चार जिला स्तरीय अधिकारिओं से २५००० रूपये की वसूली अर्थात सरकारी खजाने को १००००० रुपये का लाभ किन्तु योगी सरकार असफल

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
60000190025986
आवेदक कर्ता का
नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
शिकायत संख्या-60000180125686, आवेदक कर्ता का
नाम: Yogi M. P. Singh Under
Article 51 A of the constitution of India and under subsection 1 d of section
4 of Right to Information Act 2005, applicant has constitutional right to
know the reason of non compliance of the order of the commission.
श्री मान जी
सूचना आयुक्त मुख्य सचिव रैंक की
तनख्वाह पाते है और
एक संबैधानिक पोस्ट है
चारो अधिकारियों के विरुद्ध वसूली का
आदेश उनके द्वारा पारित हुआ क्या डिवीज़नल कमिश्नर को यह
अधिकार है की वह जिलाधिकारी के लीपापोती में सहयोग करे श्री मान जी उत्तर प्रदेश
सरकार किसी भी अधिकारी से जो उच्चाधिकारियों या नेताओ का करीबी है उससे वसूली
नही करती है और हर कोई घुस व अन्य तरीके से वहा तक पहुच ही जाता है इसलिए जनसूचना
अधिकार २००५ प्रभावहीन हो गया है सोचिये प्रधान मंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के
उपरांत भी वसूली न करने का खेल जारी है फीडबैक की स्थिति
: मंडलायुक्त द्वारा दिनाक 02/01/2019 को फीडबैक पर कार्यवाही अनुमोदित
कर दी गयी है फीडबैक
:दिनांक
25/12/2018को फीडबैक:- श्री मान जी अब आप ही बताये
रिकवरी आदेश ०३
मार्च२०१७ को पास हुआ और आज तक वसूली
संभव नही हो सकी अर्थात लगभग दो वर्ष बीतने को है क्या यह कार्यशैली टाल मटोल
नही दर्शाता है श्री मान जो कार्यशैली मुख्य राजस्व अधिकारी मिर्ज़ापुर द्वारा
अपनाया गया है वह सिर्फ दो वर्ष से हो रहे टाल मटोल की दिशा में ही एक कदम है
श्री मान जी क्या मुख्य राजस्व अधिकारी मिर्ज़ापुर को इतना भी कानून का ज्ञान नही
है की प्रार्थी द्वारा ही योजित शिकायत पर सम्बंधित अधिकारिओं को २५००० रुपये
अर्थ दंड से दण्डित किया गया है और हमे तब तक न्याय नही प्राप्त है जब तक मुझे
यह न सूचित किया जाय की आदेश पत्र अमुक द्वारा माननीय आयुक्त द्वारा जारी आदेश
का समादर हो गया है और महत्वपूर्ण बात यह है की उपरोक्त अधिकारी ने कुछ किया ही
नही है सिर्फ प्रार्थी की गुमराह किया जा रहा है जैसा की हमेशा से होता आया है
श्री मान जी क्या जनसूचना अधिकार के प्रावधानों का उल्लंघन में इन वर्षो में
पर्याप्त बडोत्तरी नही हुई है क्यों की लोगो को विश्वास है की उनके ऊपर यदि दंड
आरोपित भी होता है तो वसूली नही होगी
Mr. A.D.M. you and government machinery at all are doing recovery
since two years but still could not succeed and now your reply is cryptic at
this stage which can not be accepted by an honest public functionary but it
is our misfortune that we are living in the era of corruption where those
speaking on public platform to curb corruption are taking bribe behind the
screen. After all you can not shield them from pecuniary penalty imposed on
then as matter is in my cognizance. It would be better if you submit the
report of compliance of recovery order but you yourself not interested in
recovery that is why such cryptic fruitless reports are being submitted. It
has been proved that wrongdoers are being protected by the grace of political
bosses and the conspiracy is being hatched to dilute and weaken the
provisions of transparency act. Following reply is made in that order.
Undoubtedly not frightened with the people but think about god who is
omnipresent.
नियत तिथि:
10 – Apr – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:

