कोरोना वायरस यदि लोक को ख़त्म करेगा तो तंत्र खुद ही ख़त्म हो जाएगा और यह संसार तो अपनों से है शमसान रोकिये

देश के करोड़ों नागरिकों,जनप्रतिनिधियो,सामाजिक कार्यकर्ताओं,अधिकारियो के नाम खुला पत्र-19


कोरोना कह रहा है…………..
लॉक डाउन के 48 दिनों में तुमने क्या पाया, क्या खोया हिसाब जरूरी है
********* देश में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा जब सैकड़ों में था तब हम सभी ने थाली बजा लिया। यह आंकड़ा जब हजारों में पहुंचा तो मोबाइल फ्लैश आज की रोशनी और दिया जलवा कर दिवाली मनाए और खूब तालियां बजाई। अब जब संक्रमण का आंकड़ा 60,000 से भी ऊपर जा पहुंचा है,बढ़ोतरी की रफ्तार हजारों में हो गई है, तो शराब की दुकानों दुकानें खुल गयी । इस बार बारी थी ढोल एवं बैंड बाजे बजा कर जश्न मनाने का तो पूरी जनता हाशिए पर खड़ी हो गई। धीरे से भारतीय सेना के जरिए कोरोना योद्धाओं के ऊपर लड़ाकू हेलीकॉप्टरों से पुष्प वर्षा करवा कर उनका स्वागत कराने की खानापूर्ति करवा ली गयी । आगे हम लोग क्या करें, यह कौन बताएगा। जनता तो अपने महानायक के इशारों की प्रतीक्षा कर रही है । अब तो जनता का धैर्य भी डगमगा रहा है । लॉक डाउन टूटता हुआ दिख रहा है। इस महासंकट की घड़ी में उन्हें देश के सामने आकर यह बताना चाहिए की संपूर्ण लॉक डाउन की पहली अपील से लेकर आज 48दिनों मे किन हिस्सों में लॉक डाउन कितना प्रभावी व सफल रहा है । इन दिनों में सरकार कोरोना को रोकने में कितनी सफल हुई है। इस बीच देश के करोड़ों बेबस, लाचार मजदूरों किसानों,असंगठित कामगारों के जीवन को पटरी पर बनाए रखने के लिए कौन-कौन से प्रभावी कदम उठाए गए तथा इन सारे प्रयासों का नतीजा क्या निकला।
याद करिए बीते 22 मार्च का दिन जब कोरोना वायरस के संक्रमण की मौजूदगी दर्ज होने पर महानायक नरेंद्र मोदी जी देश के सामने आए थे । उनके एक आखर पर हम सभी ने थाली बजा कर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किए और अपने अपने घरों में रहने लगे । एक-एक दिन करके दिन कटता गया 21 दिनों की अवधि पूरा होते-होते प्रधानमंत्री जी पुनः आ गए । उनके कहने पर ही पुरा देश दोबारा फिर अपने मोबाइल फ्लैश, टॉर्च और दीया जलाकर दीपावली मनाई और आगे 21दिन लक्ष्मणरेखा की मर्यादाओं का पालन के लिए अपने घरों में बंद हो गए। धीरे धीरे 42 दिन पूरे ही होने वाले थे। उम्मीद की जा रही थी कि अब हम सभी ढोल बजाकर घरों से बाहर आएंगे। इस बार फिर हम सभी के महानायक देश के सामने आएंगे।पुराने अंदाज में 135 करोड़ देशवासियों के प्रति अपना आभार जताकर धन्यवाद ज्ञापित करेंगे। कहेंगे अब आप लोग ढोल बैंड बाजा बजाकर कोरोना योद्धाओं का सम्मान करिए ,जश्न मनाइए,हम सभी मिलकर कोरोना की जंग जीत रहे है । आज इस वायरस का संक्रमण देश के हर हिस्सों में पहुंच चुका है। हम सभी क़ो अब सोशल डिस्टेंसिंग और लाक डाउन के तमाम प्रतिबंधों को अब हमेसा के लिये अपने जीवन शैली का हिस्सा बना लेना चाहिए किंतु दो दिन पहले ही गृह मंत्रालय की ओर से एक पत्र जारी करके लाक डांउन के तीसरे चरण की घोषणा कर दी गई । सारी आशाओं पर पानी फिर गया, जनता हाशिए पर चली गई। देश के वायु सेना ने कमान संभाली और आसमान से फूलों की वर्षा करा कर कोरोना योद्धाओं का सम्मान किया गया।
इसके साथ ही दो चरणों के कोरोना वायरस पर जीत हासिल करने का जो नाटकीय अभिनय के रिहालसल का काम चल रहा था। उससे पूरी तरह से पर्दा भी हट गया । कौन कहा कितनी मजबुती से खड़ा है, संपूर्ण दृश्य देश के सामने आ गया। डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी निर्भीक होकर रात दिन अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं, हम में से अधिकतर लॉक डाउनलोड का बेवजह उल्लंघन कर रहे हैं,पुलिस तमाशबीन बनी है। नेता एवं अधिकारी सरकारी धन के महासागर में बचाव एवं राहत कार्य की डुबकी लगाते रहे है । लाचार बेबस मजदूर अपने गांव से हजारों किलोमीटर दूर भूखे पेट इस महामारी के साम्राज्य से बाहर निकलने के लिए छटपटा रहे है । प्राकृतिक आपदाओं की पूरे वर्ष चौतरफा मार झेलते हुए देश का किसान एवं खेतिहर मजदूर आज भी देश को भर पेट भोजन देने के हौसले के साथ खड़े है । किंतु अफसोस कल तक विश्व के एक ताकतवर प्रधानमंत्री के रूप में जाने जाने वाले महानायक के सरकार का अविश्वसनीय किंतु सच देश के सामने आ गया। अपनी आर्थिक तंगी के बीच मचे अंतरकलह के साथ सरकार ने देश को यह बता दिया कि हम अपनी जनता को दवा नहीं दे सकते ,दारू जरूर देगे।
इस घटनाक्रम को देखे तो दो चरणों के लाक डाउन का समय पूरा होने से ठीक दो दिन पहले ही तीसरे चरण के लिए दो सप्ताह और आगे बढ़ाने की चर्चा होने लगी थी। वहीं कुछ उद्योग धंधों को चलाने की भी बात हो रही थी। बेबस लाचार जनता को तो हर हाल में पालन करना ही था । लेकिन इसी बीच अंतर कलह की शिकार और आर्थिक तंगी से घबराई सरकार को अपने को संभालने के लिए कोई रास्ता नहीं सूझा तो शराब बिकवा कार पैसा जुटाने का निर्णय ले लिया। बिना विचारे धड़ाधड़ दुकान खुलवाई गई , शराब की बिक्री शुरू हो गई । इसके जरिए सरकारी आमदनी का भारी भरकम आंकड़ा सामने आने लगा। इसके साथ शराब की चाहत और नशे में चूर लोग लॉक डाउन के बीच जो तमाशा कर रहे हैं, पूरा देश देखकर हैरान है। मजदूर तो बेकारी भूखमरी के बीच घर जाने के लिए लाक डाउन को तोड़ रहा है और इसकी एवज में वह डंडा खाया, मुर्गा बना और न जाने कौन कौन सी सजा भुगत रहा है, किंतु सरकार की कमजोरियों का फायदा लेकर इन शराबियों ने तो लाक डाउन का जमकर धज्जियां उड़ाई हैं। लॉक डाउन फेज- 3 के इस महामंचन के शराबमय माहौल में जनता को कुछ आवश्यकताओं के लिए ढील देनी सरकार की मजबूरी बन गई। इसका नतीजा भी देखने को मिल रहा है। लगभग 45 दिनों से घरो मे बंद जनता अपनी अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए सड़क पर निकल गई है । बड़ी बात यह दिख रही है कि हर तरफ सोशल डिस्टेंसिंग सहित तमाम सावधानियां हाशिए पर चली गई है। ऐसा लग रहा है कि संक्रमण पूरी तरीके से थम गया है। कोरोना जंग हार कर वापस भाग रहा है। सच कहिए तो अब प्रधानमंत्री जी को देश के सामने आकर बैंड बाजे बजवा ही देना चाहिए। किंतु सच तो यह है कि किसी भी लाइलाज संकट अथवा चुनौती को हंसकर ताली बजाकर, थाली बजाकर हम जितना भी छुपाने की कोशिश करें, वह सामने आ ही जाता है । *********दिनांक 09मई 2020

