According to telephonic conversation university staff Mr Vinod Kumar Singh agreed to refund fee of Kuldeep

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019918033881
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
फीडबैक की स्थिति: अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव द्वारा दिनाक 31/10/2018 को प्राप्त आख्या अनुमोदित कर दी गयी है Answer already given no any answer required. श्री मान जी उपरोक्त जवाब महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ स्टाफ द्वारा दिया जा रहा है | उपरोक्त आंग्ल वाक्य का हिन्दी रूपांतरण है जवाब पहले ही दिया जा चुका कोई और जवाब शेष नही है | श्री मान जी अब इनका जवाब देखे अवगत कराना है विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालयों के माध्यम से व्यक्तिगत परीक्षार्थियो परीक्षा आवेदन पत्र अग्रसारित कराया जाता है शिकायतकर्ता इंटरमीडिएट में लिए गये विषयों के आधार पर स्नातक स्तर पर विषयों का चयन करता है | इंटरमीडिएट स्तर पर केवल इतिहास विषय के रूप में एक ही विषय का चयन किया जा सकता है | उच्च शिक्षा में आवेदन करने के पूर्व विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की गाइड लाइन के अनुसार किसी भी पाठ्यक्रम या संस्था में प्रवेश लेने के पूर्व इसकी पूरी जानकारी प्राप्त करने की जिम्मेदारी परीक्षार्थी की होगी | हस्ताक्षरित सहायक कुलसचिव / नोडल कोऑर्डिनेटर डा राकेश मिश्र दिनांक ०१ फ़रवरी २०१८ आख्या संलग्न है | उपरोक्त द्वारा ०३जनवरी २०१८ को प्रस्तुत आख्या अवगत कराना है की विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित विषय पुंज के द्वारा कोई भी परीक्षार्थी बी. . में इतिहास प्राचीन इतिहास और मध्यकालीन और आधुनिक इतिहास में से कोई एक विषय का ही चयन कर सकता है | श्री मान जी अब प्रार्थी का जवाब देखे श्री मान जी रागिनी पाण्डेय का महाविद्यालय द्वारा अग्रसारित विश्वविद्यालय द्वारा स्वीकृत परीक्षा फॉर्म प्रत्यावेदन के साथ संलग्न है | रागिनी पाण्डेय को बी.एस. सी. प्रथम वर्ष में जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और रसायन विज्ञान दिया गया है जब की रागिनी पाण्डेय इंटरमीडिएट में गणित की छात्रा थी और उन्होंने कभी भी इंटरमीडिएट जीव विज्ञान और वनस्पति विज्ञान में उत्तीर्ण नही की है | बहुत हास्यास्पद है की महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ में योग्य स्टाफ का इस कदर अकाल पड गया है की आंग्ल भाषा में लिखे प्रत्यावेदनो की विषय वस्तु तक नही समझ पाते है| भगवान भरोसे विश्वविद्यालय चला रहे है |
नियत तिथि:
08 – Dec – 2018
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 25/11/2018को फीडबैक:- श्री मान जी कुलदीप कुमार चौधरी ने व्यक्तिगत परीक्षा २०१४ हेतु आवेदन नही किया था उन्होंने ब्यक्तिगत परीक्षा २०१७ हेतु आवेदन किया था जब यह संभव था की विश्विद्यालय अपने तय मानको के अनुसार वेबसाइट पर फीडबैक देता जो करने में महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ पूर्ण रूप से फ़ैल रहा |आपकी रिपोर्ट -Please find attachment for Private Students Nirdesh of University
श्री मान जी आपके इस २०१४ के दिशा निर्देश से यह पूर्ण रूप से सिद्ध हो चुका है की आप ने व्यक्तिगत परीक्षा २०१७ का आयोजन करते समय कोई भी दिश निर्देश जारी नही किया और आपका एक सूत्री कार्यक्रम रहा की कितना ज्यादा से ज्यादा शुल्क विद्यार्थियों से वसूल अपनी जेबे भरी जाय | अन्यथा ३००० रुपये शुल्क और २०० रुपये अग्रसारण शुल्क के अलावा आप विद्यार्थिओं की परेशानी पर भी ध्यान देते | श्री मान जी कुलपति महोदय आप अपने दिशा निर्देश में हिटलर की तरह आदेश कर रहे है की किसी भी त्रुटी के लिए विद्यार्थी खुद जिम्मेदार होगा किन्तु जो त्रुटि आप के स्टाफ द्वारा किया गया उसके लिए भी विद्यार्थी ही जिम्मेदार है | श्री मान जी रागिनी पाण्डेय का परिक्षा फॉर्म में विषय जो की नियमित छात्रा है महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ की जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और रसायन विज्ञान भरा गया जो की छात्रा द्वारा नही भरा गया है महाविद्यालय द्वारा विश्वविद्यालय से अनुमति के पश्चात भरा गया है | जिसको बदलने की इजाजत छात्र या छात्रा को नही है | अब मेरा महान कुलपति को और उनके रजिस्ट्रार को चुनौती है की वे पूरे भारत वर्ष में ऐसे एक छात्र का नाम बताये जो इंटर गणित वर्ग का हो और उसे स्नातक स्तर पर जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और रसायन विज्ञान दिया गया हो | यह सच है की आप लोगो ने दलित छात्र कुलदीप कुमार चौधरी भविष्य चौपट कर दिया क्यों की जिन विषयों में वह परीक्षा दिया है उसमे वह उत्तीर्ण हुआ है | कहने के लिए लोकतंत्र है किन्तु यहा हिटलर और मुसोलिनी से भी बड़े तानाशाह है | हे ईश्वर आप ही न्याय करे |
फीडबैक की स्थिति:
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव द्वारा दिनाक 13/12/2018 को प्राप्त आख्या अनुमोदित कर दी गयी है
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
23 – Nov – 2018
रजिस्ट्रार महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी
24/11/2018
Please find
attachment for Private Students Nirdesh of University
C-श्रेणीकरण
2
आख्या
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव( उच्‍च शिक्षा विभाग)
11 – Dec – 2018
रजिस्ट्रार महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी
कृपया प्रकरण का गंभीरता से पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई है As per
Telephonic Talk matter is solved please
13/12/2018
As per Telephonic Talk matter is solved please
निस्तारित