आवेदन
का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायत अनुभाग – 1(मुख्यमंत्री कार्यालय )
11 – Mar – 2019
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव राजस्व एवं आपदा विभाग
कृपया
शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।
अधीनस्थ
को प्रेषित
2
अंतरित
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव (राजस्व एवं आपदा विभाग )
11 – Mar – 2019
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
नियमनुसार
आवश्यक कार्यवाही करें
अधीनस्थ
को प्रेषित
3
आख्या
जिलाधिकारी ( )
11 – Mar – 2019
अपर जिला अधिकारी, (भू०/ रा०)-मिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग
नियमनुसार
आवश्यक कार्यवाही करें
अनमार्क

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
60000190005730
आवेदक कर्ता का
नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
श्री मान जी
अब आप
ही बताये रिकवरी आदेश ०३ मार्च२०१७ को पास हुआ और
आज तक
वसूली संभव नही हो
सकी अर्थात लगभग दो
वर्ष बीतने को है
क्या यह
कार्यशैली टाल मटोल नही दर्शाता है
श्री मान जो कार्यशैली मुख्य राजस्व अधिकारी मिर्ज़ापुर द्वारा अपनाया गया है वह
सिर्फ दो वर्ष से हो रहे टाल मटोल की दिशा में ही एक कदम है श्री मान जी क्या
मुख्य राजस्व अधिकारी मिर्ज़ापुर को इतना भी कानून का ज्ञान नही है की प्रार्थी
द्वारा ही योजित शिकायत पर सम्बंधित अधिकारिओं को २५००० रुपये अर्थ दंड से
दण्डित किया गया है और हमे तब तक न्याय नही प्राप्त है जब तक मुझे यह न सूचित
किया जाय की आदेश पत्र अमुक द्वारा माननीय आयुक्त द्वारा जारी आदेश का समादर हो
गया है और महत्वपूर्ण बात यह है की उपरोक्त अधिकारी ने कुछ किया ही नही है सिर्फ
प्रार्थी की गुमराह किया जा रहा है जैसा की हमेशा से होता आया है श्री मान जी
क्या जनसूचना अधिकार के प्रावधानों का उल्लंघन में इन वर्षो में पर्याप्त
बडोत्तरी नही हुई है क्यों की लोगो को विश्वास है की उनके ऊपर यदि दंड आरोपित भी
होता है तो वसूली नही होगी
Sir Mr. A.D.M. and his government machinery at all are doing
recovery since two years but still could not succeed and now your reply is
cryptic at this stage which can not be accepted by an honest public
functionary but it is our misfortune that we are living in the era of
corruption where those speaking on public platform to curb corruption are
taking bribe behind the screen. After all you can not shield them from
pecuniary penalty imposed on then as matter is in my cognizance. It would be
better if you submit the report of compliance of recovery order but you
yourself not interested in recovery that is why such cryptic fruitless
reports are being submitted. It has been proved that wrongdoers are being
protected by the grace of political bosses and a conspiracy is being hatched
to dilute and weaken the provisions of transparency act. Following reply is
made in that order. Undoubtedly not frightened with the people but think
about god who is omnipresent.
नियत तिथि:
21 – Feb – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 26/01/2019को फीडबैक:- श्री मान जी
यह तो
निश्चित है
की अभी तक चारो जनसूचना अधिकारीओ में से
किसी से
भी वसूली की कार्यवाही नही की
गयी है
| अब तो निश्चित है की
अमरोहा जिलाधिकारी से भी
इस सन्दर्भ में पत्र ब्योहार किया जाएगा | मुख्य विकास अधिकारी से
भी वसूली होनी है
क्या उसको ठन्डे बस्ते में डाल दिया गया उसी जिला विकास अधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी से वसूली को भी
ठन्डे बस्ते में डाल दिया गया जैसा की
रिपोर्ट से
स्पस्ट है
क्योकि उपरोक्त तीनो का
जिक्र नही किया गया रिपोर्ट में यदि सरकार उपरोक्त तीनो अधिकारियों से
वसूली नही चाहती है
उसका कारण स्पस्ट करे क्योकि जो
आख्या प्रस्तुत की गयी है वह
अधूरी है
और सम्बंधित अधिकारिओं ने
उसको स्वीकार भी कर
लिया है
| श्री मान जी
वसूली से
सम्बंधित अति सम्बेदनशील प्रकरण को जो
की माननीय राज्यसूचना आयोग के आदेश पालन से
सम्बंधित है
कैसे कोई जिलाधिकारी इतनी लापरवाही से
ले सकता है | Undoubtedly matter concerned with the
recovery of imposed pecuniary penalty is concerned with the district –Amroha
but what about the rest three public information officers as Basic Education
Officer, Chief Development Officer and District Development Officer. This is
the second reply of the chief revenue officer / public information officer
collectorate which is still cryptic and incomplete. Whether such
procrastination is justified on the part of chief revenue officer Mirzapur in
regard to recovery of imposed pecuniary penalty by the state information
commission, Government of Uttar Pradesh. Whether it is not a constitutional
crisis in the state that order of the constitutional functionaries are thrown
into the dustbin and such dealings are not creating lawlessness and anarchy
in the govt of Uttar Pradesh.
फीडबैक की स्थिति:
मंडलायुक्त द्वारा दिनाक 12/02/2019 को फीडबैक पर कार्यवाही अनुमोदित कर दी गयी है

