अपहरण कर 15 लाख की फिरौती मांगी, Truth of Akhilesh Government ,no one is safe.


Whether this is good governance being provided by state government to the people of state. Mulayam Singh Yadav thumped the back of Akhilesh Yadav Government few days ago but why ? Akhilesh Yadav was star campaigner in the previous election when S.P. Party came to power and he assured the electorates that he will provide a government to people of state which will be free from corruption and there will no fear of mafia. But today ,every one who comes out from home or in the room spent the time in terror that whether he will remain all-right in next moment or not.

Child abduction demanded a ransom of 15 million – बच्चे का अपहरण कर 15 लाख की फिरौती मांगी – Amar Ujala

Sunday, March 09, 2014

8:46 AM

रात में करीब एक बजे परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। परिजनों की मानें तो
शनिवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे आए फोन पर कहा गया है कि रूद्रांश हरिद्वार में
उनके कब्जे में है। छोड़ने के एवज में
15 लाख देने होंगे। एसओ आरपी शर्मा का कहना है कि सर्विलांस के जरिये जांच की
जा रही है। पीड़ित देवेंद्र ने अज्ञात में रिपोर्ट कराई है।

 

मां बोलीमैं जान दे दूंगी

रूद्रांश की मां गीता का रोकर बुरा हाल है। बारबार रोकर कह रही है कि उसके लाल को कहीं से कैसे भी लेकर आओ, वरना मैं अपनी जान दे दूंगी।

 

2 comments on अपहरण कर 15 लाख की फिरौती मांगी, Truth of Akhilesh Government ,no one is safe.

  1. कनौजा में घर के बाहर खेल रहे चार साल के मासूम रूद्रांश का शुक्रवार शाम अपहरण हो गया। अपहरणकर्ताओं ने परिजनों को फोन करके मासूम को छोड़ने की एवज में 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी है। एसओ आरपी शर्मा ने बताया कि देवेंद्र शर्मा गाजियाबाद स्थित आंचल इंडिया वर्कशाप के कनौजा हाउस स्थित गोदाम में सामान लाने और ले जाने का काम करते हैं। गांव में करीब दो बीघा जमीन है। परिवार में पत्नी गीता, बेटे रूद्रांश(4) दिवांश (1) हैं। रूद्रांश कनौजा मार्ग स्थित हैप्पी मॉडल पब्लिक स्कूल में एलकेजी में पढ़ता है। देवेन्द्र ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार शाम करीब छह बजे रूद्रांश घर के बाहर खेल रहा था। रात साढे़ सात बजे रूद्रांश को घर नहीं पाकर तलाश की गई।

  2. Law order is state subject and it is obligatory duty of state functionaries to maintain law order in the state. Every one knows that in this largest state of this democracy state functionaries have failed to maintain the law order in the state. In safai Mahotsav ,few politicians accepted that how the law order can improve if legislators of ruling party itself will grab the lands and houses of poor and downtrodden but no step was taken by concerned in this direction.

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