प्रदेश सरकार की छात्रवृत्ति वितरण में सिर्फ भ्रस्टाचार का बोलबाला है और न्याय व्यवस्था शून्य है

प्रदेश सरकार की छात्रवृत्ति वितरण में सिर्फ भ्रस्टाचार का बोलबाला है और न्याय व्यवस्था शून्य है | 
यह सच है कि मामला दलित छात्रा से सम्बंधित है और जिस प्रकार भ्र्स्ट अधिकारी बार बार यह कह कर पल्ला झाड़ रहा है की मामला छात्रा  के खाते  दूसरे के द्वारा पैसा निकालने  से सम्बंधित है पूर्ण रूप से मनगढ़ंत है बल्कि पूरा का पूरा खाता ही अन्य ब्यक्ति द्वारा चलाया गया और खाते में  भेजा गया छात्रवृत्ति का पैसा निकाला गया जो की गंभीर अनियमितता है और सम्बंधित अधिकारिओं को जांच करानी चाहिए और दलित वर्ग की कन्या को न्याय मिलना चाहिए किन्तु यह अनियमितता बहुत बड़े स्तर  पर होती है और बड़े बड़े अधिकारी इसमें शामिल होते है इसलिए इन प्रकरणों को दबा दिया जाता है | सोचिये जिलाधिकारी प्रयागराज ने मामले में गंभीरता पूर्वक जांच कर आख्या प्रस्तुत करने को कहा और जिला समाज कल्याण अधिकारी वही पुराना रिपोर्ट दुबारा लगा कर मामले को निस्तारित करा लिया  क्या यह भ्र्ष्टाचार नहीं है फिर भी सरकार कोअपने कर्मचारिओं का भ्र्ष्टाचार दिखाई नहीं पड़  रहा है | गरीबो की छात्रवृत्ति को पूरा पूरा निगल गए और डकार तक नहीं किये अब इससे भ्र्ष्टाचार क्या होगा | योगी सरकार की विशेषता है की पहले की सरकारे भ्रष्टाचारिओं की फाइल दबाया करती थी किन्तु योगी सरकार उनको क्लीन चिट  व पारितोषिक देती है तो भ्रस्टाचार दो गुना तीन गुना होगा ही | 