आवेदन
का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायत अनुभाग – 1(मुख्यमंत्री कार्यालय )
22 – Jan – 2019
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
कृपया
शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।
26/01/2019
प्रकरण से सम्बंधित आख्या प्राप्त कर निस्तारण हेतु प्रेषित है |
निस्तारित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
22 – Jan – 2019
अपर जिला अधिकारी, (भू०/ रा०)-मिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें प्रकरण से सम्बंधित
आख्या प्राप्त कर निस्तारण हेतु प्रेषित है
|
26/01/2019
प्रकरण से सम्बंधित आख्या प्राप्त कर निस्तारण हेतु प्रेषित है |
निस्तारित

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Yogi
1 year ago

श्री मान जी सूचना आयुक्त मुख्य सचिव रैंक की तनख्वाह पाते है और एक संबैधानिक पोस्ट है चारो अधिकारियों के विरुद्ध वसूली का आदेश उनके द्वारा पारित हुआ क्या डिवीज़नल कमिश्नर को यह अधिकार है की वह जिलाधिकारी के लीपापोती में सहयोग करे श्री मान जी उत्तर प्रदेश सरकार किसी भी अधिकारी से जो उच्चाधिकारियों या नेताओ का करीबी है उससे वसूली नही करती है

Arun Pratap Singh
1 year ago

रिमाइंडर : प्राप्त अनुस्मारक –
क्र.स. अनुस्मारक प्राप्त दिनांक
1 Ipso facto obvious that District Magistrate Mirzapur is procrastinating on this serious issue of recovery since two years but more surprising is that when applicant itself is making serious efforts since last six months and matter was circulated in the entire local dailies and it was published by them but still concerned did not make serious efforts to recover the penalty from the erring public information officers Whether it is not mockery of the provisions of the constitution of India and failure of the democratic set up in this largest democracy in the world Whether it is not tantamount to put into the specific august act Right to Information Act 2005 into the dustbinIt is submitted before the Hon’ble Sir that शिकायत संख्या_-60000190025986 was to be redressed within one month and boundary line set by the chief minister office 10-April-2019 and today is 18-April-2019 which is quite explicit that our district magistrate has been habitual to take under teeth set up time limit by the chief minister office 18 Apr 2019

Beerbhadra Singh
1 year ago

Undoubtedly situation is too much precarious in the state of Uttar Pradesh where directions of the constitutional functionaries is not being obeyed by the subordinate bureaucrats at the district level and when the complaint is made to the functionaries at the state headquarter then they are not taking any action also in the matter which is reflection of a failed Government machinery in the state so article 356 must be invoked in the state of Uttar Pradesh as it is fit case here because entire government machinery has been collapsed in the state. in the government machinery of Uttar Pradesh there is lawlessness anarchy and Josh nearly and if complaint is made in this regard no action is taken by the accountable public functionaries because the functionaries at the district level are acting in the caucus with the functionary acting at the state headquarter.