शासनादेश दिनांक-07-अक्टूबर -2016 जो की समस्त मंडलायुक्त व समस्त जिलाधिकारी को संबोधित है

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>
If public itself wants that Government Order must be strictly pursued by concerned ,then why after eight months no officer made any step forward in this direction.
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yogimpsingh@gmail.com <yogimpsingh@gmail.com> 4 June 2017 at 23:06
To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, “presidentofindia@rb.nic.in” <presidentofindia@rb.nic.in>, supremecourt <supremecourt@nic.in>, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, “hgovup@up.nic.in” <hgovup@up.nic.in>, cmup <cmup@up.nic.in>, “csup@up.nic.in” <csup@up.nic.in>, uphrclko <uphrclko@yahoo.co.in>

विषय –शासनादेश संख्या –72/2016/2611/33-3-2016-14/2016 दिनांक-07-अक्टूबर –2016 पंचायती राज अनुभाग –जो की समस्त मंडलायुक्त उत्तर प्रदेश व समस्त जिलाधिकारी उत्तर प्रदेश शासन को संबोधित है |
उद्देश्य –ग्रामीण क्षेत्रो में निर्मित पंचायत भवनों पर विकास परक योजनाओं के कार्यकलापो को वाल पेंटिंग के माध्यम से प्रदर्शित किए जाने के सम्बन्ध में |
Most revered Sir –Your applicant invites the kind attention of Hon’ble Sir with due respect to following submissions as follows.
1-It is submitted before the Hon’ble Sir that इस प्रत्यावेदन के साथ संलग्न दस्तावेज के प्रथम पेज का अवलोकन करे जिसमे ए.डी.ओ. पंचायत व जिलापंचायत राज अधिकारी का पत्र है जिसके आधार पर जनसुनवाई पर प्रस्तुत प्रार्थी का समूह प्रत्यावेदन निस्तारित किया गया | उपरोक्त दोनों अधिकारिओं ने जनसुनवाई पोर्टल का मजाक बना कर रख दिया है प्रार्थी के एक दर्जन पत्रों को जिस प्रकार टाल मटोल कर नजर अंदाज किया गया अपने आप में आश्चर्य जनक है |जनता का पैसा है और सरकार तनख्वाह देती है की आप उसकी सुरक्षा करे | मै अपने संबिधान में वर्णित नागरिक कर्तव्यों का जैसा की आर्टिकल ५१ ए वर्णित का पालन कर लू यही बहुत है |
-It is submitted before the Hon’ble Sir that शासनादेश संख्या –72/2016/2611/33-3-2016-14/2016 दिनांक-07-अक्टूबर –2016 के अनुपालन में उपरोक्त दोनों अधिकारी साथ ही जनपद का कोई भी अधिकारी जनपद में किसी भी पंचायत भवन पर कोई पेंटिंग कराई हो तो हम अपने लगाए समस्त आरोप को वापस लेंगे | हमारा किसी से व्यक्तिगत शत्रुता नही है | राइ का पहाड़ तो कोई तार्किक आख्या न पेश कर उपरोक्त दोनों अधिकारी गण पैदा किए | आश्चर्य चकित करने की बात तो यह है बिबाद का विषय ही ख़त्म हो गया और उसका स्थान दूसरी बाते ले ली | होगा भी क्यों नही यदि कोई अधिकारी १५ वर्षो से अधिक एक ही विकाश खंड में डटा रहेगा तो यही होगा | सोचिये हर व्यक्ति तरक्की चाहता है सहायक पंचायत विकास अधिकारी से जिलापंचायत राज अधिकारी बनना चाहता है किन्तु यहां तो छानबे विकास खंड लोग छोड़ना ही नही चाहते है |
-It is submitted before the Hon’ble Sir that पेज द्वितीय और तृतीय उपरोक्त शासनादेश की प्रति है जिसका परिशीलन श्रीमान जी बार बार करे | पेज चार व पांच जाँच आख्या है जिसका मतलब श्री मान जी खुद निकाले क्यों की प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत दर्जनों प्रत्यावेदनो से कोसो दूर है | पेज छ समूह प्रत्यावेदन है जिससे स्पष्ट है प्रार्थी गण जो सैकड़ो की संख्या में सिर्फ यह चाहते है की देवीपुर में जो हरिजन बस्ती के लिए सी.सी. रोड पास हुआ है बस्ती से २०० मीटर पहले ही क्यों रोक दिया गया उनके अनुसार उस सड़क को बस्ती तक जाना था |
             श्री मान जी इसका हल साधारण है आप के सौजन्य से पंचायत सभागार पर रोड के लिए कितना पैसा पास हुआ और रोड की लम्बाई क्या है और कहा से कहा तक बनना था  पंचायत भवन पर पेंटिंग हो जाय तो सारा आक्रोश जो इस समय ग्रामीणों में है शांत हो जाय | महत्व पूर्ण बात यह है की ऐसा करने से शानादेश का भी पालन हो जाएगा |
                      This is humble request of your applicant to you Honble Sir that It can never be justified to overlook the rights of citizenry by delivering services in arbitrary manner by floating all set up norms This is sheer mismanagement which is encouraging wrongdoers to reap benefit of loopholes in system and depriving poor citizens from right to justice Therefore it is need of hour to take concrete steps in order to curb grown anarchy in the system For this your applicant shall ever pray you Honble Sir
                                                      Yours sincerely
                                      Arvind Kumar SO-Santosh Kumar Mobile number-8400104750 ,Village- Devipur, Post-Nadini, Village panchaayt -Naugaon District-Mirzapur , Uttar Pradesh ,India Phool Chand Father Devideen , Parsottam Father Durjan , Shivjag Father Parsottam , Ram Yagya Father Parsottam , Mulayi Ram Father Bali Ram , Vijay Shankar Father Mulayi Ram, Shiv Shankar Father Mulayi Ram ,Dheeraj Kumar Father Umashankar ,Rakesh father Dayashankar ,Vinod Kumar Father Ramyagya ,Dayashankar Father Chorayi Ram ,Ravindra Kumar Father Vijay Shankar , Chandra Shekhar Father Devideen, Rajkumar Father Ram Sagar etc
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Application of villagers of Devipur overlooked by D.M. Mirzapur.pdf
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2 comments on शासनादेश दिनांक-07-अक्टूबर -2016 जो की समस्त मंडलायुक्त व समस्त जिलाधिकारी को संबोधित है