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019918035446
आवेदक कर्ता का नाम:
योगी एम. पी. सिंह
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
श्री मान जी जब फोटो और सिग्नेचर परीक्षार्थी द्वारा नही फीड किया गया तो वह परीक्षार्थी की जिम्मेदारी कैसे बन सकता है | श्री मान जी जो फोटो और सिग्नेचर पिछले दो वर्षो से अर्थात स्नातक प्रथम द्वितीय वर्ष में वेबसाइट पर सही सलामत थे एका एक गायब कैसे हो गये | महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय कैसे अपनी आराजकता को दुसरे पर थोप सकता है |अभिषेक मिश्र पुत्र ब्रह्मदेव मिश्र का फोटो और सिग्नेचर फीड होने में उनका दोष कैसे जब की उस फीडिंग से उनको कुछ लेना देना ही नही है | महात्मा गाँधी का स्टाफ स्टूडेंट को क्यों कॉलेज भेजना चाहता है क्या इसमें भी कोई बारगेनिंग होनी है |
नियत तिथि:
25 – Dec – 2018
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
10 – Dec – 2018
रजिस्ट्रार महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी
13/12/2018
Matter is solved as per telephonic talk Photo Signature upload
निस्तारित

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

फीडबैक की स्थिति:
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव द्वारा दिनाक 13/12/2018 को प्राप्त आख्या अनुमोदित कर दी गयी है
कृपया प्रकरण का गंभीरता से पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई है As per Telephonic Talk matter is solved please

Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

It is grace of God that a chronic disease has been cured by the concerned public functionaries which is the matter of great happiness and many many thanks to all.Undoubtedly such instance come into the life rarely but provide a lot of pleasure.Thanks to Mr Vinod Kumar Singh who coordinated the matter well so that it can be redressed.

Arun Pratap Singh
1 year ago

Undoubtedly after too much procrastination concerned became cordial with the aggrieved student. After long struggle they got justice.It seems that in order to seek just one must be ready to spend huge time.