारे के सारे पैसे खुद निकालने थे |
It is well-confirmed fact that innocent and gullible people like Rekha Dubey W/O Ravindra Dubey are usually made easy prey in the hand of corrupt and cruel staffs. Think about the gravity of the situation that when entire money meant to Swachchh Bharat Mission is being disbursed among corrupt staffs and brokers, then why DPRO was awarded cash price of Rs.10000 and something and I had made a complaint at that time even I had no concrete evidence of syphoning off the public fund meant to  Swachchh Bharat Mission but I was sure that Balesh Dhar Dwivedi like DPRO can’t be entitled to be awarded by the government.
विकास खंड के स्टाफ ने रविन्द्र दुबे जी को बताया की उपरोक्त फीडबैक उन्ही का है पता गलत है जिसे वह कल सुधार देगा जब उन्होंने कहा की वह इसकी शिकायत करेंगे तो वह डर कर बोला आपका पता हम आज ही ठीक कर देंगे | 
श्री मान जी सोचिये जिस शौचालय का पैसा निकल गया है उसकी जांच DPRO बालेश धर द्विवेदी और ADO पंचायत ने की और उसको अपात्र भी घोषित कर दिया आनन् फानन में | क्या यह कार्य शैली संदिग्ध नही है |
सर गीता देवी पत्नी रविन्द्र जाति-अनुसूचित जाति पता -जगदीशपुर  लालगंज का है किन्तु इनके पास कोई बाथरूम /शौचालय नही है स्वच्छ भारत मिशन के तहत |इसके अलावा दूसरा कोई भी व्यक्ति इस नाम का ग्राम में नही है |
सब से बड़ी बात यह है की  जगदीशपुर  लालगंज एकाक को छोड़ दिया जाय तो किसी के पास स्वच्छ भारत मिशन  का शौचालय नही है |सरकारी धन का सिर्फ बन्दर बाट हुआ है | यही है स्वच्छ भारत मिशन का कड़वा सच स्वच्छता के नाम पर झूठे आकडे |या फिर मंत्रिओं द्वारा मीडिया के समक्ष झाड़ू लगाना |

