An enquiry may be ordered against M.G.K.V.P. University Varanasi for submitting false report to UPHRC

An enquiry may be ordered against the anarchy of M.G.K.V.P. University Varanasi for submitting deliberate false fabricated report.

Wednesday, April 15, 2020

12:15 PM

Subject

An enquiry may be ordered against the anarchy of M.G.K.V.P. University Varanasi for submitting deliberate false fabricated report.

From

yogimpsingh@outlook.com

To

presidentofindia@rb.nic.in; presidentofindia@rb.nic.in; supremecourt; ‘urgent-action’; cmup; hgovup@up.nic.in; csup@up.nic.in; ‘uphrclko@yahoo.co.in’; ‘Registrar MGKVP’; ‘vcmgkvp@gmail.com’

Sent

Wednesday, April 15, 2020 12:15 PM

To

                                             Hon’ble member, Shree K.P. Singh

                                              Uttar Pradesh Human Rights Commission

                                             Human Rights Building T.C. 34 V-1 Vibhuti Khand

                                             Gomati Nagar Lucknow, Uttar Pradesh

Subject-Human Rights Commission was misled by Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith University Varanasi as false and deliberate fabricated report was submitted through letter number-375/2020 dated-14/03/2020 as follows.

Most revered Sir Your applicant invites the kind attention of Honble Sir with due respect to the following submissions as follows.

1-It is submitted before the Honble Sir that  51A. Fundamental duties It shall be the duty of every citizen of India (a) to abide by the Constitution and respect its ideals and institutions, the National Flag and the National Anthem;(h) to develop the scientific temper, humanism and the spirit of inquiry and reform;

(i) to safeguard public property and to abjure violence;

(j) to strive towards excellence in all spheres of individual and collective activity so that the nation constantly rises to higher levels of endeavour and achievement.

2-It is submitted before the Honble Sir that following is the view point of the  Shivam Gupta as a reaction to the report as copy was also made available to the applicant Yogi M. P. Singh .

Shivam Gupta says:

April 8, 2020 at 2:03 pm

श्रीमान जी

आपने जो रिपोर्ट दिया है उसमे आपने मेरे बारे मे पूरा गलत रिपोर्ट लगाया है!

मैं पुष्पा सिंह विधि महाविद्यालय, बरेवा चुनार मे पढ़ता हु यह बिलकुल सही है परन्तु आपके द्वारा जो रिपोर्ट दिया गया है, उसमे मेरे पिता का नाम श्री कृष्णा कुमार गुप्ता और माता का नाम कुसुम गुप्ता बताया है जो की यह नाम मेरे पिता और माता का नहीं है अतः मेरे पिता का नाम श्री राजकुमार गुप्ता है और मेरी माता का नाम श्रीमती गीता गुप्ता है!

अतः उसके बाद आपने जो रिपोर्ट मे हमारे 1st सेमस्टर का पंजीयन क्रमांक KA2K18/417421024 बताया है वो भी बिलकुल गलत है मेरे 1st सेमस्टर का पंजीयन क्रमांक KA2K19/417421232 है

अतः आपके द्वारा रिपोर्ट मे बताया गया 1st सेमेस्टर का अनुक्रमांक संख्या 41718421024 बिलकुल गलत है अतः मेरे 1st सेमस्टर का अनुक्रमांक संख्या 41719421232 है

आपके द्वारा रिपोर्ट मे हमें 1st सेमेस्टर मे बैक बताया गया है जिसमे मेरा मार्क्स 247 बताया गया है यह भी बिलकुल गलत बताया गया है अतः मेरे 1st सेमेस्टर मे मेरा मार्क्स 290 है और मैं पूर्ण रूप से पास था!