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40017519044057
आवेदक कर्ता का
नाम:
Harishchandra
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
7054703028,7054703028
विषय:
Matter is concerned with समाज कल्याण निदेशक लखनऊ . सेवा में मुख्य मंत्री उतर प्रदेश लखनऊ महोदय आप भ्रस्टाचार जीता जागता रूप देखना चाहते है
तो देखिये संलग्न पास बुक में जो की
भारतीय स्टेट बैंक ऑफ़
इंडिया का
मेरी बेटी अंजली कुमारी का है| भारत सरकार द्वारा १२९०० रुपये छात्रवृत्ति वास्ते प्रदान किया गया है किन्तु पता नहीं कौन निकाल लिया है
| श्री मान जी
क्या मेरी बेटी को
न्याय मिलेगा | आप सोचे कितना भ्रस्टाचार है
आप के
समाज कल्याण विभाग में | कृपया समाज कल्याण निदेशक से
प्रार्थी को
तुरंत न्याय दिलवाया जाय क्यों की
समस्त पैसा उन्ही के
कार्यालय से
सीधेलाभार्थी के
खाते में पहुंचना होता है | प्रार्थी अंजली कुमारी द्वारा एक भी
पैसा निकाला नहीं गया फिर हमारी पुत्री के
खाते मे
ट्रांसक्शन कैसे संभव हुआ | ता.२१०७२०१९ आप
का अंजली कुमारी पुत्री हरिश्चंद्र द्वारा हरिश्चंद्र ग्राम आदमपुर पोस्टनीबी गहरवार जिलामिर्ज़ापुर पिन कोड २३१३०३ Matter of fact is concerned with the Anjali
Kumari DO Harishchandra belonging to the scheduled caste whose state bank of
India account was opened through the college in the Bank to provide
scholarship to the student and college detail is as follows Rajendra Prasad
Dubey Smarak Balika Mahavidyalaya • Address Hulka, Unchdih Bazar, Meja,
Allahabad, Uttar Pradesh 212303 Detail of the aggrieved girl student is as
follows Anjali Kumari DO Harishchandra, VillageAdampur, PostNibi Gaharwar,
DistrictMirzapur, PIN Code231303. was Pursuing study in bachelor of arts in
the aforementioned college.
नियत तिथि:
05 – Aug – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 16/08/2019को फीडबैक:- यह मामला अंजलि कुमारी का
नहीं है
बल्कि सरकार का है
क्योकि उसका पैसा या
सहायता उस
व्यक्ति तक
नहीं पहुंचा बल्कि विचौलिए खा गए
और इसके लिए जिम्मेदार समाज कल्याण निदेशक है
क्यों की
वे किसी भी मामले में तह
तक पहुंचने से पहले ही उसे दबा देना चाहते है
ऐसा प्रतीत होता है
जैसे सबसे डरे सहमे वही है
| चोर की दाढ़ी में तिनका वही हाल है उनका | महोदय क्या समाज कल्याण निदेशक को हिंदी भी समझ में नहीं आती है
या समझने का नाटक करते है
जिससे कुत्सित कर्मो पर
आवरण चढ़
सके | महोदय प्रकरण अंजली कुमारी पुत्री हरिश्चंद जो की
अनुसूचित जनजाति के है
का खाता भी किसी दूसरे ने
खोला और
खाते का
संचालन भी
दुसरे के
द्वारा किया गया और
ये सभी बाते प्रकाश में तब
आयी जब
सामाजिक कार्य कर्ता योगी एम् पी
सिंह द्वारा सम्बंधित भारतीय स्टेट बैंक शाखा प्रबंधक से पीड़िता को उसका पास बुक उपलब्ध कराया गया | महोदय यह प्रकरण कुछ इस प्रकार है अधिकारी ,कर्मचारी ,महाविद्यालय के
कर्मचारी और
बैंक के
स्टाफ मिल जुल कर
इस बड़े घोटाले को
अंजाम दिया है | अंजली कुमारी का केश तो मात्र नमूना है
| खाता भी खुद खोला जाता है और
छात्र वृत्ति के लिए भी खुद ही आवेदन किया जाता है और
खाते का
संचालन भी
खुद ही
किया जाता है सिर्फ आइडेंटिटी छात्र या छात्रा की इस्तेमाल की जाती है इससे पूर्व छात्राओं द्वारा बैंक पासबुक की
मांग की
गई थी
किन्तु तत्कालीन प्रबंधक द्वारा यह कह
कर ताल दिया गया की कॉलेज का कोई स्टाफ साथ में आएगा तो तभी पासबुक प्रदान की जाएगी | श्री मान जी
समाज कल्याण अधिकारी इलाहबाद कहते है
की यह
मामला बैंक का है
की
समाज कल्याण का अर्थात लाभार्थी के
नाम पर
खाता खोल कर मिल जु कर पैसा निकाल ले यही सरकार का
उद्देश्य है
इसी तरह से गरीबो और मजलूमों को उनका हक़ देगी सरकार | लोक शिकायत अनुभाग – 1(मुख्यमंत्री कार्यालय )26 – Jul – 2019निदेशक समाज कल्याण कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की
अपेक्षा की
गई है।उक्त संदर्भ में अवगत कराना है कि
छात्रवृत्ति योजना पूर्णतया आनलाइन योजना है। छात्रवृत्ति हेतु छात्रों द्वारा आनलाइन आवेदन किया जाता है। शिकायतकर्ता द्वारा अपनी शिकायत में रजिस्ट्रेशन संख्या जन्म तिथि अंकित नहीं की
गयी है, जिसके कारण छात्रवृत्ति वेबसाइट से छात्र की वर्तमान स्थिति ज्ञात नहीं हो
पा रही है। शिकायतकर्ता द्वारा की
गयी शिकायत में सम्पूर्ण विवरण उपलब्ध कराये जाने के
कारण उक्त प्रकरण में नियमानुसार कोई कार्यवाही किया जाना सम्भव नहीं हो
पा रहा है।
फीडबैक की स्थिति:
जिलाधिकारी द्वारा दिनाक 02/09/2019
को फीडबैक पर कार्यवाही अनुमोदित कर
दी गयी है
आवेदन
का
संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
21 – Jul – 2019
जिला समाज कल्याण अधिकारीप्रयागराज ,समाज कल्‍याण विभाग
23/07/2019
Ukt Prakran Se Sambandhit Akhya Upload Hai. Kripya Prakran Ko
Nistarit Karne ka Kast Karen.
C-श्रेणीकरण
2
आख्या
जिलाधिकारी( प्रयागराज )
01 – Sep – 2019
जिला समाज कल्याण अधिकारीप्रयागराज ,समाज कल्‍याण विभाग
कृपया प्रकरण का गंभीरता से पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई है महोदय जाँच आख्या अवलोकनार्थ सादर सेवा में प्रेषित है
02/09/2019
Punah Parikchan Kiya Gaya Sithiti Yathavat Hai. Ukt Prakran Se
Sambandhit Akhya Upload Hai. Kripya Prakran Ko Nistarit Karne ka Kast Karen.
निस्तारित

