बदनसीब युवा राजेंद्र को युवा मुख्यमंत्री के शासन में न्याय मागने पर १०७/१६ में फसाया गया


बदनसीब युवा राजेंद्र को युवा मुख्यमंत्री के शासन में न्याय मागने पर १०७/१६ में फसाया गया श्री मान जी से अनुरोध हैं की मामले की उच्चस्तरीय जाँच कराये और जाने किस प्रकार सरकारी महकमा दबंगों का साथ दे रहा हैं यह दुह्खद इस लिए भी है की सरकार बहुत अच्छी तनख्वाह कर्मचारियों को दे रही हैं

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh yogimpsingh@gmail.com

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माननीय युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी क्या मेरी जमीन जिसकी रजिस्ट्री १८ वर्ष पूर्व मेरे पिता जी द्वारा कराइ गयी थी २१ डिसेम्बर २०१४ को दबंगों द्वारा कब्ज़ा कर ली गयी मेरी माँ जिगना पुलिस के समक्ष  गिड़गिड़ाती रही लेकिन जिगना पुलिस पर कोई असर नही हुआ |
01 July 2015
18:11
सर्वप्रथम श्री मान जी से सविनय अनुरोध है डी. म. मिर्ज़ापुर व एस. पी. मिर्ज़ापुर को संबोधित पत्र का अवलोकन करे जो की उसी तिथि पर दोनों महानुभावो को भेजा गया |
स्मरण पत्र प्रार्थी के पत्र दिनांक ०७/०४/२०१५ के सन्दर्भ में |थानाध्यक्ष जिगना ने १९/०४/२०१५ दूसरी बार शिकायत पत्र लेने से मना कर दिया |
सेवा में
जिला मजिस्ट्रेट
जनपदमिर्ज़ापुर उत्तर प्रदेश भारत
विषय– श्री मान जी को ज्ञात हो की शिव कुमार सिंह और उनके साथियों ने प्रार्थी की जमीन और मकान पर जबरदस्ती कब्ज़ा कर लिया हैं |
श्री मान जी पूर्व में पूर्व में दिनांक ०७/०४/२०१५ को प्रस्तुत पत्र का पुनः अवलोकन करे और प्रार्थी को अविलम्ब न्याय की अपेक्षा हैं |
महोदयआप को ज्ञात हो की प्रार्थी पीणित विजय नारायण सिंह का पुत्र राजेंद्र कुमार सिंह हैं जिसका जमीन और मकान शिव कुमार सिंह और साथियों द्वारा जबरदस्ती कब्जा किया गया हैं जिगना थाने को मामले की सूचना दिया गया लेकिन सम्बंधित स्टाफ सिर्फ टाल मटोल कर रहा हैं |
श्री मान जी पत्र के साथ जिम्मेदार लोकाधिकारिओं को दिए गए पत्र की प्रतिलिपिया हैं जिनका परिशीलन के उपरांत नियमानुसार आदेश पारित करे जिसके लिए प्रार्थी सदैव श्री मान जी का आभारी रहेगा |
                                                     प्रार्थी
तारीख -22/04/2015                                 राजेंद्र कुमार सिंह
पुत्र –विजय नारायण सिंहग्रामकोठरा कंतित ,पोस्ट आफिस –श्री निवास धाम ,जिलामिर्ज़ापुर,उत्तर प्रदेश ,भारत
नोटकृपया संलग्नको का अवलोकन करे जो की ११ पन्नो में पत्र के साथ संलग्न हैं |
नोटमामला जमीन और मकान पर कब्जा से सम्बंधित हैं |अतः गंभीरता से ले और प्रार्थी कोन्याय दिलाए |
अब श्री मान जी उप जिलाधिकारी सदर की सेवा में प्रस्तुत पत्र का अवलोकन करे ……………..
सेवा में
उप जिलाधिकारी सदर
जनपद मिर्ज़ापुर (प्र.)
विषयप्रार्थी को सारे नियमो को दर किनार कर १०७/१६ में जिगना पुलिस द्वारा निरुद्ध करने के सम्बन्ध में |
महोदय
आप को ज्ञात हो की प्रार्थी द्वारा दिनांक ९/४/२०१५ को पुलिस अधीक्षक मिर्ज़ापुर को पत्र दिया गया जिसे कार्यालय ने पहले विध्याचल थानेभेजा फिर वहा से वापस लौटने के बाद जिगना थाने पर भेजा जिसकी जांच आख्या दिनांक १२/०५/२०१५ को पुलिस अधीक्षक कार्यालय को उपलब्ध कराई गयी उपरोक्त आख्या पत्र के साथ उपलब्ध हैं |श्री मान जी क्या पुलिस को प्रथम सूचना दर्ज करने के लिए प्रार्थना करना १०७/१६ की अपराध की कोटि में आता हैं |
हमें तो खुद जिगना पुलिस की मनसा पे ही संदेह हैं क्योकि १७ वर्ष पूर्वे हमने जमीन का बैनामा कराया व वकायदा कब्जा लिया १३० ट्रेक्टर मिटटी डाल कर गड्ढे को पाटा दो कमरे बनवाए दो आम के ब्रिक्ष लगाएआज शिव कुमार सिंह ने जबरदस्ती जमीन को कब्ज़ा कर लिए इसके बावजूद हम शान्ति भंग के दोसी हैं |
सविनय अनुरोध हैं की शिव कुमार जी यह पूछा जाय की वह जबरदस्ती हमारे दो कमरों में ताला क्यों बंद कर रखे हैं क्या किसी कोर्ट से उन्हें परमिशन मिली हुई हैं उन्ही का राज हैं जिगना पुलिस दबंगों के विरुद्ध कोई कार्यवाही करने के बजाय प्रार्थी को ही निशाना बनाती हैं २१ दिसम्बर को जब मेरी माँ जिगना पुलिस के समक्ष गिनगिना रही थी उस समय क्या शांति भंग की आशंका नहीं थी जब शिव कुमार और उनके गुर्गे मकान में ताला लगा कर जमीन कब्ज़ा कर रहे थे क्यों जिगना पुलिस मूक दर्शक बनी रही |
                                                          प्रार्थी
तारीख –2०/०६/२०१५                                    राजेंद्र कुमार सिंह
पुत्र –विजय नारायण सिंहग्रामकोठरा कंतित ,पोस्ट आफिस –श्री निवास धाम ,जिला-मिर्ज़ापुर ,उत्तर प्रदेश ,भारत
दिनांक -०७/०४/२०१५ ,२२/०४/२०१५ ,१०/०६/२०१५ ,२७/०५/२०१५ ,२७/०५/२०१५ एवं ०६/०५/२०१५ की प्रतिया संलग्न हैं |
श्री मान जी समाजवादी पार्टी के जनता दर्शन कार्यक्रम में भी प्रार्थी द्वारा न्याय के लिए गुहार लगाई गयी और समाजवादी  पार्टी जिलाध्यक्ष श्री आशीष यादव जी ने थाना अध्यक्ष थाना जिगना को पत्र भी अग्रसारित किया जो की इस प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न हैं लेकिन पत्र के बावजूद भी जिगना पुलिस ने कोई कार्यवाही करने के बजाय प्रार्थी को ही भारतीय दंड प्रक्रिया की धारा १०७/१६ में फसा दिया | कहने के लिए जिगना पुलिस ने दोनों पक्षों पर कार्यवाही की लेकिन विपक्ष ने कोई बांड नहीं भरा है अर्थात जिगना पुलिस और उपजिलाधिकारी सदर सिर्फ प्रार्थी को ही परेशान कर रहे हैं |
                                                             आप का आज्ञाकारी
                                                              राजेंद्र कुमार सिंह 