श्रीमान जी आपने रिपोर्ट मे मेरे 3rd सेमेस्टर के 156 मार्क्स बताया है यह भी बिलकुल गलत है अतः अभी तक मेरे 3rd सेमेस्टर के एग्जाम का रिजल्ट आया ही नहीं और आपके द्वारा बताया गया पंजीयन क्रमांक और अनुक्रमांक संख्या बिलकुल गलत है

और आपने रिपोर्ट मे 4th सेमेस्टर का रिजल्ट मे 0 मार्क्स बताया है यह भी बिलकुल गलत है अभी तक मैंने 4th सेमेस्टर

मे एड्मिशन नहीं लिया है

श्रीमान आपके द्वारा लगाए गये रिपोर्ट बिलकुल फर्जी है

धन्यवाद !

3-It is submitted before the Honble Sir that whether it is not constitutional crisis in the state of Uttar Pradesh that on the invitation of the report by a constitutional functionary such a false fabricated report is submitted before it, by a state university Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith University Varanasi quite obvious from the aforementioned images.

खुदा भी आसमाँ से जब जमी पे देखता होगा |

             इस मेरे प्यारे देश को क्या हुआ सोचता होगा||

This is a humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos arbitrarily by making the mockery of law of land? There is need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Hon’ble Sir.

Date-15/04/2020           Yours sincerely

                              Yogi M. P. Singh, Mobile number-7379105911, Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin code-231001.

From: Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

Sent: Wednesday, February 12, 2020 11:51 PM

To: presidentofindia@rb.nic.in; presidentofindia@rb.nic.in; supremecourt; urgent-action; cmup; hgovup@up.nic.in; csup@up.nic.in; uphrclko@yahoo.co.in

Subject: If the made entries by the student Shivam Gupta is correct, how data was considered suspect?

Most revered Sir Your applicant invites the kind attention of Honble Sir with due respect to the following submissions as follows.

1-It is submitted before the Honble Sir that  51A. Fundamental duties It shall be the duty of every citizen of India (a) to abide by the Constitution and respect its ideals and institutions, the National Flag and the National Anthem;(h) to develop the scientific temper, humanism and the spirit of inquiry and reform;

(i) to safeguard public property and to abjure violence;

(j) to strive towards excellence in all spheres of individual and collective activity so that the nation constantly rises to higher levels of endeavour and achievement.

2-It is submitted before the Honble Sir that according to the student his entries are correct and whatever information made available through the online application for scholarship is 100 percent accurate. Concerned staffs are saying that what can they do if the correct data is showing incorrect by the website as ObtainTotal Marks not Matched with University Uploaded Data While the student is claiming that his correct entries are falsely showing suspect data to deprive him of the scholarship.

संदर्भ संख्या: 40019920002339, दिनांक – 12 Feb 2020 तक की स्थिति

आवेदनकर्ता का विवरण :

शिकायत संख्या:-

40019920002339

आवेदक का नाम

Shivam Gupta

विषय

सर मेरे कॉलेज पुष्पा सिंह विधि महाविद्यालय बरेवा चुनार, के निर्देशानुसार मैंने अपना छात्रवृति फॉर्म भरा और कॉलेज के निरिक्षण मे जाँच कर उसे जमा किया गया अतः हमारा छात्रवृति अभी तक नहीं आया और स्टेटस चेक करने के बाद उसमे सस्पेक्ट दिखा रहा और जिसमे कारण मेरा प्राप्ताँक और यूनिवर्सिटी मार्क्स मैच नहीं हो रहा ये बताया जा रहा और मेरा फॉर्म अभी तक डिस्ट्रिक्ट स्कालरशिप कमेटी के पास पेन्डिंग बता रहा है अतः आपसे निवेदन है की आप मेरी समस्या का समाधान करे! धन्यवाद ! प्रार्थी शिवम् गुप्ता

विभाग

पिछड़ा वर्ग कल्‍याण विभाग

शिकायत श्रेणी

नियोजित तारीख

11-03-2020

शिकायत की स्थिति

स्तर

जनपद स्तर

पद

जिला पिछडा वर्ग कल्याण अधिकारी

प्राप्त रिमाइंडर

प्राप्त फीडबैक

दिनांक12-02-2020 को फीडबैक:-आख्या से सहमत |

फीडबैक की स्थिति

संलग्नक देखें

Click here

नोट अंतिम कॉलम में वर्णित सन्दर्भ की स्थिति कॉलम-5 में अंकित अधिकारी के स्तर पर हुयी कार्यवाही दर्शाता है!