3 comments on प्रदेश सरकार की छात्रवृत्ति वितरण में सिर्फ भ्रस्टाचार का बोलबाला है और न्याय व्यवस्था शून्य है

  1. बल्कि पूरा का पूरा खाता ही अन्य ब्यक्ति द्वारा चलाया गया और खाते में भेजा गया छात्रवृत्ति का पैसा निकाला गया जो की गंभीर अनियमितता है और सम्बंधित अधिकारिओं को जांच करानी चाहिए और दलित वर्ग की कन्या को न्याय मिलना चाहिए किन्तु यह अनियमितता बहुत बड़े स्तर पर होती है और बड़े बड़े अधिकारी इसमें शामिल होते है इसलिए इन प्रकरणों को दबा दिया जाता है | सोचिये जिलाधिकारी प्रयागराज ने मामले में गंभीरता पूर्वक जांच कर आख्या प्रस्तुत करने को कहा और जिला समाज कल्याण अधिकारी वही पुराना रिपोर्ट दुबारा लगा कर मामले को निस्तारित करा लिया क्या यह भ्र्ष्टाचार नहीं है फिर भी सरकार कोअपने कर्मचारिओं का भ्र्ष्टाचार दिखाई नहीं पड़ रहा है |

  2. Undoubtedly concerned staff of the government played a cunning role in order to deprive the girl student belonging to the schedule tribe of her scholarship. Where is justice in this largest democracy in the world to the members or students belonging to the weaker and downtrodden section ipso facto obvious from this post because in this post it is quite obvious that a student belonging to the weaker section was deprived of her scholarship deliberately by the concerned staff of the government. Whether the faces of the accountable public functionaries in this largest democracy in the world are not cryptic and mysterious?

  3. Where is gone more than 12000 rupees provided by the government as a scholarship to the girl student and that money was not drawn by that girl student but still that is not an offence quite obvious from the reports submitted by the concerned public functionaries on the august portal of the government of Uttar Pradesh. If the Public aid is not reaching to the needy then it is a serious offence and failure of government machinery and really our government machinery is failed in the state of Uttar Pradesh so president rule must be recommended by the governor of a state. In a democracy, faith and confidence of the people state is supreme which no more remained in the ongoing government. Where is the good governance in the state if the common people especially belonging to the weaker and downtrodden section are deprived their share provided by the government to them.

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