जनसुनवाई
समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली, उत्तर प्रदेश
Complaint No:-40019918013111
APPLICANT DETAILS :
Name : Yogi M P Singh
Father Name :  
Gender :
Mobile-1 : 7379105911
Mobile-2 : 7379105911
Email : yogimpsingh@gmail.com
Area : Urban
State : उत्तर प्रदेश
District : मिर्ज़ापुर
Tehsil : सदर
Block : —-
Gram Panchayat : —-
Thana : कोतवाली कटरा
Address : Tahsil-Sadar, District-Mirzapur
GRIEVANCE AREA DETAILS :
Area : Urban
State : उत्तर प्रदेश
District : मिर्ज़ापुर
Tehsil :
Block :
Gram Panchayat : —-
Village : 0
Thana : —-
APPLICATION DETAILS :
Application Detail :
Relief Type : Complaint
Address To Officer : जिलाधिकारी
Department Name : पंचायती राज विभाग
Category Name : स्वच्छ भारत मिशन सम्बंधित अन्य प्रकरण
Application Old Reference No : 40019918011666
Attachment : Yes
आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019918013111
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
श्री मान जी डीपीआरओ बालेश धर द्विवेदी महागुरु है भ्रस्टाचारिओं के और इनको पारितोषिक भी मिल चूका है मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा | इनको शील्ड करने के लिए मुख्य मंत्री कार्यालय के लोग एडी छोटी का जोर लगाते है और इनके खिलाफ शिकायतों को पोस्टल डिपार्टमेंट से सम्बंधित है कह कर वही क्लोज कर देते है | LID Code-79657-0021 Rekha Dubey WO Ravindra Please take a feedback in regard to SBM ie Swachchh Bharat Mission which is attached to this representation Serial number-42, GP Name-Lalganj Village name-Jagdisgpur Upraundh, Family ID-66341819, Beneficiary name-Rekha, FatherHusbands name-Ravindra, Category-BPL, Subcategory-SC, Toilet constructed form-SBM, Total toilet cost-Rs12000, Types of Toilet-Twin pit, Payment mode-Cash, Whether physical MPR approved by the district-Yes, Whether Physical MPR approved by the state-Yes, Photo uploaded-Yes श्री मान जी कैश पेमेंट क्यों किया गया क्यों की सारे के सारे पैसे खुद निकालने थे | It is well-confirmed fact that innocent and gullible people like Rekha Dubey WO Ravindra Dubey are usually made easy prey in the hand of corrupt and cruel staffs Think about the gravity of the situation that when entire money meant to Swachchh Bharat Mission is being disbursed among corrupt staffs and brokers, then why DPRO was awarded cash price of Rs10000 and something and I had made a complaint at that time even I had no concrete evidence of syphoning off the public fund meant to Swachchh Bharat Mission but I was sure that Balesh Dhar Dwivedi like DPRO cant be entitled to be awarded by the government विकास खंड के स्टाफ ने रविन्द्र दुबे जी को बताया की उपरोक्त फीडबैक उन्ही का है पता गलत है जिसे वह कल सुधार देगा जब उन्होंने कहा की वह इसकी शिकायत करेंगे तो वह डर कर बोला आपका पता हम आज ही ठीक कर देंगे | श्री मान जी सोचिये जिस शौचालय का पैसा निकल गया है उसकी जांच DPRO बालेश धर द्विवेदी और ADO पंचायत ने की और उसको अपात्र भी घोषित कर दिया आनन् फानन में | क्या यह कार्य शैली संदिग्ध नही है | सर गीता देवी पत्नी रविन्द्र जातिअनुसूचित जाति पता जगदीशपुर लालगंज का है किन्तु इनके पास कोई बाथरूम शौचालय नही है स्वच्छ भारत मिशन के तहत |इसके अलावा दूसरा कोई भी व्यक्ति इस नाम का ग्राम में नही है | सब से बड़ी बात यह है की जगदीशपुर लालगंज एकाक को छोड़ दिया जाय तो किसी के पास स्वच्छ भारत मिशन का शौचालय नही है |सरकारी धन का सिर्फ बन्दर बाट हुआ है | यही है स्वच्छ भारत मिशन का कड़वा सच स्वच्छता के नाम पर झूठे आकडे |या फिर मंत्रिओं द्वारा मीडिया के समक्ष झाड़ू लगाना |
नियत तिथि:
16 – Jun – 2018
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
01 – Jun – 2018
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
अनमार्क

0 0 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
3 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

श्री मान जी कैश पेमेंट क्यों किया गया क्यों की सारे के सारे पैसे खुद निकालने थे |
It is well-confirmed fact that innocent and gullible people like Rekha Dubey W/O Ravindra Dubey are usually made easy prey in the hand of corrupt and cruel staffs. Think about the gravity of the situation that when entire money meant to Swachchh Bharat Mission is being disbursed among corrupt staffs and brokers, then why DPRO was awarded cash price of Rs.10000 and something and I had made a complaint at that time even I had no concrete evidence of syphoning off the public fund meant to Swachchh Bharat Mission but I was sure that Balesh Dhar Dwivedi like DPRO can't be entitled to be awarded by the government.

Preeti Singh
2 years ago

If protectors will be predators, then who will shield? Here Jila Panchaayat Raj Adhikaari itself has poor record of service and he has shielded several wrongdoers so what can be expected from him.
नियत तिथि: 16 – Jun – 2018, शिकायत की स्थिति: लम्बित रिमाइंडर : फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति: आवेदन का संलग्नक संलग्नक देखें अग्रसारित विवरण-
क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या स्थिति आख्या रिपोर्ट
1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 01 – Jun – 2018 जिलाधिकारी-मिर्ज़ापुर, — अधीनस्थ को प्रेषित
2 आख्या जिलाधिकारी ( ) 01 – Jun – 2018 जिला पंचायत राज अधिकारी-मिर्ज़ापुर,पंचायती राज विभाग नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें कार्यालय स्तर पर लंबित

Arun Pratap Singh
2 years ago

Whether it is not reflecting rampant corruption in the system that DPRO like officers are openly indulged in the siphoning of public fund and shielding wrongdoers and responsible staffs of the government are managing to award them in order to promote wrongdoing in the government machinery.