अधीनस्थ द्वारा प्राप्त आख्या :

क्र..

सन्दर्भ का प्रकार

आदेश देने वाले अधिकारी

आदेश/आपत्ति दिनांक

आदेश/आपत्ति

आख्या देने वाले अधिकारी

आख्या दिनांक

आख्या

स्थिति

संलगनक

1

अंतरित

ऑनलाइन सन्दर्भ

10-02-2020

जिला पिछडा वर्ग कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर,पिछड़ा वर्ग कल्‍याण विभाग

11-02-2020

सम्भव नहीं है। बजट प्राप्त होते ही नियमानुसार लाभान्वित किये जाने की कार्यवाही की जायेगी। उक्त शिकायत के क्रम में अवगत कराना है कि राज्य एनआइसी लखनउ के परीक्षण में छात्र का डाटा ObtainTotal Marks not Matched with University Uploaded Data होने के कारण सस्पेक्ट श्रेणी मंर रखा गया हैं जिसे छात्र व संस्था द्वारा दिनांक 28122019 तक संशोधित किये जाने हेतु छात्रों के लागिन पर डाटा राज्य एनआइसी द्वारा उपलब्ध कराया गया था परन्तु छात्र एवं संस्था द्वारा उक्त तिथि तक संशोधित कर ऑनलाइन अग्रसारित नही किया गया है। जिसके फलस्वरूप आपके छात्रवृत्ति आवेदन पर कोई कार्यवाही किया जाना सम्भव नहीं हो सका। एतदद्वारा उक्त शिकायती सन्दर्भ निस्तारित किया जाता है।

निस्तारित

3-It is submitted before the Honble Sir that following is the report of Registrar M.G.K.V.P. University Varanasi Scholarship allotted by Department of Social Welfare UP Government . So this matter related to college and Related District Social Welfare Office

Hon’ble Sir if registrar thinks that matter is concerned with the college, then he had to forward the matter to the college concerned instead of such bogus reports and managing to get the grievance disposed.

संदर्भ संख्या : 40019920002334 , दिनांक – 12 Feb 2020 तक की स्थिति

आवेदनकर्ता का विवरण :

शिकायत संख्या:-

40019920002334

आवेदक का नाम

Shivam gupta

विषय

आपसे निवेदन है की हमारा छात्रवृति फॉर्म अपने कॉलेज के निर्देशानुसार मे मैंने अपना फॉर्म भरा है जिससे हमारे कॉलेज, पुष्पा सिंह विधि महाविद्यालय बरेवा चुनार के निरिक्षण मे जाँच करके उन्होंने मेरा फॉर्म जमा किया और सभी तथ्य सही होने के कारण अभी तक हमारी छात्रवृति नहीं आई है और ऑनलाइन स्टेटस जाँच करने पे सस्पेक्ट बता रहा जिसमे कारण बताया गया है की यूनिवर्सिटी और प्राप्ताँक मैच नहीं हो रहा है अतः आपसे निवेदन है की यूनिवर्सिटी हमारे कॉलेज से हमारे डाक्यूमेंट्स को एक बार पुनः मांग कर अपनी आवश्यकता के अनुसार मेरे अंकपत्र को ऑनलाइन अपलोड करे जिससे हमें छात्रवृति प्राप्त हो सके ! अतः हमें आशा है आप हमारी समस्या का समाधान अवश्य करेंगे ! धन्यवाद ! प्रार्थी शिवम् गुप्ता