2 comments on बदनसीब युवा राजेंद्र को युवा मुख्यमंत्री के शासन में न्याय मागने पर १०७/१६ में फसाया गया

  1. बदनसीब युवा राजेंद्र को युवा मुख्यमंत्री के शासन में न्याय मागने पर १०७/१६ में फसाया गया श्री मान जी से अनुरोध हैं की मामले की उच्चस्तरीय जाँच कराये और जाने किस प्रकार सरकारी महकमा दबंगों का साथ दे रहा हैं यह दुह्खद इस लिए भी है की सरकार बहुत अच्छी तनख्वाह कर्मचारियों को दे रही हैं

  2. रियली मामला गंभीर हैं जिम्मेदार लोगों को आगे आना होगा किन्तु आज हम जिन्हें जिम्मेदार कहते है वही इन चीजो के लिए जिम्मेदार है यहाँ तो केवल उन्ही को प्रमोट किया जाता है जो सिस्टम की गलती का सपोर्ट करता है यहाँ इमानदारी की क़द्र कुछ लोगो को हैं लेकिन वो भी इस भ्रष्ट समाज में पर कटो की तरह हैं वह सिर्फ मौखिक सपोर्ट कर सकते हैं कही खड़े नही हो सकते सपोर्ट के लिए |इमानदारी के लिए दिया ले कर ढूढना पड़ेगा }

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