प्रदीप कुमार शुक्ला
आरटीआई / पर्यावरण कार्यकर्ता मिर्जापुर,उत्तर प्रदेश


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Preeti Singh
6 months ago

Public is the architect of the system if Corona Virus Pandemic will annihilate the public, then its system will itself ruin. It is obligatory duty of prime minister Modi Sir to transfer the donations collected through individual account to prime minister natural calamity fund as required under the law of land so that medicines and equipment may be purchased to cure the Corona Virus Pandemic patients.

Arun Pratap Singh
6 months ago

Undoubtedly our policies are transparent and not poor friendly but conclusively you can say it is anti-poor from working style of the government.
मजदूर तो बेकारी भूखमरी के बीच घर जाने के लिए लाक डाउन को तोड़ रहा है और इसकी एवज में वह डंडा खाया, मुर्गा बना और न जाने कौन कौन सी सजा भुगत रहा है, किंतु सरकार की कमजोरियों का फायदा लेकर इन शराबियों ने तो लाक डाउन का जमकर धज्जियां उड़ाई हैं।

Beerbhadra Singh
Beerbhadra Singh
6 months ago

Steep hike in the coronavirus patients is alarming signal for this largest democracy in the world and number of patients who are dying is increasing day by day thus death toll has reached at its alarming position. Undoubtedly this terrific position is because of mismanagement in the government machinery and rampant corruption which is prevalent throughout this government system. Undoubtedly we had time to stop it at the sea ports and airports but because of mis management we could not do so and now we are facing the challenges of this global terrific giant coronavirus.

Bhoomika Singh
Bhoomika Singh
6 months ago

Fear psychosis is developing against the coronavirus Pande made because of the failure of the government in curbing the growth of the corona virus in this country and the government functionaries remained failed in curbing the infiltration of the corona virus into this country. There is steep hike in the new cases of corona virus pandemic. Those people doing politics in the name of corona virus pandemic one day itself will be the easy prey of this giant virus.