विभाग

महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी

शिकायत श्रेणी

नियोजित तारीख

11-03-2020

शिकायत की स्थिति

स्तर

विश्वविद्यालय

पद

रजिस्ट्रार

प्राप्त रिमाइंडर

प्राप्त फीडबैक

दिनांक12-02-2020 को फीडबैक:-श्रीमान, मेरे आपके और आपसे सम्बंधित कॉलेज पुष्पा सिंह विधि महाविद्यालय के नियमानुसार फॉर्म को भरा और उसका हार्ड कॉपी जमा किया उसके बाद मेरा फॉर्म पेन्डिंग मे है और हमारे साथ पढ़ने वालो का इसी तरह फॉर्म भरा गया है जिसका छात्रवृति आ चूका है और आप के कारण मेरा फॉर्म पेंडिग मे पड़ा है मैंने अपने कॉलेज पुष्पा सिंह विधि महाविद्यालय बरेवा चुनार ने संपर्क किया उन्होंने बोला की वो यूनिवर्सिटी मे रिजल्ट अपलोडिंग के लिए दे दिया है यूनिवर्सिटी ने नहीं किया है ऐसा बोला गया है अतः आपसे विनम्र निवेदन है की आप हमें परेशान न करे और हमारे फॉर्म को पेन्डिंग लिस्ट से निकाल कर पास करवाए धन्यवाद ! प्रार्थी शिवम् गुप्ता

फीडबैक की स्थिति

फीडबैक प्राप्त

संलग्नक देखें

Click here

नोट अंतिम कॉलम में वर्णित सन्दर्भ की स्थिति कॉलम-5 में अंकित अधिकारी के स्तर पर हुयी कार्यवाही दर्शाता है!

अधीनस्थ द्वारा प्राप्त आख्या :

क्र..

सन्दर्भ का प्रकार

आदेश देने वाले अधिकारी

आदेश/आपत्ति दिनांक

आदेश/आपत्ति

आख्या देने वाले अधिकारी

आख्या दिनांक

आख्या

स्थिति

संलगनक

1

अंतरित

ऑनलाइन सन्दर्भ

10-02-2020

रजिस्ट्रार महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी

12-02-2020

Scholarship allotted by Department of Social Welfare UP Government . So this matter related to college and Related District Social Welfare Office

निस्तारित

                      This is a humble request of your applicant to you Honble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law of land? There is need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Honble Sir.

Date-12/02/2020           Yours sincerely

                              Yogi M. P. Singh, Mobile number-7379105911, Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin code-231001.

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Beerbhadra Singh
Beerbhadra Singh
7 months ago

Because of rampant corruption in the government machinery such things are going to happen otherwise how dare a simple staff at the Mahatma Gandhi Kashi Vidyapeeth University Varanasi to submit a deliberate false fabricated report before a constitutional functionary in the Government of Uttar Pradesh? Whatever problems are being faced by the citizens in this largest democracy in the world is because of rampant corruption in the government machinery?

Bhoomika Singh
Bhoomika Singh
7 months ago

Undoubtedly it is serious offence because staff of the Mahatma Gandhi Kashi Vidyapeeth University Varanasi took under teeth the direction given by constitutional functionary Uttar Pradesh State Human Rights Commission but because of corruption no appropriate action would be taken against the wrongdoer staff of the Mahatma Gandhi Kashi Vidyapeeth University Varanasi. Here it is quite obvious from the attached documents that staff of the Mahatma Gandhi Kashi Vidyapeeth University Varanasi misled the Uttar Pradesh Human Rights Commission.

Arun Pratap Singh
7 months ago

What is the credibility of the constitutional institutions, one can easily guess from the deliberate false misleading reports submitted by the concerned Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith University Varanasi to Uttar Pradesh Human Rights Commission? Whether it is reflection of good governance or complete anarchy?