  1. पेज द्वितीय और तृतीय उपरोक्त शासनादेश की प्रति है जिसका परिशीलन श्रीमान जी बार बार करे | पेज चार व पांच जाँच आख्या है जिसका मतलब श्री मान जी खुद निकाले क्यों की प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत दर्जनों प्रत्यावेदनो से कोसो दूर है | पेज छ समूह प्रत्यावेदन है जिससे स्पष्ट है प्रार्थी गण जो सैकड़ो की संख्या में सिर्फ यह चाहते है की देवीपुर में जो हरिजन बस्ती के लिए सी.सी. रोड पास हुआ है बस्ती से २०० मीटर पहले ही क्यों रोक दिया गया उनके अनुसार उस सड़क को बस्ती तक जाना था |
    श्री मान जी इसका हल साधारण है आप के सौजन्य से पंचायत सभागार पर रोड के लिए कितना पैसा पास हुआ और रोड की लम्बाई क्या है और कहा से कहा तक बनना था पंचायत भवन पर पेंटिंग हो जाय तो सारा आक्रोश जो इस समय ग्रामीणों में है शांत हो जाय | महत्व पूर्ण बात यह है की ऐसा करने से शानादेश का भी पालन हो जाएगा |

  2. शासनादेश संख्या -72/2016/2611/33-3-2016-14/2016 दिनांक-07-अक्टूबर -2016 के अनुपालन में उपरोक्त दोनों अधिकारी साथ ही जनपद का कोई भी अधिकारी जनपद में किसी भी पंचायत भवन पर कोई पेंटिंग कराई हो तो हम अपने लगाए समस्त आरोप को वापस लेंगे | हमारा किसी से व्यक्तिगत शत्रुता नही है | राइ का पहाड़ तो कोई तार्किक आख्या न पेश कर उपरोक्त दोनों अधिकारी गण पैदा किए | आश्चर्य चकित करने की बात तो यह है बिबाद का विषय ही ख़त्म हो गया और उसका स्थान दूसरी बाते ले ली | होगा भी क्यों नही यदि कोई अधिकारी १५ वर्षो से अधिक एक ही विकाश खंड में डटा रहेगा तो यही होगा | सोचिये हर व्यक्ति तरक्की चाहता है सहायक पंचायत विकास अधिकारी से जिलापंचायत राज अधिकारी बनना चाहता है किन्तु यहां तो छानबे विकास खंड लोग छोड़ना ही नही चाहते है |

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